जापान के आधुनिक मोगामी क्लास युद्धपोत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर, नौसेना को मजबूत करने की तैयारी ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिनलैंड मॉडल पर विचार कर रहे हैं। इस योजना के तहत अमेरिकी बेड़े में जापान के मोगामी क्लास युद्धपोत को शामिल किए जाने की संभावना है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव के साये में अमेरिकी नौसेना भारी दबाव से जूझ रही है। इसी रणनीतिक मजबूरी के चलते अमेरिका को पहले साउथ चाइना सी से अपना एक युद्धपोत वापस बुलाना पड़ा था। अपनी घटती नौसैनिक ताकत को फिर से पटरी पर लाने और बेड़े का आकार बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए विकल्पों पर काम शुरू कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन अब विदेशी धरती पर बने अत्याधुनिक युद्धपोतों को अपनी सेना में शामिल करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस पूरी कवायद में सबसे आगे जापान के मोगामी क्लास मिनी युद्धपोत का नाम सामने आ रहा है, जिसे दुनिया के सबसे उन्नत फ्रिगेट में गिना जाता है। फिनलैंड मॉडल के तहत विदेशी शिपयार्डों का उपयोग यूएसएनआई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक विशेष आदेश के बाद अमेरिकी नौसेना इस पूरी योजना का बारीकी से अध्ययन कर रही है। रक्षा हलकों में इस नीति को फिनलैंड मॉडल का नाम दिया गया है। इस रणनीति के तहत शुरुआती चरण में दो आधुनिक युद्धपोतों का निर्माण सीधे विदेशी शिपयार्डों में कराया जाएगा ताकि वे कम से कम समय में बनकर अमेरिकी नौसेना को सौंपे जा सके। इसके बाद के जहाजों का निर्माण घरेलू अमेरिकी शिपयार्डों में करने की योजना है, जिससे देश के अपने जहाज निर्माण उद्योग को भी रफ्तार मिल सके और स्थानीय स्तर पर क्षमताओं का विकास हो सके। मोगामी क्लास को चुनने के पीछे की वजह समुद्र की गहराइयों में घात लगाकर बैठी पनडुब्बियों से लेकर आसमान से होने वाले मिसाइल हमलों तक, जापान का मोगामी क्लास युद्धपोत हर मोर्चे पर दुश्मन को करारा जवाब देने की क्षमता रखता है। यही असाधारण मारक क्षमता और तकनीकी श्रेष्ठता मुख्य कारण है कि दुनिया की सबसे ताकतवर मानी जाने वाली अमेरिकी नौसेना अपने बेड़े के खालीपन को भरने के लिए इस जापानी डिजाइन पर विचार कर रही है। अमेरिकी शिपयार्डों की धीमी रफ्तार और बढ़ती जरूरतों के बीच यह विकल्प काफी मुफीद साबित हो सकता है। स्टील्थ डिजाइन जो रडार को देता है गच्चा मोगामी युद्धपोत की सबसे बड़ी खूबी इसका अत्याधुनिक और अनूठा बाहरी ढांचा है। करीब 133 मीटर लंबे और लगभग 3900 टन वजनी इस पोत को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें पारंपरिक जहाजों की तरह सीधी या खड़ी सतहें बेहद कम हैं। इस खास स्टील्थ डिजाइन का मुख्य उद्देश्य दुश्मन के रडार को भ्रमित करना और समंदर में अपनी मौजूदगी को लगभग अदृश्य रखना है। इससे विरोधी ताकतों के लिए इस पर सटीक निशाना साधना बेहद कठिन हो जाता है। कम कर्मियों के साथ भारी भरकम ताकत सामान्य तौर पर इतने बड़े आकार के युद्धपोतों का संचालन करने के लिए सैकड़ों की संख्या में नौसैनिकों की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, मोगामी को केवल 90 लोगों का एक छोटा क्रू भी बहुत आसानी से संभाल सकता है। पोत पर मौजूद आधुनिक ऑटोमेशन और उन्नत मशीनों के कारण इसके संचालन में आने वाला खर्च काफी हद तक कम हो जाता है। इसके प्रोपल्शन सिस्टम में रोल्स-रॉयस गैस टर्बाइन और दो शक्तिशाली डीजल इंजनों का संयोजन किया गया है, जो मिलकर लगभग 70 हजार हॉर्सपावर की ऊर्जा पैदा करते हैं। इस भारी भरकम ताकत के दम पर यह समंदर में करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है. पनडुब्बियों