व्हाइट हाउस से बाहर हुईं केटी ज़ाखारिया के एआई माइनिंग स्टार्टअप से जुड़े अनसुलझे तार व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के पद से केवल पांच दिनों में हटाए जाने के बाद केटी ज़ाखारिया के विवादित करियर और एनआरईडी इंटेलिजेंट माइनिंग से उनके संदेहास्पद जुड़ाव की परतें खुली हैं। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के पद पर केवल पांच दिनों की बेहद संक्षिप्त पारी खेलने के बाद पदमुक्त की गईं केटी ज़ाखारिया अपने अंतिम समय में अपने अतीत से जुड़े सवालों के जवाब देने में उलझी रहीं। अपने कार्यकाल के दौरान वह लगातार विवादों और जांच के घेरे में बनी रहीं। उनके बायोडाटा को लेकर सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि वर्षों तक खुद को अटॉर्नी बताने के बावजूद उन्होंने कैलिफोर्निया बार परीक्षा कभी पास ही नहीं की थी, जिसे आखिरकार उन्हें सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करना पड़ा। इसके अतिरिक्त उनके कामकाजी इतिहास में बीचबॉडी नामक एक फिटनेस मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी के साथ एफिलिएट मार्केटर के रूप में काम करने का किस्सा भी सामने आया। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित खनन का दावा करने वाले एक स्टार्टअप एनआरईडी इंटेलिजेंट माइनिंग के साथ उनके जटिल और संदिग्ध संबंधों का ब्योरा सामने आया है, जिसमें डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की पूर्व सचिव क्रिस्टी नोएम भी रणनीतिक सलाहकार की भूमिका में शामिल हैं। कनाडाई कंपनी और सलाहकार बोर्ड का विवादित ऐलान कनाडा के वैंकूवर में पहले नोवारेड माइनिंग के नाम से जानी जाने वाली इस कंपनी ने तांबा और सोना खोजने के छोटे उद्यम के तौर पर शुरुआत की थी। 24 जून को कंपनी ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके घोषणा की कि केटी ज़ाखारिया उनके सलाहकार बोर्ड में शामिल हो रही हैं। यह घोषणा ज़ाखारिया द्वारा डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी में प्रवक्ता का पद छोड़ने के ठीक दो महीने बाद की गई थी। कंपनी की विज्ञप्ति में जोर देकर कहा गया था कि ज़ाखारिया निदेशक मंडल को रणनीतिक मार्गदर्शन देंगी, जिससे कंपनी अपनी खनिज खोज परियोजनाओं और उभरती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहलों को आगे बढ़ा सकेगी। इस सलाहकार बोर्ड में वह सीधे तौर पर क्रिस्टी नोएम के साथ जुड़ने वाली थीं। हालांकि ज़ाखारिया के इस कंपनी में वास्तव में कभी काम करने को लेकर भारी विरोधाभास मौजूद है। जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या वह अभी भी सलाहकार बोर्ड में कार्यरत हैं, तो उन्होंने इस दावे को पूरी तरह नकार दिया। ज़ाखारिया ने दो टूक शब्दों में कहा, “वह सब फर्जी था।” उन्होंने इस मामले पर बात करने के लिए मीडिया रणनीतिकार सैम एम्स्टर्डम से संपर्क करने की सलाह दी। सैम एम्स्टर्डम रणनीतिक विपणन और अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रबंधन का काम करते हैं, और उनके पिछले मुवक्किलों में कज़ाकिस्तान की सरकार के साथ-साथ जॉर्जिया, नाइजीरिया और जिम्बाब्वे के राजनीतिक दल शामिल रहे हैं। विज्ञप्ति पर असहमति और जिम मेंबरशिप जैसी तुलना सैम एम्स्टर्डम ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उनके