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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी सरकार को अपनी 5% हिस्सेदारी सौंपने की तैयारी में ओपनएआई, दांव पर करीब 42 अरब डॉलर",
  "summary": "ओपनएआई अमेरिकी सरकार को कंपनी में 5% हिस्सेदारी देने पर बातचीत कर रही है, जिसकी कीमत उसके 852 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर लगभग 42.6 अरब डॉलर बैठती है। सैम ऑल्टमैन चाहते हैं कि एंथ्रोपिक, गूगल और मेटा भी इसी तरह हिस्सा दें।",
  "content": "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया की सबसे चर्चित कंपनी ओपनएआई अमेरिकी सरकार के साथ एक असाधारण सौदे पर बात कर रही है। बातचीत से जुड़े दो लोगों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, कंपनी डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को अपने अंदर 5% हिस्सेदारी देने पर विचार कर रही है। मार्च की फंडिंग के बाद ओपनएआई का मूल्यांकन 852 अरब डॉलर आंका गया था, और इस हिसाब से यह 5% हिस्सा करीब 42.6 अरब डॉलर का बैठता है।\n\nओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन इस प्रस्ताव को एआई से होने वाले आर्थिक फायदे को आम लोगों तक पहुंचाने के तरीके के रूप में पेश कर रहे हैं। उनका तर्क है कि यही वह सबसे बेहतर रास्ता है जिससे अमेरिकी नागरिक इस उद्योग की तेज़ ग्रोथ में हिस्सेदार बन सकें। ऑल्टमैन ने यह विचार सीधे राष्ट्रपति ट्रंप, वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के सामने रखा।\n\nअलास्का फंड की तर्ज पर ढांचा\nप्रस्तावित ढांचे को एक सॉवरेन वेल्थ फंड जैसा बनाने की योजना है, ठीक वैसा ही जैसा अलास्का परमानेंट फंड है। यह फंड 1976 में बनाया गया था, जिसका मकसद तेल से हुई अतिरिक्त कमाई को निवेश करना और राज्य के निवासियों को हर साल लाभांश देना था।\n\nयह प्रस्ताव सिर्फ ओपनएआई तक सीमित नहीं है। बताया जा रहा है कि ऑल्टमैन चाहते हैं कि अमेरिका की दूसरी बड़ी एआई कंपनियां, यानी एंथ्रोपिक, गूगल और मेटा भी इसी फंड के ज़रिए सरकार को इसी तरह 5% हिस्सा दें। हालांकि इनमें से किसी भी कंपनी ने अब तक इसमें शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।\n\nसरकारी दखल का सिलसिला\nकुछ ही दिन पहले ओपनएआई ने GPT-5.6 को सीमित रूप में जारी किया था। ऐसा तब हुआ जब व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ द नेशनल साइबर डायरेक्टर ने इसे सीमित तौर पर पेश करने को कहा, ताकि अधिकारी अत्याधुनिक एआई के लिए एक परीक्षण ढांचा तैयार कर सकें। महीने भर में यह सरकार का दूसरा हस्तक्षेप था। इससे पहले एंथ्रोपिक ने जून का ज़्यादातर हिस्सा Mythos 5 और Fable 5 पर आपातकालीन निर्यात नियंत्रण के तहत बंदिशों में बिताया, क्योंकि रक्षा विभाग ने कंपनी को \"सप्लाई चेन रिस्क\" करार दिया था। इस हफ्ते ही उसकी पहुंच दोबारा बहाल की गई।\n\nसरकार के साथ सौदों के मामले में ओपनएआई का रुख एंथ्रोपिक के मुकाबले ज़्यादा सहयोगी रहा है। जहां एंथ्रोपिक ने साझेदारी से इनकार किया, वहीं ओपनएआई ने ऐसे समझौतों पर दस्तखत किए।