व्हाइट हाउस में सुपर इंटेलिजेंस समझौता और स्वायत्त एजेंटों की नई दौड़, राजनीतिक हलकों में भी बढ़ी बेचैनी व्हाइट हाउस में तकनीकी दिग्गजों और डोनाल्ड ट्रंप के बीच स्वैच्छिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं, वहीं स्वायत्त एजेंटों का बढ़ता दायरा और मध्यावधि चुनावों में विवादित उम्मीदवारों की मौजूदगी नई बहस छेड़ रही है। वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद सुपर इंटेलिजेंस पर तैयार स्वैच्छिक समझौते ने नीतिगत गलियारों और तकनीकी दुनिया में एक नई चर्चा छेड़ दी है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयोजित इस दोपहर के भोज में प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व को आमंत्रित किया गया था। इस बैठक में सुंदर पिचाई, एलन मस्क, डारियो अमोदेई, मार्क जुकरबर्ग, जेन्सन हुआंग और ओपनएआई के अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन सहित कई अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। हालांकि ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन इस बैठक में मौजूद नहीं थे। बैठक के समापन पर व्हाइट हाउस अकॉर्ड ऑन सुपर इंटेलिजेंस नामक एक दस्तावेज सामने आया, जिस पर हस्ताक्षर किए गए। सरकारी स्तर पर अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सुपर इंटेलिजेंस के रूप में संबोधित किया जा रहा है। इस समझौते के तहत कंपनियों ने अपने बड़े मॉडलों के लिए चार स्तरीय नियंत्रण और स्वतंत्र ऑडिट व्यवस्था लागू करने पर सहमति जताई है। इस रूपरेखा में आंतरिक तकनीकी मूल्यांकन, किसी बाहरी स्वतंत्र ऑडिट फर्म द्वारा व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा और उन ऑडिट रिपोर्टों का कंपनियों के अपने निदेशक मंडल द्वारा गहन मूल्यांकन शामिल है। हालांकि इस पूरे समझौते की सबसे अहम बात यह है कि यह पूरी तरह स्वैच्छिक है। इसमें कंपनियों पर कोई कानूनी बाध्यता नहीं थोपी गई है, बल्कि तकनीकी प्रयोगशालाओं को स्वयं अपने नियम तय करने और आत्म-नियमन करने की छूट दी गई है। व्हाइट हाउस के बाहर खड़े होकर जब अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर यह संदेश दिया कि वे सब कुछ संभाल लेंगे, तो उद्योग जगत में इसे एक अनौपचारिक भरोसे से अधिक कुछ नहीं माना गया। व्हाइट हाउस शिखर सम्मेलन और अनौपचारिक नियमन का स्वरूप सार्वजनिक संबोधन के दौरान मंच पर एक असहज स्थिति तब देखने को मिली जब डारियो अमोदेई को वक्तव्य देने के लिए आगे लाया गया। मंच पर उनके पहुंचते ही डोनाल्ड ट्रंप ने टिप्पणी की कि वे जो कुछ भी कहेंगे वह पूरी तरह ठीक है। अमोदेई ने अपने संक्षिप्त वक्तव्य में इस बात को दोहराया कि तकनीक के लाभ अद्वितीय और अभूतपूर्व हैं। उसी दौरान मार्क जुकरबर्ग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अलग से अनौपचारिक बातचीत भी चलती रही। आलोचकों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मध्यावधि चुनावों से ठीक कुछ हफ्ते पहले इस तरह का समझौता केवल जनता को यह भरोसा दिलाने की एक जल्दबाजी भरी कोशिश प्रतीत होती है कि प्रशासन के पास सुरक्षा और नियमन की पूरी योजना मौजूद है। इस दस्तावेज की तैयारी में बरती गई हड़बड़ी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि हस्ताक्षरित पत्र में आधिकारिक पदनाम के नीचे यूनाइटेड स्टेट्स की वर्तनी में भी अशुद्धि रह गई थी। नियामकीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो बड़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशालाएं इस समय एक दोहरी और असहज स्थिति का