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  "type": "article",
  "title": "बीमा क्लेम एडजस्टर क्यों हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सबसे बड़े विरोधी",
  "summary": "ग्लासडोर के हालिया आंकड़ों के मुताबिक अमेरिकी बीमा क्लेम एडजस्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर सबसे ज्यादा आलोचनात्मक हैं और उनके 98 प्रतिशत रिव्यू इसके खिलाफ हैं।",
  "content": "कर्मचारियों के फीडबैक और रिसर्च से जुड़े प्लेटफॉर्म्स पर बीमा उद्योग से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाएं इन दिनों काफी मुखर हो रही हैं। एक प्रतिनिधि रिव्यू में लिखा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इस हद तक थोपना कि इंसानों से उनकी सोच और बुद्धि का इस्तेमाल ही छीन लिया जाए, बेहद निराशाजनक है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि हर किसी पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जबरन थोपना बंद किया जाए। इसके अलावा एक अन्य तीखी प्रतिक्रिया में कहा गया कि इस कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐप्स पूरी तरह बकवास हैं।\n\nयह समीक्षाएं किसी पत्रकार या शिक्षक की तरफ से नहीं बल्कि बीमा क्लेम एडजस्टर्स की ओर से आ रही हैं। ग्लासडोर के हालिया शोध से यह सामने आया है कि जो क्लेम एडजस्टर अपनी ऑनलाइन पोस्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र करते हैं, वे 98 प्रतिशत मामलों में इसकी आलोचना करते हैं। इस आंकड़े ने उन्हें अमेरिकी कामकाजी वर्ग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे बड़ा विरोधी बना दिया है। आमतौर पर बीमा एडजस्टर इस बात की शिकायत करते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति जुनूनी नेतृत्व उन पर और उनके ग्राहकों पर त्रुटिपूर्ण तकनीक को थोप रहा है। एडजस्टर्स का कहना है कि जब इस पेशे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनी कमियों के कारण विफल होती है, तो उन्हें ही उस मानवीय गंदगी को साफ करना पड़ता है।\n\nअहमद जैक्सन का उदाहरण इस स्थिति को स्पष्ट करता है। लगभग एक साल पहले वे एक बड़ी बीमा कंपनी के क्लेम विभाग में काम कर रहे थे। उनके नियोक्ता ने शुरुआती नुकसान की रिपोर्टिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने का फैसला किया, जिसमें क्लेम दर्ज करना और किसी घटना की पहली बार जानकारी मिलने पर डेटा जुटाना शामिल था। इसे कर्मचारियों और पॉलिसीधारकों दोनों के लिए एक वरदान माना जा रहा था, जिससे साधारण क्लेम को आसान बनाया जा सके और अधिक जटिल मामलों को वास्तविक इंसानों के पास भेजा जा सके। इसके बजाय जैक्सन का कहना है कि उन्हें और अन्य एडजस्टर्स को गलत तरीके से वर्गीकृत क्लेम की अचानक बाढ़ का सामना करना पड़ा, जिन्हें सही विभाग में फिर से भेजना पड़ा।\n\nक्लेम सारांश पढ़ते समय उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा उत्पन्न भ्रम और त्रुटियों का सामना करना पड़ा। जब अनजाने में उन्होंने वे त्रुटियां दावेदारों या उनके वकीलों तक पहुंचा दीं, तो उन्हें उनके गुस्से का शिकार होना पड़ा। उन्होंने इसके जल्द ही बाद कंपनी छोड़ दी और एक अलग बीमा कंपनी में चले गए। अहमद जैक्सन का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चीजें गलत कर रहा है और यह एडजस्टर्स पर काम का बोझ और ज्यादा बढ़ा रहा है। अलबामा के मोबाइल शहर में एक क्लेम कार्यकारी ज्योफ्री कॉनड कहते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की थकान आ चुकी है और जिस मात्रा में इसे हम पर थोपा जा रहा है, उससे हम लगभग पूरी तरह थक चुके हैं।