अमेरिकी सांसदों ने लाइसेंस प्लेट कैमरों पर लगाम कसने के लिए पेश किया नया विधेयक, नियम न मानने वाले राज्यों की फंडिंग रोकने का प्रावधान अमेरिकी कांग्रेस में पेश 'नो फ्लॉक एक्ट' का मकसद लाइसेंस प्लेट रीडर कैमरों के मनमाने इस्तेमाल पर रोक लगाना है। 2028 तक नियमों का पालन न करने वाले राज्यों की 10 प्रतिशत हाईवे फंडिंग रोकी जा सकती है। अमेरिका में स्वचालित लाइसेंस प्लेट रीडर कैमरों के बढ़ते प्रसार और नागरिक अधिकारों के हनन को लेकर सांसदों ने सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी कांग्रेस में एक नया द्विपक्षीय विधेयक पेश किया गया है, जो राज्यों को फ्लॉक सेफ्टी और इसी तरह की अन्य कंपनियों के निगरानी कैमरों के इस्तेमाल को कड़ाई से सीमित करने के लिए बाध्य करता है। यदि राज्य सरकारें इन कैमरों के उपयोग के लिए निर्धारित कड़े नियमों का अनुपालन करने में विफल रहती हैं, तो उन्हें मिलने वाली संघीय सड़क और हाईवे वित्तीय सहायता में भारी कटौती की जाएगी। सड़क और हाईवे फंड में 10 प्रतिशत की कटौती की चेतावनी प्रस्तावित 'नो फ्लॉक एक्ट' यानी फेडरल लाइसेंस-प्लेट ऑब्जर्वेशन एंड कैमरा कीपिंग विधेयक के तहत अमेरिकी परिवहन सचिव को यह अधिकार दिया गया है कि वे उन राज्यों की सालाना सड़क, पुल और हाईवे वित्तीय सहायता में 10 प्रतिशत तक की कटौती कर सकते हैं जो इन कैमरों पर प्रतिबंध नहीं लगाते। यदि यह विधेयक संसद में पारित हो जाता है, तो नियम न मानने वाले राज्यों को अक्टूबर 2028 से हर साल करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा। अमेरिकी परिवहन विभाग किसी राज्य में सड़कों की कुल लंबाई और वहां वाहनों की आवाजाही के आधार पर फंडिंग तय करता है। अतीत में भी अमेरिकी संसद ने शराब पीने की न्यूनतम आयु सीमा और नशे में गाड़ी चलाने से जुड़े मानक लागू कराने के लिए राज्यों पर इसी तरह का वित्तीय दबाव बनाया था। केवल पांच विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी कैमरा इस्तेमाल की अनुमति इस कानून के लागू होने के बाद राज्यों को ऑटोमैटिक लाइसेंस प्लेट कैमरों का इस्तेमाल सिर्फ पांच विशिष्ट उद्देश्यों के लिए करने की अनुमति होगी। इनमें टोल टैक्स व्यवस्था लागू करने, चोरी के वाहनों की पहचान करने, लापता या संकटग्रस्त व्यक्तियों को तलाशने, गंभीर अपराधों के वारंट वाले व्यक्तियों के वाहनों को ट्रैक करने और किसी संगीन अपराध की जांच से जुड़े वाहनों का पता लगाने का काम शामिल है। विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि यातायात अध्ययन करने, मामूली नशीली दवाओं के अपराधों की जांच करने, या पार्किंग और गति सीमा के नियम लागू कराने के लिए इन कैमरों का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। शिकागो उपनगरों का प्रतिनिधित्व करने वाले डेमोक्रेटिक सांसद राजा कृष्णमूर्ति और टेक्सास के रिपब्लिकन सांसद माइकल क्लाउड ने इस विधेयक को संयुक्त रूप से पेश किया है। नागरिक स्वतंत्रता का हनन और व्यक्तिगत दुरुपयोग पर चिंता संसद में यह कदम पुलिस अधिकारियों द्वारा फ्लॉक कैमरों के व्यक्तिगत कारणों के लिए इस्तेमाल किए जाने की घटनाओं के बाद उठाया गया है। जांच रिपोर्टों में पिछले आठ वर्षों के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा पूर्व साझेदारों का पीछा करने और निजी उद्देश्यों के लिए इन कैमरों के दुरुपयोग के कम से कम 100 मामले सामने आए हैं। रिपब्लिकन सांसद माइकल क्लाउड ने एक बयान में कहा कि करदाताओं को अपने ही नागरिक अधिकारों के हनन या सर्विलांस स्टेट के विस्तार के लिए भुगतान करने को मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। डेमोक्रेटिक सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि यह द्विपक्षीय विधेयक सार्वजनिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाए बिना निगरानी प्रणालियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट सीमाएं तय करेगा। राजनीतिक समीकरण और कंपनियों की लॉबिंग रणनीति हालांकि यह नया विधेयक फ्लॉक कैमरों पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाता, जो कि इस तकनीक का विरोध करने वाले नागरिक अधिकार संगठनों की मुख्य मांग रही है। इसके अलावा, यह विभिन्न सरकारी एजेंसियों या आव्रजन अधिकारियों के साथ वाहन ट्रैकिंग डेटा साझा करने से भी राज्यों को नहीं रोकता। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नजदीक आने के साथ ही निगरानी कैमरों का दुरुपयोग एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ये कैमरे कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद करते हैं। दूसरी तरफ, फ्लॉक कंपनी ने वाशिंगटन डीसी में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए लॉबिंग खर्च जारी रखा है और हाल ही में एक नई फर्म को अपने साथ जोड़ा है। वर्तमान में अमेरिका के लगभग 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इन कैमरों के संचालन और डेटा हटाए जाने से जुड़े कानून लागू हैं, लेकिन इस्तेमाल के प्रकार पर सीमाएं बहुत कम जगह हैं। इसका आप पर असर यह निर्णय अमेरिकी नागरिकों की डिजिटल निजता और राज्यों के इंफ्रास्ट्रक्चर फंड पर सीधा प्रभाव डालेगा। • भारत में: यह कानून सीधे तौर पर भारतीय नागरिकों को प्रभावित नहीं करता है, लेकिन भारत में बढ़ रहे एआई आधारित ट्रैफिक कैमरों और डेटा सुरक्षा नियमों के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक उदाहरण प्रस्तुत करता है। • अमेरिका में: अमेरिकी राज्यों को 2028 से पहले अपने पुलिस विभागों में फ्लॉक कैमरों का इस्तेमाल सीमित करना होगा, अन्यथा उन्हें हर साल करोड़ों डॉलर के हाईवे निर्माण फंड का नुकसान होगा। • आम चालकों पर प्रभाव: आम चालकों का डेटा अब छोटे ट्रैफिक मामलों या पार्किंग नियमों के उल्लंघन के लिए ट्रैक नहीं किया जा सकेगा, जिससे आम नागरिकों की ट्रैकिंग कम होगी। • अपराध नियंत्रण पर: पुलिस केवल गंभीर अपराधों, चोरी की गाड़ियों और भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए ही लाइसेंस प्लेट कैमरों के डेटा का उपयोग कर पाएगी। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी सांसदों ने पुलिस विभागों द्वारा फ्लॉक कैमरों के व्यक्तिगत और मनमाने इस्तेमाल की बढ़ती घटनाओं के बाद यह विधेयक पेश किया है। • सामूहिक निगरानी का खतरा: फ्लॉक कैमरों के व्यापक नेटवर्क के कारण आम नागरिकों की हर गतिविधि को बिना किसी अदालती वारंट के ट्रैक किया जा रहा था। • पुलिस अधिकारियों द्वारा दुरुपयोग: पिछले आठ वर्षों में पुलिसकर्मियों द्वारा निजी कारणों और लोगों का पीछा करने के लिए इन कैमरों के डेटा का गलत इस्तेमाल करने के कम से कम 100 मामले दर्ज किए गए। • सख्त कानून की कमी: अमेरिका के 25 राज्यों में निगरानी कैमरों पर नियम होने के बावजूद केवल कुछ ही राज्यों ने इनके इस्तेमाल के प्रकारों पर सीमा तय की है। • फंडिंग की शक्ति का उपयोग: अमेरिकी संसद अतीत की तरह राज्यों को नियम मानने के लिए मजबूर करने हेतु संघीय सड़क फंड में कटौती का सहारा ले रही है। सवाल-जवाब 1. नो फ्लॉक एक्ट क्या है? यह अमेरिकी कांग्रेस में पेश किया गया एक द्विपक्षीय विधेयक है जो राज्यों में लाइसेंस प्लेट निगरानी कैमरों के इस्तेमाल को सीमित करने के लिए लाया गया है। 2. विधेयक न मानने पर राज्यों को क्या नुकसान होगा? नियमों का पालन न करने वाले राज्यों को अक्टूबर 2028 से सालाना 10 प्रतिशत संघीय सड़क और हाईवे सहायता फंड से हाथ धोना पड़ेगा। 3. कैमरों के इस्तेमाल के लिए कौन सी पांच स्थितियां तय की गई हैं? टोल वसूलने, चोरी की गाड़ियों की पहचान, लापता लोगों की तलाश, गंभीर अपराध के वारंटी वाहनों की पहचान और संगीन मामलों की जांच के लिए ही कैमरों का इस्तेमाल होगा। 4. कि किन कार्यों के लिए इन कैमरों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता? ट्रैफिक अध्ययन, मामूली ड्रग मामलों की जांच, पार्किंग नियम लागू करने और ओवरस्पीडिंग के चालान काटने के लिए इनका इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। https://trendkia.com/america/ameriki-sansadon-ne-laisensa-pleta-kaimaron-para-lagama-kasane-ke-lie-pesha-kiya-naya-vidheyaka-niyama-na-manane-vale-rajyon-ki-ph-32441 TrendKia — Har trend, sabse pehle.