{
  "type": "article",
  "title": "कारा से 1.2 करोड़ तस्वीरें चुराने वाले स्क्रैपर ने पछतावे के बाद संस्थापक संग बनाई नई सुरक्षा प्रणाली",
  "summary": "आर्टिस्ट प्लेटफॉर्म कारा पर 1.2 करोड़ कलाकृतियों की चोरी के बाद, स्क्रैपर ने अपनी गलती मानकर संस्थापक झैंग के साथ मिलकर लैंटर्न नामक ओपन-सोर्स सुरक्षा टूल तैयार किया है।",
  "content": "डिजिटल कलाकारों और एआई कंटेंट क्रिएटर्स के बीच सुरक्षा को लेकर छिड़ी बहस के बीच एक अनोखा मामला सामने आया है। हाल ही में आर्टिस्ट-फोकस्ड प्लेटफॉर्म कारा पर हुए व्यापक डेटा स्क्रैपिंग हमलों के बाद, उस व्यक्ति ने जिसने साइट से 1.2 करोड़ कलाकृतियां चुराई थीं, अपनी गलती मानकर प्लेटफॉर्म की संस्थापक के साथ हाथ मिला लिया है। दोनों ने मिलकर अब एआई डेटासेट में कलाकारों के काम का पता लगाने और उन्हें अनधिकृत उपयोग से बचाने के लिए एक नया ओपन-सोर्स सुरक्षा टूल तैयार किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब एआई प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन कलाकृतियों की अवैध कटाई को लेकर दुनिया भर में चिंताएं बढ़ रही हैं।\n\n \n\nडिजिटल प्लेटफॉर्म कारा पर तीन बड़े डेटा अटैक\n\nमेटा द्वारा इंस्टाग्राम पर उपलब्ध सामग्री को एआई मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल करने की नीतियों के बाद बड़ी संख्या में डिजिटल कलाकारों ने विकल्प के रूप में कारा का रुख किया था। कारा पर एआई जनरेटेड छवियों को फिल्टर किया जाता है और यह ग्लेज़ जैसी सुरक्षात्मक तकनीकों की पेशकश करता है, जो स्क्रैपर्स द्वारा छवियों की शैली की नकल को बाधित करने के लिए काम करती हैं। इसके बावजूद, इंटरनेट पर किसी भी सार्वजनिक डेटा को पूरी तरह से स्क्रैप होने से रोकना लगभग असंभव साबित हो रहा है। 13 अगस्त से शुरू होकर केवल कुछ ही दिनों के भीतर कारा को तीन बड़े डेटा स्क्रैपिंग हमलों का सामना करना पड़ा। इन हमलों के कारण प्लेटफॉर्म के सर्वर शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि हुई और वहां शरण लेने वाले कलाकारों में गहरी चिंता फैल गई।\n\n किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए डेटा की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है, खासकर जब मुकाबला ऐसे स्वचालित बॉट्स और डेटा स्क्रैपर्स से हो जो चौबीसों घंटे सक्रिय रहते हैं। कारा को एक ऐसा सुरक्षित स्थान माना जा रहा था जहाँ कलाकार बिना किसी डर के अपनी मौलिक कृतियों को साझा कर सकें। लेकिन अगस्त के मध्य में हुए सिलसिलेवार हमलों ने यह साबित कर दिया कि इंटरनेट की खुली दुनिया में एआई स्क्रैपर्स से पूरी तरह बचना एक बेहद जटिल काम है। इन घटनाओं ने प्लेटफॉर्म की तकनीकी सीमाओं को उजागर करने के साथ-साथ यह भी दिखाया कि डेटा कटाई करने वाले लोग कितनी आसानी से बड़े पैमाने पर जानकारी हासिल कर लेते हैं।\n\n \n\n1.2 करोड़ कलाकृतियों की चोरी और रेडिट पर विवाद\n\nपहला हमला तब सामने आया जब स्क्रैपिंग के लिए जिम्मेदार व्यक्ति ने रेडिट सबरेडिट r/DefendingAIArt पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उसने कारा की पूरी लाइब्रेरी से चुराई गई 1.2 करोड़ कलाकृतियों का 12-टेराबाइट आर्काइव सार्वजनिक कर दिया। 'मैंडरिनडॉनपॉपी994' नाम के रेडिट उपयोगकर्ता ने अपनी अब डिलीट हो चुकी पोस्ट में दावा किया कि यह उसके लिए एक 'मजेदार प्रोजेक्ट' था और पूरे डेटासेट को इकट्ठा करने में उसका खर्च 10 डॉलर से भी कम आया था। इस तरह की बड़बोली पोस्ट ने ऑनलाइन आर्ट कम्युनिटी के बीच आक्रोश की लहर पैदा कर दी।