# इलिनॉय के हिंदू मंदिर में टला बड़ा नरसंहार, परिवार संग मौजूद सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बयां किया खौफनाक मंजर

> इलिनॉय के औरोरा स्थित बालाजी मंदिर में पूजा के दौरान हमलावर की बंदूक जाम होने से अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति और उनका परिवार बाल-बाल बच गए।

**Type:** article · **Category:** अमेरिका · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/america/aurora-ke-hindu-mndira-para-hamale-ki-sajisha-nakama-prarthana-ke-daurana-parivara-snga-maujuda-the-ameriki-sansada-raja-krishnamo-48829 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजा कृष्णमूर्ति, औरोरा हिंदू मंदिर, इलिनॉय, अमेरिका समाचार, घृणा अपराध, रणधीर जायसवाल, रो खन्ना

अमेरिका के इलिनॉय राज्य में स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर उस वक्त बड़े नरसंहार का शिकार होने से बाल-बाल बच गया, जब सामूहिक गोलीबारी करने पहुंचे हमलावर का हथियार अंतिम क्षण में फंस गया। शिकागो के उपनगरीय इलाके औरोरा में मौजूद श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर में जब यह खौफनाक घटना घटी, तब भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति अपने पूरे परिवार के साथ वहां प्रार्थना कर रहे थे। हमले की साजिश नाकाम होने और सभी श्रद्धालुओं के सुरक्षित बच निकलने की घटना को याद करते हुए सांसद बेहद भावुक हो गए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस बात को साझा किया कि किस तरह एक अप्रत्याशित तकनीकी खराबी ने दर्जनों निर्दोष जिंदगियों को बचा लिया और नफरत के खिलाफ संघर्ष को उनके जीवन का सबसे बड़ा मिशन बना दिया।

## पूजा के दौरान मंदिर में पसरा था सन्नाटा
यह घटना रविवार के दिन घटी जब औरोरा के इस प्रतिष्ठित मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालु साप्ताहिक पूजा और अनुष्ठान के लिए एकत्रित हुए थे। सांसद राजा कृष्णमूर्ति भी अपनी व्यस्त राजनीतिक दिनचर्या से समय निकालकर परिजनों के साथ बालाजी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। उसी समय 19 वर्षीय संदिग्ध युवक हथियार लेकर मंदिर परिसर में दाखिल हुआ और उसने वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने की कोशिश की। ऐन वक्त पर हमलावर की बंदूक जाम हो गई, जिससे एक भी गोली नहीं चल सकी और वहां मौजूद निर्दोष लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इस चमत्कारिक बचाव ने वहां मौजूद हर शख्स को हिलाकर रख दिया।

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अपनी आपबीती साझा करते हुए राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, 
> 'मुझे नहीं पता कि हमलावर की बंदूक कैसे जाम हो गई और हम कैसे बच निकले, लेकिन मुझे लगता है कि इसके पीछे कोई मकसद था।'
 उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि उनका मानना है कि ईश्वर ने उन्हें इसलिए सुरक्षित रखा ताकि वे सार्वजनिक जीवन में रहकर नस्लीय नफरत और कट्टरता के खिलाफ पूरी ताकत से आवाज उठा सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस भयावह अनुभव ने उनके संकल्प को और मजबूत किया है कि समाज में विभाजन फैलाने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सिर उठाने नहीं दिया जाएगा।

## 19 वर्षीय आरोपी अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस की गिरफ्तारी
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 साल के अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को हिरासत में ले लिया। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी रूप से घातक हथियार रखने के तहत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने विशेष रूप से भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने के इरादे से इस सामूहिक गोलीबारी की पूरी रूपरेखा तैयार की थी। औरोरा का श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर शिकागो महानगरीय क्षेत्र के हिंदू समुदाय का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

हमले की योजना पहले ही बेनकाब करने में आरोपी के साथ काम करने वाले सहकर्मियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। आरोपी के सहकर्मियों को उसकी खतरनाक गतिविधियों और इरादों का अंदेशा हो गया था, जिसके बाद उन्होंने बिना समय गंवाए स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। इस समय रहते दी गई सूचना के आधार पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर संभावित कत्लेआम को टाल दिया। सांसद ने उन सतर्क नागरिकों और जांबाज पुलिस अधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपनी सूझबूझ से इस भयानक त्रासदी को रोक लिया।

## सोशल मीडिया पर साझा किया दर्द, सतर्कता की अपील
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट साझा करते हुए पूरे घटनाक्रम पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि जब एक श्वेत वर्चस्ववादी ने भारतीय अमेरिकियों को अपना निशाना बनाने का प्रयास किया, तब वह अपने परिवार के साथ ईश्वर की शरण में बैठे थे। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर उस नफरत का मुकाबला करने की अपील की जो निर्दोष लोगों के जीवन को खतरे में डालती है।

उन्होंने चेतावनी दी कि समाज में तेजी से पैर पसार रही हिंसक विचारधाराओं और धमकियों को सामान्य मानकर नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल नहीं की जानी चाहिए। यदि समय रहते ऐसी नफरत भरी मानसिकता पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो सार्वजनिक स्थल और धार्मिक प्रार्थना स्थल कभी भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। इस तरह की घटनाएं न केवल किसी एक समुदाय को डराने का प्रयास हैं, बल्कि वे पूरे सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की साजिश का हिस्सा हैं।

