# प्रस्तावित टैक्स के बीच मार्क जुकरबर्ग ने कैलिफोर्निया में ही रहने का किया फैसला

> मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कैलिफोर्निया में ही बने रहने की सहमति जताई है, जिसके बाद कंपनी ने विशेष गैर-मतदान शेयरों की नई श्रेणी लाने का फैसला किया है। यह समझौता राज्य के संभावित संपत्ति कर प्रस्ताव और बोर्ड की चिंताओं के बीच हुआ है।

**Type:** article · **Category:** एआई · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/ai/prstavita-tax-ke-bicha-mark-zuckerberg-ne-california-men-hi-rahane-ka-kiya-phaisala-50304 · **Language:** Hindi
**Tags:** मार्क जुकरबर्ग, मेटा, कैलिफोर्निया, टैक्स प्रस्ताव, सिलिकॉन वैली, शेयर बाजार

मेटा के शीर्ष अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कैलिफोर्निया में ही टिके रहने का मन बना लिया है, हालांकि इससे पहले उन्होंने राज्य छोड़ने पर विचार किया था। एक हालिया नियामक दस्तावेज के अनुसार, 9 सितंबर को बोर्ड के सदस्यों के साथ हुई एक बैठक के दौरान उन्होंने संकेत दिया था कि वह संपत्ति कर संबंधी एक नए प्रस्ताव के कारण राज्य छोड़ने के बारे में सोच रहे हैं और इसके चार दिन बाद ही वह अपना पालो ऑल्टो स्थित घर बिक्री के लिए सूचीबद्ध करने की योजना बना रहे थे। मतदाताओं के सामने पेश किए जाने वाले इस प्रस्ताव के तहत वर्ष 2026 की शुरुआत तक राज्य के अरबपतियों के पास मौजूद शेयरों तथा अन्य परिसंपत्तियों पर पांच प्रतिशत का एकमुश्त कर लगाया जाना प्रस्तावित है। इस मसले पर यदि मतदाता अपनी मुहर भी लगा देते हैं, तब भी इसे कानूनी लड़ाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

राज्य के कई धनाढ्य नागरिक, जिनमें मार्क जुकरबर्ग भी शामिल हैं, आमतौर पर अपनी हिस्सेदारी के एवज में कर्ज लेकर और बेहद मामूली वेतन लेकर भारी कर चुकाने से बचते हैं। मेटा के इस प्रमुख के मामले में उनका वार्षिक वेतन केवल एक डॉलर तय है। पिछले साल फरवरी के दौरान उन्होंने फ्लोरिडा में एक नया घर खरीदा था। उनके इस तरह अचानक दूसरे राज्य में ठिकाना बदलने की संभावना ने कंपनी के बोर्ड के भीतर एक विशेष समिति के सदस्यों को खासी चिंता में डाल दिया था। इस समिति में कानूनी मामलों के जानकार रॉबर्ट किमिट, वेंचर कैपिटलिस्ट चार्ली सोंगहर्स्ट और DoorDash के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टोनी जू जैसे नाम शामिल थे। दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि विशेष समिति इस बात को लेकर बेहद सतर्क थी कि कोविड महामारी के दौर में जब नेतृत्व टीम के साथ भौतिक रूप से मौजूद रहना संभव नहीं हो पाया था, तब कंपनी को किन प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। समिति नहीं चाहती थी कि भविष्य में संगठन को कभी दोबारा वैसी ही चुनौतियों से जूझना पड़े।

बोर्ड बैठक के कुछ ही दिनों के भीतर, इस विशेष समिति और मार्क जुकरबर्ग के बीच एक अहम समझौता तय हो गया जिसके तहत उनके विशेष कंपनी शेयरों को बेचने के अधिकार को कैलिफोर्निया में उनके निवास से सीधे तौर पर जोड़ दिया गया। इस समझौते को एक सप्ताह पहले अंतिम रूप दिया गया और इसके सभी पहलुओं की घोषणा की गई। कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता डेटा केंद्रों से जुड़े अपने महंगे और बड़े निवेशों के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से शेयरों का एक नया वर्ग सृजित करने की तैयारी कर रही है जिसमें कोई मतदान अधिकार नहीं होगा। इन शेयरों को बेचने से मार्क जुकरबर्ग के मौजूदा नियंत्रण पर कोई असर पड़े बिना वित्तपोषण में मदद मिल सकती है।

तय व्यवस्था के अनुसार, सभी मौजूदा शेयरधारकों को उनके पास पहले से मौजूद हिस्सेदारी के अनुपात में ये नए गैर-मतदान शेयर स्वतः प्राप्त हो जाएंगे। मार्क जुकरबर्ग के साथ हुए इस संस्थापक संरेखण समझौते के अंतर्गत वह अपने ऊपर देय किसी भी कर का भुगतान करने के लिए इन नए शेयरों में से 20 प्रतिशत तक बेच सकते हैं। शेष 80 प्रतिशत हिस्से को अगले आठ वर्षों के दौरान किस्तों में बेचने की अनुमति होगी, बशर्ते वह कैलिफोर्निया में ही निवास करते रहें। यदि वह इस अवधि से पहले इन्हें बेचने का कोई प्रयास करते हैं, तो उन्हें अपने मौजूदा मतदान शेयरों में से कुछ हिस्सा बेचना पड़ेगा, सिवाय इसके कि कोई ऐसी अप्रत्याशित और गंभीर परिस्थिति पैदा हो जाए जिसके चलते उनका अन्यत्र रहना जरूरी हो जाए।

