मैक पर एआई एजेंट्स की बढ़ती पहुंच के बीच एपल सख्त करेगा फुल डिस्क एक्सेस के नियम डेस्कटॉप एआई टूल्स द्वारा पर्सनल डेटा और मैसेज पढ़े जाने की चिंताओं के बाद एपल अपने मैक ऑपरेटिंग सिस्टम में सुरक्षा नियमों को कड़ा करने जा रहा है। अब फुल डिस्क एक्सेस की अनुमति देने के लिए बहुत स्पष्ट और सख्त कदम उठाने होंगे। कंप्यूटर पर काम करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स जब बिना पूरी समझ के पूरे सिस्टम की फाइलों तक पहुंच बनाने लगें, तो प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं। इसी चिंता को देखते हुए एपल ने घोषणा की है कि वह अपने मैक ऑपरेटिंग सिस्टम में 'फुल डिस्क एक्सेस' फीचर पर नए और कड़े सुरक्षा नियंत्रण लागू करने जा रहा है। मूल रूप से यह व्यवस्था सिस्टम बैकअप टूल्स को सही ढंग से चलाने के मकसद से बनाई गई थी, लेकिन डेस्कटॉप पर सक्रिय होने वाले आधुनिक एआई टूल्स ने इस सुविधा के जरिए यूजर डेटा के लिए नया जोखिम पैदा कर दिया है। प्राइवेट मैसेज और डेटा तक एआई एजेंट्स की पहुंच पर उठे सवाल डेस्कटॉप पर चलने वाले एआई एजेंट्स यूजर्स से कंप्यूटर की फाइलों, निजी मैसेजेस और अन्य व्यक्तिगत सामग्रियों तक गहरी पहुंच की मांग करते हैं। हाल ही में इंक के कॉलम लेखक जेसन एटन ने यह बात उठाई थी कि मेटा के म्यूज एआई ने उनके पर्सनल मैसेज पढ़ लिए, जबकि उनका कहना था कि उन्होंने ऐसी कोई इजाजत नहीं दी थी। दूसरी ओर, मेटा ने इस दावे को खारिज किया था कि ऐप ने बिना अनुमति संदेश पढ़े। इसी तरह चैटजीपीटी के मैक ऐप में भी एक तकनीकी खामी सामने आई थी, जिसकी वजह से हैकर्स संवेदनशील डेटा तक पहुंच सकते थे। इन घटनाओं ने साफ कर दिया कि जब सॉफ्टवेयर को पूरे कंप्यूटर पर खुली छूट मिलती है, तो यूजर की प्राइवेसी दांव पर लग जाती है। फुल डिस्क एक्सेस से क्या खतरे पैदा हो रहे हैं म्यूज जैसे टूल्स में यूजर्स वैकल्पिक रूप से फुल डिस्क एक्सेस को एक्टिवेट कर सकते हैं। यह अनुमति किसी भी ऐप को कंप्यूटर की सामान्य फाइलों के अलावा ईमेल, निजी संदेश और इंटरनेट ब्राउजिंग हिस्ट्री तक देखने की शक्ति दे देती है। डेवलपर्स को दिए संदेश में एपल ने अपने ब्लॉग पोस्ट में चेताया कि कुछ डेवलपर्स इस सुविधा का उपयोग ऐसे तरीकों से कर रहे हैं जिससे यूजर्स अनजाने में जोखिम में पड़ सकते हैं और उनकी जानकारी के बिना पूरा सिस्टम एक्सपोज हो सकता है। बिना ठोस और स्पष्ट मंजूरी के नहीं मिलेगी खुली छूट सुरक्षा को चाक-चौबंद बनाने के लिए एपल अब ऐसे नए नियंत्रण पेश कर रहा है, जिनसे कोई भी यूजर किसी ऐप को यह असाधारण स्तर की अनुमति केवल बेहद स्पष्ट और सोच-समझकर उठाए गए कदम के बाद ही दे सके। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जैसे-जैसे एआई एजेंट्स ज्यादा स्वायत्त और ताकतवर बन रहे हैं, इस स्तर की पहुंच से जुड़े खतरे तेजी से बढ़ेंगे। इसलिए यूजर्स को पहले इन खतरों की पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने डेटा और प्राइवेसी को लेकर जागरूक फैसला ले सकें। इसका आप पर असर मैक कंप्यूटर पर काम करने वाले यूजर्स के लिए डेटा सुरक्षा की प्रक्रिया अब अधिक सतर्क और सख्त होने जा रही है। • परमिशन अलर्ट: