होर्मुज में भड़का नया संघर्ष, ईरान ने अमेरिकी जहाजों को बनाया निशाना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका के तीन जहाजों समेत कुल छह जलपोतों को निशाना बनाने का दावा किया है। इस ताजा सैन्य टकराव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहरा गया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में गिने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर भारी तनाव पैदा हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के जरिए जंग के थमने की जो थोड़ी बहुत उम्मीद बंधी थी, वह दोनों पक्षों के अड़ियल रुख के कारण लगभग समाप्त हो गई है। पश्चिम एशिया में शांति फिलहाल बेहद दूर की कौड़ी नजर आ रही है। ताजा घटनाक्रम में ईरान की ओर से एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें अमेरिका के तीन जहाजों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने इस जलडमरूमध्य में कुल मिलाकर छह जहाजों को इंटरसेप्ट करने की बात कही है। अमेरिकी नौसेना की तरफ से पहले ईरानी जहाजों को निशाना बनाए जाने का दावा सामने आया था। उसके तुरंत बाद ईरान की ओर से यह करारा पलटवार किया गया है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गर्दन की नस कहे जाने वाले इस क्षेत्र में इस तरह के हमलों से हालात एक बार फिर से बेहद गंभीर हो गए हैं। दोनों देशों द्वारा इस सामरिक मार्ग पर अपना प्रभुत्व कायम करने की लगातार कोशिश की जा रही है। इसका सबसे बड़ा और सीधा असर एशिया से लेकर यूरोप तक होने वाली गैस और तेल की सप्लाई पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ईरान ने अमेरिकी नीति की तीखी आलोचना करते हुए चेतावनी जारी की है कि जहाजों को वॉशिंगटन के झांसे में नहीं आना चाहिए। ईरान का कहना है कि यदि कोई जहाज अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी प्रकार का सहयोग करता है, तो उसे होर्मुज में बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस जलमार्ग से दुनिया भर का एक बड़ा तेल का हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का सैन्य टकराव अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर व्यापक और विनाशकारी असर डाल सकता है। इस क्षेत्र में सुरक्षा के हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। फारस की खाड़ी और होर्मुज के समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आईआरजीसी ने अपनी नौसैनिक निगरानी और इंटरसेप्शन क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए एक वीडियो भी सार्वजनिक किया है। इस फुटेज में पेट्रोलिंग और उन जहाजों को रोके जाने की कार्रवाई को दिखाया गया है जिन पर संदिग्ध गतिविधियों या नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी कड़े सवाल खड़े किए गए हैं। ईरान की ओर से यह आक्रामक कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब तेहरान ने ईरानी जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों को लेकर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने इन हमलों को युद्ध अपराध करार देते हुए आरोप लगाया है कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला हुआ उल्लंघन है। इस बढ़ते तनाव के बाद होर्मुज के रास्ते एलपीजी और तेल लदे टैंकरों की आवाजाही लगभग असंभव सी हो गई है, जिससे वैश्विक बाजार में चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। इसका आप पर असर होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। • भारत में: कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस के दामों में उतार-चढ़ाव आ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ सकती है। • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर: दुनिया के सबसे बड़े एनर्जी कॉरिडोर में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। • शिपिंग और व्यापार: इस मार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और व्यापारिक ऑपरेटरों को भारी बीमा लागत और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ेगा। • आर्थिक बाजार: ऊर्जा संकट की आशंका से वैश्विक शेयर बाजारों और कमोडिटी मार्केट में अनिश्चितता का माहौल बन सकता है। सवाल-जवाब 1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालिया तनाव क्यों बढ़ गया है? अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण तनाव काफी बढ़ गया है। 2. ईरान के किस संगठन ने जहाजों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है? ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जहाजों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। 3. कितने जहाजों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है? ईरान ने कुल छह जहाजों को निशाना बनाने की बात कही है, जिनमें तीन अमेरिकी जहाज शामिल हैं। 4. इस संघर्ष का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर क्या असर होगा? इस रूट से तेल और एलपीजी की आवाजाही बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहरा सकता है। 5. तेहरान ने अमेरिकी हमलों को क्या नाम दिया है? तेहरान ने ईरानी जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों को युद्ध अपराध करार दिया है। https://trendkia.com/america/hormuja-men-bharaka-naya-sngharsha-iran-ne-ameriki-jahajon-ko-banaya-nishana-28352 TrendKia — Har trend, sabse pehle.