# अमेरिका के सिएटल में दिवाली समारोह के दौरान हिंदू विरोधी और नस्लभेदी प्रदर्शन

> अमेरिका के सिएटल में दिवाली के कार्यक्रम के दौरान दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने नस्लभेदी नारे और पोस्टर दिखाए, जिससे वहां मौजूद परिवारों में नाराजगी फैल गई। इस घटना की अमेरिकी नेताओं और हिंदू संगठनों ने कड़ी निंदा की है।

**Type:** article · **Category:** अमेरिका · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/america/hindu-american-diwali-celebration-in-seattle-disrupted-by-racist-protesters-57937 · **Language:** Hindi
**Tags:** सिएटल दिवाली विवाद, हिंदूफोबिया अमेरिका, जेक लैंग, प्रमिला जयपाल, कोहना, नस्लवादी नारे सिएटल

अमेरिका के सिएटल शहर में दिवाली का पर्व मना रहे भारतीय मूल के परिवारों के बीच तब तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं का एक समूह हिंदू विरोधी और नस्लभेदी बैनर-पोस्टर लेकर कार्यक्रम स्थल पर आ धमका। यह घटना शनिवार, 7 नवंबर को सिएटल सेंटर आर्मरी में हुई, जहां तमाम परिवार हर्षोल्लास के साथ दिवाली के जश्न में शरीक हो रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘डिपोर्ट ऑल डॉट हेड्स’ और ‘स्टॉप हिंदू रिप्लेसमेंट ऑफ क्रिश्चियंस’ जैसे आपत्तिजनक नारे लिखे पोस्टर लहराए। इन नफरत भरे नारों को देखकर वहां मौजूद लोगों में भारी रोष व्याप्त हो गया और उनकी प्रदर्शनकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई। हंगामे के बाद आयोजकों और सुरक्षा ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें आयोजन स्थल से बाहर खदेड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो जब सोशल मीडिया पर सामने आया, तब अमेरिका के राजनीतिक गलियारों और भारतीय-अमेरिकी संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस पूरे घटनाक्रम में शामिल मुख्य प्रदर्शनकारियों की पहचान दक्षिणपंथी कार्यकर्ता जेक लैंग और थॉमस एलन के तौर पर हुई है।

## नस्लीय गालियों और साजिश भरी विचारधारा का इस्तेमाल
समारोह में प्रदर्शनकारियों द्वारा दिखाए गए पोस्टरों पर लिखे गए शब्दों को सीधे तौर पर हिंदुओं और दक्षिण एशियाई मूल के नागरिकों के खिलाफ नस्लभेदी करार दिया गया है। इनमें इस्तेमाल किया गया ‘डॉट हेड्स’ शब्द दक्षिण एशियाई लोगों, और खासकर हिंदुओं के प्रति अपमानजनक भावना दर्शाने वाला नस्लीय संबोधन है, जिसका संबंध माथे पर सजाए जाने वाले टिके या बिंदी से है। इसके अलावा, ‘स्टॉप हिंदू रिप्लेसमेंट ऑफ क्रिश्चियंस’ वाले पोस्टर के जरिए यह दर्शाने का कुत्सित प्रयास किया गया कि हिंदुओं की मौजूदगी ईसाई समाज के लिए किसी खतरे की तरह है। यह नारा सीधे तौर पर अमेरिका में सक्रिय ‘ग्रेट रिप्लेसमेंट’ नामक षड्यंत्रकारी विचारधारा से जुड़ी भाषा का उपयोग करता है। इस थ्योरी के पैरोकार यह दावा करते हैं कि अन्य समुदायों और प्रवासियों की बढ़ती तादाद की वजह से ईसाई अथवा श्वेत आबादी का वजूद खतरे में पड़ रहा है। जिस वक्त यह सब घटित हुआ, वहां बच्चे भी अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे थे, ऐसे में इस प्रकार की अवांछित नारेबाजी और पोस्टरों ने परिवारों के बीच असहजता और तनाव को और अधिक बढ़ा दिया।

## मुख्य प्रदर्शनकारी जेक लैंग का पुराना और विवादित इतिहास
इस पूरे प्रकरण में प्रमुखता से सामने आने वाले जेक लैंग का राजनीतिक इतिहास पहले भी काफी चर्चा और विवादों में रहा है। उसने वर्ष 2026 के दौरान फ्लोरिडा प्रांत से रिपब्लिकन पार्टी की टिकट पर अमेरिकी सीनेट का चुनाव लड़ने का प्रयास किया था। उसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा सीनेटर एश्ले मूडी को चुनौती देना था, लेकिन वह पार्टी के भीतर अगस्त महीने में होने वाले प्राइमरी चुनाव के लिए आधिकारिक बैलेट पेपर पर अपना स्थान पक्का करने में असफल रहा। लैंग को इससे पहले 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन कैपिटल हिल पर हुए बहुचर्चित हमले के मामले में संघीय हिरासत में भी रखा गया था। हालांकि, बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उसे तथा इस मामले के अन्य आरोपियों को आधिकारिक तौर पर माफी दे दी थी। जेल से रिहाई मिलने के बाद से ही लैंग विभिन्न दक्षिणपंथी राजनीतिक गतिविधियों में लगातार सक्रिय बना हुआ है। वह ‘व्हाइट रिप्लेसमेंट’ नामक संगठन की कमान संभालता है और सोशल मीडिया पर उसके द्वारा साझा किए गए पोस्टों में लगातार प्रवासियों और हिंदू समुदाय के खिलाफ जहर उगला जाता रहा है।

