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  "type": "article",
  "title": "प्रवासी परिवारों के बच्चों की अमेरिकी नागरिकता रोकने वाले डोनाल्ड ट्रंप के नए नियमों पर मैरीलैंड कोर्ट ने लगाई रोक",
  "summary": "अमेरिकी जिला न्यायाधीश डेबोरा एल. बोर्डमैन ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के उस नए आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है जो अमेरिका में जन्म लेने वाले कुछ बच्चों को जन्मसिद्ध नागरिकता से बाहर करता था।",
  "content": "अमेरिका में जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को सीमित करने की डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नई कोशिश को अदालती आदेश से बड़ा झटका लगा है। मैरीलैंड स्थित अमेरिकी जिला अदालत ने एक अहम आदेश पारित करते हुए केंद्र सरकार के उस नए फरमान के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले कुछ बच्चों को स्वतः मिलने वाले नागरिकता के अधिकार से बेदखल करने का प्रावधान किया गया था। अमेरिकी जिला न्यायाधीश डेबोरा एल. बोर्डमैन ने बुधवार को इस संबंध में अपना फैसला सुनाया। अदालत का यह स्थगनादेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक कि प्रवासी परिवारों और उनके अधिकारों के लिए संघर्षरत सामाजिक संगठनों द्वारा दायर किए गए सामूहिक मुकदमे पर अंतिम न्यायिक निर्णय नहीं आ जाता।\n\n'बर्थ टूरिज्म' पर रोक का सरकारी तर्क\nप्रशासनिक अधिकारियों की ओर से पेश दलीलों में इस नीतिगत बदलाव को देश में बढ़ रहे तथाकथित 'बर्थ टूरिज्म' को नियंत्रित करने के कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया था। सरकार का कहना है कि विदेशी नागरिक अस्थायी या गैर-प्रवासी वीजा हासिल करके केवल इसी मकसद से अमेरिका यात्रा पर आते हैं ताकि वहां पैदा होने वाले उनके बच्चे को जन्मजात अमेरिकी नागरिकता का कानूनी अधिकार प्राप्त हो सके। नए नियम के मसौदे में ऐसे व्यक्तियों को विशेष रूप से 'बर्थ टूरिस्ट' की श्रेणी में चिह्नित किया गया है, जो किसी गैर-प्रवासी वीजा पर केवल प्रसव और शिशु के जन्म के उद्देश्य से अमेरिका पहुंचते हैं। हालांकि नागरिक अधिकार संगठनों ने इस परिभाषा और इसके आधार पर लागू की जाने वाली पाबंदियों को संवैधानिक अधिकारों का हनन करार दिया है।\n\nन्यायालय की सख्त टिप्पणी और सरकारी वकीलों की दलील खारिज\nसुनवाई के दौरान न्यायाधीश डेबोरा एल. बोर्डमैन ने मैरीलैंड अदालत में स्पष्ट किया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पहले के अपने फैसलों में यह सिद्धांत स्थापित कर चुका है कि संबंधित श्रेणी में आने वाले सभी बच्चे जन्म से ही अमेरिका के वैध नागरिक हैं। उन्होंने अपने लिखित आदेश में रेखांकित किया कि ट्रंप प्रशासन की यह नई नीति विभिन्न संघीय एजेंसियों को कई प्रमुख श्रेणियों के शिशुओं और बच्चों के नागरिकता से जुड़े आवश्यक दस्तावेज जारी करने से रोकती है, जो कि न्यायसंगत नहीं है। दूसरी तरफ, प्रशासन का पक्ष रख रहे सरकारी वकीलों ने स्थगनादेश का विरोध करते हुए कहा कि अदालत का यह कदम समय से पूर्व उठाया गया फैसला है। सरकारी पक्ष का तर्क था कि संघीय एजेंसियां इस व्यवस्था को जमीन पर लागू करने के लिए न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके अपनाएंगी तथा इसके लिए विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाने बाकी हैं। हालांकि न्यायाधीश बोर्डमैन ने सरकार की इन दलीलों को अपर्याप्त मानते हुए सिरे से खारिज कर दिया।\n\nकानूनी लड़ाई का घटनाक्रम और पुरानी कोशिशें\nडोनाल्ड ट्रंप काफी समय से अमेरिका में लागू जन्मसिद्ध नागरिकता की व्यवस्था को चुनिंदा समूहों के लिए समाप्त करने या सीमित करने का प्रयास करते रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने एक व्यापक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों या अस्थायी वीजा धारकों के घर जन्म लेने वाले शिशुओं को अमेरिकी नागरिकता देने पर रोक लगाने का प्रावधान शामिल था। उस आदेश को भी अदालतों में चुनौती दी गई थी और आखिरकार इस वर्ष जून के महीने में देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने सरकार की उस कोशिश को पूरी तरह निरस्त कर दिया था। इसके उपरांत, अगस्त के महीने में ट्रंप प्रशासन ने पूर्व की तुलना में एक अधिक सीमित दायरे वाला नया आदेश जारी किया था। मैरीलैंड की संघीय अदालत ने अब इसी अगस्त वाले आदेश पर भी कानूनी रोक लगा दी है, जिससे सरकार की कानूनी रणनीति को पुनः विफलता हाथ लगी है।