# इंडिया एआई मिशन के तहत 543 नई एआई लैब खोल रही सरकार, 62 मंत्रालयों में 762 कार्यों को संभालेगी तकनीक

> इंडिया एआई मिशन के तहत देश भर के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 543 डेटा और एआई लैब स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही 58 एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मंजूरी दी गई है, जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति आएगी।

**Type:** article · **Category:** एआई · **Published:** 2026-07-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/ai/india-ai-mission-ke-tahata-543-nai-eai-laiba-khola-rahi-sarakara-62-mntralayon-men-762-karyon-ko-snbhalegi-takanika-11863 · **Language:** Hindi
**Tags:** इंडिया एआई मिशन, एआई लैब, जितिन प्रसाद, टियर-2 शहर, यूपीएससी परीक्षा, पीएम जन आरोग्य योजना, डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन, तकनीक

देशभर में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने और आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को आसान करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार ने 58 एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न क्षेत्रों में 543 डेटा और एआई लैब भी तैयार की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं का मुख्य केंद्र टियर-2 और टियर-3 शहर होंगे, जहां आईटीआई तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के भीतर इन्हें स्थापित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से छोटे शहरों और कस्बों में पढ़ने वाले युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विज्ञान जैसे आधुनिक तकनीकी विषयों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करने का सीधा अवसर मिलेगा। विभिन्न सरकारी कामकाजों में सुगमता लाने के लिए अब तक 62 मंत्रालयों की ओर से 762 विशिष्ट कार्यों का चयन किया गया है, जहां एआई आधारित तकनीकी समाधान लागू किए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था से न केवल प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ेगी बल्कि प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

## प्रतियोगी परीक्षाओं, साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी बदलाव
सरकारी कामकाज में तकनीक का समावेश करते हुए एआई का कार्यक्षेत्र काफी व्यापक बनाया जा रहा है। देश की सबसे प्रमुख परीक्षाओं में शामिल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े को रोकने के उद्देश्य से एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत अभ्यर्थियों के सत्यापन के लिए फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी एआई को एकीकृत किया जा रहा है। यह प्रणाली साइबर अपराध से जुड़ी प्राप्त शिकायतों की त्वरित पहचान करेगी और उनका सटीक तकनीकी विश्लेषण प्रस्तुत करेगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर एआई आधारित सुधारों की रूपरेखा तैयार की गई है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत दावों के तेजी से निपटारे में एआई की सहायता ली जाएगी। इसके अलावा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआती जांच और उसके प्रभावी इलाज में भी एआई तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है।

## छोटे शहरों में कौशल विकास, फेलोशिप और अनुसंधान को प्रोत्साहन
इंडिया एआई मिशन की सबसे बड़ी प्राथमिकता देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में निवास करने वाले युवाओं को भविष्य की तकनीकों से लैस करना है। इन छोटे शहरों के शिक्षण संस्थानों में लैब की स्थापना होने से स्थानीय स्तर पर ही युवाओं को नई तकनीकों के व्यावहारिक ज्ञान का अनुभव मिल सकेगा। इस क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में कदम उठाते हुए 178 प्रतिष्ठित संस्थानों के 686 विद्यार्थियों को फेलोशिप प्रदान की गई है। इसके साथ ही सरकार देश में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए स्टार्टअप्स और अनुसंधान निकायों को निरंतर सहयोग दे रही है। स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने के लिए इन संगठनों को व्यापक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस निवेश और तकनीकी ढांचे के निर्माण से देश के भीतर उच्च कौशल वाले रोजगार के अनेक नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

## डिजिटल प्राइवेसी, डेटा सुरक्षा और सुरक्षा संस्थान की स्थापना
प्रशासनिक और नागरिक सेवाओं में एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आम नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इसके साथ ही एआई प्रणालियों के सुरक्षित संचालन और उनसे जुड़े संभावित जोखिमों की निरंतर निगरानी करने के लिए इंडिया एआई सेफ्टी इंस्टिट्यूट का गठन किया जा रहा है। यह संस्थान एआई तकनीकों के नियमन और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन करेगा। इस पूरी योजना पर संसद में जानकारी देते हुए राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप एआई तकनीक का लाभ देश के हर नागरिक तक पहुंचाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** सरकारी सेवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा साइबर अपराधों के निपटारे में तेजी आएगी।

**टियर-2 और टियर-3 शहरों में:** आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्रों को अपने ही शहर में एआई और डेटा साइंस की आधुनिक ट्रेनिंग व रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. इंडिया एआई मिशन के तहत कितनी नई लैब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं?
मिशन के तहत 543 डेटा और एआई लैब तथा 58 एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।

### 2. छोटे शहरों के छात्रों को इस योजना से क्या फायदा होगा?
टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं को आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में एआई और डेटा साइंस जैसी नई तकनीकों की बेहतरीन ट्रेनिंग मिलेगी।

### 3. सरकारी विभागों में एआई तकनीक का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा?
62 मंत्रालयों ने एआई के उपयोग के लिए 762 अलग-अलग कामों की पहचान की है, जिनसे काम में तेजी और पारदर्शिता लाई जाएगी।

### 4. यूपीएससी परीक्षा और साइबर सुरक्षा में एआई का क्या रोल होगा?
यूपीएससी परीक्षा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू होगा, जबकि राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर एआई शिकायतों का सटीक विश्लेषण करेगा।

### 5. एआई के इस्तेमाल के दौरान नागरिकों का डेटा और प्राइवेसी कैसे सुरक्षित रहेगी?
सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया है और एआई जोखिमों की निगरानी के लिए इंडिया एआई सेफ्टी इंस्टिट्यूट का गठन किया जा रहा है।

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