\n\nटेक कंपनियों में हिस्सेदारी का नया दौर\nतकनीकी कंपनियों के साथ रिश्ते संभालने के लिए इक्विटी अब ट्रंप प्रशासन का पसंदीदा हथियार बन गई है। पिछले अगस्त में सरकार ने इंटेल में 9.9% हिस्सेदारी ली थी। इसके लिए उसने चिप्स एक्ट के अनुदानों को 20.47 डॉलर प्रति शेयर की दर पर शेयरों में बदलकर 8.9 अरब डॉलर चुकाए, और आज यह हिस्सा 50 अरब डॉलर से कहीं ज़्यादा का हो चुका है। इसी तरह AMD और एनवीडिया निर्यात लाइसेंस के बदले चीन से होने वाली अपनी चिप कमाई का 15% सरकार को देने पर राज़ी हुए। मई में ट्रंप ने कहा था कि उन्हें इंटेल में इससे बड़ा हिस्सा लेना चाहिए था।\n\nअभी यह बातचीत शुरुआती और सैद्धांतिक स्तर पर है, और अगर कोई समझौता होता है तो उसके लिए कांग्रेस की मंज़ूरी भी ज़रूरी हो सकती है।\n\nओपनएआई के लिए क्यों मायने रखता है\nअगर यह सौदा अमल में आता है तो यह पहली बार होगा जब वॉशिंगटन किसी निजी एआई कंपनी में इक्विटी रखेगा। ओपनएआई इस समय एक गोपनीय आईपीओ आवेदन और 42 राज्यों के अटॉर्नी जनरल के गठबंधन की जांच से जूझ रही है, ऐसे में यह सौदा उसके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।\n\nसीनेटर बर्नी सैंडर्स, जिन्होंने हाल के हफ्तों में ऑल्टमैन से मुलाकात की, एक ऐसे विधेयक को आगे बढ़ा रहे हैं जिसके तहत सबसे बड़ी एआई कंपनियों को अपनी 50% इक्विटी एक सार्वजनिक फंड को सौंपनी होगी, और उससे होने वाली कमाई सीधे अमेरिकी नागरिकों को भुगतान के रूप में जाएगी। ओपनएआई और एंथ्रोपिक दोनों ही आईपीओ के लिए गोपनीय रूप से आवेदन कर चुकी हैं, यानी अभी तय होने वाली कोई भी सरकारी हिस्सेदारी सार्वजनिक लिस्टिंग के साथ आने वाले स्वामित्व के बंटवारे से पहले की होगी।\n\nइसका आप पर असर\n• निवेशकों के लिए: अगर अमेरिकी सरकार निजी एआई कंपनियों में हिस्सेदारी लेने लगती है, तो टेक कंपनियों के भविष्य के आईपीओ और मूल्यांकन पर सीधा असर पड़ सकता है।\n• आम लोगों के लिए: ऑल्टमैन और सैंडर्स दोनों के प्रस्तावों का दावा है कि एआई से होने वाली कमाई का एक हिस्सा सीधे नागरिकों तक पहुंचे, हालांकि यह अभी सिर्फ बातचीत के स्तर पर है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ओपनएआई अमेरिकी सरकार को कितनी हिस्सेदारी देने की बात कर रही है?\nकंपनी सरकार को अपने अंदर 5% हिस्सेदारी देने पर विचार कर रही है।\n\n2. यह 5% हिस्सेदारी कितने की है?\nओपनएआई के 852 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर यह हिस्सा करीब 42.6 अरब डॉलर का बैठता है।\n\n3. सैम ऑल्टमैन ने यह प्रस्ताव किसके सामने रखा?\nउन्होंने यह विचार सीधे राष्ट्रपति ट्रंप, वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के सामने रखा।\n\n4. क्या दूसरी एआई कंपनियां भी इसमें शामिल हैं?\nऑल्टमैन चाहते हैं कि एंथ्रोपिक, गूगल और मेटा भी 5% हिस्सा दें, लेकिन अब तक किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है।\n\n5. इस ढांचे को किस मॉडल पर बनाने की योजना है?\nइसे 1976 में बने अलास्का परमानेंट फंड जैसे सॉवरेन वेल्थ फंड की तर्ज पर बनाने की योजना है।\n\n6. बर्नी सैंडर्स का प्रस्ताव क्या है?\nवे एक विधेयक को आगे बढ़ा रहे हैं जिसके तहत सबसे बड़ी एआई कंपनियों को अपनी 50% इक्विटी एक सार्वजनिक फंड को देनी होगी।",
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  "category": "एआई",
  "publishedAt": "2026-07-02",
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