\n\nक्या है अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता का नियम?\nअमेरिकी संविधान और प्रचलित संघीय कानूनों के अनुसार, देश की सीमा के भीतर पैदा होने वाला कोई भी व्यक्ति, कुछ बेहद दुर्लभ अपवादों (जैसे विदेशी राजनयिकों के बच्चों) को छोड़कर, जन्म से ही अमेरिका का पूर्ण नागरिक बन जाता है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि इस कानूनी प्रावधान का दुरुपयोग हो रहा है और इसमें तत्काल नीतिगत सुधार की आवश्यकता है। इसके विपरीत, इस आदेश के विरोध में याचिका दायर करने वाले परिवारों और प्रवासी कल्याण संगठनों का दृढ़ मत है कि प्रशासनिक आदेशों के जरिए इस ऐतिहासिक संवैधानिक अधिकार को न तो सीमित किया जा सकता है और न ही छीना जा सकता है। मैरीलैंड अदालत के इस ताजा आदेश के बाद फिलहाल ट्रंप प्रशासन के नए कदम का क्रियान्वयन पूरी तरह ठप हो गया है।\n\nइसका आप पर असर\nयह अदालती आदेश अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों और प्रवासियों के बच्चों के लिए नागरिकता का कानूनी संरक्षण बनाए रखता है।\n\n• अस्थायी वीजा धारक: अमेरिका में वर्क या ट्रैवल वीजा पर रह रहे परिवारों के नवजात बच्चों को फिलहाल स्वतः नागरिकता मिलती रहेगी। इससे अभिभावकों को बच्चे की कानूनी स्थिति को लेकर तुरंत किसी संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।\n• भावी योजनाएं: अमेरिका जाने या वहां संतान को जन्म देने की योजना बना रहे विदेशी नागरिक पुरानी कानूनी व्यवस्था के तहत ही निर्णय ले सकते हैं। फिलहाल नया प्रतिबंधात्मक नियम लागू न होने से अनिश्चितता दूर हुई है।\n• पासपोर्ट व दस्तावेजीकरण: अमेरिकी एजेंसियों को नवजात बच्चों के पासपोर्ट और जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया जारी रखनी होगी। इससे प्रशासनिक रुकावटों के बिना जरूरी पहचान पत्र प्राप्त हो सकेंगे।\n• कानूनी स्थिति: सामूहिक मुकदमे का अंतिम फैसला आने तक प्रवासी परिवारों पर प्रशासनिक कार्रवाई का जोखिम टल गया है। इससे परिवारों को अदालती प्रक्रिया के दौरान कानूनी सुरक्षा प्राप्त रहेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मैरीलैंड की अदालत ने ट्रंप प्रशासन के किस आदेश पर रोक लगाई है?\nअदालत ने उस नए आदेश पर अंतरिम रोक लगाई है जो अमेरिका में जन्म लेने वाले कुछ बच्चों को जन्मसिद्ध नागरिकता से बेदखल करने की कोशिश करता है।\n\n2. यह फैसला किस न्यायाधीश द्वारा सुनाया गया है?\nयह फैसला मैरीलैंड की अमेरिकी जिला न्यायाधीश डेबोरा एल. बोर्डमैन ने बुधवार को सुनाया।\n\n3. ट्रंप प्रशासन के अनुसार इस आदेश का मुख्य उद्देश्य क्या था?\nप्रशासन का कहना था कि इस आदेश का उद्देश्य 'बर्थ टूरिज्म' पर रोक लगाना है, जिसमें विदेशी नागरिक बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका आते हैं।\n\n4. यह अदालती रोक कब तक लागू रहेगी?\nयह अंतरिम रोक तब तक जारी रहेगी जब तक प्रवासी परिवारों और सामाजिक संगठनों द्वारा दायर किए गए सामूहिक मुकदमे पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता।\n\n5. क्या डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी ऐसी कोशिश की थी?\nहां, उन्होंने पहले भी एक कार्यकारी आदेश जारी किया था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने जून में खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने अगस्त में यह नया सीमित आदेश जारी किया था।",
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  "category": "अमेरिका",
  "publishedAt": "2026-09-03",
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