रिवियन की इलेक्ट्रिक गाड़ियों में जल्द दिखेगा एआई एजेंट्स का जादू, ड्राइविंग सीट से बातचीत होगी और आसान इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता रिवियन अपनी कारों में एडवांस्ड एआई एजेंट्स जोड़ने की तैयारी कर रही है, जिससे वॉइस कमांड और पर्सनल बातचीत का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा। इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाने वाली अमेरिकी कंपनी रिवियन अपनी कारों के भीतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एक नई दुनिया तैयार करने में जुटी है। आधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से अब रिवियन के वाहन महज सामान्य वॉइस कमांड सुनने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे इंसान की तरह बातचीत और निजी संदर्भों को समझने वाले स्मार्ट साथी बनेंगे। स्कैरिंग ने एक मंच पर इस बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि जब यह तकनीक पूरी तरह धरातल पर उतरेगी, तब इसका अनुभव बेहद जादुई होगा। हालांकि, कंपनी ने अभी इसके सार्वजनिक रोलआउट की कोई तय तारीख साझा नहीं की है, लेकिन दिसंबर में आयोजित होने वाले 'एआई एंड ऑटोनॉमी डे' कार्यक्रम की ओर इशारा किया है जहां इस पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। स्वतंत्र सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर और खुद का एजेंटिक ढांचा बाजार की कई अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों के विपरीत, रिवियन ने अपने इंफोटेनमेंट और इन-कार सिस्टम को बिल्कुल शुरुआत से खुद तैयार किया है। कंपनी ने अपनी गाड़ियों में एप्पल कारप्ले या एंड्रॉइड ऑटो जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेने के बजाय अपना खुद का डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया है। नैविगेशन जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए भी रिवियन ने अपने खुद के एप्लिकेशन बनाए हैं, हालांकि उसने एप्पल म्यूजिक जैसे कुछ लोकप्रिय मनोरंजन ऐप्स को अपने सिस्टम में जगह जरूर दी है। इसी आत्मनिर्भर रणनीति के तहत रिवियन ने अपना खुद का इन-हाउस एजेंटिक फ्रेमवर्क खड़ा किया है। यह ढांचा कार में बैठे व्यक्ति की आवाज और उसके इरादे को समझता है। जब कोई यूजर गाड़ी से कुछ कहता है, तो यह सिस्टम तुरंत तय करता है कि उस कमांड को वाहन के सॉफ्टवेयर के किस हिस्से तक भेजा जाना चाहिए। रोजमर्रा के सफर में इसमें केबिन का तापमान कम करना, सीट वॉर्मर चालू करना या फिर दिनभर की ताज़ा खबरों का सार सुनना जैसे नियमित काम शामिल होते हैं। ट्रैफिक लाइट जैसा स्मार्ट राउटिंग सिस्टम कार के भीतर एआई मॉडल किस तरह काम करेंगे, इसे स्कैरिंग ने एक ट्रैफिक सिग्नल के उदाहरण से समझाया। जैसे ही यूजर गाड़ी से कोई सवाल करता है, सिस्टम यह तय करता है कि उस काम के लिए कौन सा मॉडल सबसे उपयुक्त रहेगा। अगर निर्देश सीधा और साधारण है, तो वाहन के भीतर स्थानीय स्तर पर यानी एज कंप्यूटिंग के जरिए काम पूरा हो जाता है। यदि सवाल ज्यादा पेचीदा या गहरी जानकारी से जुड़ा है, तो उसे तुरंत क्लाउड नेटवर्क पर भेज दिया