# ऐप स्टोर पर दबाव के बीच नए रास्ते तलाश रही एप्पल, थर्ड-पार्टी एआई ऐप्स बन सकते हैं कमाई का जरिया

> नियामकीय सख्ती और मोबाइल गेमिंग में सुस्ती के बीच एप्पल अपने सर्विसेज रेवेन्यू को सहारा देने के लिए बाहरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐप्स और साझेदारियों के मौकों पर नजर गड़ाए हुए है।

**Type:** article · **Category:** एआई · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/ai/app-store-para-dabava-ke-bicha-nae-raste-talasha-rahi-apple-tharda-parti-ai-aipsa-bana-sakate-hain-kamai-ka-jariya-55380 · **Language:** Hindi
**Tags:** एप्पल, ऐप स्टोर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सर्विसेज रेवेन्यू, केवन पारेख, टेक न्यूज

एप्पल का सर्विसेज कारोबार भले ही रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है, लेकिन इस पूरे सेगमेंट पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कंपनी के इस कारोबार की रीढ़ उसका ऐप स्टोर है, जिसे हाल के दिनों में दुनिया भर में कड़े नियामकीय नियमों और मोबाइल गेमिंग की रफ्तार धीमी पड़ने से सीधी चोट पहुंची है। इसके चलते सर्विसेज डिवीजन की कुल ग्रोथ प्रभावित हुई है। अब कंपनी इस कमी को पूरा करने के लिए बाहरी डेवलपर्स के बनाए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स की तरफ रुख करने के संकेत दे रही है।

## कमाई बढ़ाने के लिए एआई मॉडल और साझेदारियों पर नजर
सोमवार को आयोजित अर्निंग्स कॉल के दौरान एप्पल के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर केवन पारेख ने साफ किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न केवल डिवाइस की बिक्री को गति देगा, बल्कि सर्विसेज डिवीजन की आमदनी को भी नई मजबूती प्रदान कर सकता है। जब उनसे यह पूछा गया कि समय के साथ एआई किस तरह रेवेन्यू ग्रोथ में योगदान देगा, तो पारेख ने कहा, "प्रोडक्ट के मोर्चे पर हमारा मानना है कि एआई ग्राहकों को नए फीचर्स पाने के लिए अपग्रेड करने और स्विच करने की एक ठोस वजह देता है।"

इसके साथ ही पारेख ने संकेत दिया कि कंपनी की नजर केवल खुद के सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि पहली पार्टी के मौकों के साथ-साथ थर्ड-पार्टी ऐप्स और साझेदारियों में भी काफी संभावनाएं मौजूद हैं। हालांकि पारेख ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि थर्ड-पार्टी ऐप्स के जरिए किस प्रकार के व्यावसायिक मौके तलाशे जाएंगे। निवेशकों के बीच इस बात की चर्चा तेज है कि क्या एप्पल अपने ऐप स्टोर के जरिए बाहरी एआई एजेंट्स को वितरित कर सकती है और उनसे होने वाली कमाई में से अपना कमीशन ले सकती है।

## नियामकीय लड़ाइयों और कमिशन में गिरावट का असर
दुनिया भर में कानूनी और नियामकीय फैसलों ने ऐप स्टोर से मिलने वाले कमीशन रेवेन्यू पर गहरा असर डाला है। पारंपरिक रूप से एप्पल अपने ऐप मार्केटप्लेस के भीतर होने वाले भुगतान पर कड़ा नियंत्रण रखती आई है और हर ट्रांजैक्शन से एक तय हिस्सा लेती रही है। लेकिन एपिक गेम्स द्वारा दायर मुकदमे के बाद कंपनी को ऐप्स को बाहरी पेमेंट सिस्टम पर रीडायरेक्ट करने की अनुमति देने के लिए बाध्य होना पड़ा। दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी कंपनी को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसने उसके एकाधिकार को सीमित कर दिया है।

अगस्त के कुछ तीसरे पक्ष के अनुमानों के अनुसार, अमेरिकी बाजार में कंपनी के कमीशन रेवेन्यू में 18% की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इसके अलावा ब्राजील और जापान जैसे देशों में भी नए नियामक नियम लागू होने के बाद ऐसी ही गिरावट देखी गई। इन तमाम झटकों के बावजूद एप्पल का पूरा सर्विसेज कारोबार बढ़ता रहा है, पर उसके मुख्य इंजन यानी ऐप स्टोर की स्थिति पहले जितनी सहज नहीं रह गई है।

## सितंबर तिमाही के नतीजे और आगे की उम्मीदें
अर्निंग्स कॉल के दौरान केवन पारेख ने ऐप स्टोर के सामने आ रही इन चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सितंबर तिमाही के दौरान ऐप स्टोर का प्रदर्शन पिछले साल के समान ही रहा। हालांकि इस दौरान एक सकारात्मक पहलू भी दिखा, जहां ऐप स्टोर पर थर्ड-पार्टी ऐप्स के लिए पेड सब्सक्रिप्शन रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे और उनमें दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। इसके विपरीत, मोबाइल गेमिंग सेगमेंट में पहले से जारी रुकावटें बरकरार रहीं, जिनके आगे भी बने रहने की संभावना है।