\n\n कारा की संस्थापक झैंग ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं द्वारा टैग किए जाने पर मिली। स्क्रैपर रेडिट पर अपनी हरकत का घमंड दिखा रहा था और अन्य लोगों से उस डेटासेट के साथ कुछ नया करने के लिए जुड़ने का आह्वान कर रहा था। इस घटना के बाद एआई और डिजिटल आर्ट फोरम पर नैतिक सीमाओं को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। झैंग ने कहा कि इस तरह के लक्षित हमले बहुत दर्दनाक होते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मौजूदा कानून डेटा कटाई के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में पीछे रह गए हैं, जिससे स्क्रैपर्स अपनी इस तरह की गतिविधियों को तकनीकी रूप से कानूनी बताकर उचित ठहराने की कोशिश करते हैं।\n\n झैंग स्वयं भी दृश्य कलाकारों द्वारा दायर दो चल रहे वर्ग-कार्रवाई मुकदमों (क्लास एक्शन मुकदमों) का हिस्सा हैं। इनमें से एक मुकदमा स्टेबिलिटी एआई, मिडजर्नी और अन्य एआई कंपनियों के खिलाफ है, जबकि दूसरा मुकदमा गूगल पर दायर किया गया है। इन मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि कंपनियों के एआई छवि जनरेटर टूल्स को कलाकारों के कॉपीराइट वाले काम पर उनकी अनुमति के बिना प्रशिक्षित किया गया है। ऐसे माहौल में कारा पर हुआ यह बड़ा हमला प्लेटफॉर्म और उससे जुड़े कलाकारों के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ।\n\n \n\nहगिंग फेस और एकेडमिक टोरेंटस पर डेटा का फैलाव\n\nजब पहली स्क्रैपिंग घटना के बाद एआई समर्थकों के बीच भी बहस चल रही थी, तभी अन्य स्क्रैपर्स ने कारा की तकनीकी कमजोरियों और सीमित संसाधनों का फायदा उठाना शुरू कर दिया। पहले हमले से प्रेरित होकर दो और अनुकरण (कॉपीकैट) हमले किए गए। दूसरे स्क्रैपर ने कारा से लगभग 8.5 मिलियन (85 लाख) लिंक के साथ-साथ उपयोगकर्ता नाम, शीर्षक और टैग जैसी महत्वपूर्ण मेटाडेटा जानकारी निकाल ली। इस डेटा को एआई डेवलपर प्लेटफॉर्म हगिंग फेस पर अपलोड कर दिया गया। इस घटना को अंजाम देने वाले उपयोगकर्ता का नाम 'कैप्टिवड्रीमर' बताया गया।\n\n हगिंग फेस को तुरंत बड़ी संख्या में डेटा हटाने (टेकडाउन) के अनुरोध प्राप्त हुए। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत मेटाडेटा हटाने के लिए उपयोगकर्ता कैप्टिवड्रीमर को नोटिस जारी करेगी। हालांकि, कंपनी ने यह भी साफ कर दिया कि वह यूआरएल लिंक को नहीं हटा सकती क्योंकि वहां कलाकृतियों की कोई वास्तविक प्रतियां होस्ट नहीं की गई हैं। ये लिंक केवल उन प्रतियों की ओर इशारा करते हैं जिन्हें कलाकारों ने स्वयं कारा पर प्रकाशित किया है। हगिंग फेस ने निष्कर्ष निकाला कि इस आधार पर आगे की कॉपीराइट शिकायतों से यह परिणाम नहीं बदलेगा।\n\n इसके तुरंत बाद 22 अगस्त को तीसरे स्क्रैपर ने कारा से 123,000 छवियां, टेक्स्ट पोस्ट और उपयोगकर्ताओं के बायो का डेटा हासिल कर लिया, जिसमें कई व्यक्तिगत विवरण शामिल थे। इस पूरे डेटासेट को 'एकेडमिक टोरेंटस' नामक साइट पर साझा कर दिया गया। इन लगातार हमलों के बाद झैंग ने कानूनी लड़ाई के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से 'गोफंडमी' अभियान शुरू किया। उन्होंने 120,000 डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा और स्पष्ट किया कि इस राशि का उपयोग साइबर और कॉपीराइट कानूनों के तहत कारा की रक्षा के लिए सभी संभव कानूनी रणनीतियों की खोज में किया जाएगा। अब तक इस अभियान के माध्यम से 100,000 डॉलर से अधिक की राशि जुटाई जा चुकी है और कारा अतिरिक्त कानूनी सहायता की तलाश कर रहा है।