अमेरिकी राजनीति में अहमद पटेल जैसी भूमिका निभा रहे जेरेड कुशनर, डोनाल्ड ट्रंप के संकट दूर करने में जुटे अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिड-टर्म चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घटती लोकप्रियता को देखते हुए उनके दामाद जेरेड कुशनर राजनीतिक संकटमोचक के रूप में सक्रिय हो गए हैं। नवंबर में आयोजित होने वाले अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों से ठीक पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ईरान के साथ छिड़ी जंग और सरकार की कई नीतियों को लेकर जनता में उपजे असंतोष के कारण डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरते जनसमर्थन के बीच अगर सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी को आगामी मिड-टर्म चुनावों में पराजय का सामना करना पड़ता है, तो हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का नियंत्रण विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के हाथों में जा सकता है। इस संभावित राजनीतिक संकट से निपटने और सरकार के कामकाज को सुचारू बनाए रखने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने कमान संभाल ली है। भारतीय राजनीति के अहमद पटेल जैसी रणनीतिक भूमिका जेरेड कुशनर की मौजूदा कार्यशैली की तुलना भारतीय राजनीति के दिवंगत कांग्रेस नेता अहमद पटेल से की जा रही है। जिस प्रकार अहमद पटेल ने वर्षों तक गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी के लिए एक प्रमुख संकटमोचक की भूमिका निभाई थी, ठीक उसी तरह जेरेड कुशनर भी डोनाल्ड ट्रंप के लिए हर मोर्चे पर ढाल बनकर खड़े हो रहे हैं। भारतीय राजनीति में साल 2017 के राज्यसभा चुनाव का घटनाक्रम इसका बड़ा उदाहरण है, जब विरोधी खेमे की तमाम कोशिशों के बावजूद अहमद पटेल ने अपनी राजनीतिक कुशलता से ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। अब अमेरिकी राजनीति के गलियारों में जेरेड कुशनर भी घरेलू मुद्दों से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति तक ट्रंप प्रशासन के लिए इसी प्रकार के संकटमोचक बनकर उभरे हैं। डेमोक्रेटिक नेताओं से संवाद और भविष्य की रणनीति अगर चुनावों के बाद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स का बहुमत होता है, तो ट्रंप सरकार के समक्ष विधायी और नीतिगत मोर्चों पर भारी बाधाएं खड़ी हो सकती हैं। इस चुनौती का पहले से ही समाधान निकालने के उद्देश्य से जेरेड कुशनर ने विपक्षी खेमे के साथ बातचीत का सिलसिला शुरू किया है। हाल ही में उन्होंने एक शीर्ष डेमोक्रेट नेता के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात की है। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य आने वाले समय में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने पैदा होने वाली राजनीतिक और विधायी अड़चनों को समय रहते दूर करना है। कुशनर की यह सक्रियता दर्शाती है कि वे आने वाले समय में ट्रंप के राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पर्दे के पीछे से मुख्य रणनीतिकार की भूमिका निभा रहे हैं। इसका आप पर असर भारत में: अमेरिकी राजनीति और विदेश नीति में स्थिरता से भारत-अमेरिका व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों पर सकारात्मक असर बना रहता है। वैश्विक स्तर पर: अमेरिकी संसद में शक्ति संतुलन बदलने से अंतरराष्ट्रीय सहयोग, युद्ध संबंधी नीतियां और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सवाल-जवाब 1. जेरेड कुशनर डोनाल्ड ट्रंप के लिए संकटमोचक की भूमिका क्यों निभा रहे हैं? ईरान से जुड़े विवाद और कुछ प्रशासनिक नीतियों के कारण डोनाल्ड ट्रंप की घटती लोकप्रियता से आगामी नवंबर के मिड-टर्म चुनावों में पार्टी के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। 2. अगर रिपब्लिकन पार्टी मिड-टर्म चुनाव हार जाती है तो क्या होगा? डेमोक्रेटिक पार्टी को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत मिल सकता है, जिससे ट्रंप सरकार के लिए कानून बनाना और शासन चलाना कठिन हो जाएगा। 3. जेरेड कुशनर की तुलना दिवंगत कांग्रेस नेता अहमद पटेल से क्यों की जा रही है? जिस प्रकार अहमद पटेल ने कांग्रेस और गांधी परिवार के लिए कई बड़े राजनीतिक संकट सुलझाए थे, उसी प्रकार कुशनर भी ट्रंप के लिए बैकचैनल बातचीत और रणनीतिक मामले संभाल रहे हैं। 4. संभावित विधायी अड़चनों को दूर करने के लिए जेरेड कुशनर ने क्या कदम उठाया है? कुशनर ने हाल ही में एक शीर्ष डेमोक्रेट नेता से मुलाकात की है ताकि भविष्य में आने वाली राजनीतिक बाधाओं का समय रहते समाधान निकाला जा सके। https://trendkia.com/america/ameriki-rajaniti-men-ahmed-patel-jaisi-bhumika-nibha-rahe-jared-kushner-donald-trump-ke-snkata-dura-karane-men-jute-21732 TrendKia — Har trend, sabse pehle.