दिसंबर तिमाही को लेकर कंपनी का अनुमान है कि सर्विसेज ग्रोथ 8 से 9% के बीच रह सकती है। पारेख के मुताबिक यह आउटलुक मुख्य रूप से थर्ड-पार्टी लाइसेंसिंग और विदेशी मुद्रा विनिमय के अतिरिक्त आधा प्रतिशत के प्रतिकूल असर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यही वजह है कि कंपनी अब अपने सर्विसेज कारोबार को नए क्षेत्रों में फैलाने की योजना बना रही है, जिसमें थर्ड-पार्टी एआई टूल्स केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं।

## इसका आप पर असर
एप्पल की रणनीति में बदलाव का सीधा असर ऐप डेवलपर्स और आईफोन यूजर्स के डिजिटल खर्च पर पड़ सकता है।

- **ऐप डेवलपर्स के लिए:** एआई टूल्स और एजेंट्स बनाने वाले डेवलपर्स को ऐप स्टोर के जरिए नया वितरण मंच मिल सकता है। इससे उन्हें बड़ा यूजर बेस मिलेगा लेकिन इन-ऐप रेवेन्यू का कुछ हिस्सा एप्पल को कमीशन के तौर पर देना पड़ सकता है।
- **उपभोक्ताओं के लिए:** आईफोन यूजर्स को आने वाले समय में थर्ड-पार्टी एआई एजेंट्स सीधे सिस्टम में एकीकृत मिल सकते हैं। इसके चलते एडवांस्ड एआई सुविधाओं के लिए नए पेड सब्सक्रिप्शन विकल्प देखने को मिल सकते हैं।
- **गेमिंग डेवलपर्स के लिए:** मोबाइल गेमिंग में जारी सुस्ती के बीच गेमिंग स्टूडियोज को अपनी कमाई के मॉडल पर पुनर्विचार करना होगा। डेवलपर्स को गैर-गेमिंग एआई फीचर्स और अन्य श्रेणियों में मौके तलाशने पड़ सकते हैं।
- **मार्केटपेस नियमों के तहत:** बाहरी पेमेंट विकल्पों की छूट के बाद यूजर्स को कई ऐप्स में सीधे डेवलपर की वेबसाइट से भुगतान करने का विकल्प मिलता रहेगा। इससे ट्रांजैक्शन चार्ज में कमी का फायदा ग्राहकों को मिल सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
एप्पल का यह कदम पारंपरिक ऐप स्टोर रेवेन्यू पर बढ़ते वैश्विक दबाव, कानूनी फैसलों और गेमिंग में सुस्ती का नतीजा है।

- **नियामकीय और कानूनी झटके:** एपिक गेम्स के मुकदमे और वैश्विक स्तर पर लगे प्रतिबंधों के कारण एप्पल को बाहरी पेमेंट लिंक की अनुमति देनी पड़ी। इस वजह से अमेरिका में 18% तक कमीशन रेवेन्यू गिरा और ब्राजील व जापान में भी नुकसान हुआ।
- **मोबाइल गेमिंग में गिरावट:** ऐप स्टोर की कमाई का बड़ा हिस्सा मोबाइल गेमिंग से आता था, जिसमें लगातार मंदी देखी जा रही है। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक यह सुस्ती आगे भी जारी रहने की संभावना है।
- **एआई अपग्रेड चक्र:** हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों स्तरों पर ग्राहक नए एआई फीचर्स की मांग कर रहे हैं। कंपनी इस मांग को भुनाकर पहली और तीसरी पार्टी दोनों तरह के एआई टूल्स से नया रेवेन्यू स्ट्रीम बनाना चाहती है।

## सवाल-जवाब

### 1. एप्पल किस तरह से थर्ड-पार्टी एआई ऐप्स से कमाई करने की योजना बना रही है?
एप्पल के सीएफओ केवन पारेख ने थर्ड-पार्टी ऐप्स और साझेदारियों में मौके होने की बात कही है। निवेशक कयास लगा रहे हैं कि कंपनी ऐप स्टोर पर बाहरी एआई एजेंट्स बांटकर उनकी कमाई में से कमीशन ले सकती है।

### 2. एप्पल के ऐप स्टोर कमीशन में गिरावट क्यों आई?
एपिक गेम्स के मुकदमे और विभिन्न देशों में कड़े नियमों के चलते एप्पल को बाहरी पेमेंट सिस्टम की अनुमति देनी पड़ी, जिससे अमेरिका में कमीशन रेवेन्यू 18% गिरा।

### 3. दिसंबर तिमाही के लिए एप्पल की सर्विसेज ग्रोथ का क्या अनुमान है?
कंपनी को उम्मीद है कि दिसंबर तिमाही में उसकी सर्विसेज ग्रोथ 8 से 9 प्रतिशत के बीच रहेगी।

### 4. सितंबर तिमाही में ऐप स्टोर का प्रदर्शन कैसा रहा?
सितंबर तिमाही में ऐप स्टोर का प्रदर्शन पिछले साल जैसा ही रहा, जिसमें थर्ड-पार्टी ऐप्स के लिए रिकॉर्ड पेड सब्सक्रिप्शन दर्ज किए गए लेकिन गेमिंग में सुस्ती रही।

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