और बारूदी सुरंगों का काल पानी के भीतर छिपे खतरों का खात्मा करने के मामले में मोगामी क्लास का मुकाबला करना आसान नहीं है। इसके पास अत्याधुनिक सोनार तकनीक, घातक टॉरपीडो और विशेष एंटी-सबमरीन हेलीकॉप्टर मौजूद हैं, जो पानी के सन्नाटे में छुपे दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बियों को ढूंढकर नष्ट कर देते हैं। इसके अलावा, यह पोत समंदर में बिछाई गई खतरनाक बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें बेअसर करने वाले खास उपकरणों से भी लैस है। विशाल गन और मिसाइलों से लैस मारक क्षमता दुल्हन के ठिकानों पर कहर बरपाने के लिए मोगामी के अगले हिस्से में 127 मिलीमीटर की एक बड़ी नौसैनिक गन लगाई गई है, जो तटीय और समुद्री ठिकानों को मटियामेट कर सकती है। इसके अलावा दुश्मन के जहाजों को समंदर में डुबोने के लिए इसमें 8 घातक टाइप-17 एंटी-शिप मिसाइलें तैनात की गई हैं। आसमान से आने वाले खतरों और मिसाइलों को हवा में ही तबाह करने के लिए इस पर सीरैम डिफेंस सिस्टम और 16 सेल वाला वर्टिकल लॉन्चिंग सिस्टम भी मौजूद है। अमेरिका के लिए क्यों मुफीद है यह सौदा वर्तमान परिस्थिति में अमेरिकी नौसेना युद्धपोतों की संख्या तेजी से बढ़ाना चाहती है, लेकिन उसके घरेलू शिपयार्ड इस मांग के हिसाब से उत्पादन करने में असमर्थ हैं। ऐसे में मोगामी फ्रिगेट का छोटा क्रू, अत्याधुनिक डिजाइन, कम लागत और पहले से तैयार उत्पादन ढांचा अमेरिका के लिए एक आदर्श विकल्प बन गया है। यदि अमेरिका इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देता है, तो वह अपनी रक्षा जरूरतों और कॉम्बैट सिस्टम के अनुरूप इस जापानी डिजाइन में जरूरी बदलाव करके इसे अपने बेड़े में शामिल कर सकता है। इसका आप पर असर अमेरिकी नौसेना द्वारा जापानी युद्धपोतों को बेड़े में शामिल करने की यह योजना वैश्विक रक्षा और भू-राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। • भारत में: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नौसैनिक क्षमताओं के पुनर्गठन और आपूर्ति श्रृंखला के मोर्चे पर रक्षा रणनीतिकार इस घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं। • सुरक्षा और रक्षा: अमेरिकी नौसेना के विस्तार से वैश्विक समुद्री मार्गों पर सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन में बदलाव आ सकता है। • आपूर्ति मॉडल: रक्षा क्षेत्र में विदेशी शिपयार्डों के इस्तेमाल का यह फिनलैंड मॉडल भविष्य में अंतरराष्ट्रीय रक्षा व्यापार के नए रास्ते खोल सकता है। • उत्पादन लागत: कम क्रू और उन्नत ऑटोमेशन वाले इन जहाजों से रक्षा बजट के प्रबंधन और नौसैनिक आधुनिकीकरण की दिशा तय होगी। सवाल-जवाब 1. अमेरिका किस देश के युद्धपोत को अपने बेड़े में शामिल करने पर विचार कर रहा है? अमेरिका जापान के मोगामी क्लास युद्धपोत को अपने बेड़े में शामिल करने पर विचार कर रहा है। 2. इस योजना को क्या नाम दिया गया है? इस योजना को फिनलैंड मॉडल का नाम दिया गया है। 3. मोगामी क्लास युद्धपोत को चलाने के लिए कितने लोगों के क्रू की जरूरत होती है? मोगामी युद्धपोत को केवल 90 लोगों का क्रू आसानी से चला सकता है। 4. मोगामी युद्धपोत की अधिकतम रफ्तार कितनी है? यह युद्धपोत समंदर में लगभग 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। 5. इस पोत पर मुख्य हथियार के रूप में कौन सी गन लगी है? इसके आगे एक 127 मिमी की विशाल नौसैनिक गन लगी है। https://trendkia.com/america/japana-ke-adhunika-mogami-klasa-yuddhapota-para-ameriki-rashtrapati-donald-trump-ki-najara-nausena-ko-majabuta-karane-ki-taiyari-27777 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