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  "type": "article",
  "title": "अमेज़न और टेक दिग्गजों के एआई डेटा सेंटर्स से कार्बन प्रदूषण बढ़ने की आशंका, टेक्सस में सिंपल-साइकिल टरबाइन पर छिड़ी बहस",
  "summary": "कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भारी ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए अमेज़न, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी टेक कंपनियां ऑफ-ग्रिड सिंपल-साइकिल गैस टरबाइन का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे बड़े पैमाने पर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का खतरा पैदा हो गया है।",
  "content": "कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दौड़ में आगे निकलने की होड़ ने दुनिया की शीर्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों को ऊर्जा के ऐसे विकल्पों की ओर धकेल दिया है जो पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। अमेज़न ने अमेरिका के टेक्सस राज्य में एक विशाल ऑफ-ग्रिड पावर प्लांट का अधिग्रहण किया है जो उसके नए डेटा सेंटर को बिजली सप्लाई करेगा। हालांकि, यह बिजली संयंत्र अमेरिका में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के सबसे बड़े स्रोतों में से एक बन सकता है। चिंता की बात यह है कि केवल अमेज़न ही नहीं, बल्कि मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एक्सएआई जैसी कई अन्य दिग्गज कंपनियां भी अपने एआई डेटा सेंटरों को बिजली देने के लिए इसी तरह के कम कुशल सिंपल-साइकिल गैस टरबाइन का रुख कर रही हैं।\n\nटेक्सस पावर प्लांट और उत्सर्जन की भयावह तस्वीर\nअमेज़न के टेक्सस स्थित इस पावर प्लांट को हर साल 33 मिलियन टन तक ग्रीनहाउस गैसें उत्सर्जित करने की अनुमति मिली हुई है। इस परियोजना में पूरी तरह से सिंपल-साइकिल टरबाइन का उपयोग किया जाएगा। सिंपल-साइकिल टरबाइन में ईंधन और हवा को एक दहन कक्ष (कंबशन चैंबर) में मिलाकर ऊर्जा बनाई जाती है, लेकिन इस प्रक्रिया में भारी मात्रा में गर्मी (वेस्ट हीट) बर्बाद होकर हवा में मिल जाती है। इसके विपरीत, सामान्य बिजली ग्रिड में इस्तेमाल होने वाली कंबाइंड-साइकिल इकाइयां बर्बाद होने वाली इस गर्मी को भाप टरबाइन की मदद से अतिरिक्त ऊर्जा में बदल देती हैं, जिससे समान ऊर्जा उत्पादन पर काफी कम कार्बन उत्सर्जन होता है।\n\nहालांकि प्राकृतिक गैस संयंत्रों के लिए स्वीकृत उत्सर्जन सीमा उनके वास्तविक उत्सर्जन से अधिक होती है, लेकिन यदि अमेज़न की यह सुविधा अपनी स्वीकृत सीमा का आधा (16.5 मिलियन टन) भी उत्सर्जन करती है, तो भी यह अमेरिका में 78 औसतन आकार वाले प्राकृतिक गैस संयंत्रों के कुल प्रदूषण से अधिक होगा। इस मामले पर अमेज़न की प्रवक्ता हीथर कैलाहन ने स्पष्ट किया है कि यह ऑन-साइट बिजली उत्पादन टेक्सस के परिवारों के लिए बिजली की दरें नहीं बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थान पर सोलर और बैटरी स्टोरेज भी स्थापित किया जाएगा और कंपनी 2040 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन हासिल करने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, यह प्लांट इस तरह डिजाइन किया गया है कि भविष्य में ग्रिड कनेक्टेड सेवा में बदला जा सके।