भाई कंपनी की वेबसाइट पर एनआरईडी प्रबंधन के सदस्य के रूप में दर्ज हैं, लेकिन वह खुद ज़ाखारिया के प्रवक्ता के तौर पर नहीं बल्कि एक मित्र और सहयोगी के रूप में बात कर रहे हैं। एम्स्टर्डम ने स्पष्ट किया कि कंपनी द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति को ज़ाखारिया की मंजूरी नहीं मिली थी और इसे उनकी सहमति के बिना प्रकाशित किया गया था। उन्होंने कहा कि वह इस बात को पूरी सच्चाई के साथ जानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि ज़ाखारिया के कंपनी में शामिल होने को लेकर बातचीत जरूर हुई थी, लेकिन वह कभी औपचारिक रूप से इसका हिस्सा नहीं बनीं। कंपनी के पूर्व मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी और अब मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद संभाल रहे वैलेन्टिन सैतारली ने भी पुष्टि की कि ज़ाखारिया को भूमिका देने के लिए बातचीत हुई थी। सैतारली ने बताया कि वह योजना कभी हकीकत का रूप नहीं ले सकी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना करते हुए कहा, “यह कुछ वैसा ही था जैसे जिम की सदस्यता ले ली जाए लेकिन कसरत करने कभी न जाया जाए।” कंपनी के कामकाजी मॉडल को समझाते हुए सैतारली ने कहा कि उनका पूरा जोर रोबोटिक्स और एआई पर निर्भर है। सैम एम्स्टर्डम की इस धारणा के बावजूद कि विज्ञप्ति को वापस ले लिया गया था, ज़ाखारिया के सलाहकार बोर्ड में शामिल होने का दावा शुक्रवार तक एनआरईडी की वेबसाइट पर मौजूद था। कंपनी के पुराने वेब आर्काइव से यह भी पता चलता है कि ज़ाखारिया का नाम जुलाई तक प्रबंधन सूची में शामिल रखा गया था। जब इस बारे में सैतारली से सवाल किया गया, तो उन्होंने सफाई दी कि वेबसाइट को अपडेट किया जा रहा है। क्रिस्टी नोएम का जुड़ाव और वित्तीय संकट ज़ाखारिया की नियुक्ति की खबर क्रिस्टी नोएम के सलाहकार बनने के आठ दिन बाद सार्वजनिक की गई थी। इससे पहले ज़ाखारिया ने डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी में जनसंपर्क मामलों की उप सहायक प्रेस सचिव के रूप में नोएम के मातहत लगभग एक महीने तक काम किया था। उनके बारे में यह चर्चा भी रही कि उनके संबंध होमलैंड सिक्योरिटी के वास्तविक चीफ ऑफ स्टाफ कोरी लेवांडोव्स्की से काफी करीबी थे, हालांकि ज़ाखारिया ने इन व्यक्तिगत संबंधों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। क्रिस्टी नोएम के कनाडाई खनन कंपनी से जुड़ने के फैसले ने कनाडा में तीखा विरोध भड़का दिया था। स्थानीय नागरिकों ने नोएम के उस पुराने बयान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कनाडा को 51वां राज्य करार दिया था। उस समय की वित्तीय समीक्षाओं में नोवारेड को एक ऐसी तांबा और सोना खोज कंपनी बताया गया था जिसका राजस्व शून्य था। जनवरी महीने में कंपनी के पास नकद के रूप में केवल 65,689 डॉलर मौजूद थे। कंपनी ने स्वयं स्वीकार किया था कि यह छोटी सी रकम अगले 12 महीनों के अनुमानित परिचालन खर्चों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त नहीं होगी। पारंपरिक भूविज्ञान से हटकर रोबोटिक्स और अंतरिक्ष की बातें वित्तीय तंगी के बीच वसंत के मौसम में कंपनी की दिशा में अजीबोगरीब बदलाव आया। आमतौर पर जूनियर खनन कंपनियां अपने सलाहकार बोर्ड में भूवैज्ञानिकों, खनन विशेषज्ञों और