सामना कर रही हैं। एक तरफ वे स्पष्ट और सार्थक नियामकीय ढांचे की अपेक्षा रखती हैं ताकि आगे चलकर उन पर अविश्वास या एकाधिकार विरोधी कानूनों के तहत मुकदमे न चलाए जाएं। दूसरी तरफ ठीक इसी बैठक के अगले दिन फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने एंथ्रोपिक, ओपनएआई और अन्य अग्रणी प्रयोगशालाओं के खिलाफ अपनी जांच तेज करने के संकेत दे दिए। एफटीसी यह जांच कर रहा है कि इन आधुनिक तकनीकों से सामान्य उपभोक्ताओं को क्या प्रत्यक्ष खतरे हो सकते हैं। इसके समानांतर लीना खान ने भी इस बात पर जोर दिया है कि कंपनियों पर मौजूदा उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के तहत ही कार्रवाई की जा सकती है और नए कानूनों के निर्माण के लिए अमेरिकी कांग्रेस की विधायी सक्रियता आवश्यक होगी। राजनीतिक समीकरण और आगामी मध्यावधि चुनाव वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में इस समय मध्यावधि चुनावों को लेकर भारी गहमागहमी है। कई राजनीतिक प्रेक्षकों और विश्लेषकों का आकलन है कि मतदान से पहले सामने आ रहे सर्वेक्षण रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में पूरी तरह अनुकूल नहीं दिख रहे हैं। कांग्रेस के दोनों सदनों में संभावित सत्ता परिवर्तन के संकेतों के बीच कई रणनीतिकार आने वाले महीनों में विधायी समन और संसदीय जांचों से निपटने की अग्रिम रणनीतियां बनाने लगे हैं। महंगाई, ईंधन की कीमतों और आर्थिक दबावों के चलते डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों खेमों में तीखी प्रतिस्पर्धा चल रही है। कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मौजूदा माहौल में सत्ता पक्ष को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ सकता है, जबकि कुछ अन्य विश्लेषकों का मानना है कि रिपब्लिकन खेमा अप्रत्याशित मजबूती दिखा सकता है। इस पूरे शिखर सम्मेलन में एक अन्य पहलू जिसने तकनीकी पर्यवेक्षकों का ध्यान खींचा, वह था एप्पल के किसी भी प्रतिनिधि की अनुपस्थिति। जबकि पूर्व में टिम कुक और डोनाल्ड ट्रंप के बीच औपचारिक संवाद और भेंट के कई प्रसंग रहे हैं, इस अहम बैठक में कंपनी का कोई वरिष्ठ अधिकारी शामिल नहीं हुआ। उद्योग के विश्लेषकों का मानना है कि उपभोक्ता कृत्रिम बुद्धिमत्ता की ताजा दौड़ में अपनी सीमित प्रत्यक्ष मौजूदगी के कारण एप्पल शायद इस बैठक की प्राथमिक सूची में स्थान नहीं बना पाया। इसके विपरीत मेटा अपने विशाल वितरण नेटवर्क के बल पर अपने स्वचालित एजेंट म्यूज को बड़े पैमाने पर मुफ्त और रियायती दरों पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में पूरी ताकत झोंक रहा है। स्वायत्त एजेंटों का उभार और ओपनएआई का नया कदम उपभोक्ता तकनीक के क्षेत्र में इस समय स्वायत्त एजेंट सबसे बड़ा चर्चा का विषय बने हुए हैं। मेटा के म्यूज एजेंट ने एप्लीकेशन स्टोर में तेजी से लोकप्रियता हासिल की है, जिसे अब तक सीधे मुकाबले का सामना नहीं करना पड़ा था। लेकिन इसी सप्ताह आयोजित ओपनएआई के डेवलपर डे कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने अपने संबोधन का अधिकांश समय डॉट्स नामक नए स्वायत्त एजेंटों को समर्पित किया। डॉट्स को सीधे चैटजीपीटी या स्लैक जैसे दैनिक कार्यस्थलों से संचालित किया जा सकता है। यह प्रणाली उपयोगकर्ताओं के लिए पृष्ठभूमि में लगातार सक्रिय रहकर विभिन्न ऑनलाइन कार्य अपने स्तर पर निपटाने में सक्षम है। ओपनएआई ने इस नई उत्पाद शृंखला को तेजी से तैयार कर बाजार में उतारा है। कंपनी के भीतर से सामने आई जानकारी के अनुसार, इंस्टिंक्ट और म्यूज जैसी प्रतिद्वंद्वी