किसी भी नए या पुराने एआई टूल को कंप्यूटर का व्यापक एक्सेस देते समय अब कई स्तरों की सुरक्षा चेतावनियां मिलेंगी। इससे यूजर्स बिना समझे अपनी निजी फाइलों की चाबी किसी ऐप को नहीं सौंप सकेंगे। • संदेशों और ईमेल की सुरक्षा: बैकअप टूल्स के अलावा अन्य सॉफ्टवेयर के लिए फाइलों, ब्राउजिंग हिस्ट्री और चैट्स तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। यूजर्स को यह तय करने की स्पष्ट आजादी मिलेगी कि कौन सा ऐप क्या देख सकता है। • एआई ऐप्स का चुनाव: डेस्कटॉप पर काम करने वाले उत्पादकता और एआई असिस्टेंट्स को चलाने के लिए यूजर्स को सेटिंग्स में जाकर अतिरिक्त पुष्टि करनी होगी। इससे सिस्टम में बैकग्राउंड में होने वाली अनचाही निगरानी पर रोक लगेगी। • डेवलपर्स पर पाबंदी: ऐप निर्माताओं को अब अनावश्यक रूप से सिस्टम-व्यापी अनुमतियां मांगने के बजाय सीमित एक्सेस पर ध्यान देना होगा। इससे पूरे मैक इकोसिस्टम में डेटा सुरक्षा का स्तर बढ़ेगा। ऐसा क्यों हुआ यह कदम डेस्कटॉप एआई टूल्स द्वारा यूजर्स के व्यक्तिगत संदेशों और संवेदनशील फाइलों तक पहुंच बनाने की घटनाओं के बाद उठाया गया है। • निजी डेटा तक अनचाही पहुंच: पत्रकार जेसन एटन के इस दावे के बाद बहस छिड़ गई थी कि मेटा के म्यूज एआई ने बिना इजाजत निजी मैसेज पढ़ लिए। हालांकि मेटा ने इस दावे का खंडन किया था, लेकिन इसने सिस्टम अनुमतियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। • चैटजीपीटी सुरक्षा खामी: मैक के लिए बने चैटजीपीटी ऐप में एक खामी उजागर हुई थी जिसके जरिए हैकर्स संवेदनशील डेटा चुरा सकते थे। ऐसी घटनाओं से यह स्पष्ट हुआ कि डेस्कटॉप ऐप्स की अनुमतियों में सुरक्षा चूक हो सकती है। • स्वायत्त एआई से बढ़ता जोखिम: पारंपरिक बैकअप सॉफ्टवेयर के लिए बने 'फुल डिस्क एक्सेस' का इस्तेमाल अब स्वतंत्र रूप से काम करने वाले एआई एजेंट्स करने लगे हैं। एपल का मानना है कि इन स्वायत्त एजेंट्स की बढ़ती क्षमताओं के साथ यूजर डेटा का जोखिम कई गुना बढ़ गया है। सवाल-जवाब 1. मैक पर फुल डिस्क एक्सेस क्या होता है? यह मैकओएस की एक विशेष सेटिंग है जो किसी ऐप को कंप्यूटर की सभी फाइलों, संदेशों, मेल और ब्राउजिंग हिस्ट्री को पढ़ने की अनुमति देती है। 2. एपल इस फीचर के नियमों में बदलाव क्यों कर रहा है? डेस्कटॉप एआई एजेंट्स द्वारा निजी संदेश और संवेदनशील डेटा पढ़े जाने के बढ़ते जोखिम को रोकने के लिए एपल यह बदलाव कर रहा है। 3. मेटा के म्यूज एआई को लेकर क्या विवाद हुआ था? कॉलम लेखक जेसन एटन ने दावा किया था कि म्यूज ने बिना अनुमति उनके निजी मैसेज पढ़ लिए, हालांकि मेटा ने इस दावे का खंडन किया था। 4. क्या चैटजीपीटी के मैक ऐप में भी कोई सुरक्षा समस्या आई थी? हां, चैटजीपीटी के मैक ऐप में एक खामी पाई गई थी, जिससे हैकर्स संवेदनशील डेटा तक पहुंच बना सकते थे। 5. नए नियमों के बाद फुल डिस्क एक्सेस कैसे मिलेगा? नए नियमों के तहत यूजर्स को किसी भी ऐप को यह व्यापक अनुमति देने के लिए बहुत ही स्पष्ट और सोच-समझकर कदम उठाने होंगे। https://trendkia.com/ai/apple-to-clamp-down-on-macos-full-disk-access-as-ai-agents-raise-new-privacy-alarms-42075 TrendKia — Har trend, sabse pehle.