ओपनएआई को रेप्लूट ने बनाया अपना नया प्राइमरी पार्टनर, एंथ्रोपिक को किया पीछे क्लाउड सॉफ्टवेयर डेवलप्ड प्लेटफॉर्म रेप्लूट ने एंथ्रोपिक को छोड़कर ओपनएआई को अपना डिफॉल्ट पार्टनर बना लिया है। कंपनी के सीईओ अमजद मसाद ने परफॉर्मेंस, कॉस्ट और पार्टनरशिप की मजबूती को इसकी मुख्य वजह बताया है। क्लाउड-बेस्ड सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म संचालित करने वाली कंपनी रेप्लूट ने अपने मुख्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोवाइडर के रूप में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने एंथ्रोपिक को पीछे छोड़ते हुए ओपनएआई को अपना डिफॉल्ट और पसंदीदा पार्टनर चुन लिया है। हालांकि इससे पहले अगस्त के महीने में रेप्लूट ने ओपनएआई के साथ साझेदारी की घोषणा की थी, लेकिन तब इस बात के कोई संकेत नहीं मिले थे कि वह एंथ्रोपिक के साथ अपने पुराने संबंधों को सीमित कर रहा है या उसे पूरी तरह से पीछे छोड़ रहा है। परफॉर्मेंस और कॉस्ट का दिया हवाला इस बड़े रणनीतिक बदलाव के पीछे लागत, परफॉर्मेंस और आपसी पार्टनरशिप जैसे कई अलग-अलग कारण रहे हैं। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा समय में तकनीक के मामले में बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। कंपनी अपने स्तर पर आंतरिक बेंचमार्क का उपयोग करती है जिससे परफॉर्मेंस जैसे मैट्रिक्स का आकलन किया जा सके। इसके अलावा एक पब्लिक बेंचमार्क भी प्रकाशित किया जाता है, जिसके अनुसार सॉल और एस्ट्रा स्क्रैच से वाइब-कोडेड एप्लीकेशन तैयार करने में अधिक प्रभावी साबित होते हैं। यही वजह रही कि लागत और मजबूती के आधार पर ओपनएआई को बेहतर विकल्प माना गया। एंथ्रोपिक से पूरी तरह संबंध खत्म नहीं भले ही ओपनएआई को प्राथमिकता दी जा रही हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एंथ्रोपिक को प्लेटफॉर्म से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। रेप्लूट एक ऐसा ब्राउज़र-बेस्ड प्लेटफॉर्म है जहां यूजर्स सीधे अपने ब्राउज़र के भीतर ही ऐप्स को डेवलप और डिप्लॉय कर सकते हैं। ओपनएआई के साथ डील होने से पहले यह प्लेटफॉर्म एंथ्रोपिक के क्लाउड मॉडल्स पर पूरी तरह निर्भर था। इस पुरानी पार्टनरशिप ने कंपनी के रेवेन्यू को बढ़ाने में काफी मदद की थी और अमजद मसाद ने मंच से यह भी साझा किया कि एक समय तक रेप्लूट एंथ्रोपिक का टॉप-फाइव ग्राहकों में शामिल था। प्लेटफॉर्म मॉडल एग्नोस्टिक बना हुआ है कंपनी का रुख स्पष्ट करते हुए यह साफ किया गया है कि प्लेटफॉर्म अभी भी मॉडल एग्नोस्टिक यानी स्वतंत्र बना हुआ है। यूजर्स चाहें तो एंथ्रोपिक के क्लाउड या अन्य सपोर्टेड मॉडल्स में से अपनी पसंद का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि रेप्लूट एजेंट को पावर देने के लिए ओपनएआई अब उनका मुख्य पसंदीदा पार्टनर बन चुका है, जिसके पीछे परफॉर्मेंस, इकोनॉमिक्स और पार्टनरशिप की मजबूती अहम आधार हैं। दूसरी ओर, इस साझेदारी को लेकर अंदरूनी सूत्रों और कंपनी के बयानों में कुछ मतभेद भी देखने को मिले हैं, जहां कुछ जानकारों का दावा है कि पुरानी पार्टनरशिप अभी भी काम कर रही है। वेबसाइट और सोशल मीडिया पर मौजूद थे संकेत कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ब्लॉग पोस्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कई प्रमाण मिलते हैं जिनसे पता चलता है कि कुछ हफ्ते पहले तक भी एंथ्रोपिक के उत्पादों का प्रचार किया जा रहा था। सितंबर के आखिर में जारी किए गए एक ब्लॉग पोस्ट में एंथ्रोपिक के क्लाउड फेबल 5 और क्लाउड फेबल 5.1 का जिक्र किया गया था जो एजेंट के प्रोडक्शन एनवायरनमेंट में काम कर रहे थे। उसी समय कंपनी के एक प्रोडक्ट कर्मचारी ने एक्स पर