\n\n \n\nकलाकारों की चिंता और सुरक्षा को लेकर बनी गलतफहमियां\n\nइन हमलों के बाद कई कलाकारों में घबराहट फैल गई। स्क्रैपिंग के डर से कई उपयोगकर्ताओं ने अपने पोर्टफोलियो को पूरी तरह से डिलीट कर दिया और प्लेटफॉर्म छोड़ दिया। झैंग ने इस स्थिति पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गलतफहमी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कारा की टीम ने ऐप को इस्तेमाल करने योग्य बनाए रखते हुए अपनी सीमाओं के भीतर सभी सही कदम उठाए हैं। सुरक्षा बढ़ाने के लिए अस्थायी रूप से लॉगिन गेट जैसी नई व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, लेकिन झैंग का मानना है कि यह इस वैश्विक समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।\n\n झैंग ने चेतावनी दी कि यदि लोग डरकर कारा छोड़ रहे हैं तो वे यह न समझें कि वे किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगे। इंटरनेट की दुनिया में बड़े प्लेटफॉर्म पर स्क्रैपिंग का खतरा और भी अधिक होता है। उन्होंने कहा कि यदि अपने काम को हटाकर किसी को बेहतर महसूस होता है तो वे उसका समर्थन करती हैं, लेकिन किसी को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि कहीं और उनका डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्क्रैपर्स की नजर हमेशा बनी रहती है और वहां डेटा की कटाई कहीं अधिक बड़े पैमाने पर होती है।\n\n \n\nहैकर से सहयोगी बना 'हेफ्ट': पछतावे से साझेदारी तक\n\nइस पूरे संघर्ष के बीच झैंग को एक अप्रत्याशित सहयोगी मिला। यह वही व्यक्ति था जिसने अगस्त की शुरुआत में 1.2 करोड़ छवियों को स्क्रैप करके इस पूरी उथल-पुथल की शुरुआत की थी। झैंग ने उससे संपर्क किया और बातचीत के बाद उसे अपनी गलती का अहसास कराया। स्क्रैपर ने अंततः अपनी हरकत के लिए माफी मांगी और अपने चुराए गए पूरे डेटासेट को डिलीट कर दिया। झैंग ने बताया कि जब उस व्यक्ति ने देखा कि उसकी इस हरकत से कलाकारों को कितना गहरा आघात पहुंचा है, तो उसे बहुत पछतावा हुआ और उसने प्लेटफॉर्म की मदद करने का फैसला किया।\n\n उत्तर अमेरिका के रहने वाले इस छात्र का सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड है और वह डिजिटल संरक्षण तथा अभिलेखीय (आर्काइवल) परियोजनाओं में रुचि रखता है। ऑनलाइन मिल रही धमकियों और व्यक्तिगत जानकारी लीक (डॉक्सिंग) होने के डर से उसने अपना नाम केवल अपने स्क्रीन नाम 'हेफ्ट' के रूप में उजागर करने का अनुरोध किया। डिस्कॉर्ड पर हुई बातचीत में हेफ्ट ने बताया कि कारा से डेटा स्क्रैप करना शुरू में उसके लिए सिर्फ एक तकनीकी प्रोजेक्ट था। उसका इरादा उस डेटा को सार्वजनिक करने का कभी नहीं था।\n\n हेफ्ट ने स्वीकार किया कि उसने रेडिट पर उस डेटासेट के साथ लोगों को भड़काने (रेजबेट करने) का एक मूर्खतापूर्ण फैसला लिया और कमेंट्स में ट्रोलिंग के दौरान बहक गया। उसने माना कि वह जानता था कि इससे कलाकारों में नाराजगी होगी, लेकिन उसने कम्युनिटी में फैले गहरे दुख और घबराहट का अंदाजा नहीं लगाया था। हेफ्ट ने देखा कि कैसे लोग पैनिक अटैक का सामना कर रहे थे और इंटरनेट से अपने पूरे पोर्टफोलियो को डिलीट कर रहे थे। कलाकारों के साथ सीधी बातचीत के बाद उसे अहसास हुआ कि उनका काम उनके लिए कितना व्यक्तिगत और अनमोल है।