प्रणालियों की लोकप्रियता को देखते हुए मात्र कुछ ही सप्ताह के भीतर डॉट्स को विकसित कर जनता के सामने पेश कर दिया गया। पारंपरिक चैट इंटरफेस में जहां उपयोगकर्ता को एक खाली संवाद बॉक्स मिलता है और उसे खुद तय करना पड़ता है कि क्या लिखना है, वहीं ये नए एजेंट उपयोगकर्ता की जीवनशैली और प्राथमिकताओं को सक्रिय रूप से समझकर खुद सुझाव देते हैं। हालांकि इस दौड़ में एंथ्रोपिक जैसी स्थापित प्रयोगशालाओं पर भी जल्द ही कोई प्रभावी उपभोक्ता एजेंट पेश करने का भारी दबाव बन गया है। व्यक्तिगत डेटा, गोपनीयता और वित्तीय जोखिम इन आधुनिक एजेंटों की वास्तविक उपयोगिता सीधे तौर पर इस बात पर निर्भर करती है कि उपयोगकर्ता उन्हें अपनी कितनी निजी जानकारी तक पहुंच प्रदान करता है। डॉट्स जैसी प्रणालियां तभी प्रभावी रूप से काम कर पाती हैं जब उन्हें उपयोगकर्ता के ईमेल, दैनिक कैलेंडर, संपर्क सूची और वित्तीय खातों तक सीधी पहुंच दी जाए। इसके बिना वे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने या कार्य पूरा करने में असमर्थ रहती हैं। दैनिक जीवन में लोग इन प्रणालियों का उपयोग यात्रा टिकटों की बुकिंग, पारिवारिक साझा कैलेंडर तैयार करने, ईमेल से फिशिंग हमलों की पहचान करने या रेस्तरां में टेबल आरक्षित करने के लिए करने लगे हैं। उदाहरण के तौर पर इंस्टिंक्ट नामक स्टार्टअप के तेईस वर्षीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी नूह शिन ने अपने हालिया साक्षात्कार में बताया कि कैसे उनका प्लेटफॉर्म रेस्तरां आरक्षण और दैनिक पहनावे के चयन जैसे कार्यों को स्वचालित कर रहा है। मात्र दो वर्ष से भी कम समय में यह कंपनी दस अरब डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंच चुकी है। हालांकि इस प्रकार के अंधाधुंध अनुकूलन से व्यापक स्तर पर अप्रत्याशित संकट भी पैदा हो सकते हैं। बैंकिंग विशेषज्ञों ने हाल ही में चेतावनी दी है कि यदि प्रत्येक नागरिक का वित्तीय एजेंट हमेशा सर्वोत्तम रिटर्न की तलाश में धन को शून्य या निम्न ब्याज वाले बचत खातों से निकालकर उच्च ब्याज वाले मनी मार्केट फंडों में स्थानांतरित करने लगे, तो इससे पूरी बैंकिंग प्रणाली में अचानक तरलता का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। पारंपरिक बैंकिंग ढांचा सस्ते चालू और बचत खातों की पूंजी पर ही निर्भर रहता है। कार्यस्थल पर मशीनी सहयोगियों की आमद दफ्तरों और कॉर्पोरेट कार्यस्थलों में अब स्वचालित बॉट्स को सहकर्मी का दर्जा दिए जाने की प्रवृत्ति जोर पकड़ रही है। डेवलपर डे पर दिखाए गए एक व्यावहारिक प्रदर्शन में प्रदर्शित किया गया कि कैसे एक कर्मचारी अपनी दैनिक फाइलों में डॉटी नामक एजेंट को टैग कर उससे संवाद कर रही थी और दस्तावेजों में रद्दोबदल करा रही थी। हालांकि जब कंपनियों द्वारा ऐसे एजेंटों को अनिवार्य रूप से कार्यसंस्कृति पर थोपा जाता है, तो मानव कर्मचारियों के बीच असहजता और संशय की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। विशेष रूप से यह बहस चल रही है कि क्या इन सॉफ्टवेयर प्रणालियों को मानवीय नाम देकर एक सहकर्मी की तरह देखा जाना चाहिए या केवल एक तकनीकी उपकरण की तरह सीमित रखा जाना चाहिए। अध्ययनों ने इस बात की पुष्टि की है कि मशीनों को मानवीय रूप देने से कार्यस्थल की उत्पादकता और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ सकता है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के एक शोध के अनुसार, जब प्रबंधकों को यह बताया गया कि प्रस्तुत किया गया कार्य किसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले कर्मचारी द्वारा तैयार किया गया है, तो उन्होंने सामान्य एआई उपकरण की तुलना में त्रुटियों को पकड़ने में अठारह प्रतिशत कम सतर्कता दिखाई। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन सामग्री में कृत्रिम पाठ का अत्यधिक विस्तार, अनावश्यक बुलेट बिंदुओं की भरमार और अतिशय वाचालता पाठकों के ध्यान को भटकाने लगी है। कार्यस्थल में सहयोगी और सहायक के बीच की सीमा रेखा धुंधली होने से वास्तविक मानवीय कौशल और निर्णय क्षमता के कमजोर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। राज्य और संघीय चुनावों में विवादित उम्मीदवारों की उपस्थिति प्रौद्योगिकी से इतर चुनावी राजनीति के मैदान में भी तीव्र ध्रुवीकरण देखने को मिल रहा है। आगामी नवंबर चुनावों को लेकर राज्य और संघीय स्तर पर कई ऐसे उम्मीदवार मैदान में हैं जो अपने विवादित और चरम बयानों के कारण सुर्खियों में बने हुए हैं। एक विस्तृत समीक्षा में यह बात सामने आई है कि नवंबर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के लिए लगभग पांच सौ से अधिक ऐसे उम्मीदवार सक्रिय हैं जो इंटरनेट पर विभाजनकारी, नस्ली या श्वेत वर्चस्ववादी समूहों से जुड़े रहे हैं या सोशल मीडिया पर आक्रामक टिप्पणियां करते रहे हैं। इनमें टेक्सास रेलरोड कमिश्नर पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार बो फ्रेंच का मामला विशेष रूप से चर्चित है। यह पद किसी रेल नेटवर्क के संचालन से संबंधित नहीं है, बल्कि यह राज्य के विशाल तेल और गैस उद्योग का नियमन करता है, जो पूरे अमेरिका के कुल उत्पादन से भी अधिक हाइड्रोकार्बन की निकासी करता है। रिपब्लिकन रणनीतिकार कार्ल रोव ने इस उम्मीदवार की अत्यधिक कट्टरपंथी बयानबाजी के चलते यहां तक कह दिया कि वे एक कट्टरपंथी का समर्थन करने के बजाय डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को वोट देना पसंद करेंगे। इसके बावजूद फ्रेंच इस सीट पर जीत के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। फ्रेंच ने हाल ही में ओहायो स्टेट पर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास ऑस्टिन की फुटबॉल जीत के जश्न में शामिल दक्षिण एशियाई मूल के छात्रों पर नस्लीय टिप्पणियां की थीं और प्रवासियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। जॉर्जिया और उवाल्डे के चुनावी मुकाबले इसी प्रकार जॉर्जिया की सीनेट सीट पर माइक कॉलिन्स का मुकाबला जॉन ओसॉफ से हो रहा है। कॉलिन्स की कुछ ऐसी गतिविधियों और संपर्कों पर सवाल उठते रहे हैं जो श्वेत वर्चस्ववादी और यहूदी-विरोधी विचारधाराओं के करीबी माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त टेक्सास के तेईसवें कांग्रेसनल जिले में रिपब्लिकन पार्टी के ब्रैंडन हेरेरा मैदान में हैं, जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप का खुला समर्थन प्राप्त है। हेरेरा यूट्यूब पर हथियारों के शौकीन के रूप में लोकप्रिय हुए थे और अब वे उस जिले से चुनाव लड़ रहे हैं जिसमें उवाल्डे शामिल है। उवाल्डे वही स्थान है जहां एक प्राथमिक विद्यालय में भीषण गोलीबारी का दर्दनाक हादसा हुआ था। हेरेरा का पूर्व इतिहास सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा और नस्लीय व यहूदी-विरोधी टिप्पणियों से भरा रहा है। उन्होंने नाजी दौर की सबमशीन गन को हिटलर का स्ट्रीट स्वीपर करार दिया था और बंदूक विरोधी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बेहद अभद्र टिप्पणियां की थीं। इसके बावजूद मार्च में ट्रंप ने उनके समर्थन में लिखा था कि वे कभी निराश नहीं