नेतन्याहू की डूबती नैया को मैंने बचाया, इजरायली चुनाव पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा अमेरिका के नेता डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके समर्थन की वजह से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति पूरी तरह पलट गई है और वे चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। अमेरिकी राजनीतिक मंच पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए पहचाने जाने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इजरायली राजनीति को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। उनका कहना है कि उनके द्वारा दिए गए सार्वजनिक समर्थन ने ही पश्चिम एशिया के इस देश में चुनावी समीकरणों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। चुनावी हवा का रुख मोड़ने का दावा डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक संदेश में इस बात पर जोर दिया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए हार तय मानी जा रही थी, लेकिन उनके समर्थन के बाद स्थितियां अचानक उनके पक्ष में मुड़ गईं। इस हस्तक्षेप के बाद अब मुकाबला बराबरी पर आ गया है या फिर नेतन्याहू इस राजनीतिक संघर्ष में विजयी भी हो सकते हैं। इस बात को रेखांकित किया गया कि यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका, इजरायल और मध्य पूर्व के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर हुआ है। एग्जिट पोल के अनुमान और सीटों का गणित यह बयान ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है जब मंगलवार को हुए मतदान के बाद आए एग्जिट पोल ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले लिकुड गठबंधन और गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। इज़राइल की 120 सदस्यों वाली संसद यानी नेसेट में सरकार गठन के लिए 61 सीटों के जादुई आंकड़े की आवश्यकता होती है, लेकिन शुरुआती रुझानों में किसी भी धड़े को यह बहुमत मिलता हुआ नजर नहीं आ रहा है। नतीजतन, देश में एक बार फिर से लंबी खींचतान और गठबंधन सरकार की जोड़तोड़ देखने को मिल सकती है। चैनलों के अलग-अलग आंकड़े और जारी गिनती विभिन्न मीडिया संस्थानों के एग्जिट पोल इस चुनाव की अनिश्चितता को और स्पष्ट करते हैं। कान 11 और चैनल 13 के सर्वे बताते हैं कि दोनों मुख्य प्रतिद्वंद्वी गठबंधनों को 51-51 सीटें मिल सकती हैं। वहीं दूसरी ओर, चैनल 12 के अनुमान के मुताबिक नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें मिलने की संभावना है, जो विपक्षी गुट की 49 सीटों के मुकाबले बेहद मामूली बढ़त को दर्शाती है। फिलहाल वोटों की गिनती का दौर जारी रहने के कारण अंतिम नतीजे आने बाकी हैं और तस्वीर धुंधली बनी हुई है। नेतन्याहू की अपील और आगे की चुनौतियां चुनाव परिणामों के इस अनिश्चित दौर के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने देश की दक्षिणपंथी पार्टियों से आग्रह किया है कि वे मतभेदों को भुलाकर नई सरकार के गठन के लिए एकजुट हो जाएं। इसके विपरीत, विपक्षी नेता गादी आइसेनकोट का यह तर्क है कि इस जनादेश ने मौजूदा प्रधानमंत्री की कार्यशैली और नेतृत्व को सीधे तौर पर नकार दिया है। फिलहाल किसी भी पक्ष के पास सत्ता तक पहुंचने का कोई सीधा और स्पष्ट रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। इसका आप पर असर इजराइल के हालिया चुनाव परिणामों और नेताओं के बयानों का असर वैश्विक कूटनीति और पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर पड़ सकता है। • भारत में: भारत के निवेशकों और रणनीतिक विश्लेषकों के लिए मध्य पूर्व की स्थिरता और कूटनीतिक समीकरण बेहद महत्वपूर्ण रहते हैं। इज़राइल में नई सरकार के गठन में होने वाली देरी से द्विपक्षीय व्यापारिक समझौतों की समीक्षा प्रभावित हो सकती है। • इजराइल में: देश के आम नागरिकों को राजनीतिक अनिश्चितता के बीच लंबी गठबंधन वार्ताओं और संभावित प्रशासनिक गतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। 61 सीटों के बहुमत के अभाव में देश की आर्थिक और रक्षा नीतियों पर भी असमंजस के बादल छाए रह सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक गतिरोध मंगलवार को संपन्न हुए चुनावों के कारण उत्पन्न हुआ है, जिसमें किसी भी प्रमुख गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। • एग्जिट पोल के नतीजे: मतदान के बाद सामने आए आंकड़ों में दोनों मुख्य धड़ों को लगभग बराबर सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। • संसद का गणित: इज़राइल की 120 सीटों वाली नेसेट में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की अनिवार्यता है, जिसे कोई भी पक्ष आसानी से पार नहीं कर पाया है। • नेतृत्व पर विवाद: विपक्षी दलों द्वारा वर्तमान प्रधानमंत्री के नेतृत्व को चुनौती दिए जाने के कारण राजनीतिक ध्रुवीकरण और गहरा गया है। सवाल-जवाब 1. डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली चुनाव को लेकर क्या दावा किया है? डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके समर्थन की वजह से बेंजामिन नेतन्याहू की हार टल गई है और वे चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। 2. इजराइल की संसद में बहुमत के लिए कितने सीटों की आवश्यकता होती है? इजराइल की 120 सदस्यों वाली संसद यानी नेसेट में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है। 3. एग्जिट पोल के अनुसार किन दलों के बीच मुकाबला चल रहा है? मुकाबला बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले लिकुड गठबंधन और गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच है। 4. विभिन्न चैनलों के एग्जिट पोल में सीटों का क्या अनुमान है? कान 11 और चैनल 13 के अनुसार दोनों गठबंधनों को 51-51 सीटें मिल सकती हैं, जबकि चैनल 12 के अनुसार नेतन्याहू को 52 और विपक्ष को 49 सीटें मिल सकती हैं। 5. क्या चुनाव के अंतिम परिणाम आ चुके हैं? नहीं, वोटों की गिनती अभी भी जारी है और अंतिम परिणाम अनिश्चित बने हुए हैं। https://trendkia.com/america/donald-trump-ka-daava-israel-election-netanyahu-52958 TrendKia — Har trend, sabse pehle.