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  "type": "article",
  "title": "मेटा पर मुकदमा: फेसबुक और इंस्टाग्राम तस्वीरों से बिना सहमति AI ट्रेनिंग और चेहरा पहचानने की तकनीक विकसित करने का गंभीर आरोप",
  "summary": "मेटा पर इलिनोइस और कैलिफोर्निया में एक बड़ा सामूहिक मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें कंपनी पर फेसबुक और इंस्टाग्राम उपयोगकर्ताओं की सहमति के बिना उनके बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है.",
  "content": "मेटा एक बड़े कानूनी संकट में घिर गई है क्योंकि कंपनी पर उपयोगकर्ताओं की निजी और सार्वजनिक तस्वीरों से उनकी सहमति के बिना बायोमेट्रिक डेटा निकालने का आरोप लगाते हुए एक सामूहिक मुकदमा दायर किया गया है. अदालत में दर्ज इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया की इस दिग्गज कंपनी ने लोगों को सूचित किए बिना या उनकी स्पष्ट अनुमति लिए बिना उनकी संवेदनशील जानकारी एकत्र करके इलिनोइस और कैलिफोर्निया के सख्त प्राइवेसी कानूनों का उल्लंघन किया है. इस कानूनी कार्रवाई में दावा किया गया है कि मेटा अपने उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेशियल रिकग्निशन यानी चेहरा पहचानने वाली तकनीकों को संचालित करने के लिए लोगों की शारीरिक विशेषताओं को अवैध रूप से इकट्ठा कर रही है.\n\nविवादित नेमटैग तकनीक और स्मार्ट ग्लास ऐप\nइस कानूनी शिकायत के केंद्र में चेहरा पहचानने वाला एक विवादित फ़ीचर है जिसे नेमटैग नाम दिया गया है. इस टूल का सॉफ्टवेयर कोड मेटा के स्मार्ट ग्लास के साथ काम करने वाले साथी ऐप के भीतर गुप्त रूप से छिपाया गया था. हालांकि इस ऐप को 50 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका था, लेकिन आम जनता के लिए इस नेमटैग फ़ीचर को आधिकारिक रूप से चालू नहीं किया गया था. इसके बावजूद, इस एप्लिकेशन के कोड के विस्तृत विश्लेषण से पता चला कि यह सिस्टम तकनीकी रूप से पूरी तरह से काम करने की स्थिति में था. इसे इस तरह तैयार किया गया था कि यह स्मार्ट ग्लास के ज़रिए लोगों के चेहरों को स्कैन कर सके, उन छवियों को एक अनोखे बायोमेट्रिक सिग्नेचर में बदल सके और फिर उपयोगकर्ता के मोबाइल फोन पर सहेजे गए फेसप्रिंट के एक स्थानीय डेटाबेस से उनकी तुलना कर सके. यह स्थानीय डेटाबेस नियमित रूप से सीधे मेटा के सर्वर से स्वचालित अपडेट और डेटा प्राप्त करने के लिए सेट किया गया था.\n\nडेटा का स्रोत और मेटा का रुख\nइन फेसप्रिंट को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बायोमेट्रिक डेटा का असल स्रोत क्या है, यह एक बड़ा विवाद बना हुआ है. कानूनी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ये डिजिटल फेसप्रिंट संभवतः फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मौजूद तस्वीरों से ही निकाले गए हैं. इस दावे को पुख्ता करने के लिए, मुकदमे में मेटा के ही कर्मचारियों के बयानों का हवाला दिया गया है, जिन्होंने कहा था कि नेमटैग में लोगों के सोशल मीडिया संपर्कों या सार्वजनिक इंस्टाग्राम खातों के माध्यम से उन्हें पहचानने की क्षमता थी. इसके अलावा, शिकायतकर्ताओं ने मेटा के एक पेटेंट का भी ज़िक्र किया है जिसमें सोशल मीडिया नेटवर्क पर मौजूद प्रोफाइल तस्वीरों और अन्य छवियों के साथ लाइव चेहरे के स्कैन का मिलान करने की तकनीकी प्रक्रिया का वर्णन किया गया है. मेटा ने जून में कहा था कि वह कोई केंद्रीय चेहरा डेटाबेस नहीं बना रही है, लेकिन कंपनी ने इस बात का जवाब देने से इनकार कर दिया कि क्या नेमटैग उपयोगकर्ताओं की सहमति पर आधारित होगा या यह सिस्टम फेसप्रिंट डेटा को कब तक संभाल कर रखेगा.