कमला हैरिस चुनावी मैदान में उतरीं तो पीछे हटेंगे गैविन न्यूसम, 2028 की दावेदारी पर बड़ा बयान कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने 2028 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के चुनाव लड़ने पर वे अपनी दावेदारी पेश नहीं करेंगे. वर्ष 2028 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की राजनीतिक बिसात पर अभी से मोहरे सजे दिखने लगे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित भावी चेहरों में गिने जा रहे कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने अपनी उम्मीदवारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस 2028 में व्हाइट हाउस की दौड़ में शामिल होती हैं, तो वे अपनी दावेदारी से तुरंत पीछे हट जाएंगे। मोंटाना की बिटररूट नदी में फ्लाई-फिशिंग के दौरान दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने इस रणनीतिक रुख की वजह भी समझाई। उनके अनुसार, कमला हैरिस के सामने चुनावी ताल ठोकना जनता का वक्त बर्बाद करना होगा और ऐसा कदम प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप खेमे के लिए किसी वरदान की तरह साबित होगा। सीधे टकराव से पार्टी में फूट का अंदेशा डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर गैविन न्यूसम और कमला हैरिस दोनों को ही सबसे सशक्त दावेदारों के रूप में आंका जा रहा है। न्यूसम का तर्क है कि दोनों नेता एक ही राज्य कैलिफोर्निया से ताल्लुक रखते हैं और उनका समर्थक वर्ग तथा नीतियां भी काफी हद तक मिलती-जुलती हैं। कार्यक्रम में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे हैरिस के साथ सीधा टकराव पैदा करके मतदाताओं को किसी भ्रम में नहीं डालना चाहते। उनका मानना है कि दो बड़े नेताओं की आपसी खींचतान से पार्टी के आंतरिक मतभेद सतह पर आ जाएंगे, जिसका सीधा राजनीतिक लाभ रिपब्लिकन पार्टी और डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों को मिलेगा। ट्रंप के मुखर आलोचक के तौर पर बनाई पहचान कैलिफोर्निया के गवर्नर के तौर पर अपनी पारी संभाल रहे गैविन न्यूसम खुद को डोनाल्ड ट्रंप के सबसे कड़े आलोचक के तौर पर पेश करते रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर आक्रामक तेवर दिखाने और सोशल मीडिया के जरिए ट्रंप पर लगातार प्रहार करने से उनकी छवि एक तेजतर्रार नेता के रूप में उभरी है। हालांकि, जब 2028 के चुनाव की तैयारियों को लेकर उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि वे फिलहाल जमीनी हकीकत और अपनी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। न्यूसम ने स्पष्ट कहा, “आपको माहौल को समझना होता है और खुद से ईमानदार होना पड़ता है कि क्या आप सही वक्त पर सही जगह हैं या सिर्फ सबका समय बर्बाद कर रहे हैं.” कमला हैरिस के निर्णय पर टिकीं नजरें दूसरी तरफ, वर्ष 2024 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के सामने शिकस्त मिलने के बाद से पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपेक्षाकृत शांत रुख अपनाया हुआ है। हालांकि, उन्होंने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उतरने अथवा न उतरने को लेकर अब तक कोई अंतिम घोषणा नहीं की है। पिछले चुनाव की हार के बावजूद संगठन के भीतर उनका प्रभाव बरकरार है और वे संभावित प्रत्याशियों की सूची में अग्रणी पंक्ति में खड़ी हैं। न्यूसम के इस ताजा रुख के बाद अब डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राथमिक चुनाव की पूरी रूपरेखा पूरी तरह कमला हैरिस के