# इंसानों जैसी AI अब बस कुछ साल दूर, डेमिस हसाबिस बोले, यह आग और बिजली की खोज जैसा बदलाव लाएगी

> गूगल डीपमाइंड के प्रमुख डेमिस हसाबिस का दावा है कि इंसानों जैसी सोचने वाली AI इस दशक के खत्म होने से पहले आ जाएगी, और इसका असर इंटरनेट या मोबाइल से कहीं ज्यादा, आग और बिजली की खोज जैसा होगा। साथ ही उन्होंने इसके खतरों को लेकर कड़े नियमों की भी मांग की है।

**Type:** article · **Category:** एआई · **Published:** 2026-07-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/ai/insanon-jaisi-ai-aba-basa-kuchha-sala-dura-demis-hassabis-bole-yaha-aga-aura-bijali-ki-khoja-jaisa-badalava-laegi-7739 · **Language:** Hindi
**Tags:** डेमिस हसाबिस, गूगल डीपमाइंड, AGI, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI सुरक्षा, डारियो अमोडेई, AI नियमन

इंसानों जैसी सोचने और काम करने वाली AI अब शायद कुछ ही साल दूर है, और जब यह आएगी तो दुनिया पर इसका असर इंटरनेट या स्मार्टफोन जैसा नहीं, बल्कि आग पर काबू पाने या बिजली की खोज जैसा होगा। यह बात गूगल डीपमाइंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेमिस हसाबिस ने इस हफ्ते कही। इस साल यह दूसरी बार है जब उन्होंने खुलेआम यह भविष्यवाणी की है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) इसी दशक के खत्म होने से पहले आ जाएगी। लेकिन इस बार उनका दावा और भी बड़ा है, क्योंकि वे इसे किसी नए प्रोडक्ट या तकनीक भर की तरह नहीं, बल्कि पूरी मानव सभ्यता का रुख बदलने वाले पल के तौर पर देख रहे हैं।

मंगलवार को एक्स पर लिखे एक ब्लॉग पोस्ट में हसाबिस ने कहा कि AGI "शायद बस कुछ ही सालों की दूरी पर है", और यह ऐसी तकनीक है जो पूरी इंसानी सभ्यता को नए सिरे से गढ़ सकती है।

> "आने वाले दशकों में जब हम इस दौर को पीछे मुड़कर देखेंगे, तो मुझे लगता है हमें एहसास होगा कि हम सिंगुलैरिटी की तलहटी में खड़े थे, यह मानवता के लिए एक नए युग की शुरुआत से कम कुछ नहीं है।"

## इंटरनेट नहीं, बिजली और आग जैसा असर
हसाबिस के मुताबिक AGI वह मुकाम है जहां कंप्यूटर तमाम तरह के काम इंसानों जितनी अच्छी तरह, या उनसे भी बेहतर, समझ सकेंगे, सीख सकेंगे और कर सकेंगे। उनका कहना है कि इसकी तुलना इंटरनेट या मोबाइल कंप्यूटिंग जैसी तरक्की से नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि इसका असर उन सबसे कहीं ज्यादा गहरा हो सकता है।

> "यह तो कहीं ज्यादा बिजली या आग की खोज जैसा है। अगर आप रुककर सोचें, तो हमने असल में रेत को सोचना सिखाने का तरीका खोज निकाला है। यह किसी चमत्कार से कम नहीं।"

## उम्मीद के साथ खतरे की चेतावनी भी
इतने सकारात्मक नजरिए के बावजूद हसाबिस ने आगाह भी किया कि AI की ताकत जिस रफ्तार से बढ़ रही है, समाज उसके खतरों को समझने और संभालने में उतनी तेजी नहीं दिखा पा रहा। उन्होंने बताया कि आज के सबसे उन्नत मॉडलों के साथ ही साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरे मौजूद हैं, और आने वाले सिस्टम जैविक, परमाणु और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दूसरे खतरे भी खड़े कर सकते हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि जैसे-जैसे AI ज्यादा स्वायत्त होती जाएगी और खुद को बेहतर बनाने के काबिल होगी, इंसानों का नियंत्रण बनाए रखने के लिए और मजबूत तकनीकी सुरक्षा उपायों की जरूरत पड़ेगी।

> "आगे चलकर हमें ऐसे मजबूत सुरक्षा उपायों की जरूरत होगी जो लगातार ज्यादा स्वायत्त और खुद को बार-बार बेहतर बनाने वाले सिस्टम पर काबू बनाए रख सकें, और उन अनजान दिक्कतों से निपट सकें जो समय के साथ ही साफ होंगी।"

## बाकी दिग्गज भी दे चुके हैं ऐसी चेतावनी
यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब चैटजीपीटी के 2022 में आम लोगों के लिए लॉन्च होने के बाद के पिछले साल में AI क्षेत्र के कई बड़े नाम आगाह करते रहे हैं कि AGI उम्मीद से पहले आ सकती है। जनवरी 2026 में एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने कहा था कि इंसानों जितनी समझ वाली AI एक से पांच साल के भीतर सामने आ सकती है, और उन्होंने चेताया था कि सरकारें इसकी रफ्तार को कम आंक रही हैं। इसके बाद जून में हसाबिस ने भविष्यवाणी की थी कि AGI साल 2030 तक आ जाएगी और समाज के पास तैयारी के लिए "ज्यादा वक्त नहीं" है।