\n\n अपनी हरकत पर विचार करते हुए हेफ्ट ने कहा कि जानबूझकर कारा को निशाना बनाना और पोस्ट में उसे जिस तरह से प्रस्तुत किया गया, वह बहुत क्रूर और विचारहीन था। उसने स्वीकार किया कि वह केवल थोड़ा सा गुस्सा भड़काने से परे होने वाले गंभीर परिणामों को समझने में विफल रहा था। हेफ्ट ने यह भी बताया कि हालांकि शुरू में वह यह जानने के लिए उत्सुक था कि क्या इस डेटा का उपयोग एआई प्रशिक्षण के लिए किया जा सकता है, लेकिन बाद में उसे समझ आया कि 1.2 करोड़ छवियां एक बड़े एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए बहुत कम होती हैं। एआई प्रयोगशालाएं आमतौर पर 'लायोन' जैसे खुले डेटा संगठनों से मिलने वाले बड़े पैमाने के वेब स्क्रैप का उपयोग करती हैं। हेफ्ट का मानना है कि ओपनएआई या एंथ्रोपिक जैसी बड़ी कंपनियां हगिंग फेस पर अपलोड किए गए हर नए डेटासेट की जांच नहीं करती हैं।\n\n \n\nओपन-सोर्स टूल 'लैंटर्न': कलाकारों के लिए नई उम्मीद\n\nअपनी सैद्धांतिक मानसिकता से बाहर आने और गलती सुधारने की इच्छा के साथ, हेफ्ट कारा के डिस्कॉर्ड सर्वर से एक ट्रबलशूटर के रूप में जुड़ गया। वह प्लेटफॉर्म की उन तकनीकी कमजोरियों की पहचान कर रहा है जिनके कारण स्क्रैपिंग संभव हुई थी। झैंग ने बताया कि हेफ्ट यह समझाने में समय दे रहा है कि प्लेटफॉर्म में कौन से ढांचागत कमजोर बिंदु मौजूद हैं। जब भी किसी सुरक्षा टूल की बात आती है, तो हेफ्ट तुरंत यह दिखा देता है कि कोई भी हैकर उसे कुछ ही मिनटों में कैसे तोड़ सकता है।\n\n हेफ्ट का मानना है कि दुनिया की किसी भी वेबसाइट को पूरी तरह से 'अभेद्य' या स्क्रैपिंग-मुक्त नहीं बनाया जा सकता है। इसी सोच के साथ झैंग और हेफ्ट ने मिलकर एक ऐसा उपाय खोजने पर काम शुरू किया जो घटना होने के बाद भी प्रभावी साबित हो सके। दोनों की इस साझेदारी से 'लैंटर्न' नामक एक नए ओपन-सोर्स टूल का जन्म हुआ। लैंटर्न कलाकारों को उनकी छवियों के लिए एक 'वन-वे फिंगरप्रिंट' बनाने की सुविधा देता है, जिसके लिए उन छवियों को किसी सर्वर पर स्टोर करने की आवश्यकता नहीं होती है।\n\n लैंटर्न टूल लगातार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नए एआई इमेज डेटासेट्स को स्कैन करता रहता है। यदि किसी कलाकार की फिंगरप्रिंट की गई कृति किसी एआई डेटासेट में पाई जाती है, तो सिस्टम तुरंत कलाकार को एक अलर्ट नोटिफिकेशन और उस डेटासेट का लिंक भेजता है। इसके बाद कलाकार उस डेटासेट से अपनी कलाकृति को हटाने का अनुरोध कर सकता है या कॉपीकैट टेकडाउन नोटिस जमा कर सकता है। हालांकि लैंटर्न एक आदर्श समाधान नहीं है और इसे नियामक शून्यता के बीच तैयार किया गया है, लेकिन यह कलाकारों को एक जागरूकता और नियंत्रण की भावना प्रदान करता है।\n\n चूंकि लैंटर्न एक ओपन-सोर्स टूल है, इसलिए दुनिया भर का कोई भी डेवलपर इसके कोड में योगदान दे सकता है। झैंग को उम्मीद है कि इस पूरी घटना से नीति निर्माताओं का ध्यान केवल कॉपीराइट के मुद्दों से आगे बढ़कर एआई से जुड़े व्यापक खतरों पर जाएगा। झैंग का कहना है कि भविष्य में एआई द्वारा इस तरह के डेटा हमले बहुत आम हो जाएंगे, और अधिकांश मामलों में हमलावर न तो माफी मांगेंगे और न ही स्थिति को सुधारने का प्रयास करेंगे। ऐसे में लैंटर्न जैसे उपकरण कलाकारों के लिए अपनी डिजिटल संपत्ति की रक्षा करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह घटना डिजिटल कलाकारों और ऑनलाइन कंटेंट बनाने वाले लोगों के लिए अपनी रचनाओं की एआई से सुरक्षा करने को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव लाती है।\n\n• डिजिटल कलाकारों के लिए: अब कलाकार लैंटर्न टूल का उपयोग करके यह ट्रैक कर सकेंगे कि उनकी कलाकृतियां किसी सार्वजनिक एआई डेटासेट में शामिल हैं या नहीं। इससे उन्हें अनधिकृत उपयोग का पता चलने पर तुरंत टेकडाउन नोटिस भेजने का मौका मिलेगा।