आगामी फैसले पर निर्भर हो गई है। इसका आप पर असर अमेरिकी राजनीति में इस तरह के रणनीतिक समीकरण सीधे तौर पर नीतिगत स्थिरता और भविष्य के चुनावी विकल्पों को दिशा देते हैं। • डेमोक्रेटिक मतदाताओं पर असर: पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को प्राथमिक चुनावों में दो लोकप्रिय कैलिफोर्निया नेताओं के बीच बंटने की दुविधा से राहत मिलेगी। इससे पार्टी के संसाधन और समर्थन एक मजबूत चेहरे के पीछे एकजुट हो सकेंगे। • वैश्विक नीतियों पर प्रभाव: 2028 के चुनाव की दिशा तय होने से वैश्विक कूटनीति और व्यापारिक प्राथमिकताओं को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों पर नजर रखने वाले नीति विश्लेषक समय रहते प्राथमिकताओं का आकलन कर सकेंगे। • आंतरिक चुनावी माहौल: संभावित प्रत्याशियों के बीच आपसी टकराव टलने से पार्टी में गुटबाजी की आशंका कम होगी। यह कदम आगामी वर्षों में विपक्षी खेमे के खिलाफ एकजुट मोर्चा तैयार करने में मददगार हो सकता है। • प्रवासी समुदाय की नजरें: भारतीय मूल के मतदाताओं और प्रवासियों की दिलचस्पी कमला हैरिस के अगले कदम पर केंद्रित रहेगी। उनके अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा कि शीर्ष पद की दौड़ में उनका प्रतिनिधित्व रहेगा या नहीं। ऐसा क्यों हुआ गैविन न्यूसम ने यह रणनीतिक कदम पार्टी के भीतर आंतरिक कलह टालने और एक ही राज्य के दो बड़े नेताओं के बीच मतों के बिखराव को रोकने के मकसद से उठाया है। • साझा मतदाता आधार: न्यूसम और हैरिस दोनों लंबे समय से कैलिफोर्निया की राजनीति के शीर्ष पर रहे हैं, जिससे उनके समर्थक, एजेंडा और वित्तीय मददगार काफी हद तक एक जैसे हैं। यदि दोनों एक-दूसरे के आमने-सामने आते, तो पार्टी के भीतर संसाधनों और वोटों का भारी विभाजन तय था। • विरोधियों को लाभ का डर: 2024 के चुनाव नतीजों के बाद रिपब्लिकन खेमा और डोनाल्ड ट्रंप काफी मजबूत स्थिति में हैं। प्राथमिक चुनाव में दो प्रमुख डेमोक्रेट्स की आपसी रंजिश का सीधा राजनीतिक लाभ ट्रंप समर्थकों को मिलने का पूरा अंदेशा था। • हैरिस की संगठनात्मक पकड़: चुनाव हारने के बावजूद पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर कमला हैरिस का राष्ट्रीय आधार और डेमोक्रेटिक पार्टी के कोर वोटरों के बीच प्रभाव अब भी काफी गहरा है। न्यूसम मानते हैं कि ऐसे में बिना ठोस माहौल बने उनके सामने खड़ा होना केवल समय गंवाना होगा। सवाल-जवाब 1. गैविन न्यूसम ने 2028 के चुनाव को लेकर क्या घोषणा की है? उन्होंने कहा है कि यदि पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस 2028 में चुनाव लड़ती हैं, तो वे राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से पीछे हट जाएंगे. 2. न्यूसम ने कमला हैरिस के खिलाफ चुनाव न लड़ने की क्या वजह बताई? उनका मानना है कि दोनों के समर्थक और नीतियां समान हैं, इसलिए आपस में लड़ना जनता का समय बर्बाद करना होगा और इससे ट्रंप खेमे को फायदा पहुंचेगा. 3. क्या कमला हैरिस ने 2028 के चुनाव पर कोई फैसला लिया है? नहीं, 2024 के चुनाव में हार के बाद उन्होंने अब तक 2028 के लिए कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. 4. न्यूसम ने यह बयान कहां और किस संदर्भ में दिया? उन्होंने मोंटाना की बिटररूट नदी में फ्लाई-फिशिंग के दौरान बातचीत करते हुए यह बयान दिया. https://trendkia.com/america/kamala-harris-chunavi-maidana-men-utarin-to-pichhe-hatenge-gavin-newsom-2028-ki-davedari-para-bara-bayana-34327 TrendKia — Har trend, sabse pehle.