ओरेगन के प्राथमिक विद्यालय में गोलीबारी से मचा कोहराम, तीन छात्रों और शिक्षक समेत पांच की जान गई अमेरिका के ओरेगन में 16 वर्षीय किशोर ने प्राथमिक विद्यालय के दरवाजों पर गोली चलाकर भीतर प्रवेश किया, जिसमें तीन मासूम बच्चों और एक शिक्षक सहित पांच लोगों की जान चली गई। ओरेगन राज्य के बेंड शहर में गुरुवार दोपहर उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब एक 16 वर्षीय हमलावर ने प्राथमिक विद्यालय को निशाना बनाकर भीषण गोलीबारी कर दी। इस दर्दनाक वारदात में तीन मासूम विद्यार्थियों और एक शिक्षक सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 16 साल का हमलावर भी शामिल है, जिसका शव विद्यालय परिसर के भीतर ही बरामद हुआ। सिल्वर रेल एलिमेंट्री स्कूल में खूनी वारदात घटना बेंड इलाके के सिल्वर रेल एलिमेंट्री स्कूल की है, जहां किंडरगार्टन से लेकर पांचवीं कक्षा तक के छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हमलावर स्थानीय शहर बेंड का ही निवासी था। उसने स्कूल भवन के मुख्य बंद दरवाजों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और जबरन परिसर के अंदर दाखिल हो गया। गोलीबारी की तेज आवाज सुनते ही पूरे स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बेंड पुलिस चीफ माइक क्रांट्ज़ ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर 12:59 बजे, यानी करीब 1 बजे आपातकालीन नंबर 911 पर पहली सूचना मिली। यह कॉल स्कूल परिसर के ठीक बाहर अपनी गाड़ी में मौजूद एक व्यक्ति ने की थी। कॉलर ने पुलिस को बताया कि किसी अज्ञात शख्स ने लंबी बंदूक से सीधे उसकी कार पर फायर किया है। इस सूचना के मिलते ही पुलिस की कई टीमें तुरंत स्कूल की ओर रवाना हो गईं। हताहतों का विवरण और घायलों की स्थिति पुलिस चीफ माइक क्रांट्ज़ के अनुसार, इस हमले में जान गंवाने वाले तीन मासूम बच्चों की उम्र महज 5 साल, 8 साल और 11 साल थी। इसके अतिरिक्त एक शिक्षक की भी गोली लगने से मौत हो गई। हमले में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक 7 साल का मासूम बच्चा और एक 54 वर्षीय शिक्षक शामिल हैं। दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। हमलावर की मौत और मामले की छानबीन पुलिस प्रवक्ता शीला मिलर ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों के स्कूल परिसर में दाखिल होने के कुछ ही देर बाद हमलावर को गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। अधिकारियों को संदिग्ध हमलावर स्कूल के अंदर मृत अवस्था में मिला। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया, वहां उपस्थित किसी अन्य व्यक्ति ने उस पर गोली चलाई, अथवा उसने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के तुरंत बाद पूरे स्कूल को बंद कर दिया गया और इलाके की घेराबंदी कर दी गई। ओरेगन शिक्षा विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पोर्टलैंड से 100 मील यानी लगभग 160 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित इस विद्यालय में पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान कुल 459 बच्चे नामांकित थे। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि 16 वर्षीय किशोर हथियार लेकर स्कूल तक कैसे पहुंचा और इस भयानक वारदात को अंजाम देने के पीछे उसका क्या मकसद था। इसका आप पर असर इस भीषण गोलीबारी की घटना ने स्कूल सुरक्षा और सार्वजनिक परिसरों में प्रवेश नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। • परिजनों और छात्रों के लिए: विद्यालय में हुए इस जानलेवा हमले के बाद स्थानीय समुदाय में भारी भय और तनाव का माहौल है। प्रशासन द्वारा प्रभावित छात्रों और परिजनों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परामर्श सत्र आयोजित किए जाने की आवश्यकता होगी। • स्कूल सुरक्षा प्रोटोकॉल: घटना से स्पष्ट होता है कि केवल दरवाजे बंद रखना हथियारों से लैस हमलावरों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं साबित हुआ। शिक्षण संस्थानों को अब अपनी बाहरी सुरक्षा प्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और कड़ा करना होगा। • समुदाय की सतर्कता: परिसर के बाहर गाड़ी पर हुई गोलीबारी की त्वरित सूचना ने पुलिस को फौरन सक्रिय किया। ऐसे में आम नागरिकों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल रिपोर्ट करने के लिए सतर्क रहना जरूरी है। • अस्पतालों की तैयारी: गंभीर रूप से घायल छात्र और शिक्षक के उपचार के लिए आपातकालीन ट्रॉमा टीमें लगातार जुटी हुई हैं। ऐसी घटनाओं के दौरान नजदीकी चिकित्सा केंद्रों को तुरंत उच्च सतर्कता पर रखा जाता है। ऐसा क्यों हुआ यह दुखद घटना एक 16 वर्षीय किशोर द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़कर प्राथमिक विद्यालय में घुसने और अंधाधुंध गोलियां चलाने के कारण हुई। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। • जबरन परिसर में प्रवेश: हमलावर ने स्कूल के बंद बाहरी दरवाजों पर सीधी गोलीबारी की। कांच और दरवाजों को गोलियों से छलनी कर वह इमारत के भीतर दाखिल होने में कामयाब रहा। • हथियार की मौजूदगी: किशोर के पास एक लंबी बंदूक उपलब्ध थी, जिसका इस्तेमाल उसने पहले बाहर खड़ी गाड़ी पर और फिर स्कूल के भीतर किया। वह नाबालिग होते हुए इस घातक हथियार तक कैसे पहुंचा, यह जांच का विषय है। • हमले का कारण अज्ञात: स्थानीय पुलिस ने अभी तक किशोर के इस कदम के पीछे के मकसद की पुष्टि नहीं की है। उसके पूर्व रिकॉर्ड और किसी संभावित व्यक्तिगत रंजिश की जांच की जा रही है। • मौत का कारण अस्पष्ट: हमलावर पुलिस के पहुंचते ही मृत पाया गया, लेकिन यह साफ नहीं है कि उसने खुद को गोली मारी या किसी जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। इस संबंध में फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. यह गोलीबारी किस स्कूल में और कहां हुई? यह घटना अमेरिका के ओरेगन राज्य के बेंड शहर में स्थित सिल्वर रेल एलिमेंट्री स्कूल में हुई, जो पोर्टलैंड से करीब 160 किलोमीटर दूर है। 2. हमलावर कौन था और उसने स्कूल में कैसे प्रवेश किया? हमलावर बेंड का ही रहने वाला 16 साल का एक लड़का था, जिसने स्कूल के बंद दरवाजों पर गोलियां चलाकर जबरन अंदर प्रवेश किया। 3. इस हमले में कुल कितने लोगों की जान गई? हमले में कुल पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें 5, 8 और 11 वर्ष के तीन बच्चे, एक शिक्षक और 16 वर्षीय हमलावर शामिल हैं। 4. घायलों की स्थिति कैसी है? गोलीबारी में 7 साल का एक बच्चा और 54 साल के एक शिक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 5. हमलावर की मौत कैसे हुई? पुलिस के स्कूल में दाखिल होने के कुछ देर बाद हमलावर मृत मिला, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि उसने खुदकुशी की या किसी की गोली से मारा गया। https://trendkia.com/america/oregon-ke-prathamika-vidyalaya-men-golibari-se-macha-koharama-tina-chhatron-aura-shikshaka-sameta-pancha-ki-jana-gai-48442 TrendKia — Har trend, sabse pehle.