\n\nग्लासडोर के वरिष्ठ अर्थशास्त्री क्रिस मार्टिन को यह उम्मीद नहीं थी कि क्लेम एडजस्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से इतनी नफरत करेंगे। जब उन्होंने परिणाम देखे तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने इस पर गहराई से छानबीन शुरू कर दी। मार्टिन का निष्कर्ष यह है कि यह पूरा पेशा एक बड़े बदलाव और उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। वर्ष 2024 में श्रम सांख्यिकी ब्यूरो ने रिपोर्ट दी थी कि उसे उम्मीद थी कि आने वाले दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका में क्लेम एडजस्टर्स की संख्या 18,900 यानी 5 प्रतिशत कम हो जाएगी।\n\nश्रम सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार मई 2025 और मई 2026 के बीच इस क्षेत्र में रोजगार में 21 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती करियर वाले एडजस्टर्स के लिए यह गिरावट और भी अधिक तीव्र थी, जहां ग्लासडोर के अनुसार 2025 के बाद से शुरुआती स्तर की नौकरियां 50 प्रतिशत तक घट चुकी हैं। श्रम सांख्यिकी ब्यूरो ने इस गिरावट के पीछे तकनीक को एक मुख्य कारण बताया है। पिछले कुछ वर्षों में लिबरेट और पेस जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप्स ने बीमा क्षेत्र में नए बदलाव लाने के वादों के साथ लाखों डॉलर जुटाए हैं, जबकि बीमा कंपनियों ने अधिक से अधिक क्लेम संभालने के लिए इस तकनीक का उपयोग बढ़ा दिया है।\n\nव्यवहार में इसका मतलब यह हो सकता है कि किसी क्लेम को दर्ज करने के लिए किसी इंसान के बजाय चैटबॉट से बात करनी पड़े। क्षतिग्रस्त घर का निरीक्षण करने के लिए लोगों को भेजने के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स भुगतान के अनुमान प्रदान करने के लिए तस्वीरों या वीडियो का विश्लेषण कर सकते हैं। चिकित्सा रिकॉर्ड के सैकड़ों पन्नों को महत्वपूर्ण विवरण निकालने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा सारांशित किया जा सकता है। या फिर किसी बीमा कंपनी का टूल पॉलिसीधारक द्वारा अपलोड की गई जानकारी जैसे फोटो, वीडियो, दस्तावेज और रसीदें प्रोसेस करके सेकंड के भीतर भुगतान भेज सकता है।\n\nलेमोनेड का लक्ष्य यही है। साल 2015 में अपनी स्थापना के बाद से इस बीमा कंपनी ने नौकरशाही को बॉट्स और मशीन लर्निंग से बदलने का वादा किया है। पिछले साल के अंत तक इसके मालिकाना हक वाले चैटबॉट एआई जिम ने 96 प्रतिशत मामलों में शुरुआती रिपोर्टों को संभाला, जबकि ऑटोमेशन ने सभी क्लेम का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा संभाला। हालांकि स्टेट फार्म जैसी अधिक पारंपरिक बीमा कंपनियां इस बात पर जोर देती हैं कि क्लेम के लिए मानवीय और डिजिटल विशेषज्ञता दोनों के मिश्रण की आवश्यकता होती है, फिर भी कुछ क्लेम एडजस्टर अभी भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वे खुद अपनी ही नौकरी की जगह लेने वाले सिस्टम को प्रशिक्षित कर रहे हैं।\n\nलेमोनेड के प्रवक्ता पॉल स्टेट्स का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई नौकरियों को प्रभावित करेगा और बीमा तथा अर्थव्यवस्था में कई मौजूदा पदों को खतरे में डालेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि स्वचालन कर्मचारियों को अपनी सहानुभूति, देखभाल और विशेषज्ञता को सबसे जटिल दावों पर केंद्रित करने की अनुमति देता है। पॉल स्टेट्स का मानना है कि ग्लासडोर की इस रिपोर्ट को पूरे उद्योग में गंभीरता से लिया जाना चाहिए।