\n\nजेनेरेटिव AI प्रशिक्षण पर गंभीर आरोप\nचेहरा पहचानने की तकनीक के अलावा, इस मुकदमे में मेटा के जेनेरेटिव AI सिस्टम, विशेष रूप से इसके इमेज-जेनेरेशन मॉडल इमू को भी निशाना बनाया गया है. मेटा पहले ही स्वीकार कर चुकी है कि इमू को प्रशिक्षित करने के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम से ली गई भारी मात्रा में छवियों और टेक्स्ट का उपयोग किया गया था. कंपनी के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर क्रिस कॉक्स ने सार्वजनिक रूप से इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मेटा के AI सिस्टम के लिए एक डेटा का बड़ा फायदा बताया था. मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि इस प्रशिक्षण प्रक्रिया ने उन छवियों में दिखने वाले लोगों की बायोमेट्रिक जानकारी को अवैध रूप से हासिल किया. इस साल की शुरुआत में जारी किए गए म्यूज़ इमेज नामक एक अन्य टूल को भी आलोचना का सामना करना पड़ा था क्योंकि इसमें उपयोगकर्ताओं को अन्य लोगों के सार्वजनिक इंस्टाग्राम खातों के आधार पर छवियां बनाने की अनुमति दी गई थी. मेटा ने इस फ़ीचर को जारी करने के कुछ ही दिनों के भीतर हटा दिया था और स्वीकार किया था कि यह कदम सही नहीं था.\n\nशिकायतकर्ताओं की मांगें और हर्जाना\nयह मुकदमा कई लोगों की तरफ से दायर किया गया है जो प्रभावित उपयोगकर्ताओं के एक बड़े समूह का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. नामज़द शिकायतकर्ताओं में इलिनोइस के निवासी फ्रांसिस्को अल्वारेज़ और उनके बेटे, और कैलिफोर्निया के निवासी जेरेमी वाह्ल और उनकी 10 वर्षीय बेटी शामिल हैं. इस प्रस्तावित सामूहिक मुकदमे में इलिनोइस, कैलिफोर्निया और पूरे अमेरिका के उन सभी लोगों को शामिल करने की मांग की गई है जिनकी तस्वीरें फेसबुक या इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई थीं, या जिनके डेटा को 4 सितंबर 2021 के बाद से मेटा के जेनेरेटिव AI सिस्टम में भेजा गया था. शिकायत में अनुमान लगाया गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित लोगों की संख्या लाखों में हो सकती है.\n\nशिकायतकर्ताओं के वकील और वेक्सलर बोली एंड एल्गर्समा के पार्टनर जस्टिन बोली ने इस मामले पर बात करते हुए कहा, \"लोगों को इस बात की चिंता करने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए कि केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी तस्वीरें होने के कारण उनके बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग किया जाएगा.\"\n\nइलिनोइस के बायोमेट्रिक इंफॉर्मेशन प्राइवेसी एक्ट (BIPA) के तहत मेटा पर भारी वित्तीय जुर्माना लग सकता है. इस सख्त कानून के तहत, शिकायतकर्ता जानबूझकर या लापरवाही से किए गए प्रत्येक उल्लंघन के लिए $5,000 के हर्जाने की मांग कर रहे हैं, या यदि वास्तविक नुकसान इससे अधिक है, तो उस राशि की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा, लापरवाही से किए गए प्रत्येक उल्लंघन के लिए $1,000 या वास्तविक नुकसान के भुगतान की मांग की गई है. इस मुकदमे में मेटा की इन डेटा प्रथाओं को रोकने के लिए कानूनी आदेश की भी मांग की गई है. इसके साथ ही कैलिफोर्निया के कानूनों के तहत अतिरिक्त हर्जाने और राहत की मांग की गई है. यह पहली बार नहीं है जब मेटा को बायोमेट्रिक डेटा से जुड़े कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा है. साल 2020 में, कंपनी चेहरे की पहचान करने वाले अपने पिछले सिस्टम से जुड़े इलिनोइस के एक सामूहिक मुकदमे को निपटाने के लिए $650 मिलियन का भुगतान करने पर सहमत हुई थी. इसके बाद, नवंबर 2021 में, मेटा ने घोषणा की कि वह इस सिस्टम को बंद कर देगी और एक अरब से अधिक फेसप्रिंट को हटा देगी. इसके बाद साल 2024 में, मेटा टेक्सास राज्य को $1.4 बिलियन का भुगतान करने पर सहमत हुई ताकि वहां के निवासियों के बायोमेट्रिक डेटा के अवैध संग्रह के आरोपों को सुलझाया जा सके.