# डेटोना बीच में चुनावी भाषण के दौरान अपनी बहनों का जिक्र कर बैठे डोनाल्ड ट्रंप, इल्हान ओमर के विवाद पर साधा निशाना

> फ्लोरिडा की रैली में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान ओमर के पुराने विवाह विवाद पर हमला बोलते हुए अपनी सगी बहनों का उदाहरण देकर सबको चौंका दिया।

**Type:** article · **Category:** अमेरिका · **Published:** 2026-10-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/america/daytona-beach-men-chunavi-bhashana-ke-daurana-apani-bahanon-ka-jikra-kara-baithe-donald-trump-ilhan-omar-ke-vivada-para-sadha-nish-54085 · **Language:** Hindi
**Tags:** डोनाल्ड ट्रंप, इल्हान ओमर, अमेरिकी चुनाव, फ्लोरिडा, अमेरिकी संसद, नागरिकता विवाद

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चल रहे प्रचार अभियान के दौरान राजनीतिक बयानबाजी बेहद आक्रामक हो चुकी है। फ्लोरिडा के डेटोना बीच में रिपब्लिकन समर्थकों के बीच पहुंचे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया वक्तव्य ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की चर्चित सांसद इल्हान ओमर को घेरने के प्रयास में उन्होंने मंच से सीधे अपने ही पारिवारिक रिश्तों का हवाला देना शुरू कर दिया। भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनकी सगी बहनें दिखने में काफी आकर्षक थीं, लेकिन उनके प्रति कभी उनके मन में कोई रोमांटिक विचार नहीं आया और न ही उन्होंने कभी उनसे विवाह करने की बात सोची।

## डेटोना बीच की रैली में मंच से दिया गया विवादित बयान
फ्लोरिडा के डेटोना बीच में 30 अक्टूबर को आयोजित इस विशाल चुनावी सभा में डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान ओमर की आलोचना पर केंद्रित रखा। ओमर के वैवाहिक इतिहास को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं को उठाते हुए ट्रंप ने अचानक अपनी बहनों का प्रसंग छेड़ दिया। उन्होंने समर्थकों से सवालिया लहजे में कहा कि एक बार किसी ने उनसे पूछा था कि क्या उन्होंने अपनी बहन से शादी की है, जिस पर उन्होंने कसम खाकर साफ इनकार किया था।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी दोनों बहनों मैरिएन और एलिजाबेथ का स्पष्ट उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी दोनों बहनें बहुत प्यारी और आकर्षक थीं, लेकिन उन्होंने कभी उनमें से किसी के सामने शादी का प्रस्ताव नहीं रखा। उनका यह भी कहना था कि बहनों के सुंदर होने के बावजूद उनके मन में कभी इस तरह की कोई भावना पैदा नहीं हुई। सार्वजनिक मंच से इस तरह की निजी टिप्पणी सुनकर रैली में मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए।

## इल्हान ओमर के पुराने वैवाहिक विवाद का पूरा घटनाक्रम
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस तरह की असामान्य तुलना करने का मुख्य मकसद इल्हान ओमर पर वर्षों से लग रहे उन दावों को दोबारा हवा देना था, जिनका संबंध उनके पूर्व पति से जोड़ा जाता रहा है। सोमालिया में जन्मीं और मिनेसोटा का प्रतिनिधित्व करने वाली डेमोक्रेटिक सांसद अमेरिकी राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में गिनी जाती हैं। कंजर्वेटिव और रिपब्लिकन हलकों में लंबे समय से यह आरोप दोहराया जाता रहा है कि ओमर ने वीजा और आव्रजन नियमों का अनुचित लाभ उठाने के लिए अहमद नूर सईद एल्मी से शादी की थी, जिन्हें कुछ धड़े कथित रूप से उनका सगा भाई बताते रहे हैं।

यह मुद्दा हाल ही में 21 अक्टूबर को फिर से सुर्खियों में आया, जब वरिष्ठ पत्रकार क्रिस हेज ने एक साक्षात्कार के दौरान ओमर से सीधे पूछ लिया कि क्या उनके पूर्व पति के साथ उनका कोई पारिवारिक या खून का रिश्ता था। इस सीधे सवाल के उत्तर में ओमर ने केवल इतना कहा कि जहां तक उन्हें पता है, ऐसा नहीं है। ट्रंप ने उनके इसी जवाब को पकड़कर सार्वजनिक मंच पर तंज कसा। ट्रंप का तर्क था कि इतने गंभीर विषय पर गोलमोल बात करने के बजाय सीधा 'हां' या 'ना' कहना चाहिए था। इल्हान ओमर इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज करती रही हैं। उनका स्पष्ट रुख रहा है कि यह सब उनके खिलाफ गढ़ी गई राजनीतिक साजिश और इस्लाम विरोधी सोच का परिणाम है, क्योंकि अब तक सार्वजनिक पटल पर ऐसा कोई पुख्ता दस्तावेज या प्रमाण सामने नहीं आया है जो साबित कर सके कि उनके पूर्व पति वास्तव में उनके भाई थे।

