गूगल ने क्रूसो का व्योमिंग डेटा सेंटर प्रोजेक्ट खरीदा, अरबों का निवेश डेटा सेंटर डेवलपर क्रूसो ने व्योमिंग में अपना अधूरा प्रोजेक्ट गूगल को बेच दिया है। गूगल अब इस कैंपस को विकसित करने के लिए 17 अरब डॉलर का निवेश करेगा। डेटा सेंटर निर्माण के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी क्रूसो ने व्योमिंग के दक्षिण-पूर्व में स्थित अपने एक अधूरे डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को टेक दिग्गज गूगल को सौंप दिया है। इस आठ साल पुरानी और डेनवर आधारित कंपनी का मूल्यांकन हाल ही में 30.9 अरब डॉलर आंका गया था। इस सौदे की पुष्टि शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर की गई, जिसके तहत गूगल इस अटके हुए प्रोजेक्ट की कमान अपने हाथ में ले रहा है। प्रोजेक्ट की चुनौतियां और गूगल का प्रवेश शुरुआत में क्रूसो इस प्रोजेक्ट के लिए गूगल को ही एक ग्राहक के रूप में जोड़ना चाहता था, लेकिन तब बात नहीं बन पाई थी। अब प्रबंधन के अधीन निर्माण कार्य की समयसीमा और लागत को लेकर चिंताएं सामने आने के बाद गूगल ने इस विकास कार्य को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है। क्रूसो ने पिछले साल ब्लैकस्टोन समर्थित इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी टैलग्रास के साथ मिलकर इस परियोजना की घोषणा की थी, जिसकी योजना भविष्य में इसे 10 गीगावॉट तक की बिजली क्षमता तक ले जाने की थी। हालांकि गूगल ने यह नहीं बताया कि उसने इस अधूरे प्रोजेक्ट के लिए क्रूसो को कितनी रकम दी है, लेकिन उसने इस डेटा सेंटर कैंपस को पूरी तरह विकसित करने के लिए 17 अरब डॉलर का निवेश करने का ऐलान किया है। स्वतंत्र डेवलपर्स के सामने आने वाली मुश्किलें यह पूरा सौदा इस बात को उजागर करता है कि स्वतंत्र डेटा सेंटर डेवलपर्स के लिए तय बजट और समय सीमा के भीतर विशाल परियोजनाओं को पूरा करना कितना कठिन हो सकता है। इसके अलावा आवश्यक उपकरणों और पर्याप्त बिजली आपूर्ति हासिल करने की चुनौतियों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों का बढ़ता विरोध भी ऐसी परियोजनाओं को और अधिक जटिल बना देता है। व्योमिंग की इस सुविधा को गूगल द्वारा अपने हाथ में लेने के बावजूद, दोनों कंपनियों के बीच का व्यावसायिक रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। क्रूसो अभी भी टेक्सास के एमरिलो के पास गूगल के लिए एक अन्य डेटा सेंटर विकसित करने का काम कर रहा है। फंडिंग और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स गूगल द्वारा इस साइट को अपने कब्जे में लेने की खबर सबसे पहले जून में सामने आई थी, लेकिन इस झटके के बावजूद क्रूसो ने सितंबर में 3.9 अरब डॉलर का एक बड़ा फंडिंग दौर हासिल करने में सफलता प्राप्त की। कंपनी मुख्य तौर पर ग्राहकों को डेटा सेंटर स्पेस किराए पर देकर, अपने खुद के जीपीयू किराए पर देकर और एआई मॉडल चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली कंप्यूटिंग पावर बेचकर कमाई करती है। दिग्गज कंपनियों के साथ क्रूसो के करार क्रूसो की सबसे बड़ी परियोजनाएं कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दुनिया की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों से जुड़ी हुई हैं। टेक्सास के एबिलीन में उसका कैंपस ओरेकल और ओपनएआई के लिए चरणों में तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के लिए भी बगल में एक अलग 900-मेगावाट कैंपस का