## अमेरिकी सांसदों ने की उच्च स्तरीय संघीय जांच की मांग
औरोरा मंदिर पर हुए इस हमले के प्रयास की गूंज अमेरिकी संसद के गलियारों में भी सुनाई दी। शुक्रवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कांग्रेसनल इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष रो खन्ना और रिच मैककॉर्मिक ने संयुक्त रूप से इस कायराना साजिश की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। दोनों प्रभावशाली सांसदों ने अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) और फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) से सीधे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि हिंदू अमेरिकियों और भारतीय मूल के लोगों को मिलने वाली धमकियों के मामलों में हाल के दिनों में भारी उछाल देखा गया है, जिसे प्रशासन को अत्यधिक गंभीरता से लेना चाहिए।

दोनों नेताओं ने औपचारिक मांग रखी कि इस पूरे मामले की पड़ताल संघीय स्तर पर घृणा अपराध (हेट क्राइम) के रूप में की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियोजकों को मामले से जुड़े सभी सबूतों की बारीकी से जांच करनी चाहिए और आरोपी के खिलाफ कठोरतम संघीय कानून लागू किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी धार्मिक स्थल को अपनी नफरत का अखाड़ा बनाने की जुर्रत न कर सके।

## भारत सरकार ने जताई गंभीर चिंता, सुरक्षा की मांग
अमेरिका में भारतीय समुदाय के मंदिर को निशाना बनाए जाने की इस गंभीर घटना पर नई दिल्ली में भारत सरकार ने भी गहरी फिक्र जाहिर की है। भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान इस विषय पर बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 
> 'यह स्पष्ट रूप से हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है और यह घटना नफरत से जुड़े अपराधों को उजागर करती है।'

प्रवक्ता ने रेखांकित किया कि यह घटना अमेरिका में भारतीय प्रवासियों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और घृणा से प्रेरित अपराधों के बढ़ते मामलों का एक चिंताजनक प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा आरोपी को पकड़ने के लिए उठाए गए कदमों को संज्ञान में लिया है। इसके साथ ही, भारत ने अमेरिकी प्रशासन से औपचारिक रूप से आग्रह किया है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों की संपूर्ण सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए।

## इसका आप पर असर
यह घटना अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों और विदेशों में स्थित हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को सीधे प्रभावित करती है।

- **धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा:** अमेरिका भर के मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों में प्रवेश जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल को तुरंत कड़ा किया जाएगा। श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजनों में शामिल होते समय अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ सकता है।
- **कानूनी कार्रवाई और सतर्कता:** हेट क्राइम के मामलों में अमेरिकी संघीय एजेंसियां निगरानी और सतर्कता बढ़ाएंगी। समुदाय के सदस्यों को किसी भी संदिग्ध व्यवहार या धमकी की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और एफबीआई को देने की सलाह दी गई है।
- **कूटनीतिक संवाद:** भारत सरकार ने प्रवासियों की हिफाजत को लेकर अमेरिकी प्रशासन के समक्ष कड़ा रुख अपनाया है। इस कदम से विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों और कामकाजी परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय कदम उठाए जाएंगे।
- **सामुदायिक एकजुटता:** नफरत और नस्लीय भेदभाव से निपटने के लिए भारतीय-अमेरिकी संगठन स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कार्यशालाएं आयोजित करेंगे। लोग संकट की स्थिति में त्वरित बचाव और कानूनी सहायता के लिए संपर्क तंत्र को सक्रिय कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
इलिनॉय के औरोरा में स्थित बालाजी मंदिर पर हमले की साजिश नस्लीय नफरत और श्वेत वर्चस्ववादी मानसिकता से प्रेरित होकर रची गई थी।

- **नस्लीय और वैचारिक कट्टरता:** 19 वर्षीय आरोपी अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस ने भारतीय मूल के अमेरिकियों को निशाना बनाकर सामूहिक हिंसा की योजना तैयार की थी। जांचकर्ताओं के अनुसार वह श्वेत वर्चस्ववादी और नफरत भरी विचारधारा से प्रभावित था।
- **सहकर्मियों की समय पर सतर्कता:** आरोपी के खतरनाक मंसूबों की भनक उसके साथ काम करने वाले लोगों को पहले ही लग गई थी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियां समय रहते हरकत में आ सकीं।
- **हथियार की अप्रत्याशित खराबी:** जब आरोपी ने मंदिर में घुसकर गोलीबारी करने का प्रयास किया, तब उसकी बंदूक अंतिम क्षण में जाम हो गई। इस यांत्रिक विफलता के चलते एक भी गोली नहीं चल सकी और कोई जनहानि नहीं हुई।
- **नफरती अपराधों की पृष्ठभूमि:** हाल के वर्षों में अमेरिका में नस्लीय भेदभाव और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इसी माहौल के बीच यह हमलावर एक बड़े धार्मिक केंद्र को निशाना बनाने की नीयत से पहुंचा था।

## सवाल-जवाब

### 1. इलिनॉय के औरोरा मंदिर में वास्तव में क्या हुआ था?
एक 19 वर्षीय युवक ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कोशिश की, लेकिन बंदूक जाम होने से कोई हताहत नहीं हुआ।

### 2. घटना के समय अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति कहां थे?
सांसद राजा कृष्णमूर्ति अपने परिवार के साथ मंदिर के अंदर मौजूद थे और नियमित पूजा-अर्चना कर रहे थे।

### 3. हमले की साजिश रचने वाले आरोपी की पहचान क्या है?
आरोपी की पहचान 19 वर्षीय अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस के रूप में हुई है, जिस पर आतंकी धमकियों और अवैध हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं।

### 4. हमले को टालने में किसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
आरोपी के सहकर्मियों ने समय रहते पुलिस को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दी और मौके पर बंदूक जाम हो गई।

### 5. इस घटना पर भारत सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गहरी चिंता जताते हुए अमेरिका से भारतीय नागरिकों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

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