## भाषण में शामिल ट्रंप परिवार की बहनों की पृष्ठभूमि
चुनावी मंच से जिस परिवार का उल्लेख हुआ, उसमें ट्रंप की दोनों बहनों की अपनी अलग पहचान रही है। मैरिएन ट्रंप बैरी ने संयुक्त राज्य अमेरिका में एक सम्मानित फेडरल जज के रूप में लंबे समय तक कानूनी सेवाएं दी थीं। कानून के क्षेत्र में एक लंबा करियर बिताने के बाद 13 नवंबर 2023 को 86 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।

वहीं दूसरी बहन एलिजाबेथ ट्रंप ग्राउ का जीवन राजनीति और प्रचार से पूरी तरह अलग रहा है। वह पहले बैंकिंग क्षेत्र में पेशेवर रूप से कार्यरत थीं और हमेशा सार्वजनिक चकाचौंध से दूरी बनाकर निजी जीवन जीना पसंद करती रही हैं। सार्वजनिक सभा में इस तरह परिवार की निजी चर्चा छेड़े जाने को कई विश्लेषक असामान्य चुनावी पैंतरा मान रहे हैं।

## नागरिकता के दस्तावेज और सांसदी की योग्यता पर कानूनी बहस
यह विवाद केवल मंच से लगने वाले आरोपों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब इसके कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर भी चर्चा शुरू हो चुकी है। संघीय जांच एजेंसियां इस पहलू की पड़ताल में जुटी हैं कि क्या अमेरिका की नागरिकता हासिल करते समय ओमर के पिता के कागजातों या आव्रजन दस्तावेजों में कोई हेरफेर या गलत बयानी की गई थी। अमेरिकी संविधान के नियमों के अनुसार, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का सदस्य चुने जाने के लिए उम्मीदवार की उम्र कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए, वह कम से कम 7 वर्षों से अमेरिका का नागरिक हो और उस राज्य का निवासी हो जहां से वह चुनाव लड़ रहा है।

कानूनी मामलों के विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि नागरिकता का दर्जा किसी बीच की स्थिति में नहीं हो सकता। यह एक पूर्णतः स्पष्ट व्यवस्था है जिसमें कोई व्यक्ति या तो वैध नागरिक होता है या फिर नहीं होता। यदि जांच में यह सामने आता है कि आव्रजन से जुड़े मूल दस्तावेजों में कोई फर्जीवाड़ा हुआ था, तो कानूनी आधार पर नागरिकता ही सवालों के घेरे में आ सकती है, जिसका सीधा असर संसद की सदस्यता पर पड़ सकता है।

## पावेल बनाम मैकॉर्मैक फैसला और सदन से निष्कासन की शर्तें
रिपब्लिकन खेमा इस मुद्दे को लेकर ओमर की सदन की सदस्यता को चुनौती देने के विभिन्न कानूनी विकल्पों का अध्ययन कर रहा है। हालांकि इस रास्ते में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का 1967 का एक ऐतिहासिक फैसला 'पावेल बनाम मैकॉर्मैक' अहम भूमिका निभाता है। उस ऐतिहासिक मामले में अमेरिकी संसद ने फंड के कथित दुरुपयोग के कारण निर्वाचित सांसद एडम क्लेटन पावेल को सदन में बैठने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तय किया था कि यदि कोई निर्वाचित प्रतिनिधि संविधान में तय अनिवार्य योग्यताओं को पूरा करता है, तो सदन अपनी मर्जी से मनमानी शर्तें जोड़कर उसे बाहर नहीं रख सकता।

हालांकि इस ऐतिहासिक नजीर पर कानूनी राय बंटी हुई है। पूर्व डिप्टी असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल जॉन यू और कानूनी विशेषज्ञ कली स्टिमसन का तर्क है कि पावेल वाला फैसला इस स्थिति में पूरी तरह लागू नहीं हो सकता। उनका मानना है कि पावेल फैसला संसद को अतिरिक्त योग्यताएं थोपने से रोकता है, लेकिन नागरिकता तो संविधान के तहत पहले से निर्धारित एक बुनियादी योग्यता है। यदि कोई व्यक्ति वैध नागरिक ही नहीं रह जाता, तो संसद उसे पद से हटाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होगी। अमेरिकी राजनीति में इस पूरे मामले को लेकर आने वाले दिनों में कानूनी और संसदीय खींचतान और तेज होने की संभावना है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी चुनावी राजनीति में नेताओं की तीखी बयानबाजी और नागरिकता की पात्रता को लेकर छिड़ी कानूनी बहस का सीधा प्रभाव वहां की संसदीय प्रक्रियाओं और प्रवासी समुदाय पर पड़ता है।

