सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में एआई एजेंट इंस्टिंक्ट की धूम, पर्सनल असिस्टेंट की तरह निपटा रहा जटिल काम बे एरिया में मैसेजिंग ऐप आधारित एआई एजेंट इंस्टिंक्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जो ईमेल, कैलेंडर और मैसेजिंग से जुड़कर यात्रा रद्दीकरण, रिफंड और बुकिंग जैसे जटिल काम संभालता है। सैन फ्रांसिस्को के बे एरिया में इन दिनों इनवाइट आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट इंस्टिंक्ट को लेकर तकनीकी हलकों में काफी हलचल देखी जा रही है। यह एआई एजेंट किसी अलग ऐप या जटिल डैशबोर्ड के बजाय सीधे आईमैसेज और व्हाट्सएप के जरिए उपयोगकर्ताओं से संवाद करता है। यह टूल यूजर के पर्सनल ईमेल, डिजिटल कैलेंडर और मैसेजिंग ऐप्स के साथ पूरी तरह जुड़ जाता है। तकनीकी जानकारों के बीच इसे ओपनक्लॉ का अधिक सुलभ और आम लोगों के अनुकूल विकल्प माना जा रहा है। कंपनी ने फरवरी में अपना प्राइवेट बीटा संस्करण पेश किया था। शुरुआती दौर में 35 करोड़ डॉलर जुटाने के बाद, अब यह 10 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 1 अरब डॉलर का अतिरिक्त फंड हासिल करने के लिए बातचीत कर रही है। मैसेजिंग इंटरफेस और फॉर्म फैक्टर की नई रणनीति आमतौर पर अधिकांश जेनरेटिव एआई टूल्स एक खाली चैट बॉक्स के रूप में सामने आते हैं, जहां यूजर को खुद सोचना पड़ता है कि क्या लिखना है। इसके विपरीत इंस्टिंक्ट की सबसे बड़ी खूबी इसका फॉर्म फैक्टर है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ओपन टेक्स्ट बॉक्स के बजाय आईमैसेज और व्हाट्सएप जैसे परिचित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का चुनाव इसकी सफलता की बड़ी वजह है। इसमें यूजर को हर निर्देश खुद सोचने की जरूरत नहीं होती, बल्कि एजेंट खुद उपयोगी सुझाव देता है और मंजूरी मिलते ही काम पूरे करता है। बाजार में मौजूद अन्य प्रतिस्पर्धी टूल्स के मुकाबले इसका बर्ताव भी काफी संतुलित रहता है। उदाहरण के तौर पर, लिंडी जैसे अन्य एजेंट हर सुबह बार-बार मैसेज भेजते थे और बिना पूर्व सहमति के ज़ूम बैठकों में शामिल होने लगते थे, जिसके कारण कई यूजर्स ने उन्हें हटा दिया। इसके विपरीत इंस्टिंक्ट केवल जरूरत के वक्त काम की बात करता है और लगातार नोटिफिकेशन का अंबार नहीं लगाता। रेस्तरां बुकिंग और रोजमर्रा के शेड्यूल का प्रबंधन व्यक्तिगत स्तर पर इस तरह के एआई एजेंट्स को अपनाने की शुरुआत अक्सर रेस्तरां बुकिंग और यात्रा कार्यक्रमों से होती है। इटली के वेनिस जैसे शहरों की कार्य यात्रा के दौरान पूरा यात्रा कार्यक्रम सौंपे जाने पर यह एजेंट यूजर के वास्तविक लोकेशन के आधार पर टेबल बुक करने में सक्षम पाया गया। यहां तक कि इसने व्हाट्सएप के जरिए छोटे स्थानीय होटलों और रेस्तरां से भी संपर्क साधा। मेटा ने भी हाल ही में अपना म्यूज एआई असिस्टेंट लॉन्च किया है, जो लॉन्च के शुरुआती दिनों में ही एप्पल ऐप स्टोर पर शीर्ष