निर्माण कर रही है, जिसका पहला भवन वर्ष 2027 के मध्य तक चालू होने की उम्मीद है। मेटा भी इसका एक ग्राहक है और ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ने भी क्रूसो के साथ लगभग 13 अरब डॉलर का पांच साल का क्लाउड सौदा किया है। कंपनी की शुरुआत और नेतृत्व क्रूसो की स्थापना चेस लोचमिलर ने की थी जो अब इसके सीईओ हैं, और कली कैवनेस ने मिलकर की थी। शुरुआत में इसे प्राकृतिक गैस से संचालित होने वाले क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग बिजनेस के रूप में शुरू किया गया था। सितंबर में अपने फंडिंग दौर के साथ कंपनी ने तीन नए बोर्ड मेंबर जोड़े, जिनमें रेडवुड मैटेरियल्स के संस्थापक और टेस्ला के बोर्ड मेंबर जेबी स्ट्रॉबेल भी शामिल हैं जिन्होंने साल 2021 में क्रूसो में निवेश किया था। बाद में क्रूसो स्ट्रॉबेल के ऊर्जा-संग्रह व्यवसाय का पहला ग्राहक भी बना था। इसका आप पर असर यह सौदा वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर और क्लाउड कंप्यूटिंग बाजार की बढ़ती मांग और तकनीकी बुनियादी ढांचे के विकास की लागत को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। • वैश्विक असर: इस बड़े बदलाव से एआई और क्लाउड सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी आ सकती है। गूगल द्वारा भारी निवेश किए जाने से तकनीकी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और मजबूत होगी। • लागत और समयसीमा: स्वतंत्र डेवलपर्स के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में आ रही वित्तीय और ढांचागत बाधाएं उजागर हुई हैं। इससे भविष्य के समझौतों में बड़ी टेक कंपनियों की सीधी निगरानी बढ़ सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह अधिग्रहण क्रूसो के व्योमिंग प्रोजेक्ट में लागत बढ़ने और समयसीमा प्रभावित होने के कारण हुआ। गूगल इस परियोजना के प्रबंधन से संतुष्ट नहीं था और उसने स्वयं इस कैंपस को विकसित करने का निर्णय लिया। • प्रबंधन चिंताएं: गूगल ने निर्माण लागत और प्रोजेक्ट की गति को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद उसे सीधे तौर पर कमान संभालनी पड़ी। • बुनियादी ढांचे की कमी: स्वतंत्र डेवलपर्स को भारी मात्रा में बिजली और उपकरण जुटाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। • साझेदारी का बदलाव: पहले क्रूसो इस प्रोजेक्ट में गूगल को ग्राहक बनाना चाहता था, लेकिन विफल रहने पर अंततः साइट गूगल को ही बेचनी पड़ी। सवाल-जवाब 1. गूगल ने क्रूसो का कौन सा प्रोजेक्ट खरीदा है? गूगल ने क्रूसो का दक्षिण-पूर्व व्योमिंग में स्थित एक अधूरा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट खरीदा है। 2. गूगल इस प्रोजेक्ट पर कितना निवेश करेगा? गूगल ने इस डेटा सेंटर कैंपस को विकसित करने के लिए 17 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है। 3. क्रूसो का मूल्यांकन कितना है? क्रूसो का मूल्यांकन हाल ही में 30.9 अरब डॉलर आंका गया था। 4. क्रूसो के वर्तमान सीईओ कौन हैं? चेस लोचमिलर क्रूसो के वर्तमान सीईओ हैं। 5. क्या गूगल और क्रूसो के बीच अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है? हां, क्रूसो अभी भी टेक्सास के एमरिलो के पास गूगल के लिए एक अन्य डेटा सेंटर विकसित कर रहा है। https://trendkia.com/ai/google-takes-over-troubled-wyoming-data-center-project-from-crusoe-57370 TrendKia — Har trend, sabse pehle.