मेम्फिस कोलोसस डेटा सेंटर प्रदूषण मामले में एक्सएआई को झटका, अदालत ने खारिज की याचिका खारिज करने की अर्जी एक संघीय न्यायाधीश ने मेम्फिस के पास कोलोसस डेटा सेंटर चलाने वाली एक्सएआई की याचिका को खारिज करते हुए एनएएसीपी द्वारा दायर वायु प्रदूषण मुकदमे को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। मेम्फिस के बाहर स्थित अपने कोलोसस डेटा सेंटर को ऊर्जा देने के लिए बिना परमिट के गैस टर्बाइन चलाने के आरोपों का सामना कर रही स्पेसएक्स की सहायक कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी एक्सएआई को अदालत से बड़ा कानूनी झटका लगा है। एक संघीय न्यायाधीश ने एनएएसीपी द्वारा दायर किए गए उस मुकदमे को खारिज करने की एक्सएआई की याचिका नामंजूर कर दी है, जिसमें कंपनी पर आवश्यक पर्यावरण मंजूरी हासिल किए बिना गैस टर्बाइन चलाने का आरोप लगाया गया है। क्लीन एयर एक्ट के उल्लंघन का आरोप एनएएसीपी की ओर से दक्षिणी पर्यावरण विधि केंद्र ने यह कानूनी चुनौती पेश की है। कानूनी शिकायत में कहा गया है कि इस एआई उद्यम ने कोलोसस परिसर में निर्माण पूर्व या परिचालन संबंधी अनिवार्य वायु परमिट प्राप्त किए बिना कम से कम 35 दहन टर्बाइन और वायु प्रदूषण के अन्य स्रोत स्थापित और संचालित किए हैं। याचिकाकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि बिना किसी नियामक अनुमति के इस तरह टर्बाइन चलाना सीधे तौर पर अमेरिका के स्वच्छ वायु कानून यानी क्लीन एयर एक्ट का खुला उल्लंघन है। एक्सएआई की दलीलों को अदालत ने नकारा मुकदमे से बचने के लिए एक्सएआई ने अदालत में दलील दी थी कि ये टर्बाइन मोबाइल यानी गतिशील हैं, इसलिए इन्हें अनुमति की कानूनी बाध्यता से छूट प्राप्त होनी चाहिए। इसके साथ ही प्रौद्योगिकी कंपनी ने यह रुख भी अपनाया कि याचिकाकर्ताओं के पास अदालत का दरवाजा खटखटाने का कानूनी अधिकार नहीं है और नागरिकों द्वारा ऐसे मुकदमे दायर करना असंवैधानिक है। इन तर्कों को पूरी तरह खारिज करते हुए न्यायाधीश डेब्रा एम ब्राउन ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि क्लीन एयर एक्ट के तहत याचिकाकर्ताओं को मुकदमा दायर करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने व्यवस्था दी कि मिसिसिपी के राज्य कार्यान्वयन योजना के तहत ये दहन टर्बाइन मोबाइल स्रोत की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसके अलावा नागरिक मुकदमा प्रावधान अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद 2 या निजी गैर-प्रतिनिधि सिद्धांत का उल्लंघन नहीं करता है, इसलिए यह मामला कानूनी रूप से आगे बढ़ेगा। नागरिक मुकदमों की वैधता पर उठाई गई आपत्तियों का उत्तर देते हुए न्यायाधीश ब्राउन ने रेखांकित किया कि ऐसे वादी अपनी ओर से तथा अपने नाम पर अदालत में आते हैं और अपने नुकसान की भरपाई चाहते हैं, इसलिए वे संघीय सरकार की कार्यकारी शक्ति का उपयोग नहीं कर रहे होते हैं। प्रदूषण के खिलाफ कानूनी लड़ाई में अहम पड़ाव एनएएसीपी के पर्यावरण और जलवायु न्याय निदेशक अब्रे कॉनर ने इस न्यायिक फैसले को एक्सएआई की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है। इससे पहले न्याय विभाग की ओर से इसी तरह की अर्जी लगाई गई थी, जिसे इसी महीने की शुरुआत में खारिज कर दिया गया था। अदालती आदेश पर टिप्पणी करते हुए अब्रे कॉनर ने कहा कि अदालतों ने एनएएसीपी के क्लीन एयर एक्ट मामले को खारिज करने के एक्सएआई और न्याय विभाग के प्रयासों को बार-बार नकारा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक्सएआई आवश्यक अनुमति लिए बिना गैस टर्बाइनों का संचालन नहीं कर सकती है। डेटा केंद्रों के विस्तार पर बढ़ता सार्वजनिक विरोध यह अदालती घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब डेटा केंद्रों के अनियंत्रित विस्तार को लेकर जनभावनाएं तेजी से बदल रही हैं। न्यू यॉर्क ने हाल ही में सभी नए डेटा केंद्रों के निर्माण पर रोक लगाने का फैसला किया है, जबकि कई अन्य राज्य तथा स्थानीय प्रशासन भी इसी प्रकार की पाबंदियों पर विचार कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पैदा हो रहे इस भारी विरोध और चिंताओं को देखते हुए अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी तकनीकी दिग्गज कंपनियों ने भी सरकारी एजेंसियों के साथ अपने समझौतों में गोपनीयता समझौतों यानी एनडीए का उपयोग बंद करने का संकल्प लिया है। भारी बिजली और प्रदूषण से जुड़ी यह बहस आने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में भी एक अहम चुनावी मुद्दा बन सकती है। इसका आप पर असर डेटा केंद्रों के प्रदूषण और अत्यधिक बिजली खपत को लेकर सख्त कानूनी और प्रशासनिक निगरानी बढ़ रही है। • आम जनता के लिए: आवासीय इलाकों के पास बिना पर्यावरणीय मंजूरी के भारी गैस टर्बाइन लगाने पर कंपनियों की जवाबदेही तय होगी। इससे स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ हवा पाने और प्रदूषण के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार मजबूत होता है। • तकनीकी कंपनियों के लिए: एआई सर्वर स्थापित करने वाली बड़ी फर्मों को अब कड़े पर्यावरण नियमों और स्थानीय स्वीकृतियों का पालन करना होगा। बिना परमिट के मोबाइल टर्बाइनों का उपयोग करने के दावों पर कानूनी रोक लगने से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी हो सकती है। • ऊर्जा नीतियों पर: बिजली ग्रिड पर अत्यधिक दबाव डालने वाले डाटा केंद्रों के लिए नए नियम और अस्थाई प्रतिबंध बढ़ सकते हैं। न्यू यॉर्क जैसे फैसलों के बाद अन्य राज्यों में भी परियोजनाओं की मंजूरी से पहले सख्त जांच होगी। • सार्वजनिक पारदर्शिता: सरकारों और तकनीकी कंपनियों के बीच होने वाले सौदों में गुपचुप समझौतों पर रोक लगेगी। अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों द्वारा एनडीए छोड़ने से जनता को स्थानीय संसाधनों के इस्तेमाल की सटीक जानकारी मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ मेम्फिस के पास कोलोसस डेटा सेंटर को चालू करने के लिए बिना अनिवार्य अनुमति के कम से कम 35 गैस दहन टर्बाइन स्थापित किए गए थे, जिसके खिलाफ स्थानीय पर्यावरण संगठनों ने अदालत में याचिका दायर की। • परमिट के बिना संचालन: एक्सएआई ने अपने बड़े डेटा केंद्र को तत्काल ऊर्जा देने के लिए 35 से अधिक गैस टर्बाइन चालू कर दिए, लेकिन इसके लिए निर्माण पूर्व या परिचालन संबंधी वायु गुणवत्ता परमिट प्राप्त नहीं किए। इस अनदेखी ने सीधे तौर पर पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन किया। • मोबाइल छूट का तकनीकी तर्क: कंपनी ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तर्क दिया कि उसके उपकरण गतिशील यानी मोबाइल श्रेणी में आते हैं और नागरिक समूहों को मुकदमा दायर करने का हक नहीं है। न्यायाधीश ने राज्य नियमों की जांच के बाद इन दोनों तर्कों को अमान्य ठहरा दिया। • बढ़ता राष्ट्रव्यापी विरोध: एआई डेटा केंद्रों द्वारा अत्यधिक बिजली खपत और स्थानीय प्रदूषण उत्पन्न किए जाने के कारण विभिन्न राज्यों में विरोध तेज हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में नागरिकों और संगठनों ने अदालत का सहारा लेकर नियमों का कड़ाई से पालन कराने की पहल की। सवाल-जवाब 1. न्यायाधीश ने एक्सएआई के मामले में क्या फैसला सुनाया? संघीय न्यायाधीश डेब्रा एम ब्राउन ने एनएएसीपी द्वारा दायर वायु प्रदूषण मुकदमे को खारिज करने की एक्सएआई की याचिका को पूरी तरह नामंजूर कर दिया। 2. एक्सएआई पर मुख्य आरोप क्या है? कंपनी पर मेम्फिस के कोलोसस डेटा सेंटर में आवश्यक परमिट प्राप्त किए बिना कम से कम 35 गैस दहन टर्बाइन चलाकर क्लीन एयर एक्ट का उल्लंघन करने का आरोप है। 3. एक्सएआई ने अदालत में अपने बचाव में क्या तर्क दिया था? कंपनी का तर्क था कि ये टर्बाइन मोबाइल होने के कारण परमिट से मुक्त हैं और वादियों के पास इस मामले में मुकदमा करने का कानूनी अधिकार नहीं है। 4. डेटा केंद्रों को लेकर अन्य राज्यों में क्या कदम उठाए जा रहे हैं? न्यू यॉर्क ने सभी नए डेटा केंद्रों के निर्माण पर रोक लगाने का कानून पारित किया है, जबकि कई अन्य राज्य भी इसी तरह की पाबंदियों पर विचार कर रहे हैं। https://trendkia.com/ai/memphis-colossus-data-center-pradushan-mamle-mein-xai-ko-jhatka-adalat-ne-kharij-ki-yachika-kharij-karne-ki-arzi-54114 TrendKia — Har trend, sabse pehle.