हाफिज सईद पर सवाल सुनते ही संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से कन्नी काट गए शहबाज शरीफ न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान लश्कर प्रमुख हाफिज सईद पर कानूनी कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल को टालते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बिना कोई जवाब दिए बाहर निकल गए। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब एक पत्रकार ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर सीधी कार्रवाई को लेकर उनसे सवाल पूछ लिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में भाग लेने पहुंचे पाकिस्तानी नेता सवाल की आवाज कानों में पड़ते ही बिना किसी प्रतिक्रिया के तेजी से आगे बढ़ गए और परिसर से सीधे बाहर निकल गए। वैश्विक मंचों पर अक्सर आतंकवाद के खिलाफ बातें करने वाले शरीफ ने इस संवेदनशील मसले पर एक शब्द भी नहीं कहा। लश्कर प्रमुख पर कानूनी शिकंजे को लेकर पूछा गया था सवाल यह घटनाक्रम उस वक्त सामने आया जब शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के बाद मुख्यालय भवन से बाहर की ओर प्रस्थान कर रहे थे। उसी दौरान वहां मौजूद एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान की सरकार आखिरकार आतंकी सरगना हाफिज सईद के खिलाफ कब ठोस कदम उठाने जा रही है और उसे अदालत के कठघरे में कब पेश किया जाएगा। इस स्पष्ट सवाल को सुनने के बावजूद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने चुप्पी साधे रखी और बगैर कोई टिप्पणी किए वहां से निकलना ही बेहतर समझा। न्यूयॉर्क आगमन के दौरान भी झेलनी पड़ी थी नाराजगी संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में सवाल से बचने की इस घटना से ठीक एक दिन पहले भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के लिए न्यूयॉर्क की परिस्थितियां अनुकूल नहीं रही थीं। जब वह शहर पहुंचे तो हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी के लिए कोई भी अमेरिकी नेता या प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं था। इसके साथ ही न्यूयॉर्क की सड़कों पर उनके आगमन के विरोध में प्रदर्शनकारी पोस्टरों का भी सामना करना पड़ा, जिन पर 'चोर आया' और 'चेरी पॉलिश' जैसे नारे लिखे हुए थे। इसका आप पर असर इस कूटनीतिक घटनाक्रम का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की साख और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक दबाव पर पड़ता है। • राजनयिक स्तर पर: संयुक्त राष्ट्र के मंच पर आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सवाल टालने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर सवाल खड़े होते रहेंगे। इससे आतंकवाद के वित्तपोषण और सरगनाओं पर कानूनी कार्रवाई को लेकर वैश्विक दबाव और सख्त हो सकता है। • भारत के नजरिए से: हाफिज सईद पर जवाब से बचने का यह रुख भारतीय कूटनीति के उस रुख को सही ठहराता है कि पड़ोसी देश आतंकवाद के सरगनाओं पर वास्तविक कार्रवाई करने से बचता है। इससे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूत बना रहेगा। • आम नागरिकों के लिए: इस घटना का आम जनता के दैनिक खर्चों पर तुरंत असर नहीं होगा, लेकिन दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंध बने रहने से क्षेत्रीय स्थिरता और व्यापार बहाली की संभावनाएं सीमित रहती हैं। • वैश्विक मंचों पर छवि: हवाई अड्डे पर किसी अमेरिकी अधिकारी के न होने और सार्वजनिक नारों से विदेशी दौरों में देश के नेताओं की छवि पर अंतरराष्ट्रीय सवाल बने रहेंगे। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम तब हुआ जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र से बाहर निकल रहे थे और एक पत्रकार ने आतंकी संगठन के प्रमुख पर जवाबदेही तय करने को लेकर सवाल दाग दिया। • प्रत्यक्ष कारण: लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर पाकिस्तानी अदालत में मुकदमा चलाने और सख्त कानूनी कार्रवाई के वादों पर पत्रकार ने तुरंत जवाब मांगा, जिसे टालने के लिए प्रधानमंत्री बिना बोले निकल गए। • पिछली परिस्थितियां: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के दावे करता रहा है, लेकिन प्रमुख सरगनाओं पर ठोस न्यायिक प्रक्रिया के सवालों का सामना करने से बचता रहा है। • विजिट के दौरान तनाव: न्यूयॉर्क आगमन पर किसी आधिकारिक अमेरिकी स्वागत का न होना और स्थानीय स्तर पर 'चोर आया' लिखे पोस्टरों के कारण पहले से ही दौरा राजनीतिक विवादों में घिरा हुआ था। सवाल-जवाब 1. शहबाज शरीफ से संयुक्त राष्ट्र में क्या सवाल पूछा गया था? एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान सरकार लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ कब कानूनी कार्रवाई करेगी और उसे अदालत के सामने कब लाएगी। 2. पत्रकार के सवाल पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की क्या प्रतिक्रिया थी? शहबाज शरीफ ने सवाल को सुनकर भी कोई जवाब नहीं दिया और चुपचाप संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से बाहर निकल गए। 3. शहबाज शरीफ किस सिलसिले में न्यूयॉर्क गए थे? वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्चस्तरीय वार्षिक सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे थे। 4. न्यूयॉर्क आगमन पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ क्या हुआ था? हवाई अड्डे पर किसी अमेरिकी नेता या अधिकारी ने उनका स्वागत नहीं किया और शहर की सड़कों पर 'चोर आया' व 'चेरी पॉलिश' जैसे नारे लिखे पोस्टर लगाए गए थे। https://trendkia.com/america/shehbaz-sharif-kanni-kata-gae-snyukta-rashtra-mukhyalaya-se-jaba-hafiz-saeed-para-puchha-savala-38182 TrendKia — Har trend, sabse pehle.