# बैंक ऑफ अमेरिका की चेतावनी, एआई एजेंट को न दें अपने बैंकिंग पासवर्ड

> बैंक ऑफ अमेरिका ने अपने ग्राहकों को चेतावनी जारी कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले टूल्स या एआई एजेंटों के साथ अपने बैंकिंग क्रेडेंशियल्स साझा न करने की सलाह दी है।

**Type:** article · **Category:** एआई · **Published:** 2026-10-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/ai/bank-of-america-asks-customers-not-to-share-banking-passwords-with-ai-agents-52402 · **Language:** Hindi
**Tags:** बैंक ऑफ अमेरिका, एआई एजेंट, बैंकिंग सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, पासवर्ड सुरक्षा

वित्तीय क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बैंक ऑफ अमेरिका ने अपने ग्राहकों के लिए एक जरूरी सलाह जारी की है। बैंक ने हाल ही में अपने ग्राहकों को आगाह किया है कि वे बैंकिंग सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने यूजरनेम और पासवर्ड किसी भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एजेंट या टूल को बिल्कुल न सौंपें।

## एआई एरा में सुरक्षा का नया संकट
बैंक की ओर से ग्राहकों को एक ईमेल भेजा गया जिसका विषय &#8220;Protecting your finances in the Al World&#8221; रखा गया था। इस ईमेल के माध्यम से बैंक ने साफ शब्दों में निर्देश दिया कि ग्राहक अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अन्य व्यक्ति या बाहरी सेवा के साथ साझा न करें, जिसमें ऐसे एआई-सक्षम टूल्स भी शामिल हैं जो आपकी ओर से वित्तीय काम करने का दावा करते हैं।

## क्यों खतरनाक है एआई को पासवर्ड देना
जैसे-जैसे पर्सनल एआई असिस्टेंट तकनीक लोकप्रिय होती जा रही है, लोग सुविधा के चक्कर में अपने लॉग-इन क्रेडेंशियल्स इन टूल्स को सौंप रहे हैं। अपनी बैंकिंग जानकारी किसी एआई एजेंट के साथ साझा करने से बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है। इससे यह खतरा रहता है कि वह टूल आपकी जानकारी के बिना पैसों से जुड़ा कोई कदम उठा ले, या बैंक को यह संदेह हो जाए कि आपके खाते में कोई सेंध लगा रहा है, जिसके चलते बैंक आपका खाता ब्लॉक कर सकता है। इसके अलावा, यदि एआई असिस्टेंट में कोई सुरक्षा खामी या बग सामने आता है, तो आपकी बैंकिंग जानकारी लीक हो सकती है और वित्तीय लाभ की फिराक में बैठे हैकर्स सीधे आपके बैंक खाते तक पहुंच सकते हैं।

## खाता समझौते और यूजर की जिम्मेदारी
इस ईमेल के संबंध में टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने पर बैंक ऑफ अमेरिका ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक की इस चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि यदि कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राहक की ही होगी। अधिकांश बैंकों के खाता समझौतों के नियमों के अनुसार, यदि कोई ग्राहक अपने लॉग-इन विवरण किसी अन्य को देता है, तो उस एक्सेस के कारण होने वाली किसी भी गतिविधि के लिए ग्राहक को ही जिम्मेदार माना जाता है। बैंक द्वारा भेजे गए संदेश में भी इस बात पर जोर दिया गया है कि यदि आप अपने क्रेडेंशियल्स साझा करते हैं, तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि उस एक्सेस से होने वाले सभी लेन-देन या गतिविधियों की जिम्मेदारी आपकी अपनी होगी।

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर उन सभी बैंक ग्राहकों और डिजिटल उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करती है जो अपने वित्तीय कामों को आसान बनाने के लिए एआई टूल्स का उपयोग करते हैं।

