ईरान के मिसाइल रेंज बढ़ाने के फैसले के बाद अमेरिकी सेना फारस की खाड़ी से पीछे हटी ईरान द्वारा अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता 1000 किलोमीटर से अधिक करने की घोषणा के बाद अमेरिकी सेना फारस की खाड़ी से दूर हट गई है और ब्रिटेन से अपने 12 बी-1 बॉम्बर भी वापस बुला लिए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव के महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति शांत होने के बजाय और अधिक जटिल हो गई है। जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर कार्रवाई शुरू की थी, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे सैन्य मिशन के कुछ ही दिनों में समाप्त हो जाने की उम्मीद जताई थी। इसके विपरीत, लंबा समय गुजरने के बाद भी ईरान ने पीछे हटने से इनकार कर दिया है, जिससे क्षेत्र में सैन्य संतुलन बदलता नजर आ रहा है। फारस की खाड़ी से अमेरिकी नौसेना की दूरी फारस की खाड़ी, जिसे होर्मुज जलडमरूमध्य का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है, वहां लंबे समय में पहली बार अमेरिकी सैन्य मौजूदगी दिखाई नहीं दे रही है। मिसाइल हमलों के जोखिम से खुद को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी सेना इस समय ईरान के तटीय इलाकों से लगभग 1000 किलोमीटर दूर स्थित ठिकानों से संचालन कर रही है। दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान की नई चेतावनी और हथियारों का दायरा अमेरिकी गतिविधियों को देखते हुए तेहरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता को 1000 किलोमीटर या उससे भी ज्यादा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। ईरान के इस कड़े रुख का असर अंतरराष्ट्रीय सैन्य मोर्चों पर साफ दिखाई दे रहा है। इस ऐलान के बाद सैन्य रणनीतिकारों को अपनी प्राथमिकताओं में तत्काल फेरबदल करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ब्रिटेन से बॉम्बर हटाए और इजरायल में सुरक्षा बढ़ाई तेहरान के इस नए फैसले का सीधा असर पश्चिमी देशों में तैनात अमेरिकी हथियारों पर पड़ा है। अमेरिका ने ब्रिटेन स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड एयर बेस से अपने सभी 12 बी-1 बॉम्बर विमानों को तुरंत हटा लिया है। इसके साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए अमेरिका ने इजरायल की सुरक्षा मजबूत करने के लिए वहां अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों को तैनात किया है। इसका आप पर असर फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। • कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय तेल मार्ग से नौसैनिक पीछे हटने से समुद्री परिवहन जोखिम बढ़ सकता है। इससे घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों और परिवहन लागत में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। • वैश्विक व्यापार: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास रणनीतिक बदलाव जहाजों के बीमा प्रीमियम को बढ़ा सकते हैं। आयात और निर्यात पर निर्भर भारतीय उद्योगों के लिए माल ढुलाई का खर्च बढ़ सकता है। • पश्चिम एशिया में रहने वाले लोग: सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। वहां काम करने वाले प्रवासी भारतीय कामगारों और उनके परिवारों को स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। • शेयर बाजार का रुख: भू-राजनीतिक अस्थिरता निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर कर सकती है। ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम अमेरिका और इजरायल के शुरुआती सैन्य हमलों के बाद ईरान की ओर से आए कड़े रणनीतिक जवाब के कारण हुआ है। • मिसाइल क्षमता का विस्तार: अमेरिकी सेना ईरान के तट से 1000 किलोमीटर दूर तैनात थी ताकि मिसाइल हमलों से बच सके। इसके जवाब में ईरान ने अपनी मिसाइलों की रेंज को 1000 किलोमीटर या उससे अधिक बढ़ाने का फैसला लिया। • युद्ध का लंबा खिंचना: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुरुआती अनुमान था कि यह अभियान कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा। कई महीने बीतने के बाद भी टकराव जारी रहने से दोनों पक्षों को रणनीति बदलनी पड़ी। • रणनीतिक सुरक्षा कदम: ईरान के नए मिसाइल दायरे की घोषणा के बाद ब्रिटेन स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड से 12 बी-1 बॉम्बर्स को हटाना पड़ा। साथ ही इजरायल में संभावित जवाबी कार्रवाई से निपटने के लिए अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक उतारे गए। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी सेना फारस की खाड़ी से कितनी दूर से काम कर रही है? अमेरिकी सेना मिसाइल हमलों की जद से बचने के लिए ईरान के तट से लगभग 1000 किलोमीटर दूर से ऑपरेट कर रही है। 2. ईरान ने मिसाइल को लेकर क्या घोषणा की है? ईरान ने अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता 1000 किलोमीटर या उससे अधिक तक बढ़ाने का ऐलान किया है। 3. ब्रिटेन के एयर बेस से कितने बी-1 बॉम्बर विमान हटाए गए हैं? अमेरिका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयर बेस से अपने सभी 12 बी-1 बॉम्बर विमानों को हटा लिया है। 4. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में इस मिशन को लेकर क्या कहा था? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में कहा था कि यह सैन्य मिशन कुछ ही दिनों में पूरा हो जाएगा। https://trendkia.com/america/iran-ke-misaila-renja-barhane-ke-phaisale-ke-bada-us-sena-persian-gulf-se-pichhe-hati-42954 TrendKia — Har trend, sabse pehle.