समुद्री बारूदी सुरंग से टकराया तेल टैंकर, होर्मुज जलडमरूमध्य में लगी भीषण आग होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सुरक्षा दावे के बीच एक बड़ा तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंग की चपेट में आने से आग की लपटों में घिर गया। क्षेत्र में हमलों के बढ़ते खतरे के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति मार्ग पर संकट गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति के सबसे अहम समुद्री गलियारे होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बड़ा तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद भीषण आग की लपटों में घिर गया। दक्षिणी ओमान के रास्ते से गुजरते समय हुए इस जोरदार धमाके ने वैश्विक तेल परिवहन के इस संवेदनशील जलमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। अमेरिकी सुरक्षा घेरे के बावजूद हुआ यह हादसा साबित करता है कि इस प्रमुख ऊर्जा मार्ग से व्यापारिक जहाजों का गुजरना बेहद जोखिम भरा हो चुका है। ऊर्जा गलियारे में सुरक्षा पर गहराता संकट ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के बाद से इस संकरे समुद्री जलमार्ग में तनाव चरम पर पहुंच गया है। रणनीतिक रूप से दुनिया की ऊर्जा लाइफलाइन माने जाने वाले इस क्षेत्र में हाल के दिनों में कई जहाजों को निशाना बनाया गया है। ईरान की ओर से भी आधा दर्जन से अधिक जहाजों पर हमले करने का दावा सामने आया है। व्यापारिक जहाजों के लिए बढ़ता खतरा वाशिंगटन इस समुद्री गलियारे में जहाजों को हिफाजत देने का दावा करता रहा है, लेकिन वास्तविक हालात बेहद खतरनाक बने हुए हैं। बारूदी सुरंगों और मिसाइल हमलों के लगातार बढ़ते खतरे के कारण अब वाणिज्यिक जहाजों का संचालन गंभीर संकट में आ गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल और ईंधन की ढुलाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। इसका आप पर असर होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हुए हमले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। • भारत में: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में खाड़ी देशों के तेल आयात पर निर्भर है। यदि समुद्री मार्ग में बाधा आती है तो घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। • वैश्विक बाजार: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की ढुलाई लागत और जहाजों का बीमा प्रीमियम बढ़ सकता है। इसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ जाएगा। • आपूर्ति श्रृंखला: जहाजों के मार्ग बदलने से ईंधन और अन्य उत्पादों की डिलीवरी में देरी हो सकती है। आयातकों और निर्यातकों को अतिरिक्त लॉजिस्टिक्स खर्च उठाना पड़ सकता है। • व्यापारिक सुरक्षा: इस गलियारे से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों के नाविकों और क्रू सदस्यों की जान का जोखिम बढ़ गया है। शिपिंग कंपनियों को सुरक्षा नियमों को नए सिरे से लागू करना होगा। ऐसा क्यों हुआ होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर के बारूदी सुरंग की चपेट में आने की मुख्य वजह क्षेत्र में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव है। तनाव बढ़ने से इस जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पूरी तरह चरमरा गई है। • सैन्य तनाव: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में संघर्ष गंभीर स्तर पर पहुंच गया। इसके जवाब में समुद्री मार्गों को असुरक्षित बनाने की गतिविधियां तेज हुईं। • समुद्री बारूदी सुरंगें: जलमार्ग में अज्ञात नौसैनिक बारूदी सुरंगों की मौजूदगी ने वाणिज्यिक जहाजों के लिए भारी खतरा पैदा कर दिया। इसी विस्फोटक उपकरण से टकराने पर तेल टैंकर में भीषण धमाका हुआ। • पूर्ववर्ती हमले: ईरान ने पहले भी इस समुद्री मार्ग में आधा दर्जन से अधिक जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया था। इन चेतावनियों और घटनाओं के बावजूद वाणिज्यिक यातायात पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया जा सका। सवाल-जवाब 1. होर्मुज जलडमरूमध्य में किस प्रकार का हादसा हुआ? एक बड़ा तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंग से टकरा गया, जिससे उसमें भीषण विस्फोट हुआ और आग लग गई। 2. यह घटना किस समुद्री क्षेत्र में हुई? यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका समर्थित दक्षिणी ओमान गलियारे के जलक्षेत्र में हुई। 3. इस समुद्री गलियारे में तनाव की मुख्य वजह क्या है? अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ गया है। 4. ईरान ने जहाजों को लेकर क्या दावा किया था? ईरान ने इस समुद्री क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया था। https://trendkia.com/america/samudri-barudi-surnga-se-takaraya-tela-tainkara-hormuz-jaladamarumadhya-men-lagi-bhishana-aga-46171 TrendKia — Har trend, sabse pehle.