अमेरिका ने क्यूबा पर कसे शिकंजे, राउल कास्त्रो के पोते समेत कई पर नए प्रतिबंध अमेरिका ने क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के पोते और प्रमुख तेल आपूर्ति कंपनी को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी सरकार ने लैटिन अमेरिकी देश क्यूबा के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए नए प्रतिबंधों का ऐलान कर दिया है। बीते गुरुवार को उठाए गए इन कदमों का मुख्य उद्देश्य क्यूबा की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था पर शिकंजा कसना और वहां के नेतृत्व पर दबाव बढ़ाना है। इन पाबंदियों के दायरे में क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के पोते फिदेल अर्नेस्टो कास्त्रो के साथ-साथ देश की अहम ऑयल इंडस्ट्री सप्लाई इम्पोर्ट कंपनी 'अबापेट' भी आ गई है। इस कार्रवाई से कैरेबियाई देश की मुश्किलें और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। क्यूबा के ऊर्जा संकट को और गहरा करने की रणनीति विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए प्रतिबंधों के पीछे मुख्य मंशा क्यूबा की चरमराई बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से ठप करना है। 'ओब्सीडियन रिस्क एडवाइजर्स' के मैनेजिंग पार्टनर और प्रतिबंध विशेषज्ञ ब्रेट एरिकसन ने बताया कि 'अबापेट' कंपनी क्यूबा की बदहाल बिजली ग्रिड को चलाने के लिए जरूरी स्पेयर पार्ट्स और स्पेशलाइज्ड मशीनरी का आयात करती है। इन पाबंदियों का सीधा असर महत्वपूर्ण उपकरणों की आपूर्ति पर पड़ेगा, जिससे वहां का ऊर्जा संकट और ज्यादा विकराल रूप धारण कर सकता है। सत्ता परिवर्तन का दबाव बनाने की कोशिश विश्लेषकों का यह भी कहना है कि अमेरिकी प्रशासन क्यूबा की मौजूदा सत्ता व्यवस्था में बदलाव देखने के लिए हरसंभव दबाव बना रहा है। ब्रेट एरिकसन के अनुसार, अमेरिकी नीति निर्माताओं का रुख साफ है कि वे इस दिशा में किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं हैं और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस मोर्चे पर बेहद आक्रामक रवैया अपनाए हुए हैं। संकट से निपटने के लिए नए रास्ते तलाशने की मजबूरी अमेेरिकी पाबंदियों के बावजूद क्यूबा सरकार के पास इन बाधाओं को पार करने के विकल्प तलाशने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है। जानकारों का आकलन है कि हवा का रुख भांपते हुए हवा का यह देश अपनी जरूरतों के सामान को महंगे दामों पर आयात करने के वैकल्पिक तौर-तरीके ढूंढेगा। हालांकि, इस प्रक्रिया में खर्च बढ़ने से देश के भीतर महंगाई तेजी से ऊपर जाएगी और वहां की आर्थिक हालत पहले से भी ज्यादा बदतर हो सकती है। कास्त्रो परिवार के वित्तीय नेटवर्क पर सीधा हमला इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 'एक्स' पर लिखा कि जिन लोगों और संस्थानों पर यह कार्रवाई की गई है, वे कास्त्रो परिवार के भ्रष्ट वित्तीय और खुफिया तंत्र का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन क्यूबा की स्वतंत्रता के संकल्प पर पूरी तरह से कायम है। क्यूबा ने अमेरिकी नीतियों को ठहराया जिम्मेदार दूसरी तरफ, क्यूबा के उप प्रधानमंत्री और विदेशी निवेश मंत्री ऑस्कर पेरेज-ओलिवा फ्रागा ने देश के तमाम संकटों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका की आक्रामक नीतियों को दोषी ठहराया है। इसके साथ ही मेक्सिको में क्यूबा के राजदूत यूजेनियो मार्टिनेज एनरिकेज ने भी इन पाबंदियों की कड़ी निंदा की है। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने टिप्पणी की थी कि क्यूबा एक विफल देश है जिसके पास अपना तेल तक नहीं है। इसका आप पर असर अमेरिका द्वारा क्यूबा पर लगाए गए नए प्रतिबंधों का असर सीधे तौर पर वहां की आम जनता और आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। • वैश्विक असर: अमेरिका के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लैटिन अमेरिकी देशों के साथ व्यापारिक रिश्तों पर दबाव बढ़ सकता है और भू-राजनीतिक तनाव में इजाफा होगा। • क्यूबा में: देश की पहले से चरमराई बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो सकती है, जिससे नागरिकों को भीषण ऊर्जा संकट और रोजमर्रा की वस्तुओं की भारी महंगाई का सामना करना पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. अमेरिका ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध क्यों लगाए हैं? अमेरिका ने क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने और वहां के ऊर्जा संकट को और गहरा करने के लिए ये नए प्रतिबंध लगाए हैं। 2. किन प्रमुख लोगों और कंपनियों को प्रतिबंधित किया गया है? इस सूची में पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के पोते फिदेल अर्नेस्टो कास्त्रो और तेल आपूर्ति कंपनी 'अबापेट' शामिल हैं। 3. अबापेट कंपनी का क्या काम है? यह कंपनी क्यूबा की बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आवश्यक कलपुर्जे और स्पेशलाइज्ड उपकरणों का आयात करती है। 4. मार्को रुबियो ने प्रतिबंधों को लेकर क्या कहा है? अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ये संस्थाएं कास्त्रो के भ्रष्ट वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा हैं और क्यूबा को आजाद करने का संकल्प अटूट है। 5. क्यूबा सरकार ने इन प्रतिबंधों पर क्या प्रतिक्रिया दी है? क्यूबा के उप प्रधानमंत्री ऑस्कर पेरेज-ओलिवा फ्रागा ने देश के संकट के लिए सीधे तौर पर अमेरिका की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। https://trendkia.com/america/amerika-ne-kyuba-para-kase-shiknje-raul-castro-ke-pote-sameta-kai-para-nae-pratibndha-27501 TrendKia — Har trend, sabse pehle.