\n\nमेटा के नेतृत्व की प्रतिक्रिया और प्राइवेसी का इतिहास\nऐप के भीतर छिपे नेमटैग कोड का खुलासा होने के बाद मेटा के नेतृत्व ने तुरंत कदम उठाए और इन दावों का कड़ा विरोध किया. तकनीकी विवरण सामने आने के अगले ही दिन, मेटा ने अपने ऐप से इस कोड को हटा दिया. कंपनी ने तर्क दिया कि चूंकि यह फ़ीचर कभी भी उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया था, इसलिए यह तकनीक वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं थी. हालांकि, बाहरी शोधकर्ताओं द्वारा किए गए तकनीकी विश्लेषण और परीक्षणों ने इस बात की पुष्टि की थी कि करोड़ों लोगों द्वारा डाउनलोड किए गए ऐप के भीतर एक पूरी तरह से काम करने वाला चेहरा पहचानने वाला सिस्टम मौजूद था. मेटा के मुख्य तकनीकी अधिकारी (CTO) एंड्रयू बॉसवर्थ ने इस मामले से जुड़ी शुरुआती रिपोर्टों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और इन्हें अविश्वसनीय रूप से भ्रामक और पूरी तरह से बेईमानी से भरा बताया था. हालांकि, कुछ हफ्तों बाद एक पॉडकास्ट में बोलते हुए एंड्रयू बॉसवर्थ ने खुद नेमटैग का ज़िक्र किया और कहा कि यह एक बेहतरीन फ़ीचर हो सकता है जो स्मार्ट ग्लास पहनने वाले व्यक्ति को उन लोगों को पहचानने में मदद करेगा जिनसे वह पहले मिल चुका है और जिन्हें याद रखने के लिए उसने डिवाइस से कहा है. मेटा लगातार यही कह रही है कि नेमटैग केवल एक ऐसा विचार है जिस पर वह विचार कर रही है, न कि कोई तैयार उत्पाद. हालांकि, अदालत में दायर इस शिकायत में इस मामले को मेटा द्वारा प्राइवेसी के उल्लंघन के एक लंबे इतिहास के हिस्से के रूप में पेश किया गया है. फेसबुक के शुरुआती दिनों का ज़िक्र करते हुए इस शिकायत में साल 2004 के एक चैट संदेश का हवाला दिया गया है, जिसमें कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग ने कथित तौर पर उन लोगों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था जिन्होंने उन पर भरोसा करके अपना निजी डेटा साझा किया था.\n\nइसका आप पर असर\nयह सामूहिक मुकदमा सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा उपयोगकर्ताओं की तस्वीरों और बायोमेट्रिक डेटा को संभालने के तरीके को पूरी तरह से बदल सकता है. आम उपयोगकर्ताओं के लिए, यह सार्वजनिक प्लेटफार्मों पर तस्वीरें साझा करने से जुड़े प्राइवेसी जोखिमों को उजागर करता है.\n\n• सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए: यदि यह मुकदमा सफल होता है, तो मेटा को अपने AI सिस्टम को प्रशिक्षित करने के लिए आपकी तस्वीरों का उपयोग करने से पहले स्पष्ट सहमति लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. इसका मतलब है कि भविष्य में आपके पास इस बात पर अधिक नियंत्रण होगा कि आपके व्यक्तिगत डेटा का उपयोग तकनीकी प्रणालियों के विकास के लिए किया जाए या नहीं.\n• इलिनोइस और कैलिफोर्निया में: इन राज्यों के निवासी वित्तीय मुआवजे के हकदार हो सकते हैं यदि वे इस सामूहिक मुकदमे का हिस्सा बनते हैं. इलिनोइस के BIPA कानून के तहत, पीड़ित उपयोगकर्ताओं को जानबूझकर किए गए उल्लंघनों के लिए $5,000 तक मिल सकते हैं, जो एक बड़ी कानूनी मिसाल कायम करेगा.