- **भारतीय प्रवासियों के लिए:** नागरिकता और वीजा संबंधी नियमों की कड़ी जांच आव्रजन प्रक्रियाओं को अधिक कठोर बना सकती है। अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए आव्रजन दस्तावेजों की कानूनी पारदर्शिता और समयबद्धता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
- **संसदीय राजनीति पर प्रभाव:** जनप्रतिनिधियों की संवैधानिक योग्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की नजीरें दोबारा परखी जा रही हैं। यह घटनाक्रम दिखाता है कि भविष्य में सांसदों के चुनाव और निष्कासन की शर्तें कितनी सख्त हो सकती हैं।
- **चुनावी विमर्श का स्तर:** सार्वजनिक सभाओं में निजी रिश्तों और पारिवारिक संदर्भों का इस्तेमाल चुनावी विमर्श को ध्रुवीकृत कर रहा है। इससे मतदाताओं के सामने नीतिगत मुद्दों के बजाय व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा हावी हो रहे हैं।
- **कानूनी जांच की मिसाल:** यदि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि के पुराने दस्तावेजों की वैधता पर सवाल उठते हैं, तो यह प्रशासनिक जांच की एक नई मिसाल कायम करेगा। इससे भविष्य में अन्य निर्वाचित नेताओं के दस्तावेजों की भी विस्तृत समीक्षा की जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
फ्लोरिडा की रैली में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह तीखा बयान देने के पीछे दशकों पुराना वैवाहिक विवाद और हालिया साक्षात्कार की प्रतिक्रिया मुख्य कारण रही है।

- **साक्षात्कार की हालिया प्रतिक्रिया:** पत्रकार क्रिस हेज के साथ 21 अक्टूबर को हुए साक्षात्कार में इल्हान ओमर ने पूर्व पति से रिश्ते के सवाल पर अनिश्चित उत्तर दिया था। ट्रंप ने उनके इस अस्पष्ट जवाब को चुनावी मंच पर राजनीतिक हथियार बनाने के लिए तुरंत इस्तेमाल किया।
- **वर्षों पुराने राजनीतिक आरोप:** कंजर्वेटिव गुटों द्वारा लंबे समय से यह दावा किया जा रहा था कि ओमर ने आव्रजन नियमों को साधने के लिए विवाह किया था। इसी पुरानी बहस को जिंदा रखकर रिपब्लिकन समर्थक आधार को लामबंद करने का प्रयास किया गया।
- **संवैधानिक अयोग्यता की रणनीति:** रिपब्लिकन रणनीतिकार ओमर की नागरिकता और संसद सदस्यता को कानूनी पचड़ों में फंसाने के रास्ते तलाश रहे हैं। मंच से दिए गए ऐसे बयानों से इस मुद्दे पर संघीय जांच और सार्वजनिक दबाव बढ़ाने का माहौल तैयार किया जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी रैली में अपनी बहनों का जिक्र क्यों किया?
ट्रंप ने इल्हान ओमर के पूर्व पति से जुड़े विवाद पर तंज कसने और खुद का उदाहरण देने के लिए अपनी बहनों का उल्लेख किया था।

### 2. यह चुनावी भाषण कब और कहां दिया गया था?
यह भाषण 30 अक्टूबर को फ्लोरिडा के डेटोना बीच में आयोजित रिपब्लिकन पार्टी की एक सभा में दिया गया था।

### 3. इल्हान ओमर ने अपने पूर्व पति से रिश्ते के सवाल पर क्या जवाब दिया था?
21 अक्टूबर के एक साक्षात्कार में ओमर ने कहा था कि जहां तक उन्हें जानकारी है, उनका कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं था।

### 4. अमेरिकी संसद का सदस्य बनने के लिए नागरिकता की क्या शर्त है?
अमेरिकी संविधान के तहत उम्मीदवार का कम से कम 7 साल तक अमेरिका का नागरिक होना आवश्यक है।

### 5. सुप्रीम कोर्ट का पावेल बनाम मैकॉर्मैक मामला क्या था?
1967 के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संविधान में तय योग्यताओं को पूरा करने वाले चुने हुए प्रतिनिधि को संसद मनमाने ढंग से बाहर नहीं रख सकती।

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