तकनीकी सलाहकारों को जगह देती हैं। लेकिन नोवारेड ने इसके उलट रक्षा क्षेत्र, मागा आंदोलन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों से जुड़े प्रभावशाली लोगों को भर्ती करना शुरू कर दिया। कंपनी ने हाल ही में अपने प्रमुख विल्मैक कॉपर-गोल्ड प्रोजेक्ट से पीछे हटने का फैसला किया। एनआरईडी ने घोषणा की कि वह अपने सारे वित्तीय और तकनीकी संसाधन मेटलकोर नामक एआई संचालित खनिज खोज प्लेटफॉर्म के विकास और व्यवसायीकरण में झोंक रही है। वैलेन्टिन सैतारली ने इस बदलाव पर बेहद महत्वाकांक्षी विचार रखे। सैतारली ने कहा, “मैं रोबोटिक्स और माइनिंग की एक नई पीढ़ी तैयार करना चाहता हूं।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या लोग पाषाण युग या घोड़ों के दौर में फंसे रहना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि मानवता को मंगल ग्रह पर रहना है, अंतरिक्ष के होटलों में समय बिताना है और चंद्रमा पर शादी की पार्टियां करनी हैं। उनका मानना है कि उनकी कंपनी वैश्विक खनन और पृथ्वी की सीमाओं से परे रोबोटिक्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को स्थापित करेगी। सलाहकारों के बीच असमंजस और इस्तीफा अमेरिकी नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर और फ्लोरिडा से डेमोक्रेट प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस का चुनाव लड़ रहे फिल एहर भी इस साल की शुरुआत में नोवारेड से जुड़े थे। एहर ने स्वीकार किया कि उन्हें खनन या कमोडिटी बाजार का कोई खास ज्ञान नहीं था। हालांकि वह मानते थे कि देश को अधिक तांबे और महत्वपूर्ण खनिजों की जरूरत है। एहर को कंपनी में आए कुछ ही महीने हुए थे जब कंपनी द्वारा क्रिस्टी नोएम और ज़ाखारिया को सलाहकार बोर्ड में शामिल किए जाने की खबर ने उन्हें चौंका दिया। एहर ने इस वाकये को याद करते हुए कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार ज़ाखारिया भी उसी समय अचानक सामने आईं जब क्रिस्टी नोएम को लाया गया, और इस बारे में उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया था। नोएम उस समय मिनीपोलिस में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट की विवादित कार्रवाई की देखरेख के बाद भारी आलोचनाओं का सामना कर रही थीं। एहर उनके साथ काम करने को तैयार नहीं थे। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से सीधे पूछा कि नोएम को क्यों लाया गया है, क्योंकि वह संघीय सरकार के कामकाज और नैतिकता के मामले में उनसे पूरी तरह विपरीत विचार रखते हैं। एहर को यह बात भी बेहद अजीब लगी कि कंपनी ऐसे लोगों की भरमार कर रही थी जिन्हें खनन उद्योग का कोई अनुभव नहीं था। जहां तकनीकी भूवैज्ञानिकों की जरूरत थी, वहां संयुक्त अरब अमीरात के अल मुआल्ला शाही परिवार के पूर्व प्रमुख सलाहकार ग्रेगरी फेडून और एचबीओ की मशहूर सीरीज ट्रू डिटेक्टिव के सह-निर्माता तथा मीडिया कार्यकारी ली कैपलिन जैसे लोगों को शामिल किया गया। इन असामान्य फैसलों और नोएम की मौजूदगी के चलते एहर ने जल्द ही सलाहकार बोर्ड से इस्तीफा दे दिया। फिटनेस नेटवर्क और बर्खास्तगी का घटनाक्रम व्हाइट हाउस से विदाई से ठीक पहले ज़ाखारिया न केवल खनन कंपनी के विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रही थीं, बल्कि अपने अन्य पुराने मामलों पर भी सफाई दे रही थीं। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के रूप में अपने अंतिम गुरुवार की शाम को उन्होंने फिटनेस इन्फ्लुएंसर जेनेल समर्स से संपर्क करने का सुझाव दिया ताकि बीचबॉडी के साथ उनके संबंधों की स्थिति स्पष्ट हो सके। समर्स ही वह व्यक्ति थीं जिन्होंने ज़ाखारिया को उस नेटवर्क से जोड़ा था। जेनेल समर्स ने बताया कि इंटरनेट पर मुलाकात के अलावा उन्हें ज़ाखारिया के बारे में बहुत ज्यादा याद नहीं है, सिवाय इसके कि वह काफी विनम्र थीं और फिटनेस कार्यक्रमों में रुचि रखती थीं। समर्स ने कहा कि उनकी याददाश्त के मुताबिक ज़ाखारिया ने उस व्यवसाय में कोई बहुत बड़ा काम नहीं किया था। समर्स ने इसे पिरामिड स्कीम कहे जाने का विरोध किया, हालांकि ज़ाखारिया ने खुद इस शब्द का इस्तेमाल किया था। समर्स का तर्क था कि यह नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस मॉडल था और इसे पुरानी सोच के तहत पिरामिड योजना नहीं कहा जाना चाहिए। केटी ज़ाखारिया को अंततः व्हाइट हाउस से पदमुक्त कर दिया गया। जब उनकी इस बर्खास्तगी को लेकर सैम एम्स्टर्डम से उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही गई, तो उन्होंने हैरान होते हुए कहा कि यह उनके लिए बिल्कुल नई खबर है। ज़ाखारिया की पांच दिनों की संक्षिप्त पारी और उनके इर्द-गिर्द बने रहस्य अब भी अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इसका आप पर असर व्हाइट हाउस प्रेस सचिव की इस बर्खास्तगी और स्टार्टअप से जुड़े विवाद से सार्वजनिक प्रशासन, राजनीतिक नियुक्तियों और तकनीकी निवेश में पारदर्शिता के सीधे मायने निकलते हैं। • प्रशासनिक नियुक्तियों पर असर: उच्च सरकारी पदों पर भर्ती के लिए बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और दावों की जांच के नियम सख्त हो सकते हैं। इससे भविष्य में किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक नियुक्ति से पहले रिज्यूमे और पेशेवर योग्यताओं की स्वतंत्र पुष्टि अनिवार्य की जाएगी। • स्टार्टअप और निवेशकों की सतर्कता: एआई और रोबोटिक्स के नाम पर बड़े दावे करने वाली छोटी कंपनियों की साख पर सवाल खड़े होंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी कंपनी के बोर्ड में बड़े राजनीतिक चेहरों के नाम देखकर निवेश करने से पहले उनके वास्तविक संचालन और वित्तीय स्थिति की जांच करें। • कनाडाई और वैश्विक खनन क्षेत्र: जूनियर माइनिंग कंपनियों द्वारा राजनीतिक पहुंच के जरिए पूंजी जुटाने की कोशिशों की निगरानी बढ़ सकती है। इससे कनाडा और अन्य देशों में खनिज खोज से जुड़ी कंपनियों के नियामक ऑडिट और प्रकटीकरण नियमों में सख्ती देखने को मिल सकती है। • जनता के भरोसे पर प्रभाव: सरकारी प्रवक्ताओं द्वारा अपनी पेशेवर डिग्रियों के बारे में भ्रामक दावे करने से आधिकारिक बयानों की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। नागरिकों और मीडिया द्वारा अब प्रेस ब्रीफिंग करने वाले अधिकारियों की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि पर पहले से अधिक नजर रखी जाएगी। ऐसा क्यों हुआ केटी ज़ाखारिया का पद से हटना और कनाडाई स्टार्टअप विवाद में फंसना उनके बायोडाटा में किए गए असत्य दावों और बिना सहमति के की गई कॉर्पोरेट नियुक्तियों के कारण हुआ। आधिकारिक जांच और मीडिया सवालों के चलते उनके अतीत के