जाता है। क्लाउड पर भी काम की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग एआई मॉडल्स का चुनाव किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए पर्दे के पीछे व्यापक तकनीकी काम किया जा रहा है। कंपनी को बाहरी लैब्स के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना पड़ रहा है कि सिस्टम बिना किसी रुकावट के डेटा का आदान-प्रदान कर सके। तकनीकी दुनिया में मौजूद आधुनिक टूल्स जैसे क्लॉड, ओपनएआई के डॉट्स या मेटा के म्यूज जैसे एआई सहायकों के साथ इस तरह के इन-कार सिस्टम का तालमेल बनाना अब ज्यादा सहज नजर आने लगा है। सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं सॉफ्टवेयर को कार के संवेदनशील हिस्सों के इतने करीब ले जाने पर सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाती है। इस पर बात करते हुए स्पष्ट किया गया है कि वाहन के क्रिटिकल सेफ्टी सिस्टम्स को लेकर कोई भी जोखिम नहीं उठाया जाएगा। स्कैरिंग ने साफ किया कि कोई भी इंसान यह कभी नहीं चाहेगा कि कार के ब्रेक कब लगाने हैं या स्टीयरिंग किस दिशा में घुमानी है, इसका फैसला कोई एआई एजेंट करे। इसी वजह से वाहन संचालन से जुड़े बुनियादी और जरूरी नियंत्रण किसी भी सूरत में एआई एजेंट्स को नहीं सौंपे जाएंगे। सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी तंत्र पूरी तरह अलग और सुरक्षित रखे गए हैं। अन्य डिवाइस से जुड़ेगा बातचीत का सिलसिला रिवियन की सोच इस तकनीक को रोजमर्रा के एआई उपयोग के एक सहज विस्तार के रूप में पेश करने की है। इसके तहत कार यूजर के उन सभी संदर्भों को जोड़ सकेगी जो म्यूज जैसे आधुनिक ऐप्स जुटाते हैं। उदाहरण के तौर पर, गाड़ी चलाते समय ड्राइवर सिस्टम से वेंटिलेटेड सीट्स ऑन करने का सामान्य निर्देश दे सकता है। ठीक उसी समय वह यह भी कह सकता है कि कल जिस खाने की चर्चा हुई थी और शुक्रवार को जो मेहमान घर आने वाले हैं, उनके लिए मेन्यू तैयार करने में मदद चाहिए। कार का एआई सहायक ड्राइवर के किसी अन्य डिवाइस पर हुई पुरानी बातचीत का संदर्भ उठाकर तुरंत केबिन में उस योजना को आगे बढ़ा सकेगा। अमेरिकी कार बाजार में ऑटोमोबाइल के भीतर एआई एजेंट्स शामिल करने की होड़ लगातार तेज हो रही है। रिवियन से पहले टेस्ला ने भी इसी साल अपनी गाड़ियों में एक नया फीचर जोड़ा था, जिसके माध्यम से यूजर्स स्पेसएक्स के ग्रॉक चैटबॉट और ग्रॉक बॉट असिस्टेंट दोनों से सीधी बातचीत कर सकते हैं। अब रिवियन की यह नई तकनीकी पहल स्मार्ट मोबिलिटी के अनुभव को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। इसका आप पर असर रिवियन की गाड़ियों में एआई एजेंट्स जुड़ने से ड्राइवरों को स्क्रीन छुए बिना जटिल बातचीत और कार सेटिंग्स को नियंत्रित करने की सीधी सुविधा मिलेगी। • वाहन चालकों के लिए: ड्राइविंग के दौरान केबिन तापमान बदलने से लेकर पर्सनल शेड्यूल मैनेज करने तक का काम केवल आवाज से हो सकेगा। इसके लिए टचस्क्रीन पर ध्यान भटकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी जिससे सफर सुरक्षित रहेगा। • क्रॉस-डिवाइस कनेक्टिविटी: फोन या कंप्यूटर पर एआई असिस्टेंट के साथ शुरू की गई योजना