करेंगे। हेरेरा का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार केटी पाडिला से बेहद कड़े मुकाबले में फंसा हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि जो बातें कभी राजनीतिक हाशिए पर मानी जाती थीं, वे अब मुख्यधारा के चुनावी मंचों पर खुलेआम स्वीकार्य होती दिख रही हैं। पेंटागन और सरकारी तंत्र में सोशल मीडिया का प्रभाव राजनीतिक प्रचार के साथ-साथ सरकारी संस्थानों के भीतर भी सोशल मीडिया हस्तियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पेंटागन द्वारा रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की सेना सुधार प्राथमिकताओं के तहत नागरिक पदों पर इन्फ्लुएंसर्स को नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में कर्ट श्लिक्टर नामक एक सेवानिवृत्त सेना कर्नल का नाम सामने आया है, जो सोशल मीडिया मंच एक्स पर छह लाख से अधिक फॉलोअर्स रखते हैं। श्लिक्टर को सरकारी डेटाबेस में अत्यधिक योग्य विशेषज्ञ (एचक्यूई) के पदनाम के साथ दर्ज किया गया है। श्लिक्टर अपने सोशल मीडिया खातों और लेखों में लगातार उग्र राजनीतिक विचार व्यक्त करते रहे हैं। जुलाई दो हजार छब्बीस में कंजरवेटिव वेबसाइट टाउन हॉल के लिए लिखे एक आलेख में उन्होंने उदारवादी महिलाओं को पश्चिमी सभ्यता के लिए एक महामारी और प्लेग के समान बताया था। इसके अतिरिक्त बिना बच्चों वाले नागरिकों से मताधिकार छीनने और तानाशाही सोच के पक्ष में उनकी टिप्पणियां भी सार्वजनिक रही हैं। इस प्रकार की नियुक्तियां यह दर्शाती हैं कि प्रशासन के भीतर उन आवाजों को प्राथमिकता मिल रही है जो सार्वजनिक मंचों पर आक्रामक रुख अपनाती रही हैं। वहीं टेक्सास के सीनेट चुनाव में जेम्स टालारिको के खिलाफ खड़े केन पैक्सटन जैसे नेताओं के बदलते रुख से यह संकेत भी मिलता है कि मध्यावधि चुनावों के बाद राजनीतिक समीकरणों में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसका आप पर असर व्हाइट हाउस में हुए इस समझौते और स्वायत्त एआई एजेंटों के तेजी से बढ़ते प्रसार का सीधा असर आम इंटरनेट उपभोक्ताओं, कामकाजी पेशेवरों और वित्तीय खाताधारकों के दैनिक जीवन पर पड़ेगा। • डेटा प्राइवेसी पर असर: डॉट्स और म्यूज जैसे स्वायत्त एजेंटों का उपयोग करने के लिए आपको अपने निजी ईमेल, कैलेंडर और वित्तीय खातों की पूरी अनुमति देनी होगी। यदि आप इन अनुमतियों को साझा करते हैं तो आपके व्यक्तिगत विवरण तीसरे पक्ष के तकनीकी सर्वरों और डेटा केंद्रों पर स्थायी रूप से उपलब्ध रहेंगे। • बैंकिंग और वित्तीय प्रणालियां: स्वचालित वित्तीय एजेंट यदि बेहतर रिटर्न के लिए बैंकों से लगातार धन निकालकर म्यूचुअल या मनी मार्केट फंडों में स्थानांतरित करने लगेंगे, तो बैंकों के पास तरलता घट सकती है। इससे भविष्य में साधारण बचत खातों पर मिलने वाली बैंकिंग सेवाओं और ब्याज दरों के नियमों में कड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। • दफ्तरों में कार्यशैली का बदलाव: कंपनियों में बॉट सहकर्मियों की अनिवार्य तैनाती से कर्मचारियों को सॉफ्टवेयर के साथ मिलकर काम करने और उनकी समीक्षा करने की नई आदत डालनी होगी। शोध के अनुसार बॉट्स की गलतियों को पहचानने में इंसानी चूक अठारह प्रतिशत तक बढ़ जाती है, जिससे कार्यस्थल पर काम की अंतिम जवाबदेही हमेशा मानव कर्मचारी पर ही आएगी। • चुनावी और नीतिगत नीतियां: ऊर्जा, तेल और प्राकृतिक गैस का नियमन करने वाली प्रमुख संस्थाओं में विवादित उम्मीदवारों के पहुंचने से घरेलू ऊर्जा नीतियों और कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। मतदाता और उपभोक्ता