फ्री ऐप बन गया और इसके 9 लाख से अधिक डाउनलोड दर्ज किए गए। हालांकि म्यूज रेस्तरां में कॉल करके बुकिंग करने का दावा करता है, लेकिन सामने आए तथ्यों से पता चला है कि इन कॉल्स में से कुछ असल में कॉल सेंटर में बैठे इंसानों द्वारा की जा रही थीं। इसके अतिरिक्त म्यूज के शुरुआती संस्करण में एक गंभीर सुरक्षा खामी भी पाई गई थी, जिसकी वजह से हमलावर मैक कंप्यूटर पर मनचाहा नियंत्रण हासिल कर सकते थे। उड़ानों का रद्दीकरण और 550 डॉलर की बचत जटिल कार्यों को संभालने में इस एजेंट की क्षमता का वास्तविक परीक्षण कठिन यात्रा परिस्थितियों में देखने को मिला। जब किसी यूजर ने अपनी बहन के साथ नवंबर में न्यूयॉर्क जाने के लिए नॉन-रिफंडेबल सेवर किराया टिकट बुक कर रखी थी, और उसी दौरान मियामी में होने वाले कार्यक्रम के कारण योजना में टकराव हुआ, तो टिकट रद्द कराना बेहद मुश्किल लग रहा था। सेवर किराए के नियम अनुसार पहली उड़ान छूटने पर पूरा टिकट स्वतः रद्द हो जाता और कोई पैसा वापस नहीं मिलता। ऐसी स्थिति में इंस्टिंक्ट ने एयरलाइंस के पूरे शेड्यूल की बारीकी से जांच की। एजेंट ने तुरंत पकड़ लिया कि अलास्का एयरलाइंस ने उड़ान के समय में 90 मिनट का बदलाव कर दिया था। एयरलाइन के नियमों के मुताबिक उड़ान के समय में इस फेरबदल के चलते यूजर पूर्ण रिफंड पाने का हकदार बन गया था। एजेंट ने खुद आगे बढ़कर टिकट रद्द कराया, करीब 550 डॉलर का पूरा रिफंड सुरक्षित किया और सैन फ्रांसिस्को लौटने के लिए एक तरफा टिकट भी पुनः बुक कर दिया। किसी आम यूजर द्वारा इन बारीक नियमों को खोजना बेहद मुश्किल होता, जिसे सॉफ्टवेयर ने चंद मिनटों में सुलझा दिया। गंभीर प्राइवेसी खतरे और तकनीकी खामियों के मामले प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाने के बावजूद इंस्टिंक्ट के साथ कई गंभीर गोपनीयता और तकनीकी जोखिम भी जुड़े हुए हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने शिकायत की है कि जब उन्होंने अपने ईमेल खाते से एजेंट का एक्सेस हटाया और उसे डिस्कनेक्ट किया, तब भी कंपनी के पास उनके इनबॉक्स का पूरा डेटा सुरक्षित बना रहा। इसके सेवा नियमों में साफ दर्ज है कि बातचीत के डेटा का उपयोग कंपनी अपने एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए कर सकती है। इसके अलावा ऑटोमेशन की अत्यधिक आक्रामकता के कारण भी समस्याएं सामने आई हैं। एक वेंचर कैपिटलिस्ट ने बताया कि बुकिंग कराने के दौरान एजेंट ने रेसी के एपीआई पर प्रति घंटे करीब 200 बार अनुरोध भेज दिए, जिसके कारण उस प्लेटफॉर्म ने यूजर को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। एक अन्य निवेशक ने सुरक्षा जांच के बाद इसे हटा दिया क्योंकि सिस्टम में फ़िशिंग हमलों का शिकार होने का खतरा बेहद आसान था। एक अन्य मामले में, डोरडैश पर देरी से चल रहे खाने के ऑर्डर को एजेंट ने तब रद्द कर दिया जब रिफंड की कोई गारंटी नहीं थी, जिससे यूजर को 64 डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे मामलों में एजेंट बिना कोई भरपाई किए केवल माफी मांग कर रह जाता है। डेटा सेंटर विवाद और तकनीक की उपयोगिता तकनीक उद्योग में इन दिनों डेटा सेंटरों के निर्माण, भारी बिजली खपत और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर काफी विरोध हो रहा है। कई टेक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इस विरोध से हैरान थे, लेकिन इसके पीछे समाज में बढ़ता तकनीकी विभाजन एक बड़ा कारण है। जो लोग एआई एजेंटों के जरिए अपनी रोजमर्रा की प्रशासनिक भागदौड़, टिकट रिफंड और बुकिंग जैसे काम आसानी से निपटा रहे हैं, उनके लिए डेटा सेंटर का निर्माण एक स्वीकार्य समझौता लगता है। लेकिन जो लोग चैटबॉट्स को केवल गूगल सर्च के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह भारी लागत और व्यवधान अनुचित जान पड़ता है। तकनीकी पत्रकार जैस्मीन सन का मानना है कि अधिकांश लोगों की वास्तविक समस्याएं सॉफ्टवेयर के आकार की नहीं होती हैं, और अगर होती भी हैं, तो लोग उन्हें पहचान नहीं पाते। एआई एजेंटों को आज भी इंसान की ओर से बहुत अधिक स्पष्ट निर्देशों की आवश्यकता होती है। यदि किसी के पास स्पष्ट लक्ष्य है, तो यह तकनीक जबरदस्त परिणाम देती है। सुरक्षा खतरों के बीच, एक व्यक्तिगत सहायक की तरह काम करते हुए यह एजेंट फर्जी फ़िशिंग ईमेल पकड़ने जैसी चेतावनी भी देता है, जैसे कि किसी मित्र के नाम से आए फर्जी बारबेक्यू आमंत्रण को न खोलने की सलाह दी गई थी। यही वजह है कि तमाम प्राइवेसी चिंताओं के बावजूद व्यस्त पेशेवर इन जोखिमों को उठाकर भी ऐसे टूल्स का उपयोग जारी रख रहे हैं। इसका आप पर असर पर्सनल एआई एजेंट्स ईमेल और मैसेजिंग एक्सेस लेकर आपकी उड़ानों के रिफंड और बुकिंग जैसे काम खुद संभाल सकते हैं, लेकिन इसके साथ प्राइवेसी और गलत लेनदेन के बड़े वित्तीय जोखिम भी जुड़े हैं। • डेटा प्राइवेसी का खतरा: यह टूल आपके पूरे ईमेल इनबॉक्स, कैलेंडर और मैसेजिंग का एक्सेस मांगता है। खाता डिस्कनेक्ट करने के बाद भी कंपनी अपने सर्वर पर आपका डेटा रख सकती है और मॉडल ट्रेनिंग में बातचीत का इस्तेमाल कर सकती है। • रिफंड और टिकट रद्दीकरण: एजेंट एयरलाइंस के उड़ान समय में बदलाव जैसे तकनीकी नियमों को पकड़कर पूरा पैसा वापस दिला सकता है। यात्री बिना किसी एजेंट शुल्क के गैर-वापसी योग्य टिकटों पर भी 550 डॉलर तक का रिफंड बचा सकते हैं। • थर्ड-पार्टी अकाउंट पर बैन: ऑटोमेटेड बॉट किसी वेबसाइट पर बुकिंग के लिए प्रति घंटे 200 बार तक रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। इससे सेवा प्रदाता कंपनियां आपके पर्सनल अकाउंट को हमेशा के लिए ब्लॉक कर सकती हैं। • वित्तीय नुकसान की कोई भरपाई नहीं: अगर एजेंट आपके निर्देश के विपरीत कोई खाना या टिकट रद्द कर दे, तो नुकसान यूजर को ही उठाना पड़ता है। गलती होने पर सॉफ्टवेयर सिर्फ माफी मांगता है, लेकिन वित्तीय भरपाई नहीं करता। • सुरक्षा और फ़िशिंग जांच: इनबॉक्स स्कैन करके यह फर्जी आमंत्रण और फ़िशिंग ईमेल्स को आसानी से पहचान सकता है। यूजर अनचाहे सुरक्षा हमलों से बच सकते हैं, बशर्ते वे टूल को सोच-समझकर अनुमति दें। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक चैटबॉट्स में खाली टेक्स्ट बॉक्स होने के कारण आम यूजर्स को सही प्रॉम्प्ट सोचने में परेशानी होती थी, जबकि इंस्टिंक्ट ने आईमैसेज और व्हाट्सएप जैसे परिचित मैसेजिंग ऐप्स पर काम करके जटिल बैकएंड इंटीग्रेशन को बेहद आसान बना दिया। • मैसेजिंग इंटरफेस का चुनाव: खाली चैट बॉक्स के बजाय आईमैसेज और व्हाट्सएप का उपयोग करने से उपयोगकर्ताओं को अलग से कोई जटिल ऐप सीखने की आवश्यकता नहीं पड़ी। एजेंट खुद सक्रिय होकर प्रासंगिक सुझाव देता है और कार्य निपटाता है। • पूर्ण इनबॉक्स और कैलेंडर इंटीग्रेशन: ईमेल और कैलेंडर का सीधा एक्सेस मिलने से एजेंट फ्लाइट शेड्यूल में 90 मिनट के बदलाव जैसी बारीकियों को पकड़ने में सक्षम हुआ। इससे सामान्य तौर पर जब्त होने वाले 550 डॉलर के रिफंड को निकालना संभव हो सका। • अत्यधिक आक्रामक ऑटोमेशन: टेबल बुकिंग के लिए एपीआई पर प्रति घंटे 200 बार अनुरोध भेजने जैसे अनियंत्रित बॉट व्यवहार के कारण बाहरी सेवाएं खातों को ब्लॉक कर रही हैं। यह समस्या एआई एजेंट्स के लिए सुरक्षा और दर-सीमा नियंत्रण की कमी के चलते पैदा हुई। सवाल-जवाब 1. एआई एजेंट इंस्टिंक्ट क्या है और यह कैसे काम करता है? इंस्टिंक्ट एक इनवाइट-ओनली एआई एजेंट है जो आईमैसेज और व्हाट्सएप के जरिए यूजर के ईमेल और कैलेंडर से जुड़कर काम निपटाता है। 2. इंस्टिंक्ट की वैल्यूएशन और फंडिंग को लेकर क्या जानकारी सामने आई है? कंपनी पहले ही 35 करोड़ डॉलर जुटा चुकी है और अब 10 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 1 अरब डॉलर का नया फंड जुटाने की बातचीत कर रही है। 3. फ्लाइट कैंसिलेशन में एजेंट ने यूजर के पैसे कैसे बचाए? अलास्का एयरलाइंस द्वारा उड़ान 90 मिनट पहले करने की बात पकड़कर इसने सेवर टिकट रद्द कराया और पूरे 550 डॉलर का रिफंड दिलाया। 4. मेटा के म्यूज असिस्टेंट में क्या सुरक्षा खामी पाई गई थी? मेटा के म्यूज में एक ऐसी खामी थी जिसकी मदद से हैकर्स पीड़ित यूजर के मैक कंप्यूटर पर मनचाहा नियंत्रण हासिल कर सकते थे। 5. इंस्टिंक्ट का उपयोग करने में प्राइवेसी से जुड़े मुख्य खतरे क्या हैं? ईमेल हटाने के बाद भी यह इनबॉक्स का डेटा अपने पास बनाए रखता है और बातचीत के डेटा का उपयोग एआई मॉडल की ट्रेनिंग में कर सकता है। 6. रेसी प्लेटफॉर्म ने एक यूजर को क्यों ब्लॉक कर दिया था? एजेंट द्वारा टेबल रिजर्वेशन करने के दौरान रेसी के एपीआई पर प्रति घंटे लगभग 200 बार रिक्वेस्ट भेजने की वजह से यूजर को बैन कर दिया गया। https://trendkia.com/ai/san-francisco-bay-area-men-ai-ejenta-instinct-ki-dhuma-parsanala-asistenta-ki-taraha-nipata-raha-jatila-kama-38116 TrendKia — Har trend, sabse pehle.