कार में बैठते ही वहीं से आगे बढ़ाई जा सकेगी। यात्रा के दौरान यूजर को अपने पुराने संदर्भ दोबारा दोहराने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी। • सुरक्षा नियंत्रण: एआई टूल्स को केवल आराम और इंफोटेनमेंट तक सीमित रखा गया है। ब्रेक या स्टीयरिंग जैसे अहम फीचर्स सुरक्षित रहेंगे जिससे एआई गड़बड़ी का असर ड्राइविंग सुरक्षा पर नहीं पड़ेगा। • सॉफ्टवेयर अपडेट्स: रिवियन द्वारा तकनीक रोलआउट किए जाने के बाद मौजूदा ग्राहकों को ओवर-द-एयर अपडेट के जरिए यह सुविधा मिलने की उम्मीद रहेगी। इसके लिए वाहन में किसी तरह के नए पुर्जे लगवाने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा क्यों हुआ रिवियन अपनी इन-कार तकनीक को आधुनिक लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स और निजी एआई सहायकों के साथ जोड़कर एक बेहतर यूजर अनुभव देना चाहती है। पारंपरिक इन-व्हीकल वॉइस असिस्टेंट्स बेहद सीमित कमांड तक सीमित थे, जिससे ऑटोमोबाइल कंपनियां अब खुद के स्मार्ट एजेंट्स बना रही हैं। • स्वतंत्र इन-हाउस रणनीति: रिवियन ने एप्पल कारप्ले या गूगल ऑटो पर निर्भर रहने के बजाय अपना डिजिटल आर्किटेक्चर खुद विकसित किया है। इस कारण कंपनी अपनी कारों में सीधे तौर पर उन्नत एजेंटिक फ्रेमवर्क को लागू करने में सक्षम हुई है। • एआई मॉडल्स की तेज प्रगति: क्लाउड और एज कंप्यूटिंग के बेहतर होने से साधारण कारों में भी भारी मॉडल्स को प्रोसेस करना मुमकिन हुआ है। सरल कामों के लिए लोकल मॉडल और जटिल सवालों के लिए क्लाउड का संतुलन बनाना अब तकनीकी रूप से संभव है। • बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा: प्रतिद्वंद्वी कंपनी टेस्ला द्वारा अपनी गाड़ियों में ग्रॉक बॉट और ग्रॉक चैटबॉट शामिल करने से इंडस्ट्री में एआई की होड़ तेज हुई है। तकनीकी दौड़ में आगे बने रहने के लिए रिवियन अपनी कारों को अधिक स्मार्ट और इंटरएक्टिव बना रही है। सवाल-जवाब 1. रिवियन अपनी कारों में कौन सी नई तकनीक जोड़ने जा रही है? रिवियन अपनी गाड़ियों में इन-हाउस एआई एजेंट्स जोड़ रही है जो ड्राइवरों की बातचीत के संदर्भ को समझकर केबिन सेटिंग्स और पर्सनल टास्क संभाल सकेंगे। 2. क्या रिवियन का एआई सिस्टम कार की ड्राइविंग या ब्रेकिंग को कंट्रोल करेगा? नहीं, सुरक्षा कारणों से वाहन के ब्रेक, स्टीयरिंग और जरूरी ड्राइविंग कंट्रोल्स को एआई एजेंट्स की पहुंच से पूरी तरह बाहर रखा गया है। 3. रिवियन में लोकल और क्लाउड एआई मॉडल कैसे काम करेंगे? सिस्टम ट्रैफिक लाइट की तरह काम करता है, जहां सामान्य कमांड्स के लिए कार का लोकल मॉडल इस्तेमाल होता है और पेचीदा सवालों के लिए क्लाउड मॉडल की मदद ली जाती है। 4. कंपनी इस नई तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी कब देगी? रिवियन ने दिसंबर में आयोजित होने वाले 'एआई एंड ऑटोनॉमी डे' कार्यक्रम की ओर संकेत किया है, जहां इस तकनीक की विस्तृत रूपरेखा पेश की जा सकती है। https://trendkia.com/ai/rivian-ki-ilektrika-gariyon-men-jalda-dikhega-ai-ejentsa-ka-jadu-draivinga-sita-se-batachita-hogi-aura-asana-47978 TrendKia — Har trend, sabse pehle.