के रूप में नागरिकों को स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर बनने वाले नए नियमों के प्रति अधिक सतर्क रहना होगा। ऐसा क्यों हुआ व्हाइट हाउस का यह समझौता और तकनीकी कंपनियों की सक्रियता आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के राजनीतिक दबाव और बाजार में एआई एजेंटों के अनियंत्रित विस्तार के कारण सामने आई है। प्रशासन मतदाताओं को यह संदेश देना चाहता था कि तकनीक पर उसका नियंत्रण है, जबकि तकनीकी कंपनियां स्वतंत्र नियामकीय मुकदमों से सुरक्षा की तलाश में हैं। • मध्यावधि चुनावों का राजनीतिक दबाव: चुनाव से कुछ ही हफ्ते पहले सामने आ रहे जनमत सर्वेक्षणों में रिपब्लिकन पार्टी के सामने कठिन मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं। प्रशासन ने मतदाताओं को आश्वस्त करने के लिए जल्दबाजी में यह स्वैच्छिक समझौता पेश किया ताकि यह दिखाया जा सके कि सुपर इंटेलिजेंस और तकनीकी जोखिमों पर सरकार सतर्क है। • कंपनियों का अविश्वास मुकदमों से बचाव: अग्रणी एआई प्रयोगशालाएं लंबे समय से किसी आधिकारिक संरक्षण की प्रतीक्षा में थीं ताकि उन पर एकाधिकार विरोधी कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई न हो। इसी वजह से तकनीकी दिग्गजों ने किसी बाध्यकारी सरकारी कानून के अभाव में स्वैच्छिक आत्म-नियमन की रूपरेखा पर तत्काल हस्ताक्षर कर दिए। • प्रतिद्वंद्वी एजेंटों का अनियंत्रित मुकाबला: मेटा के म्यूज और अन्य स्वतंत्र मॉडलों की बढ़ती लोकप्रियता ने ओपनएआई जैसी कंपनियों को कुछ ही हफ्तों में डॉट्स जैसे स्वायत्त एजेंट बाजार में उतारने पर मजबूर किया। इस तेज वाणिज्यिक होड़ ने सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया, जिसके चलते सरकारी स्तर पर औपचारिकता पूरी करने की आवश्यकता महसूस हुई। सवाल-जवाब 1. व्हाइट हाउस में हस्ताक्षरित सुपर इंटेलिजेंस समझौता क्या है? यह तकनीकी कंपनियों और अमेरिकी प्रशासन के बीच हुआ एक स्वैच्छिक समझौता है जिसमें कंपनियों ने अपने एआई मॉडलों के लिए चार स्तरीय आंतरिक और बाहरी ऑडिट कराने पर सहमति जताई है। 2. इस समझौते में कौन-कौन से प्रमुख तकनीकी दिग्गज शामिल हुए? बैठक में सुंदर पिचाई, एलन मस्क, डारियो अमोदेई, मार्क जुकरबर्ग, जेन्सन हुआंग और ओपनएआई के अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन उपस्थित थे, जबकि सैम ऑल्टमैन इसमें शामिल नहीं हुए। 3. ओपनएआई के नए डॉट्स एजेंट क्या कार्य कर सकते हैं? डॉट्स हमेशा सक्रिय रहने वाले स्वायत्त एजेंट हैं जो चैटजीपीटी या स्लैक के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के ईमेल, कैलेंडर और दैनिक कार्यों को स्वचालित रूप से निष्पादित कर सकते हैं। 4. कार्यस्थल पर एआई सहकर्मियों को लेकर शोध में क्या बात सामने आई है? बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के शोध के अनुसार, प्रबंधकों द्वारा एआई कर्मचारी के रूप में प्रस्तुत किए गए काम में साधारण सॉफ्टवेयर टूल की तुलना में अठारह प्रतिशत कम गलतियां पकड़ी गईं। 5. टेक्सास रेलरोड कमिश्नर पद के चुनाव को लेकर क्या विवाद है? रिपब्लिकन उम्मीदवार बो फ्रेंच पर छात्रों और प्रवासियों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां करने के गंभीर आरोप हैं, जिसके चलते कार्ल रोव जैसे वरिष्ठ रणनीतिकार ने भी उनके विरोध का ऐलान किया है। https://trendkia.com/ai/white-house-men-super-intelligence-samajhauta-aura-svayatta-ejenton-ki-nai-daura-rajanitika-halakon-men-bhi-barhi-bechaini-41520 TrendKia — Har trend, sabse pehle.