- **भारत में:** डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करने वाले सभी भारतीय उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने यूपीआई पिन, नेटबैंकिंग पासवर्ड या ओटीपी किसी भी ऑटोमेटेड ऐप या एआई एजेंट के साथ साझा न करें। नियमों के अनुसार, लापरवाही बरतने पर वित्तीय नुकसान होने पर बैंक जिम्मेदारी नहीं लेगा।
- **सुरक्षा और जवाबदेही:** यदि कोई अनधिकृत लेन-देन होता है, तो खाता समझौतों के तहत ग्राहक को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आपको अपने सभी गोपनीय पासवर्ड सुरक्षित रखने होंगे और किसी भी थर्ड-पार्टी चैटबॉट या एआई असिस्टेंट को अपने खाते का नियंत्रण नहीं देना चाहिए।
- **खाता लॉक होने का खतरा:** यदि बैंक के सुरक्षा तंत्र को किसी बाहरी एआई टूल द्वारा आपके खाते में लॉग-इन करने का पता चलता है, तो वे आपके खाते को तुरंत ब्लॉक कर सकते हैं। इससे आपको जरूरी वित्तीय लेन-देन के समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
- **डेटा लीक का जोखिम:** थर्ड-पार्टी एआई टूल्स में आने वाली सुरक्षा खामियों के कारण आपके क्रेडेंशियल्स डार्क वेब या हैकर्स के हाथ लग सकते हैं। इससे आपकी गाढ़ी कमाई सुरक्षित नहीं रहेगी और आपको बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
बैंक ऑफ अमेरिका द्वारा यह चेतावनी इसलिए जारी की गई क्योंकि पर्सनल एआई असिस्टेंट्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और लोग सुविधा के लिए उन्हें अपनी गोपनीय जानकारियां सौंप रहे हैं। वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों और एआई प्लेटफॉर्म्स में सुरक्षा कमजोरियों को देखते हुए बैंक यह कदम उठाने पर मजबूर हुए हैं।

- **एआई का बढ़ता चलन:** आजकल उपभोक्ता अपने वित्तीय लेन-देन और शेड्यूलिंग को स्वचालित करने के लिए नए-नए एआई एजेंटों का तेजी से उपयोग कर रहे हैं।
- **गोपनीयता का संकट:** बाहरी एआई टूल्स के पास पर्याप्त सुरक्षा कवच न होने के कारण डेटा लीक होने का खतरा लगातार बना रहता है।
- **समझौते की शर्तें:** बैंक के नियमों के मुताबिक ग्राहक अपनी सुरक्षा के लिए खुद जिम्मेदार होते हैं, जिससे बैंक अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करना चाहता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बैंक ऑफ अमेरिका ने हाल ही में अपने ग्राहकों को क्या चेतावनी दी है?
बैंक ने ग्राहकों को अपने बैंकिंग यूजरनेम और पासवर्ड किसी भी एआई एजेंट या बाहरी सेवा के साथ साझा न करने की चेतावनी दी है।

### 2. इस चेतावनी का मुख्य कारण क्या है?
पर्सनल एआई असिस्टेंट्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच ग्राहकों द्वारा अपनी गोपनीय जानकारी इन टूल्स को सौंपना इस चेतावनी का मुख्य कारण है।

### 3. एआई असिस्टेंट को पासवर्ड देने से क्या जोखिम हो सकता है?
इससे बिना जानकारी के वित्तीय लेनदेन होने का खतरा रहता है, बैंक खाता लॉक कर सकता है और हैकर्स क्रेडेंशियल्स चुरा सकते हैं।

### 4. क्या बैंक ऑफ अमेरिका ने इस ईमेल पर कोई आधिकारिक टिप्पणी की है?
नहीं, बैंक ऑफ अमेरिका ने इस ईमेल के संबंध में टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

### 5. यदि क्रेडेंशियल्स साझा करने से नुकसान हुआ तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
बैंक के खाता समझौतों के अनुसार, क्रेडेंशियल्स साझा करने के कारण होने वाली किसी भी गतिविधि के लिए ग्राहक स्वयं जिम्मेदार होता है।

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