## सोशल मीडिया पर सफाई और अन्य आरोपियों की भूमिका
सिएटल सेंटर में घटी इस शर्मनाक घटना के बाद जेक लैंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अजीबोगरीब दावे किए। उसने अपनी सफाई में कहा कि समारोह में मौजूद लोगों ने ही उस पर और उसके साथियों पर हमला किया था। इसके साथ ही उसने हिंदू समुदाय पर अमर्यादित आरोप लगाते हुए कहा कि वे टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। उसने अपने इन बन्दों में हिंदू समुदाय के प्रति बेहद अपमानजनक शब्दावली का खुलकर प्रयोग किया। इस पूरी घटना में उसके साथ संलिप्त नजर आए दूसरे व्यक्ति की पहचान थॉमस एलन के रूप में की गई है, जो दक्षिणपंथी गतिविधियों में उसके साथ सक्रिय रहता है।

## राजनीतिक गलियारों और हिंदू संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया
सिएटल में हुए इस नस्लीय प्रदर्शन पर अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य प्रमिला जयपाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी तीखी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इस पूरे कृत्य को पूरी तरह से नस्लभेदी और नफरत फैलाने वाला करार दिया। उनका स्पष्ट रूप से कहना था कि हिंदू-अमेरिकी समुदाय को बिना किसी भय के अपने पारंपरिक और धार्मिक पर्वों को मनाने का पूरा हक है। प्रमिला जयपाल ने एक्स पर लिखा कि इस घृणित और नस्लभेदी प्रदर्शन से उन्हें बेहद क्षोभ हुआ है और इस तरह की नफरत के लिए उनके शहर या देश में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, प्रमुख भारतीय-अमेरिकी कारोबारी और व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार अजय जैन भूटोरिया ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू अमेरिकियों और भारतीय प्रवासियों को नस्लीय टिप्पणियों तथा साजिशी बयानों के जरिए निशाना बनाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

## कोहना संगठन ने जारी किया सुरक्षा को लेकर अलर्ट
घटना के तुरंत बाद उत्तर अमेरिका के प्रमुख हिंदू संगठन कोहना (CoHNA) ने सिएटल और उसके आसपास के तमाम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक जरूरी सामुदायिक अलर्ट जारी किया। संगठन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन प्रदर्शनकारियों ने दिवाली समारोह में उस वक्त खलल डाला जब छोटे-छोटे बच्चे मंच पर अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दे रहे थे। संगठन ने समुदाय के सभी नागरिकों से पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने की अपील की है। इसके साथ ही कोहना ने यह आशंका भी जताई है कि जेक लैंग और थॉमस एलन भविष्य में अन्य आयोजनों और समारोहों को भी अपना निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं, जिसके चलते सुरक्षा और एहतियात बरतने की सख्त आवश्यकता है।

## इसका आप पर असर
सिएटल की इस घटना का असर केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रवासी समुदायों की सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के भविष्य को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है।

- **भारत में:** विदेशी धरती पर रहने वाले भारतीय प्रवासियों के परिवारों ने वहां बढ़ रही नस्लीय और हिंदू विरोधी गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस घटना के बाद पश्चिम के देशों में भारतीय सांस्कृतिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से पुख्ता करने की मांग उठने लगी है।
- **सिएटल में:** सिएटल और आसपास के इलाकों में रहने वाले भारतीय तथा हिंदू परिवारों को अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय सामुदायिक संगठनों ने त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना अमेरिका में बढ़ती दक्षिणपंथी चरमपंथी विचारधारा और प्रवासियों के खिलाफ फैलाए जा रहे षड्यंत्रकारी सिद्धांतों का परिणाम है।

- **चरमपंथी एजेंडा:** जेक लैंग जैसे दक्षिणपंथी कार्यकर्ता अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने और नस्लीय नफरत फैलाने के लिए सार्वजनिक आयोजनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- **षड्यंत्रकारी थ्योरी:** तथाकथित ‘ग्रेट रिप्लेसमेंट’ जैसी विचारधाराओं का असर उन समूहों पर साफ दिखता है जो श्वेत या ईसाई बहुलता को खतरे में मानकर अन्य समुदायों को निशाना बनाते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. सिएटल में यह घटना किस दिन हुई?
यह घटना शनिवार, 7 नवंबर को सिएटल सेंटर आर्मरी में हुई।

### 2. प्रदर्शनकारियों ने कौन से नारे लगाए?
प्रदर्शनकारियों ने ‘डिपोर्ट ऑल डॉट हेड्स’ और ‘स्टॉप हिंदू रिप्लेसमेंट ऑफ क्रिश्चियंस’ जैसे नारे लगाए।

### 3. मुख्य प्रदर्शनकारी की पहचान क्या है?
मुख्य प्रदर्शनकारी की पहचान दक्षिणपंथी कार्यकर्ता जेक लैंग और थॉमस एलन के रूप में हुई है।

### 4. किस अमेरिकी सांसद ने इस घटना की निंदा की?
अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य प्रमिला जयपाल ने इस नस्लभेदी प्रदर्शन की कड़ी निंदा की।

### 5. किस संगठन ने सामुदायिक अलर्ट जारी किया?
उत्तर अमेरिका के हिंदू संगठन कोहना (CoHNA) ने सिएटल क्षेत्र के लिए सामुदायिक अलर्ट जारी किया।

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