## FINRA की तर्ज पर नई निगरानी संस्था का प्रस्ताव
इन्हीं चिंताओं से निपटने के लिए हसाबिस ने अमेरिका में एक "फ्रंटियर AI स्टैंडर्ड्स बॉडी" बनाने का सुझाव दिया है, जिसका ढांचा फाइनेंशियल इंडस्ट्री रेगुलेटरी अथॉरिटी (FINRA) जैसा हो। FINRA एक निजी संस्था है जो अमेरिका की ब्रोकरेज कंपनियों पर नजर रखती है। हसाबिस के प्रस्ताव के मुताबिक यह सरकारी निगरानी में चलने वाली सार्वजनिक-निजी साझेदारी होगी, जिसका खर्च मुख्य रूप से AI उद्योग उठाएगा, और इसमें स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ तथा ओपन-सोर्स समुदाय के प्रतिनिधि रखे जाएंगे, जो सबसे उन्नत AI मॉडलों की जांच करेंगे।

> "AI में हम जो तेज तरक्की देख रहे हैं, उसके लिए सबसे उन्नत AI मॉडलों की क्षमताओं को परखने का एक नया तरीका चाहिए, जो गतिशील, लचीला और सख्त हो। अमेरिका अपनी आर्थिक और तकनीकी हैसियत की वजह से ऐसा ढांचा तैयार करने की दिशा में पहला कदम उठाने के लिए बेहतरीन स्थिति में है।"
यह प्रस्ताव उद्योग के दूसरे नामी लोगों की उन्हीं मांगों की कतार में है, जो उन्नत AI पर निगरानी बिठाने की बात करते रहे हैं। मई 2023 में अमेरिकी सीनेट की न्यायिक समिति के सामने एक सुनवाई के दौरान ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने मांग की थी कि शक्तिशाली AI सिस्टम को लाइसेंस देने के लिए एक संघीय एजेंसी बने और उनकी स्वतंत्र सुरक्षा जांच अनिवार्य हो। इससे भी हाल में, पिछले महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए, जिसके तहत उन्नत AI मॉडलों को बाजार में उतारने से पहले उनकी समीक्षा के लिए एक स्वैच्छिक ढांचा बनाया गया। उसी महीने डारियो अमोडेई ने आगाह किया था कि AI बहुत ज्यादा ताकतवर होती जा रही है और इसके लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) जैसे सुरक्षा नियमों की जरूरत है।

## "वक्त की खिड़की बहुत छोटी है"
AI के विकास पर लगाम लगाने की इन तमाम कोशिशों के बावजूद हसाबिस का कहना है कि AGI के आने से पहले साझा मानक तय करने के लिए दुनिया के पास बहुत सीमित समय बचा है।

> "भविष्य अभी लिखा नहीं गया है, AGI के आने से पहले इस अनमोल खिड़की का इस्तेमाल हमें इस तकनीक को पूरी मानवता की भलाई के लिए गढ़ने में करना होगा। हम आज मिलकर जो करेंगे, वही तय करेगा कि सभ्यता का अगला दौर कैसा होगा। AGI को सुरक्षित तरीके से दुनिया में लाकर हम वैज्ञानिक खोज और तरक्की के एक नए सुनहरे दौर में दाखिल हो सकते हैं, और इंसानी उन्नति का एक उज्ज्वल भविष्य ला सकते हैं।"

## इसका आप पर असर
- **आम पाठकों के लिए:** अगर हसाबिस सही हैं तो इंसानों जैसी सोचने वाली AI इसी दशक में आपके काम, पढ़ाई और रोजमर्रा के फैसलों को उतना ही बदल सकती है जितना बिजली और इंटरनेट ने बदला था।
- **सुरक्षा और भरोसे पर:** उन्नत AI मॉडलों के साथ साइबर हमलों समेत जैविक और परमाणु खतरों की आशंका जताई गई है, इसलिए इन पर सख्त निगरानी और नियम सीधे आम लोगों की डिजिटल सुरक्षा से जुड़े हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. डेमिस हसाबिस कौन हैं?
वे गूगल डीपमाइंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं।

### 2. उन्होंने AGI के बारे में क्या भविष्यवाणी की है?
उनका कहना है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस इसी दशक के खत्म होने से पहले, यानी शायद कुछ ही सालों में आ सकती है।

### 3. उन्होंने AGI की तुलना किससे की?
उन्होंने कहा कि इसका असर इंटरनेट या मोबाइल कंप्यूटिंग से नहीं, बल्कि आग और बिजली की खोज जैसा होगा।

### 4. AGI का मतलब क्या है?
यह वह मुकाम है जहां कंप्यूटर तमाम तरह के काम इंसानों जितनी अच्छी तरह या उनसे बेहतर समझ, सीख और कर सकेंगे।

### 5. हसाबिस ने किन खतरों की चेतावनी दी है?
उन्होंने आज के मॉडलों के साथ साइबर सुरक्षा खतरों और आने वाले सिस्टम के जैविक, परमाणु व राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों को लेकर आगाह किया है।

### 6. उन्होंने निगरानी के लिए क्या सुझाव दिया?
उन्होंने अमेरिका में FINRA की तर्ज पर एक फ्रंटियर AI स्टैंडर्ड्स बॉडी बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसका खर्च मुख्य रूप से AI उद्योग उठाएगा।

### 7. डारियो अमोडेई ने क्या कहा था?
जनवरी 2026 में उन्होंने कहा था कि इंसानों जितनी समझ वाली AI एक से पांच साल में आ सकती है और सरकारें इसकी रफ्तार को कम आंक रही हैं।

### 8. डोनाल्ड ट्रंप ने AI पर क्या कदम उठाया?
पिछले महीने उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए, जिसके तहत उन्नत AI मॉडलों को उतारने से पहले उनकी समीक्षा के लिए एक स्वैच्छिक ढांचा बनाया गया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._