{
  "type": "article",
  "title": "क्लासरूम में गूगल की एआई नीति पर विवाद के बीच डकडकगो ने स्कूलों के सामने रखा विकल्प",
  "summary": "गूगल द्वारा सर्च और एआई टूल्स को एक साथ जोड़ने के फैसले के बाद डकडकगो शिक्षण संस्थानों को अपने प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी कर रहा है। प्राइवेसी आधारित इस सर्च इंजन का कहना है कि स्कूलों को बिना कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वेब सर्च का अधिकार मिलना चाहिए।",
  "content": "शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे दबदबे के बीच गूगल की एक नई नीति ने विवाद खड़ा कर दिया है, जिसका फायदा उठाने के लिए प्रतिद्वंद्वी सर्च इंजन डकडकगो सामने आ चुका है। असल में गूगल ने स्कूलों को यह विकल्प तो दिया कि वे जेमिनी को बंद कर सकते हैं, लेकिन साथ ही यह शर्त भी रख दी कि यदि वे बाकी एआई सुविधाओं को बंद करते हैं तो उन्हें सामान्य गूगल सर्च से भी हाथ धोना पड़ेगा। इस तकनीकी उलझन ने स्कूलों और शिक्षकों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है, क्योंकि वे सर्च इंजन तो चाहते हैं लेकिन कक्षाओं में एआई की जबरन मौजूदगी का विरोध कर रहे हैं।\n\nशिक्षा क्षेत्र में गूगल का विशाल साम्राज्य\nगूगल पिछले कई वर्षों से दुनिया भर के स्कूलों में बुनियादी डिजिटल ढांचे का मुख्य केंद्र बना हुआ है। कंपनी द्वारा साझा किए गए पुराने आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर छात्रों और शिक्षकों के हाथों में करीब 5 करोड़ क्रोमबुक्स मौजूद हैं। इसके अलावा कंपनी का क्लासरूम प्लेटफॉर्म दुनिया भर में 15 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को अपनी सेवाएं दे रहा है। ऐसे व्यापक नेटवर्क के बीच जब सर्च इंजन की मूल कार्यप्रणाली में बदलाव किया जाता है, तो उसका असर लाखों कक्षाओं पर सीधे तौर पर पड़ता है।\n\n \n\nडकडकगो की खुली पेशकश और तीखा विरोध\nडेटा जुटाने पर सख्त सीमाएं लगाकर उपयोगकर्ता की गोपनीयता की वकालत करने वाले डकडकगो ने इस माहौल को एक बड़े अवसर के रूप में देखा है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ गैब्रिएल वेनबर्ग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि स्कूल किस प्रकार अपने डिफॉल्ट सर्च इंजन को डकडकगो में बदल सकते हैं। उन्होंने इसके लिए कंपनी के ऑनलाइन दस्तावेज का हवाला दिया और शैक्षणिक संस्थानों से मदद के लिए संपर्क करने का आह्वान किया।\n\nइसी बीच कंपनी के मुख्य लोक संपर्क अधिकारी कामिल बाजबाज ने इस नीति पर कड़ा रुख अपनाते हुए X पर लिखा कि स्कूली बच्चों पर जबरन तकनीक थोपना एक एकाधिकारवादी सोच को दर्शाता है। डकडकगो ने स्पष्ट किया कि यदि गूगल वास्तव में चाहे तो वह स्कूलों के लिए सर्च परिणामों में से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मॉड्यूल को आसानी से अलग कर सकता है।\n\nकक्षाओं में नई तकनीक और जनविरोध का दौर\nयह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सामान्य नागरिक अपने दैनिक जीवन में आधुनिक तकनीकों के दखल को लेकर सजग हो रहे हैं। हालिया मंगलवार की रात संपन्न हुए चुनावों के रुझानों से यह संकेत मिला कि लोग अपने रिहायशी कस्बों में विशाल डेटा सेंटर स्थापित किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। कार्यस्थलों और स्कूलों में आधुनिक टूल्स का प्रसार जरूर बढ़ा है, परंतु शिक्षकों की चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।\n\nशिक्षकों की समस्याओं को देखते हुए गूगल ने गाइडेड लर्निंग नामक एक प्रणाली तैयार की थी, जिसका उद्देश्य केवल सीधे उत्तर परोसने के बजाय छात्रों को समाधान की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाना था। इसके बावजूद कई शिक्षक ऐसे विकल्प की मांग कर रहे हैं जिससे पूरी सीखने की प्रक्रिया से एआई को पूरी तरह बाहर रखा जा सके। बढ़ते दबाव के बाद गूगल ने सफाई पेश करते हुए दावा किया कि वह स्कूलों की प्रतिक्रिया के आधार पर कदम उठा रहा है। कंपनी ने कहा कि जेमिनी, जेमिनी नोटबुक और सर्च डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहेंगे और स्कूल चाहें तो उन्हें अपनी मर्जी से अलग-अलग सक्रिय कर सकेंगे। हालांकि सर्च के भीतर एआई ओवरव्यूज और संवादात्मक मोड पूरी तरह से जुड़े होने के कारण समस्या बनी हुई है।