\n\nक्रिस मार्टिन का कहना है कि नौकरियां नहीं बची हैं और रोजगार की अच्छी संभावनाएं भी समाप्त हो रही हैं। जब कर्मचारियों को छंटनी नजदीक महसूस होती है, तो ग्लासडोर के आंकड़े बताते हैं कि उनके रिव्यू लगातार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खिलाफ होते जाते हैं। मार्टिन का कहना है कि समीक्षक तब भी तकनीक के प्रति संदेह व्यक्त करते हैं जब उन्हें लगता है कि कोई घटिया उत्पाद उन पर या उनके ग्राहकों पर जबरन थोपा जा रहा है।\n\nअलबामा के क्लेम एडजस्टर ज्योफ्री कॉनड का कहना है कि उनके पेशे के लोगों को वास्तव में ऐसा महसूस होता है कि उनकी जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल ले रहे हैं। उनका मानना है कि यह केवल एक उपकरण है और इसे कभी भी कमान नहीं सौंपी जानी चाहिए। ऐसे कई उदाहरण भी हैं जहां यह तकनीक एडजस्टर्स के जीवन को आसान बना सकती है। अहमद जैक्सन का कहना है कि यह प्रशासनिक कार्यों के लिए मददगार है और वह इसका उपयोग उन चीजों के लिए करते हैं जिन्हें वे मामूली कॉल मानते हैं, जैसे किसी की रेंटल कार की बुकिंग को कुछ दिनों के लिए बढ़ाना।\n\nस्टेट फार्म के प्रतिनिधि जस्टिस टॉमचाक का कहना है कि कंपनी का उद्देश्य स्टेट फार्म के एजेंटों और कर्मचारियों को बेहतर उपकरण देना है ताकि वे उस काम पर अधिक समय बिता सकें जो सबसे अधिक मायने रखता है, यानी ग्राहकों की मदद करना। लेकिन क्लेम एडजस्टर्स को इसके आउटपुट पर ज्यादा भरोसा नहीं है, जैसा कि पूर्व एडजस्टर और बीमा उद्योग सलाहकार सैंडी अविना का कहना है। एक वकील के दस्तावेज में मामूली सा धब्बा भी मतिभ्रम या गलत परिणाम का कारण बन सकता है, जिससे गलत भुगतान हो सकता है। चिकित्सा रिपोर्ट के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सारांश में एक छूटा हुआ बिंदु भी ऐसा ही परिणाम दे सकता है।\n\nग्राहक अक्सर यह समझ नहीं पाते कि भ्रम या गलत जानकारी की जड़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है और वे यह मान लेते हैं कि गलती करने वाला एडजस्टर ही है। ज्योफ्री कॉनड समझते हैं कि कई लोग क्लेम एडजस्टर्स को किसी आपदा के बाद मंडराने वाले भावहीन गिद्धों के रूप में देखते हैं। लेकिन उनका आग्रह है कि एक अच्छा क्लेम एडजस्टर वह होता है जो संवेदनशील होने के साथ-साथ पॉलिसीधारक को अधिक से अधिक पैसा दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित रहता है। वे यह बात अच्छी तरह जानते हैं क्योंकि वे खुद इस दौर से गुजर चुके हैं।\n\nपच्चीस साल पहले जब कॉनड ने बीमा उद्योग में काम करना शुरू नहीं किया था, तब उनका घर जलकर पूरी तरह खाक हो गया था। यह कुल नुकसान का मामला था। कॉनड का कहना है कि अगर उस समय उनसे यह कहा जाता कि कोई व्यक्ति आकर सिर्फ तस्वीरें लेगा और तस्वीरों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा एक अनुमान तैयार कर लिया जाएगा, तो वे शायद अपना मानसिक संतुलन खो बैठते। उन्हें ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी जो यह सुनिश्चित कर सके कि वे ठीक हैं, उनका परिवार ठीक है और वे सुरक्षित हैं। उनका कहना है कि तकनीक मददगार हो सकती है, लेकिन तब नहीं जब इसे मानवता के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाए और यह एक खतरनाक रणनीति है।\n\nइसका आप पर असर\nबीमा क्लेम एडजस्टर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति बढ़ती नाराजगी और इस क्षेत्र में घटते रोजगार का सीधा असर पॉलिसीधारकों और बीमा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं पर पड़ रहा है।\n\n• भारत में: देश में बीमा और टेक आधारित सेवाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे पारंपरिक ग्राहकों को चैटबॉट और ऑटोमेटेड सिस्टम से रूबरू होना पड़ रहा है। इससे ग्राहकों को कई बार गलत क्लेम सेटलमेंट या तकनीकी त्रुटियों का सामना करना पड़ता है, जिसके लिए उन्हें मानकीकृत सहायता के बजाय लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।