\n• बेहतर प्राइवेसी सेटिंग्स: इस कानूनी दबाव के कारण मेटा और अन्य तकनीकी कंपनियों को फेशियल रिकग्निशन और AI प्रशिक्षण के लिए और अधिक पारदर्शी नियंत्रण और स्पष्ट ऑप्ट-इन सेटिंग्स लागू करनी पड़ सकती हैं. डेटा संग्रह को सीमित करने के लिए उपयोगकर्ताओं को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करनी चाहिए.\n• पहनने योग्य उपकरणों का भविष्य: स्मार्ट ग्लास जैसी तकनीकों की सुरक्षा और बैकग्राउंड ट्रैकिंग सुविधाओं की विनियामक जांच और अधिक सख्त हो जाएगी. कंपनियों को स्मार्ट वियरेबल्स में शामिल स्थानीय डेटाबेस और विश्लेषण तकनीकों के बारे में उपभोक्ताओं को पहले से सूचित करना होगा.\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह मुकदमा मेटा के स्मार्ट ग्लास साथी ऐप में छिपे हुए फेशियल रिकग्निशन कोड की खोज और जेनेरेटिव AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोगकर्ता की छवियों के निरंतर उपयोग के कारण शुरू हुआ है.\n\n• छिपा हुआ नेमटैग कोड: तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि मेटा ने सार्वजनिक रूप से इनकार करने के बावजूद, 50 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किए गए ऐप में नेमटैग नामक एक काम करने वाला फेशियल रिकग्निशन टूल गुप्त रूप से शामिल किया था.\n• बिना सहमति के डेटा एकत्र करना: शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मेटा ने स्पष्ट अनुमति के बिना फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई अरबों तस्वीरों पर अपने इमू और म्यूज़ इमेज AI मॉडल को प्रशिक्षित करके अपने डेटा एडवांटेज का अनुचित लाभ उठाया.\n• नियामक इतिहास: बायोमेट्रिक प्राइवेसी विवादों में मेटा का पुराना इतिहास रहा है, जिसमें 2020 में $650 मिलियन का समझौता और 2024 में टेक्सास के साथ $1.4 बिलियन का समझौता शामिल है, जो डेटा संग्रह प्रथाओं के साथ चल रही कानूनी चुनौतियों को दर्शाता है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मेटा पर मुकदमा क्यों चलाया जा रहा है?\nमेटा पर फेसबुक और इंस्टाग्राम की तस्वीरों का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं की सहमति के बिना उनके बायोमेट्रिक फेशियल रिकग्निशन डेटाबेस बनाने और AI मॉडल को प्रशिक्षित करने का आरोप है.\n\n2. नेमटैग फ़ीचर क्या है?\nनेमटैग एक फेशियल रिकग्निशन टूल है जो मेटा के स्मार्ट ग्लास साथी ऐप में छिपा हुआ पाया गया था. यह चेहरों को बायोमेट्रिक सिग्नेचर में बदलकर डेटाबेस से उनका मिलान कर सकता है.\n\n3. इस मुकदमे में शिकायतकर्ता कौन हैं?\nनामज़द शिकायतकर्ताओं में इलिनोइस के निवासी फ्रांसिस्को अल्वारेज़ और उनके बेटे, तथा कैलिफोर्निया के निवासी जेरेमी वाह्ल और उनकी 10 वर्षीय बेटी शामिल हैं, जो लाखों उपयोगकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं.\n\n4. मुकदमे में हर्जाने के रूप में कितनी राशि की मांग की जा रही है?\nइलिनोइस के BIPA कानून के तहत, शिकायतकर्ता प्रत्येक जानबूझकर किए गए उल्लंघन के लिए $5,000 और प्रत्येक लापरवाही से किए गए उल्लंघन के लिए $1,000 के हर्जाने की मांग कर रहे हैं.\n\n5. क्या मेटा को अतीत में भी इस तरह के बायोमेट्रिक मुकदमों का सामना करना पड़ा है?\nहां, मेटा ने 2020 में इलिनोइस बायोमेट्रिक सामूहिक मुकदमे को $650 मिलियन में निपटाया था और 2024 में टेक्सास के साथ इसी तरह के दावों पर $1.4 बिलियन के समझौते पर सहमति व्यक्त की थी.",
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