कई विरोधाभासी तथ्य एक साथ सामने आ गए। • बार परीक्षा का असत्य दावा: ज़ाखारिया ने वर्षों तक खुद को योग्य वकील बताया था लेकिन वह कैलिफोर्निया बार परीक्षा कभी उत्तीर्ण नहीं कर पाई थीं। जब इस झूठ की पुष्टि हुई, तो व्हाइट हाउस में उनकी पद पर बने रहने की साख पूरी तरह समाप्त हो गई। • स्टार्टअप का अनाधिकृत प्रचार: नोवारेड माइनिंग ने ज़ाखारिया की औपचारिक सहमति के बिना उन्हें सलाहकार बोर्ड में शामिल करने की विज्ञप्ति जारी की थी। कंपनी अपने नाम के साथ बड़े राजनीतिक नाम जोड़कर निवेशकों को आकर्षित करना चाहती थी, जिसने बाद में विवाद का रूप ले लिया। • वित्तीय संकट और दिशा परिवर्तन: कंपनी के पास जनवरी में केवल 65,689 डॉलर की नकदी बची थी और वह शून्य राजस्व पर काम कर रही थी। इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए कंपनी ने भूविज्ञान छोड़कर रोबोटिक्स और एआई जैसे लोकप्रिय शब्दों का सहारा लिया और हाई प्रोफाइल राजनेताओं को जोड़ना शुरू किया। • क्रिस्टी नोएम के साथ आंतरिक मतभेद: क्रिस्टी नोएम की नियुक्ति और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते सलाहकार बोर्ड में आंतरिक असंतोष फैल गया। इसके चलते फिल एहर जैसे सलाहकारों ने इस्तीफा दिया और कंपनी की आंतरिक कलह सार्वजनिक हो गई। सवाल-जवाब 1. केटी ज़ाखारिया को व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के पद से क्यों हटाया गया? केटी ज़ाखारिया को उनके पेशेवर इतिहास में किए गए भ्रामक दावों, विशेष रूप से कैलिफोर्निया बार परीक्षा पास किए बिना खुद को अटॉर्नी बताने और विवादित व्यावसायिक संबंधों के कारण पांच दिनों में ही हटा दिया गया। 2. एनआरईडी इंटेलिजेंट माइनिंग कंपनी क्या करती है? यह कनाडा के वैंकूवर की एक पूर्व तांबा और सोना खोज कंपनी है, जिसने पारंपरिक खनन छोड़कर मेटलकोर नामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स आधारित खनिज खोज प्लेटफॉर्म पर काम शुरू किया है। 3. क्या ज़ाखारिया वास्तव में एनआरईडी के सलाहकार बोर्ड में शामिल थीं? ज़ाखारिया ने इसे फर्जी करार दिया और उनके सहयोगी सैम एम्स्टर्डम ने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति उनकी सहमति के बिना जारी हुई थी, हालांकि कंपनी ने बातचीत होने की बात स्वीकार की है। 4. क्रिस्टी नोएम की नियुक्ति का कनाडा में विरोध क्यों हुआ था? क्रिस्टी नोएम के सलाहकार बनने का विरोध इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने पहले कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य कहा था और वह एक विवादास्पद अमेरिकी राजनीतिक हस्ती रही हैं। 5. नोवारेड कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी थी? कंपनी का कोई राजस्व नहीं था और जनवरी में उसके पास केवल 65,689 डॉलर की नकदी बची थी, जो अगले 12 महीनों के खर्चों के लिए भी पर्याप्त नहीं थी। 6. फिल एहर ने कंपनी के सलाहकार बोर्ड से इस्तीफा क्यों दिया? अमेरिकी नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर फिल एहर ने क्रिस्टी नोएम के विवादास्पद फैसलों और बोर्ड में खनन विशेषज्ञों की कमी के कारण इस्तीफा दे दिया। https://trendkia.com/ai/white-house-se-bahara-huin-katie-zacharia-ke-ai-maininga-startaapa-se-jure-anasulajhe-tara-48445 TrendKia — Har trend, sabse pehle.