समुद्र में 250 दिन बिताने के बाद USS अब्राहम लिंकन पर बढ़ा नौसैनिकों का मानसिक तनाव, मिडिल ईस्ट में तैनात होगा USS जॉर्ज वॉशिंगटन लंबे समय से समुद्र में तैनात अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर नौसैनिकों की बदहाली और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं के बीच अमेरिकी नौसेना USS जॉर्ज वॉशिंगटन को मध्य पूर्व भेजने की तैयारी कर रही है। अमेरिकी नौसेना अपने परमाणु संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन को मिडिल ईस्ट से वापस बुलाकर उसकी जगह USS जॉर्ज वॉशिंगटन को तैनात करने की योजना बना रही है। समुद्र में लगातार 250 से अधिक दिन बिता चुके नौसैनिकों में बढ़ते मानसिक तनाव, आत्महत्या की कोशिशों और जहाज पर मौजूद बदतर रहन सहन की स्थितियों को लेकर सैन्य परिवारों और अमेरिकी सांसदों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। हालांकि नौसेना अधिकारियों का दावा है कि यह बदलाव पूर्व निर्धारित रोटेशन प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन लिंकन पर क्रू मेंबर्स के गिरते मनोबल ने सैन्य गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। जहाज पर बदहाल स्थितियां और आत्महत्या के प्रयासों की खबरें युद्धपोत पर मौजूद नाविकों और उनके परिजनों की ओर से आई रिपोर्ट्स के अनुसार, समुद्र में तैनाती के दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां नाविकों ने पानी में कूदकर अपनी जान देने का विचार किया या प्रयास किया। एक मामले में एक नाविक को उसके साथी ने समुद्र में कूदने से समय रहते रोक लिया। सैन डिएगो में आयोजित एक टाउन हॉल बैठक के दौरान लगभग 200 परिजनों ने हिस्सा लिया और अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती साझा की। इस बैठक में एक महिला ने बताया कि उसके पति ने सुबह संदेश भेजकर यह कहा था कि उसे उम्मीद है कि वह अगली सुबह जीवित नहीं उठेगा। इसके अलावा एनाबेल लोमा नाम की महिला ने जानकारी दी कि तैनाती की अवधि बार-बार बढ़ाए जाने के कारण उनके पति ने समुद्र में छलांग लगाने की कोशिश की थी। डेमोक्रेटिक सांसद माइक लेविन ने भी जहाज पर तैनात कर्मियों की अत्यंत कष्टदायक स्थिति का ब्योरा दिया है। उन्होंने बताया कि युद्धपोत पर शावर में फफूंद लगी हुई है, शौचालय टूटे पड़े हैं और लॉन्ड्री सेवा हफ्तों से पूरी तरह बंद है। नौसैनिकों को लंबे समय से गर्म पानी नहीं मिल पा रहा है और भोजन के रूप में उन्हें केवल आधा कप चावल और दो टॉर्टिला दिए जा रहे हैं। बुनियादी स्वच्छता के लिए आवश्यक साबुन, डियोड्रेंट और टूथपेस्ट जैसी चीजें भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। USS जॉर्ज वॉशिंगटन का नया मार्ग और रोटेशन योजना नौसेना के बयानों और पोत की गतिविधियों की निगरानी कर रहे अधिकारियों के अनुसार, USS जॉर्ज वॉशिंगटन को अब हिंद महासागर की ओर रवाना किया जा रहा है। यह युद्धपोत हाल ही में वियतनाम के दा नांग से रवाना हुआ था और सिंगापुर जलडमरूमध्य तथा मलक्का जलडमरूमध्य को पार करते हुए अपनी आगे की यात्रा पर है। यह एयरक्राफ्ट कैरियर जल्द ही क्षेत्र में पहुंचकर लिंकन का स्थान लेगा। लगभग 5,000 नौसैनिकों और मरीन कर्मियों के साथ USS अब्राहम लिंकन पिछले साल 21 नवंबर को सैन डिएगो से रवाना हुआ था। शुरुआत में इसे प्रशांत महासागर क्षेत्र में तैनात करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन बाद में इसकी तैनाती बढ़ा दी गई। नौसेना अधिकारियों का कहना है कि यह अदला-बदली पहले से तय रणनीतिक रोटेशन का हिस्सा है और इसे केवल लिंकन की समस्याओं के जवाब के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अमेरिकी नौसेना का आधिकारिक बयान नौसेना के अधिकारियों ने आधिकारिक स्तर पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि कमांड को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जहाज पर आत्महत्या के विचारों या प्रयासों में कोई असामान्य वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। नौसेना प्रवक्ता का कहना है कि कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और मानसिक भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। प्रशासन का दावा है कि जहाज पर स्वच्छ पेयजल, कार्यशील वातानुकूलन प्रणाली और पौष्टिक भोजन के विकल्प लगातार पहुंचाए जा रहे हैं ताकि नौसैनिकों को राहत मिल सके। इसका आप पर असर विश्व स्तर पर: लंबे सैन्य मिशनों और नौसैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर यह घटना वैश्विक रक्षा नीतियों और लंबे समय तक तैनात युद्धपोतों के प्रबंधन पर नए सवाल उठाती है। सामान्य पाठकों के लिए: यह समाचार सशस्त्र बलों में तैनात कर्मियों की कठिन जीवन स्थितियों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित करता है। सवाल-जवाब 1. USS अब्राहम लिंकन से USS जॉर्ज वॉशिंगटन को क्यों बदला जा रहा है? नौसैनिकों के 250 से अधिक दिनों की तैनाती के बाद अत्यधिक थकान और मानसिक तनाव की खबरों के बीच अमेरिकी नौसेना पूर्व निर्धारित रोटेशन के तहत USS जॉर्ज वॉशिंगटन को मध्य पूर्व में तैनात कर रही है। 2. USS अब्राहम लिंकन पर नौसैनिकों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था? नाविकों को टूटे शौचालय, फफूंद वाले शावर, बंद लॉन्ड्री, गर्म पानी की कमी, भोजन की कमी और साबुन-टूथपेस्ट जैसी बुनियादी वस्तुओं की कमी का सामना करना पड़ रहा था। 3. USS अब्राहम लिंकन कब और कहां से रवाना हुआ था? यह युद्धपोत लगभग 5,000 नौसैनिकों और मरीन के साथ पिछले वर्ष 21 नवंबर को सैन डिएगो से प्रशांत क्षेत्र की तैनाती के लिए निकला था। 4. इस स्थिति पर अमेरिकी नौसेना का क्या कहना है? नौसेना का कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर आत्महत्या की कोशिशों में कोई वृद्धि नहीं हुई है और वह नौसैनिकों को स्वच्छ पानी, एसी और अच्छा भोजन उपलब्ध करा रही है। https://trendkia.com/america/samudra-men-250-dina-bitane-ke-bada-uss-abraham-lincoln-para-barha-nausainikon-ka-manasika-tanava-middle-east-men-tainata-hoga-uss-16520 TrendKia — Har trend, sabse pehle.