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  "title": "H-1B वीजा बचाने के बदले एक लाख डॉलर की मांग, अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने टेक्सास की कंपनी पर ठोका मुकदमा",
  "summary": "अमेरिका में काम कर रहे एक भारतीय कर्मचारी का आरोप है कि उसकी कंपनी और मालिक ने H-1B वीजा और नौकरी बनाए रखने के नाम पर 1 लाख डॉलर वसूलने की कोशिश की और पे-स्लिप रोककर ICE की धमकी दी।",
  "content": "अमेरिका में नौकरी कर रहे एक भारतीय पेशेवर ने अपनी कंपनी और उसके मालिक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए टेक्सास की अदालत में मुकदमा दायर किया है। उसका कहना है कि H-1B कर्मचारी वीजा चालू रखने के एवज में उससे 1 लाख डॉलर देने के लिए दबाव बनाया गया। आरोप यह भी है कि अपनी नौकरी और देश में कानूनी इमिग्रेशन स्टेटस बचाने की मजबूरी का फायदा उठाया गया।\n\nकिसने, किस पर लगाए आरोप\nTrendKia की रिपोर्ट के अनुसार, ऋषिकेश राज मीसाला नाम के इस कर्मचारी ने अपने भारतीय-अमेरिकी मालिक साई जितेंद्र कलागरा और कंपनी के अधिकारियों पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। कर्मचारी का दावा है कि कंपनी ने उसकी पे-स्लिप और दूसरे जरूरी दस्तावेज अपने पास रोक रखे थे। जब उसने भुगतान का विरोध किया तो उसे अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE को सूचित कर देने की धमकी दी गई।\n\nछात्र वीजा से H-1B तक का सफर\nशिकायत में बताया गया है कि मीसाला पहले छात्र वीजा पर अमेरिका पहुंचे और साल 2023 में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्हें एक ऐसी नौकरी मिली जिसने उन्हें H-1B वीजा की स्पॉन्सरशिप दी। मुकदमे का दावा है कि टेक्सास की इस कंपनी से जुड़ने के बाद उन्हें किसी प्रोजेक्ट पर काम तक नहीं दिया गया, फिर भी नौकरी और वीजा को वैध बनाए रखने के बहाने उनसे बड़ी रकम मांगी जाती रही।\n\nदस्तावेज को बना दिया दबाव का हथियार\nयह मुकदमा इमिग्रेशन लॉ फर्म बानियास लॉ ने दायर किया है। फर्म के मुताबिक यही नौकरी मीसाला के लिए ग्रीन कार्ड और आगे चलकर अमेरिकी नागरिकता तक पहुंचने का जरिया बन सकती थी, लेकिन कंपनी ने इसी कमजोरी को भुनाकर उन पर आर्थिक दबाव डाला। शिकायत में कहा गया है कि अलग से पैसे चुकाने तक कंपनी ने उनकी पे-स्लिप और पेरोल रिकॉर्ड रोके रखे। H-1B वीजा रखने वालों के लिए ये कागजात बेहद अहम होते हैं, क्योंकि इनके बिना नौकरी बदलना, वीजा रिन्यू कराना या इमिग्रेशन नियमों के पालन को साबित करना मुश्किल हो जाता है। बानियास लॉ का कहना है कि कंपनी इस बात को बखूबी जानती थी और इसीलिए दस्तावेजों को दबाव बनाने के औजार की तरह इस्तेमाल किया गया।\n\nडर के मारे चुकाई नकद रकम\nमुकदमे में बताया गया कि अपना इमिग्रेशन स्टेटस गंवाने के डर से आखिरकार मीसाला ने करीब 8800 डॉलर नकद में चुका दिए। शिकायत में कंपनी पर लेबर ट्रैफिकिंग, जबरन मजदूरी और दस्तावेजों के जरिए कर्मचारी पर दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। फर्म का दावा है कि बकाया वेतन और जबरन कराए गए भुगतान मिलाकर मीसाला को कम से कम 97,248.94 डॉलर का नुकसान हुआ।\n\nअभी कोर्ट में साबित नहीं हुए आरोप\nफिलहाल ये सभी आरोप अदालत में साबित नहीं हुए हैं और न ही साई जितेंद्र कलागरा या उनकी कंपनी की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया आई है। उम्मीद है कि मामले की सुनवाई अमेरिकी संघीय अदालत में आगे बढ़ेगी।\n\nH-1B बहस के बीच आया मामला\nयह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब H-1B वीजा कार्यक्रम पर बहस तेज है। यह वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को नौकरी पर रखने की इजाजत देता है। अमेरिकी सिटीजनशिप एवं इमिग्रेशन सर्विस के आंकड़ों के मुताबिक साल 2024 में जारी हुए सभी H-1B आवेदनों में भारतीयों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत रही। आलोचक कहते हैं कि चूंकि कर्मचारी का वीजा अक्सर उसके मालिक से जुड़ा रहता है, इसलिए वह शोषण का आसान शिकार बन सकता है। दूसरी ओर इंडस्ट्री का तर्क है कि ऐसे मामले बहुत कम होते हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: अमेरिका में H-1B पर जाने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए यह चेतावनी है कि वीजा के एवज में पैसे की मांग या पे-स्लिप रोकना गैरकानूनी हो सकता है और इसके खिलाफ अदालत में जाया जा सकता है।\n• H-1B धारकों के लिए: अपनी पे-स्लिप, पेरोल रिकॉर्ड और दस्तावेज हमेशा अपने पास रखें, क्योंकि नौकरी बदलने और वीजा रिन्यू में इन्हीं की जरूरत पड़ती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इस मामले में कर्मचारी पर कितने पैसे की मांग का आरोप है?\nआरोप है कि कंपनी और उसके मालिक ने H-1B वीजा बनाए रखने के बदले कर्मचारी से 1 लाख डॉलर देने के लिए दबाव बनाया।\n\n2. कर्मचारी ने आखिरकार कितनी रकम चुकाई?\nअपना इमिग्रेशन स्टेटस खोने के डर से मीसाला ने करीब 8800 डॉलर नकद में चुकाए।\n\n3. मुकदमे में कुल कितने नुकसान का दावा किया गया है?\nबानियास लॉ का दावा है कि बकाया वेतन और जबरन भुगतान मिलाकर मीसाला को कम से कम 97,248.94 डॉलर का नुकसान हुआ।\n\n4. क्या कंपनी या मालिक ने इन आरोपों पर कुछ कहा है?\nनहीं, ये आरोप अभी कोर्ट में साबित नहीं हुए हैं और साई जितेंद्र कलागरा या उनकी कंपनी ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।",
  "url": "https://trendkia.com/america/h-1b-vija-bachane-ke-badale-eka-lakha-dolara-ki-manga-amerika-men-bharatiya-inji-1432",
  "category": "अमेरिका",
  "publishedAt": "2026-06-17",
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    "H-1B वीजा",
    "भारतीय कर्मचारी अमेरिका",
    "वीजा शोषण मुकदमा",
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    "ICE धमकी",
    "लेबर ट्रैफिकिंग"
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  "site": "TrendKia"
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