रिवाइव हुआ समझौता: वोक्सवैगन ग्रुप के साथ एआई असिस्टेंट साझा करेगी रिवियन फोक्सवैगन ग्रुप के साथ पांच अरब अस्सी करोड़ डॉलर के अपने संयुक्त उपक्रम को और आगे बढ़ाते हुए रिवियन ने अपनी एआई वॉयस असिस्टेंट तकनीक को भी इसमें शामिल कर लिया है। इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रिवियन ऑटोमोटिव और फॉक्सवैगन ग्रुप के बीच हुए पांच अरब अस्सी करोड़ डॉलर के संयुक्त उपक्रम का दायरा अब और अधिक व्यापक हो गया है। इस साझेदारी के तहत अब एआई असिस्टेंट तकनीक को भी शामिल कर लिया गया है, जिसकी पुष्टि हाल ही में जारी की गई तिमाही रिपोर्ट से हुई है। साझेदारी का बढ़ता दायरा और तकनीक इस बड़े समझौते के तहत रिवियन अपनी इन-हाउस विकसित एआई वॉयस असिस्टेंट तकनीक के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को फॉक्सवैगन ग्रुप को लाइसेंस दे रही है। इस बात की जानकारी तीसरी तिमाही के निवेशकプレゼンテーション में सामने आई है, जिसे कंपनी ने गुरुवार को सार्वजनिक किया था। हालांकि दोनों कंपनियों ने इस लाइसेंसिंग के लिए तय की गई फीस या भुगतान की शर्तों का कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। नई कारों में होगा तकनीकी का इस्तेमाल यह उन्नत एआई सिस्टम आने वाले समय में फॉक्सवैगन की आगामी किफायती इलेक्ट्रिक कार ID EVERY1 में अपनी शुरुआत कर सकता है। यह छोटी चार दरवाजों वाली हैचबैक कार ऐसी पहली गाड़ी होगी जिसमें इस संयुक्त उपक्रम के जरिए रिवियन के सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर का उपयोग किया जाएगा। निवेश और वित्तीय सहयोग की कहानी दोनों दिग्गज कंपनियों के बीच हुआ यह साझा उपक्रम पहले भी वित्तीय मोर्चे पर बढ़ चुका है। शुरुआत में इस पार्टनरशिप की कुल वैल्यू पांच अरब डॉलर तय की गई थी, लेकिन कुछ ही महीनों के भीतर फॉक्सवैगन ने इसमें अपना निवेश बढ़ाते हुए इसे दो हजार सत्ताईस तक पांच अरब अस्सी करोड़ डॉलर कर दिया। इस स्वतंत्र उद्यम की शुरुआत आधिकारिक रूप से नवंबर 2024 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य फॉक्सवैगन की अगली पीढ़ी की कारों में उन्नत सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम उपलब्ध कराना था। एआई असिस्टेंट के विकास का सफर रिवियन ने इस एआई असिस्टेंट को तैयार करने में पूरे दो साल खर्च किए थे और पिछले साल इसे पहली बार दुनिया के सामने पेश किया था। हालांकि इसके विकास का काम उम्मीद से थोड़ा अधिक लंबा खिंच गया, जिसके बाद इस तकनीक को इस साल मई में कंपनी की प्रमुख आर1एस एसयूवी और आर1टी पिकअप ट्रक में तथा अक्टूबर में नई मध्यम आकार की आर2 एसयूवी में रोल आउट किया गया था। वर्टिकल इंटीग्रेशन पर विशेष जोर इन-हाउस एआई असिस्टेंट प्रोग्राम रिवियन की उस रणनीति का भी एक अहम हिस्सा है जिसके तहत कंपनी खुद को अधिक से अधिक वर्टिकली इंटीग्रेटेड बनाना चाहती है। कंपनी ने अपनी हालिया तिमाही रिपोर्ट में इस बात पर विशेष बल दिया है। ## "हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को एक साथ जोड़ना हमारी सबसे बड़ी ताकत है।" कंपनी का मानना है कि कंप्यूटिंग, सेंसर, डिस्प्ले, लाइटिंग और साउंड जैसे पूरे तकनीकी ढांचे पर नियंत्रण रखने से वह तेजी से वाहन-व्यापी ओवर-द-एयर अपडेट्स जारी करने में सक्षम है। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में बड़े बदलाव इसी रणनीतिक सोच के चलते रिवियन ने अपनी प्रमुख आर1टी ट्रक और आर1एस एसयूवी में व्यापक स्तर पर बदलाव किए हैं। इन वाहनों में बैटरी पैक, सस्पेंशन सिस्टम और सॉफ्टवेयर यूजर इंटरफेस को पूरी तरह से नया रूप दिया गया है। नई इलेक्ट्रिकल व्यवस्था और कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म की बदौलत वाहनों में इस्तेमाल होने वाले तारों की मात्रा काफी कम हो गई है। इसके अलावा, गाड़ी को नियंत्रित करने वाले इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट्स यानी कंप्यूटरों की संख्या सत्रह से घटाकर सीधे सात कर दी गई है। फॉक्सवैगन को मिलेगा सॉफ्टवेयर का फायदा इस आधुनिक तकनीक ने फॉक्सवैगन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, जिसे लंबे समय से टेस्ला जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की तरह आधुनिक सॉफ्टवेयर-केंद्रित वाहन ग्राहकों को पेश करने में कठिनाई हो रही थी। अब इस साझेदारी के विस्तार से जर्मन ऑटोमेकर को अपनी गाड़ियों में आधुनिक तकनीक और सॉफ्टवेयर को सुचारू रूप से एकीकृत करने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है। इसका आप पर असर इस साझेदारी के विस्तार से वाहन खरीदारों और इलेक्ट्रिक वाहन बाजार पर गहरा असर पड़ेगा। • वाहन कीमतें: फॉक्सवैगन की सस्ती कारों में आधुनिक सॉफ्टवेयर मिलने से बजट फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें प्रतिस्पर्धी बनी रहेंगी। इससे आम ग्राहकों को कम कीमत में प्रीमियम तकनीकी फीचर्स का लाभ मिल सकेगा। • तकनीकी अपडेट: वाहन निर्माताओं द्वारा तेज ओवर-द-एयर अपडेट्स जारी किए जाएंगे। इससे कार मालिकों को बार-बार सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनके वाहन सॉफ़्टवेयर घर बैठे अपडेट होते रहेंगे। • इलेक्ट्रिक वाहन बाजार: पारंपरिक ऑटोमोबाइल कंपनियों और नई टेक-फोकस्ड ईवी कंपनियों के बीच मुकाबला तेज होगा। इससे बाजार में बेहतर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर वाली गाड़ियां अधिक संख्या में उपलब्ध होंगी। • स्वायत्त ड्राइविंग: वाहन के कंप्यूटर सिस्टम में सुधार होने से भविष्य की कारों में ऑटोमैटिक ड्राइविंग क्षमता बेहतर होगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले चालकों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ कंपनियों ने अपने संसाधनों और तकनीकी क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए इस साझेदारी का दायरा बढ़ाया है। • सॉफ्टवेयर क्षमताएं: फॉक्सवैगन को अपनी गाड़ियों के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता थी। कंपनी अपने दम पर आधुनिक सॉफ्टवेयर-केंद्रित वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई महसूस कर रही थी। • वर्टिकल इंटीग्रेशन: रिवियन अपनी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर तकनीक को पूरी तरह नियंत्रित करना चाहती है। इससे कंपनी को अपनी उत्पादन लागत घटाने और वाहनों में तेजी से सुधार करने में मदद मिलती है। • वित्तीय सहयोग: बढ़ती विकास लागत को पूरा करने के लिए अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता थी। फॉक्सवैगन द्वारा अपने निवेश को बढ़ाकर पांच अरब अस्सी करोड़ डॉलर करने से रिवियन को दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता मिली है। सवाल-जवाब 1. रिवियन और फॉक्सवैगन के संयुक्त उपक्रम की कुल वैल्यू कितनी है? इस संयुक्त उपक्रम की कुल वैल्यू पांच अरब अस्सी करोड़ डॉलर है। 2. इस साझेदारी में नया क्या जोड़ा गया है? इस समझौते में अब रिवियन की एआई वॉयस असिस्टेंट तकनीक को भी शामिल कर लिया गया है। 3. यह तकनीक सबसे पहले फॉक्सवैगन के किस वाहन में आ सकती है? यह तकनीक फॉक्सवैगन की कम लागत वाली इलेक्ट्रिक कार ID EVERY1 में आ सकती है। 4. रिवियन ने अपने एआई असिस्टेंट को विकसित करने में कितना समय लगाया? रिवियन ने इस एआई असिस्टेंट को तैयार करने में दो साल का समय खर्च किया था। 5. यह संयुक्त उपक्रम आधिकारिक रूप से कब शुरू हुआ था? यह स्वतंत्र उद्यम नवंबर 2024 में औपचारिक रूप से शुरू हुआ था। https://trendkia.com/ai/rivian-expands-joint-venture-with-vw-to-include-ai-assistant-53302 TrendKia — Har trend, sabse pehle.