इस समझौते में एक महत्वपूर्ण बात यह भी जोड़ी गई है कि मार्क जुकरबर्ग को अनिवार्य रूप से उसी स्थान पर रहना होगा जहां मेटा का मुख्यालय स्थित है, इसलिए यह भी संभव है कि भविष्य में कंपनी और वह दोनों मिलकर किसी अन्य राज्य का रुख कर लें। पिछले कुछ वर्षों के दौरान कैलिफोर्निया की कई बड़ी कंपनियों ने अपने ठिकाने बदलकर अन्य राज्यों का रुख किया है। गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज उन चुनिंदा अरबपतियों में शामिल हैं जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने संभावित कर के डर से कैलिफोर्निया छोड़ दिया है।

चूंकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी अधिकांश अग्रणी तकनीकी गतिविधियां सिलिकॉन वैली में ही संचालित हो रही हैं, इसलिए मेनलो पार्क से बाहर जाने का विचार मेटा बोर्ड के लिए पचाना आसान नहीं होगा। दस्तावेज में इस बात का जिक्र किया गया है कि मुख्य लक्ष्य मार्क जुकरबर्ग को कैलिफोर्निया से ही कंपनी का नेतृत्व जारी रखने और मेटा सुपरइंटीलीजेंस लैब्स के बेहद करीब बनाए रखना है, जो कि कंपनी की हालिया Muse AI मॉडलों के पीछे काम करने वाली मुख्य इकाई है।

अंततः यह पूरी कवायद शायद बेनतीजा साबित हो सकती है, क्योंकि कैलिफोर्निया में सामने आए हालिया जनमत सर्वेक्षण संकेत देते हैं कि इस प्रस्ताव के विरोध में लगभग 129 मिलियन डॉलर खर्च किए जाने के बाद इसे चुनाव में पर्याप्त समर्थन हासिल नहीं हो पाएगा।

## इसका आप पर असर
यह समझौता तकनीक जगत के दिग्गजों और बड़े कॉर्पोरेट घरानों के भविष्य के कामकाजी फैसलों पर गहरा असर डालता है।

- **भारत में:** भारत के तकनीकी निवेशकों और स्टार्टअप संस्थापकों पर इसका कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अमेरिकी कर नीतियों और कॉर्पोरेट शेयर संरचनाओं पर वैश्विक नजर बनी रहेगी। भारतीय शेयर बाजारों में मेटा की रणनीतिक पहलों का अप्रत्यक्ष प्रभाव देखा जा सकता है।
- **कैलिफोर्निया में:** कैलिफोर्निया के स्थानीय नागरिकों और करदाताओं पर इसका असर यह होगा कि अरबपतियों के पलायन को रोकने के लिए कॉरपोरेट स्तर पर इस तरह के विशेष समझौते नए मानदंड बन सकते हैं। Proposition 40 के भविष्य पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा कि राज्य को भविष्य में अरबपतियों की संपत्ति से कितना राजस्व मिल पाएगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम कैलिफोर्निया में अरबपतियों की संपत्ति पर प्रस्तावित कर और वैश्विक तकनीकी कंपनियों में नेतृत्व की स्थिरता बनाए रखने की अनिवार्यता के कारण सामने आया।

- **प्रस्तावित कर कानून:** कैलिफोर्निया में Proposition 40 के तहत अरबपतियों की संपत्ति पर पांच प्रतिशत कर लगाने की योजना ने बड़े निवेशकों और अधिकारियों को राज्य छोड़ने पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।
- **महामारी के अनुभव:** कोविड-19 महामारी के दौरान दूरदराज से कामकाज चलाने में आई प्रशासनिक कठिनाइयों को बोर्ड दोहराना नहीं चाहता था, जिससे जुकरबर्ग की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
- **रणनीतिक निवेश:** मेटा द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा केंद्रों पर किए जा रहे भारी खर्चों के लिए नए गैर-मतदान शेयरों का सृजन करना वित्तीय रूप से जरूरी हो गया था।

## सवाल-जवाब

### 1. मार्क जुकरबर्ग ने कैलिफोर्निया छोड़ने पर क्यों विचार किया था?
उन्होंने Proposition 40 नामक प्रस्तावित कर उपाय के कारण कैलिफोर्निया छोड़ने पर विचार किया था।

### 2. Proposition 40 के तहत क्या प्रस्ताव है?
यह प्रस्ताव 2026 की शुरुआत तक राज्य के अरबपतियों के शेयरों और परिसंपत्तियों पर पांच प्रतिशत का एकमुश्त कर लगाने की बात कहता है।

### 3. मेटा बोर्ड की विशेष समिति में कौन-कौन शामिल था?
इस समिति में रॉबर्ट किमिट, चार्ली सोंगहर्स्ट और टोनी जू शामिल थे।

### 4. संस्थापक संरेखण समझौते के तहत जुकरबर्ग क्या कर सकते हैं?
वह अपने करों का भुगतान करने के लिए नए शेयरों का 20 प्रतिशत तक बेच सकते हैं।

### 5. कैलिफोर्निया में इस उपाय के खिलाफ कितना खर्च किया गया है?
इसके विरोध में लगभग 129 मिलियन डॉलर खर्च किए गए हैं।

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