\n\n \n\nएआई नियंत्रण और विकल्पों की उपलब्धता\nडकडकगो कृत्रिम बुद्धिमत्ता का पूर्ण विरोधी नहीं है, बल्कि उसके पास डक.एआई नामक चैट इंटरफेस और सहायक जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। अंतर यह है कि यह सर्च और ब्राउज़र दोनों सेटिंग्स में इन फीचर्स को पूरी तरह बंद करने की आजादी देता है। कंपनी ने noai.duckduckgo.com नाम से एक अलग वेब पोर्टल भी शुरू किया है, जहां एआई से जुड़े उत्तर, जनरेटेड तस्वीरें और सुझाव पूरी तरह बंद रहते हैं। इस लचीलेपन के कारण उपयोगकर्ताओं का रुझान इसकी ओर बढ़ रहा है और इस वर्ष की शुरुआत में इसके ऐप इंस्टॉलेशन में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी।\n\nइसका आप पर असर\nकक्षाओं में सर्च इंजन और एआई के एक साथ जुड़ने से स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों पर सीधा असर पड़ेगा।\n\n• स्कूलों और शिक्षकों के लिए: स्कूल प्रशासन को अब यह तय करना होगा कि वे गूगल के एआई फीचर्स को अपनाएं या पूरी तरह डकडकगो जैसे वैकल्पिक प्राइवेसी सर्च इंजनों पर शिफ्ट हों। यदि वे गूगल सर्च चालू रखते हैं तो छात्रों को एआई ओवरव्यूज से बचाना संभव नहीं होगा, जिससे होमवर्क और मौलिक सोच पर असर पड़ सकता है।\n• छात्रों की शिक्षा पर: विद्यार्थियों को खोज परिणामों में सीधे तैयार उत्तर मिलने से उनकी स्वयं शोध करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। वैकल्पिक टूल्स लागू होने पर छात्र बिना किसी एआई हस्तक्षेप के इंटरनेट पर सुरक्षित और पारंपरिक रूप से जानकारी जुटा सकेंगे।\n• डेटा प्राइवेसी के स्तर पर: स्कूलों में प्राइवेसी आधारित विकल्पों के चयन से बच्चों का व्यक्तिगत डेटा और सर्च इतिहास एकत्रित होने से बचेगा। डकडकगो का उपयोग करने पर शैक्षणिक संस्थानों को व्यावसायिक ट्रैकिंग से मुक्ति मिल सकेगी।\n• आईटी प्रशासकों के प्रबंधन में: स्कूलों के नेटवर्क मैनेजरों को सभी सिस्टम्स और क्रोमबुक्स पर डिफॉल्ट सर्च सेटिंग्स बदलने के तकनीकी निर्णय लेने होंगे। कंपनी द्वारा जारी किए गए निर्देशों और नो-एआई पोर्टल्स के जरिए यह बदलाव तुरंत लागू किया जा सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nगूगल द्वारा अपने सर्च इंजन में एआई को अनिवार्य रूप से जोड़ने और स्कूलों द्वारा इसका विरोध किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।\n\n• सर्च और एआई का एकीकरण: गूगल ने अपने सर्च इंजन को आधुनिक बनाने के लिए एआई ओवरव्यूज को मुख्य परिणामों का हिस्सा बना दिया। इसके चलते स्कूलों को साधारण सर्च चालू रखने पर भी इन जनरेटिव टूल्स को स्वीकार करने के लिए विवश होना पड़ा।\n• शिक्षकों की चिंताएं: शिक्षक और शिक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं कि छात्रों की सीखने की प्रक्रिया में एआई का दखल न हो। उनका मानना है कि तैयार उत्तर मिलने से छात्रों का बौद्धिक विकास और समस्या सुलझाने का कौशल प्रभावित होता है।\n• गूगल की शर्तों पर प्रतिक्रिया: जब गूगल ने घोषणा की कि अन्य एआई फीचर्स बंद करने का मतलब गूगल सर्च का बंद होना भी होगा, तो स्कूलों में भारी नाराजगी फैल गई। इस असंतोष को देखते हुए डकडकगो ने खुद को एक सुरक्षित और स्वतंत्र विकल्प के तौर पर प्रस्तुत किया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. विवाद की मुख्य वजह क्या है?\nगूगल ने स्कूलों से कहा कि वे जेमिनी बंद कर सकते हैं, लेकिन अन्य एआई फीचर्स हटाने पर उन्हें गूगल सर्च भी गंवाना पड़ेगा।\n\n2. डकडकगो स्कूलों को क्या विकल्प दे रहा है?\nडकडकगो स्कूलों को अपना डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन बदलने की सुविधा दे रहा है, जहां एआई फीचर्स को पूरी तरह बंद किया जा सकता है।\n\n3. शिक्षा जगत में गूगल की पहुंच कितनी बड़ी है?\nस्कूलों में करीब 5 करोड़ क्रोमबुक्स उपयोग में हैं और गूगल क्लासरूम के 15 करोड़ से अधिक वैश्विक यूजर्स हैं।\n\n4. क्या डकडकगो पूरी तरह से एआई का विरोध करता है?\nनहीं, डकडकगो डक.एआई जैसे फीचर्स देता है, लेकिन वह यूजर्स को इन्हें अपनी मर्जी से बंद करने का पूरा नियंत्रण भी प्रदान करता है।\n\n5. noai.duckduckgo.com क्या है?\nयह डकडकगो का एक विशेष पोर्टल है जहां एआई से जुड़े सभी उत्तर, जनरेटेड तस्वीरें और सुझाव पूरी तरह बंद रहते हैं।",
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  "publishedAt": "2026-11-04",
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