ओपस 5.5 मॉडल के उपयोग और उसकी क्षमताओं को लेकर पोस्ट भी किया था। रेवेन्यू ग्रोथ और एंटरप्राइज आंकड़े कारोबारी आंकड़ों की बात करें तो एंटरप्राइज सेगमेंट में कंपनी ने भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। पिछले साल जहां कुल रेवेन्यू में एंटरप्राइज की हिस्सेदारी मात्र 2% के आसपास थी, वहीं इस साल यह बढ़कर लगभग 15% हो चुकी है। इसके अलावा कुल रेवेन्यू का 50% से अधिक हिस्सा बी2बी से आ रहा है। मंच के पीछे हुई चर्चाओं के दौरान यह उम्मीद जताई गई है कि साल 2027 तक कंपनी का आधा से अधिक रेवेन्यू बड़े व्यावसायिक ग्राहकों और सरकारी संस्थाओं से प्राप्त होगा। एआई सेफ्टी और जरूरी हैबिटेट सुरक्षा के मोर्चे पर चर्चा करते हुए बेहतर एआई सेफ्टी उपायों की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। जिस प्रकार इंसानों को काम करने के लिए एक अच्छे दफ्तर, खानपान, एयर-कंडीशनर और कंप्यूटर जैसे माहौल की जरूरत होती है, उसी तरह एआई एजेंट्स को भी अस्तित्व में रहने और बेहतर काम करने के लिए एक सटीक हैबिटेट की आवश्यकता होती है। इस डिजिटल हैबिटेट में बेहतरीन एरर रिकवरी, मजबूत सुरक्षा, सैंडबॉक्सिंग, नेटवर्किंग और ऑथराइजेशन जैसी सुविधाएं होनी चाहिए, जिनके जरिए सुरक्षित रूप से तकनीक को डिप्लॉय किया जा सकता है। इसका आप पर असर इस बदलाव का सीधा असर सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और उन तकनीकी कंपनियों पर पड़ेगा जो ब्राउज़र-बेस्ड कोडिंग टूल्स और एआई एजेंट्स का उपयोग करती हैं। • डेलिगेट्स और डेवलपर्स पर असर: ओपनएआई के डिफॉल्ट होने से यूजर्स को कोडिंग प्रक्रिया में बेहतर परफॉर्मेंस और अलग तरह के आउटपुट मिल सकते हैं। डेवलपर्स अपनी पसंद के अनुसार दूसरे मॉडल्स का चयन भी जारी रख सकते हैं। • एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए बदलाव: कॉर्पोरेट और सरकारी स्तर पर उपयोग किए जाने वाले टूल्स की सुरक्षा और लागत संरचना में सुधार देखने को मिल सकता है। साल 2027 तक बड़े व्यावसायिक ग्राहकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। ऐसा क्यों हुआ यह बदलाव मुख्य रूप से लागत अनुकूलन, तकनीकी प्रदर्शन और दोनों कंपनियों के बीच मजबूत होती व्यावसायिक साझेदारी के कारण किया गया है। • बेहतर परफॉर्मेंस और लागत: आंतरिक और सार्वजनिक बेंचमार्क परीक्षणों में ओपनएआई के मॉडल्स को स्क्रैच से ऐप बनाने के मामले में अधिक प्रभावी पाया गया है। किफायती लागत के चलते कंपनी ने इसे प्राथमिकता दी है। • व्यापारिक वृद्धि और जरूरतें: रेप्लूट का बी2बी और एंटरप्राइज रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है, जिसके कारण अधिक मजबूत और सुरक्षित बुनियादी ढांचे की आवश्यकता महसूस की गई। सवाल-जवाब 1. रेप्लूट ने किस कंपनी को अपना नया डिफॉल्ट पार्टनर बनाया है? रेप्लूट ने एंथ्रोपिक की जगह ओपनएआई को अपना नया डिफॉल्ट और पसंदीदा पार्टनर चुना है। 2. इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह क्या बताई गई है? इस बदलाव के मुख्य कारणों में लागत, बेहतर परफॉर्मेंस और पार्टनरशिप की मजबूती शामिल हैं। 3. क्या यूजर्स अब भी एंथ्रोपिक के मॉडल्स का उपयोग कर सकते हैं? हां, प्लेटफॉर्म मॉडल एग्नोस्टिक बना हुआ है और यूजर्स चाहें तो एंथ्रोपिक के क्लाउड या अन्य सपोर्टेड मॉडल्स को चुन सकते हैं। 4. रेप्लूट का बिजनेस रेवेन्यू किस तरह बढ़ रहा है? इस साल कंपनी का लगभग 15% रेवेन्यू एंटरप्राइज अनुबंधों से आ रहा है और कुल रेवेन्यू का आधा से अधिक हिस्सा बी2बी से प्राप्त हो रहा है। https://trendkia.com/ai/openai-ko-replit-ne-banaya-apna-naya-primary-partner-anthropic-ko-kiya-piche-49524 TrendKia — Har trend, sabse pehle.