\n\nमेटा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एक्सएआई भी रेस में\nडेटा सेंटर डेवलपर्स के बीच तेज और लचीली बिजली पाने के लिए सिंपल-साइकिल टरबाइन का उपयोग एक आम चलन बनता जा रहा है। तेल और गैस कंपनी विलियम्स द्वारा ओहायो में मेटा के लिए विकसित किए जा रहे कम से कम तीन बिजली संयंत्रों में भी सिंपल-साइकिल इकाइयों का उपयोग किया जाएगा। इसी तरह, एबिलीन, टेक्सस में क्रूसो कंपनी अपने स्टारगेट कैंपस में माइक्रोसॉफ्ट के डेटा सेंटर को ऊर्जा देने के लिए 39 सिंपल-साइकिल टरबाइन वाला पावर प्लांट तैयार कर रही है।\n\nगूगल के गुडनाइट डेटा सेंटर के लिए क्रूसो द्वारा प्रस्तुत परमिट आवेदन में भी 20 सिंपल-साइकिल टरबाइन लगाने का जिक्र है। वहीं मेम्फिस में एक्सएआई के कोलॉसस 1 और कोलॉसस 2 डेटा सेंटर दर्जनों सिंपल-साइकिल टरबाइन से संचालित हो रहे हैं। इन सभी परियोजनाओं को लाखों टन ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन की अनुमति मिली हुई है। इस संदर्भ में विलियम्स और क्रूसो का कहना है कि उनके गैस प्लांट स्थानीय और राष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं और इनमें आधुनिक उत्सर्जन नियंत्रण तकनीकें लगाई गई हैं।\n\nसप्लाई चेन की बाधा और एआई की त्वरित ऊर्जा मांग\nएनर्जी मार्केट इंटेलिजेंस फर्म इंडस्ट्रियल इन्फो रिसोर्सेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ब्रिट बर्ट के अनुसार, डेटा सेंटर डेवलपर्स द्वारा सिंपल-साइकिल टरबाइन पर इतनी निर्भरता दिखाना अप्रत्याशित था, क्योंकि यह गैस टरबाइन का सबसे कुशल तरीका नहीं है। लेकिन डेटा सेंटरों को जल्द से जल्द शुरू करने की होड़ में कंपनियों के लिए कंबाइंड-साइकिल इकाइयों के जटिल उपकरणों का इंतजार करने के बजाय सिंपल-साइकिल टरबाइन लगाना ज्यादा तेज और सस्ता विकल्प साबित हो रहा है। टरबाइन और उसके स्पेयर पार्ट्स के लिए वैश्विक सप्लाई चेन में सालों की देरी (बैकलॉग) चल रही है, जिसके कारण कंपनियों को जो उपकरण आसानी से मिल रहे हैं, वे उन्हीं को अपना रही हैं।\n\nइसके साथ ही एआई मॉडल ट्रेनिंग की तकनीकी जरूरतें भी इस बदलाव का बड़ा कारण हैं। कंबाइंड-साइकिल टरबाइन की तुलना में सिंपल-साइकिल टरबाइन तेजी से चालू और बंद हो सकते हैं। एआई मॉडल की ट्रेनिंग के दौरान बिजली की खपत में अचानक बहुत बड़े स्पाइक्स आते हैं, जिनके लिए तुरंत भारी पावर की आवश्यकता होती है। पेन स्टेट यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रोफेसर और सेंटर फॉर गैस टरबाइन रिसर्च, एजुकेशन, एंड आउटरीच के डायरेक्टर स्टीफन लिंच का कहना है कि जब बिजली की मांग लगातार घटती-बढ़ती रहती है, तो एक विशाल टरबाइन चलाने के बजाय 30 अलग-अलग छोटे टरबाइन रखना अधिक व्यावहारिक होता है जिन्हें जरूरत के हिसाब से चालू और बंद किया जा सके। हालांकि, बार-बार बंद और चालू होने के भारी दबाव के कारण कई डेटा सेंटरों में टरबाइन टूटने की समस्याएं भी सामने आई हैं।