\n\n• ऑनलाइन कंटेंट क्रिएटर्स के लिए: सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया कोई भी सार्वजनिक डेटा एआई स्क्रैपर्स की पहुंच में रहता है। क्रिएटर्स को यह समझना होगा कि केवल प्लेटफॉर्म बदलने से डेटा पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता है।\n\n• एआई डेवलपर्स के लिए: स्क्रैप किए गए डेटा पर कॉपीराइट और नैतिक सवाल अब कानूनी मुकदमों का कारण बन रहे हैं। डेवलपर्स को एआई मॉडल ट्रेनिंग के लिए केवल सहमति प्राप्त डेटा का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।\n\n• सामान्य इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए: अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बायो डेटा को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर साझा करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। डेटा लीक होने की स्थिति में साइबर सुरक्षा और कॉपीराइट कानूनों का सहारा लिया जा सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कारा प्लेटफॉर्म पर क्या घटना हुई थी?\n13 अगस्त से शुरू होकर कारा प्लेटफॉर्म पर तीन बड़े डेटा स्क्रैपिंग हमले हुए, जिनमें 1.2 करोड़ कलाकृतियों का डेटा चुराकर ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया था।\n\n2. पहला डेटा स्क्रैप किसने किया और उसका क्या खर्च आया था?\nमैंडरिनडॉनपॉपी994 नाम के रेडिट यूजर ने 12-टेराबाइट का डेटा स्क्रैप किया था, जिसमें उसका खर्च 10 डॉलर से भी कम आया था।\n\n3. डेटा चुराने वाले हैकर ने बाद में कारा की मदद क्यों की?\nकलाकारों में फैले गहरे दुख और मानसिक तनाव को देखकर हैकर को पछतावा हुआ, जिसके बाद उसने माफी मांगी और संस्थापक झैंग के साथ मिलकर सुरक्षा टूल बनाया।\n\n4. लैंटर्न टूल किस तरह काम करता है?\nलैंटर्न एक ओपन-सोर्स टूल है जो छवियों का वन-वे फिंगरप्रिंट बनाकर नए एआई डेटासेट्स को स्कैन करता है और अनधिकृत इस्तेमाल पाए जाने पर कलाकारों को अलर्ट भेजता है।\n\n5. कारा की संस्थापक झैंग ने कानूनी मदद के लिए क्या कदम उठाया?\nझैंग ने कानूनी लड़ाई के लिए 120,000 डॉलर का लक्ष्य रखकर गोफंडमी अभियान शुरू किया, जिसके तहत 100,000 डॉलर से अधिक जुटाए जा चुके हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\nयह घटना दिखाती है कि कैसे एक बड़ी विपत्ति और गलती को सही दिशा देकर समाज के लिए एक उपयोगी तकनीक में बदला जा सकता है।\n\n• गलती स्वीकारना और सुधार करना: अपनी गलती पर अड़े रहने के बजाय, अपनी भूल को स्वीकार करना और प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आना ही सच्चा पश्चाताप है।\n\n• सहयोग से समाधान की खोज: एक विरोधी के साथ मिलकर काम करना कठिन हो सकता है, लेकिन साझा उद्देश्यों के लिए दुश्मनी को साझेदारी में बदला जा सकता है।\n\n• ओपन-सोर्स की शक्ति: व्यक्तिगत लड़ाई से परे जाकर ओपन-सोर्स टूल विकसित करने से पूरे समुदाय को दीर्घकालिक सुरक्षा और लाभ मिलता है।\n\n• प्रतिकूल परिस्थितियों में लचीलापन: लगातार तीन बड़े हमलों और वित्तीय संकट के बावजूद हार न मानकर कानूनी व तकनीकी रास्ते तलाशना नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।",
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  "category": "एआई",
  "publishedAt": "2026-08-28",
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    "कारा एआई डेटा स्क्रैपिंग",
    "डिजिटल आर्ट सुरक्षा",
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