\n• अमेरिका में: अमेरिकी बीमा क्षेत्र में मई 2025 से मई 2026 के बीच रोजगार में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है और शुरुआती स्तर के पदों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। नौकरी चाहने वाले नए युवाओं और शुरुआती करियर वाले एडजस्टर्स के लिए इस क्षेत्र में अवसर तेजी से सीमित हो रहे हैं।\n• पॉलिसीधारकों के लिए: स्वचालित प्रणालियों और चैटबॉट्स द्वारा क्लेम निपटाए जाने के कारण ग्राहकों को अक्सर त्रुटिपूर्ण निर्णयों और गलत भुभुगतान का सामना करना पड़ता है। ग्राहकों को यह समझना होगा कि कई बार तकनीकी गड़बड़ी के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होता है, जिसकी पहचान समय रहते न करने पर उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।\n• कर्मचारियों पर दबाव: बीमा कंपनियों में काम कर रहे मौजूदा एडजस्टर्स पर गलत वर्गीकृत क्लेम और सिस्टम की त्रुटियों को सुधारने का अतिरिक्त कार्यभार आ गया है। इससे कार्यस्थल पर मानसिक तनाव और नौकरी जाने का डर लगातार बना हुआ है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ग्लासडोर के शोध में बीमा क्लेम एडजस्टर्स के बारे में क्या मुख्य बात सामने आई है?\nग्लासडोर के शोध से पता चला है कि जो क्लेम एडजस्टर अपनी पोस्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र करते हैं, वे 98 प्रतिशत मामलों में इसकी आलोचना करते हैं।\n\n2. बीमा क्लेम एडजस्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से क्यों नाराज हैं?\nएडजस्टर्स का कहना है कि अधिकारी त्रुटिपूर्ण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जबरन थोप रहे हैं, जिससे गलत क्लेम वर्गीकरण और मतिभ्रम जैसी समस्याएं पैदा होती हैं और उन्हें इंसानी गड़बड़ियां ठीक करनी पड़ती हैं।\n\n3. श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार अमेरिका में क्लेम एडजस्टर्स के रोजगार में कितनी गिरावट आई है?\nमई 2025 से मई 2026 के बीच इस क्षेत्र में रोजगार में 21 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।\n\n4. लेमोनेड कंपनी अपने क्लेम को संभालने के लिए किस तकनीक का उपयोग करती है?\nलेमोनेड कंपनी अपने मालिकाना हक वाले चैटबॉट एआई जिम और ऑटोमेशन का उपयोग करती है जो अधिकांश शुरुआती रिपोर्टों को संभालता है।\n\n5. अहमद जैक्सन ने बीमा कंपनी में अपनी नौकरी क्यों छोड़ दी?\nजैक्सन ने नौकरी छोड़ दी क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शुरुआती रिपोर्टिंग प्रणाली गलत क्लेम और सारांशों में त्रुटियां पैदा कर रही थी, जिससे वकीलों और ग्राहकों का गुस्सा उन पर फूटता था।\n\n6. ज्योफ्री कॉनड का घर जलने की घटना से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर क्या नजरिया है?\nकॉनड का मानना है कि जब किसी का घर जल जाता है तो उसे केवल तस्वीरों और स्वचालित अनुमानों की नहीं बल्कि मानवीय सहानुभूति और सुरक्षा की जरूरत होती है, और तकनीक को मानवता का विकल्प नहीं बनना चाहिए।\n\n7. प्रारंभिक स्तर के एडजस्टर्स की नौकरियों पर कितना असर पड़ा है?\nग्लासडोर के आंकड़ों के अनुसार 2025 के बाद से शुरुआती स्तर की नौकरी की पोस्टिंग में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है।",
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  "publishedAt": "2026-08-31",
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