\n\nपानी की बचत और सरकारी नीतियों का दबाव\nसिंपल-साइकिल टरबाइन का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इन्हें संचालित करने के लिए पानी की आवश्यकता लगभग नहीं होती। डेटा सेंटर वाले क्षेत्रों में पानी की खपत एक बड़ा विवादित मुद्दा बनता जा रहा है। ब्रिट बर्ट के अनुमान के मुताबिक, 250-मेगावाट का कंबाइंड-साइकिल प्लांट प्रति घंटे लगभग 75,000 गैलन पानी की खपत कर सकता है। अमेज़न के नए टेक्सस प्लांट के परमिट आवेदन में भी सिंपल-साइकिल तकनीक द्वारा पानी न इस्तेमाल किए जाने को एक प्रमुख पर्यावरण लाभ के रूप में दिखाया गया है।\n\nदूसरी ओर, अमेरिकी संघीय सरकार और कई राज्यों के गवर्नर टेक कंपनियों को सलाह दे रहे हैं कि वे ग्रिड से बिजली लेने के बजाय अपने निजी पावर प्लांट लगाएं, ताकि आम जनता के बिजली बिलों में बढ़ोतरी न हो। हालांकि, दर्जनों सिंपल-साइकिल टरबाइन से लैस ये ऑफ-ग्रिड पावर प्लांट दशकों तक चलने के लिए बनाए जा रहे हैं। यदि भविष्य में एआई का बुलबुला फूटता है या कंपनियों की बिजली मांग घटती है, तो ये विशाल और कम कुशल गैस प्लांट बेकार साबित हो सकते हैं, जिन्हें ब्रिट बर्ट ने स्ट्रैंडेड एसेट का नाम दिया है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: भारत में तेजी से बन रहे एआई डेटा सेंटरों के चलते ऊर्जा मांग और पर्यावरणीय असर को लेकर भविष्य में नियम सख्त हो सकते हैं।\n\nग्लोबल स्तर पर: टेक कंपनियों द्वारा गैस टरबाइन के भारी इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन बढ़ेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर जलवायु लक्ष्यों और नेट-ज़ीरो अभियानों को धक्का लग सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमेज़न का टेक्सस पावर प्लांट कितना उत्सर्जन कर सकता है?\nअमेज़न का टेक्सस स्थित पावर प्लांट सालाना 33 मिलियन टन तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन के लिए स्वीकृत है।\n\n2. सिंपल-साइकिल टरबाइन और कंबाइंड-साइकिल टरबाइन में क्या अंतर है?\nसिंपल-साइकिल टरबाइन में दहन की गर्मी बर्बाद हो जाती है, जबकि कंबाइंड-साइकिल टरबाइन में भाप टरबाइन की मदद से वेस्ट हीट को दोबारा बिजली में बदलकर प्रदूषण कम किया जाता है।\n\n3. टेक कंपनियां एआई के लिए सिंपल-साइकिल टरबाइन क्यों चुन रही हैं?\nसिंपल-साइकिल टरबाइन लगाना सस्ता और तेज है, सप्लाई चेन में देरी नहीं होती, और ये एआई की अचानक बदलने वाली बिजली मांग के हिसाब से तेजी से चालू और बंद हो सकते हैं।\n\n4. अमेज़न के अलावा कौन सी अन्य कंपनियां सिंपल-साइकिल टरबाइन इस्तेमाल कर रही हैं?\nमेटा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एक्सएआई (Colossus डेटा सेंटर) भी सिंपल-साइकिल टरबाइन से चलने वाले पावर प्लांट बना रही हैं या इस्तेमाल कर रही हैं।\n\n5. क्या सिंपल-साइकिल टरबाइन का कोई पर्यावरणीय फायदा भी है?\nसिंपल-साइकिल टरबाइन में पानी की खपत नहीं होती, जिससे डेटा सेंटर वाले इलाकों में पानी के संकट से राहत मिलती है।",
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  "category": "एआई",
  "publishedAt": "2026-08-14",
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    "एआई डेटा सेंटर",
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