# जश्न के दिन खून से सनी शिकागो की सड़कें, SUV से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में 12 घायल

> अमेरिका के शिकागो में शुक्रवार रात SUV में सवार दो हमलावरों ने भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे 12 लोग घायल हो गए। उसी दिन पूरे शहर में 21 लोगों को गोली लगी और चार की मौत हो गई।

**Type:** article · **Category:** अमेरिका · **Published:** 2026-06-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/america/jashna-ke-dina-khuna-se-sani-chicago-ki-saraken-suv-se-hui-tabaratora-phayaringa-men-12-ghayala-2142 · **Language:** Hindi
**Tags:** शिकागो फायरिंग, गन वायलेंस, जूनटींथ, SUV हमला, शिकागो पुलिस, अमेरिका शूटिंग, मास शूटिंग

## जब भीड़ पर चल गईं गोलियां
शिकागो की सड़कों पर शुक्रवार की रात तब हड़कंप मच गया जब एक SUV वहां आकर रुकी जहां लोगों की भीड़ जमा थी। पुलिस के मुताबिक उस गाड़ी में बैठे दो लोगों ने अचानक भीड़ पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। हमला इतना अचानक था कि लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

## 12 घायल, दो की हालत नाजुक
इस हमले में कुल 12 लोगों को गोली लगी, जिनमें 8 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। घायलों में सबसे कम उम्र 17 साल और सबसे ज्यादा 47 साल है। सभी को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि दो पुरुषों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

जांच में पता चला कि पुलिस को शुरू में सिर्फ एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर एक महिला की पीठ में दो गोलियां लगी मिलीं, जबकि एक पुरुष की पीठ पर चार छर्रे के निशान पाए गए। इन दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। एक और घायल व्यक्ति ने मौके पर ही इलाज कराने से इनकार कर दिया।

## हमलावर फरार, कोई गिरफ्तारी नहीं
फायरिंग के फौरन बाद दोनों हमलावर उसी SUV में बैठकर मौके से भाग निकले। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी। लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और यह भी साफ नहीं हो पाया है कि हमले की असली वजह क्या थी।

## एक दिन में 21 लोग गोलियों के शिकार, चार की मौत
शिकागो पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक उस शुक्रवार की शाम से शुरू हुई हिंसा में शहर भर में कुल 21 लोगों को गोली मारी गई। इनमें से चार लोगों की जान चली गई। इस ताज़ा वारदात ने शहर में लगातार बढ़ रही गन वायलेंस पर एक बार फिर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

## जूनटींथ के जश्न पर पड़ी हिंसा की काली छाया
यह शूटिंग उस दिन हुई जब पूरे अमेरिका में जूनटींथ का राष्ट्रीय अवकाश मनाया जा रहा था। यह पर्व देश में गुलामी के अंत की याद में मनाया जाता है। उसी दिन पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और मिशेल ओबामा ने शिकागो में अपने नए राष्ट्रपति केंद्र में पहली बार विजिटर्स का स्वागत किया था।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और गन हिंसा पीड़ितों के समर्थक पादरी डोनोवन प्राइस ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा:

> आज जश्न मनाने का दिन था, लेकिन पटाखों की जगह गोलियों की आवाज सुनाई दी। यह बेहद दुखद है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह घटना अमेरिका में बंदूक हिंसा की गंभीर समस्या को उजागर करती है, जो वहां रहने या जाने की योजना बनाने वाले हर व्यक्ति के लिए सतर्कता का संदेश है।
- **शिकागो में:** भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर और बड़े आयोजनों के दौरान सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि शहर में गन वायलेंस की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. शिकागो में हुई इस फायरिंग में कितने और कौन से लोग घायल हुए?
इस फायरिंग में कुल 12 लोग घायल हुए, जिनमें 8 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। इनकी उम्र 17 से 47 साल के बीच है और सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

### 2. हमला किसने और किस तरह अंजाम दिया?
एक SUV में बैठे दो लोगों ने भीड़ के पास आकर बिना किसी चेतावनी के अचानक गोलियां चला दीं और फिर मौके से फरार हो गए।

### 3. क्या किसी हमलावर को गिरफ्तार किया गया?
नहीं, अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और हमले की वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

### 4. उस शुक्रवार को शिकागो में कुल कितने लोगों को गोली लगी?
शुक्रवार की शाम से शुरू हुई हिंसा में शिकागो में कुल 21 लोगों को गोली मारी गई, जिनमें से चार की मौत हो गई।

### 5. यह घटना किस राष्ट्रीय पर्व के दिन हुई और उस पर्व का क्या महत्व है?
यह घटना जूनटींथ के दिन हुई, जो अमेरिका में गुलामी की समाप्ति की याद में मनाया जाने वाला राष्ट्रीय अवकाश है।

### 6. बराक ओबामा और मिशेल ओबामा उस दिन शिकागो में क्यों थे?
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और मिशेल ओबामा उस दिन शिकागो में अपने नए राष्ट्रपति केंद्र के पहले विजिटर्स का स्वागत कर रहे थे।

### 7. घटना पर स्थानीय समुदाय ने क्या प्रतिक्रिया दी?
पादरी डोनोवन प्राइस ने कहा कि आज जश्न का दिन था लेकिन पटाखों की जगह गोलियों की आवाज सुनाई दी, जो बेहद दुखद है।

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