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  "type": "article",
  "title": "AI एजेंटों का भविष्य: हैकर्स के लिए एआई मतिभ्रम या हॉलुसिनेशन बन सकते हैं खतरनाक हथियार",
  "summary": "टेल अवीव यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि एआई के हॉलुसिनेशन का उपयोग करके हैकर्स उन्हें बॉटनेट में बदल सकते हैं और कंप्यूटर सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।",
  "content": "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई के गलत उत्तर देने की समस्या, जिसे हॉलुसिनेशन कहा जाता है, अब केवल एक तकनीकी त्रुटि से बढ़कर एक गंभीर सुरक्षा खतरा बन गई है। हालिया शोध के अनुसार, हैकर्स इस कमजोरी का फायदा उठाकर कंप्यूटर सिस्टम पर कब्जा करने के लिए एआई का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह चेतावनी टेल अवीव यूनिवर्सिटी, टेक्नियोन और इंट्यूट के विशेषज्ञों ने एक संयुक्त शोध पत्र के माध्यम से दी है।\n\nहॉलुस्क्वाटिन (HalluSquatting) तकनीक का खतरा\nशोधकर्ताओं ने अपने पेपर में एक नई तकनीक का प्रदर्शन किया है, जिसका नाम 'हॉलुस्क्वाटिन' रखा गया है। यह 'एडवर्सरियल हॉलुसिनेशन स्क्वाटिन' का संक्षिप्त रूप है। यह प्रक्रिया तब काम करती है जब एआई मॉडल इंटरनेट पर मौजूद सॉफ्टवेयर रिपॉजिटरी या अन्य ऑनलाइन संसाधनों के बारे में झूठे लिंक बनाता है। हैकर्स पहले से ही अनुमान लगा लेते हैं कि एआई किन फर्जी लिंक को बनाने की संभावना रखता है, फिर उन नामों को पहले ही रजिस्टर कर लेते हैं और उनमें हानिकारक कोड या निर्देश डाल देते हैं। जब कोई एआई एजेंट बाद में इन फर्जी संसाधनों को हासिल करता है, तो वह उन हानिकारक निर्देशों को सही मान लेता है, जिससे सुरक्षा तंत्र टूट जाता है।\n\nप्रॉम्प्टवेयर और एआई की कार्यक्षमता\nविशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे एआई सहायकों की क्षमताएं बढ़ रही हैं, वे केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रह गए हैं। आज के एआई एजेंट फाइलों तक पहुंच सकते हैं, वेब पर सर्च कर सकते हैं, कोड लिख सकते हैं और कमांड चला सकते हैं। जब ये एजेंट बिना किसी पुष्टिकरण के ऐसी जानकारी पर भरोसा करते हैं, तो सुरक्षा में बड़ी दरारें पैदा हो जाती हैं। इस खतरे को 'प्रॉम्प्टवेयर' नाम दिया गया है, जो एआई अनुप्रयोगों को निशाना बनाने का एक नया तरीका है। शोध के अनुसार, चैटजीपीटी, गूगल असिस्टेंट और कोपायलट जैसे वास्तविक दुनिया के सिस्टम पर भी इस तरह के हमले किए जा सकते हैं, जिससे वित्तीय नुकसान, निजता का उल्लंघन और सुरक्षा संबंधी खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।\n\nबॉटनेट निर्माण का बढ़ता खतरा\nशोधकर्ताओं का मानना है कि इस तकनीक के जरिए हमलावर एआई-सक्षम बॉटनेट तैयार कर सकते हैं। बॉटनेट उन संक्रमित कंप्यूटरों या उपकरणों का एक नेटवर्क होता है जिसे कोई बाहरी व्यक्ति दूर से नियंत्रित करता है। इनका उपयोग साइबर हमलों, जैसे कि सेवा से इनकार (DoS) के हमले, क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग, मालवेयर फैलाने और फिरौती मांगने (रैंसमवेयर) जैसे आपराधिक कार्यों में किया जाता है। परीक्षणों के दौरान, रिपॉजिटरी क्लोनिंग के मामलों में एआई द्वारा हॉलुसिनेशन की दर 85 फीसदी तक पाई गई, जबकि स्किल इंस्टालेशन परीक्षणों में यह दर 100 फीसदी तक रही। इस अध्ययन में कर्सर, गिटहब कोपायलट, जेमिनी सीएलआई और ओपनक्लॉ जैसे प्रसिद्ध एआई कोडिंग सहायकों का मूल्यांकन किया गया। यह रणनीति 'टाइपोसक्वाटिन' के समान है, लेकिन जहां टाइपोसक्वाटिन इंसानी टाइपिंग की गलतियों को निशाना बनाती है, वहीं हॉलुस्क्वाटिन एआई मॉडल द्वारा की गई गलतियों का लाभ उठाती है।\n\nइसका आप पर असर\nसावधानी: एआई टूल्स का उपयोग करते समय हमेशा स्रोतों की जांच करें। अनजान या एआई द्वारा सुझाए गए कोड और रिपॉजिटरी को अपने सिस्टम में सीधे रन न करें, क्योंकि वे असुरक्षित हो सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हॉलुस्क्वाटिन क्या है?\nयह एक साइबर हमला है जहाँ हैकर्स एआई द्वारा बनाए जाने वाले संभावित फर्जी संसाधनों को पहले ही रजिस्टर कर लेते हैं और उनमें हानिकारक निर्देश डाल देते हैं।\n\n2. एआई एजेंट बॉटनेट में कैसे बदल सकते हैं?\nजब एआई एजेंट हानिकारक कोड वाले फर्जी संसाधनों को डाउनलोड और निष्पादित कर लेते हैं, तो वे हमलावर के नियंत्रण में आ सकते हैं, जिससे एक बॉटनेट का निर्माण हो सकता है।\n\n3. प्रॉम्प्टवेयर किसे कहते हैं?\nप्रॉम्प्टवेयर एआई अनुप्रयोगों को निशाना बनाने का एक नया सुरक्षा खतरा है, जिसमें एआई मॉडल को हानिकारक निर्देश देने के लिए उसकी मतिभ्रम या गलतियों का फायदा उठाया जाता है।\n\n4. इस शोध में किन एआई सिस्टम का परीक्षण किया गया?\nशोधकर्ताओं ने कर्सर, गिटहब कोपायलट, जेमिनी सीएलआई और ओपनक्लॉ जैसे एआई कोडिंग सहायकों का मूल्यांकन किया है।",
  "url": "https://trendkia.com/ai/ai-agent-future-hackers-hallucinations-botnet-risk-6351",
  "category": "एआई",
  "publishedAt": "2026-07-09",
  "tags": [
    "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस",
    "साइबर सुरक्षा",
    "हॉलुसिनेशन",
    "बॉटनेट",
    "प्रॉम्प्टवेयर",
    "एआई सुरक्षा"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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