संयुक्त राष्ट्र में शहबाज शरीफ के दावों पर मुस्कुराए भारतीय राजनयिक, भारत ने मंच से दिया कड़ा जवाब संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण और 2025 के संघर्ष को लेकर किए गए दावों पर भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई, जिसके बाद भारत ने कूटनीतिक जवाब भी दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र के दौरान कूटनीतिक गलियारों में उस समय एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिली, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन के दौरान भारतीय राजनयिक की प्रतिक्रिया कैमरे में दर्ज हो गई। महासभा के मंच से शहबाज शरीफ वर्ष 2025 में हुए भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' और दोनों देशों के बीच उपजे तनाव पर अपनी बात रख रहे थे। अपने भाषण में उन्होंने संघर्ष को लेकर अपने देश के पक्ष में कथित सफलता के दावे किए और संघर्ष को रोकने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया। ठीक इसी संबोधन के दौरान भारत के राजनयिक आर. श्रीनिवास की एक संक्षिप्त प्रतिक्रिया सामने आई, जिसमें वे इन दावों को सुनकर मुस्कुराते और हंसते नजर आए। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से फैल गया और इसे पाकिस्तान के बयानों पर एक मूक कूटनीतिक जवाब के रूप में देखा जाने लगा। ट्रंप के हस्तक्षेप और सैन्य नेतृत्व की तारीफ शहबाज शरीफ ने अपने लगभग 23 मिनट लंबे संबोधन में मुख्य रूप से 2025 के भारत-पाकिस्तान घटनाक्रम पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच चरम पर पहुंचे तनाव को थामने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय रहते उठाए गए कदमों ने बड़ी भूमिका निभाई थी। शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति के नेतृत्व की खुले तौर पर सराहना करते हुए दावा किया कि इस राजनयिक पहल की वजह से दक्षिण एशिया क्षेत्र में करोड़ों लोगों का जीवन सुरक्षित रह सका। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने स्वयं के संबोधन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव को सुलझाने में अपनी भूमिका का उल्लेख किया था। ऑपरेशन सिंदूर और बार-बार दोहराए गए दावे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में अपनी सेना और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने अपने भाषण के दौरान आसिम मुनीर का नाम कई बार लिया और तनावपूर्ण माहौल के बीच कूटनीतिक रास्ते तलाशने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दोनों देशों के रुख में भारी अंतर रहा है। भारत पहले भी पाकिस्तान के तथाकथित 'जीत' के दावों को सिरे से खारिज करता रहा है। वर्ष 2025 में भी जब यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र के पटल पर उठा था, तब भारत ने स्पष्ट किया था कि उस सैन्य अभियान से जुड़े वास्तविक साक्ष्य और तस्वीरें पाकिस्तान के दावों की सच्चाई पूरी तरह उजागर करती हैं। इसके बावजूद शहबाज शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोबारा इन्हीं बातों को उठाया और साथ ही कश्मीर तथा सिंधु जल समझौते के संदर्भ में भी भारत के खिलाफ अपनी पुरानी बातें दोहराईं। भारत का आधिकारिक और तीखा कूटनीतिक पलटवार शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद भारत ने अपने जवाब देने के अधिकार (राइट ऑफ रिप्लाई) का उपयोग करते हुए बेहद सख्त शब्दों में प्रतिक्रिया दर्ज कराई। संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को तुरंत बंद करने की नसीहत दी। उन्होंने वैश्विक समुदाय को याद दिलाया कि 9/11 आतंकी हमलों का मुख्य षड्यंत्रकारी ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की एक शीर्ष सैन्य अकादमी के पास पनाह लिए हुए पाया गया था। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद, दोहरे मापदंड और धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने का सीधा आरोप लगाया। जम्मू-कश्मीर का उल्लेख किए जाने पर पेटल गहलोत ने स्पष्ट रुख दोहराते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। उन्होंने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रहने वाले लोगों के बुनियादी अधिकारों पर ध्यान दे। भारतीय राजनयिक ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सीमा पार से आतंकी गतिविधियां जारी रहीं, तो भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा, जिसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि किसी झूठ को अनगिनत बार बोलने से वह सच्चाई में नहीं बदल जाता, और छलावा व आतंकवाद न तो पाकिस्तान के हित में है और न ही विश्व शांति के लिए उचित है। इसका आप पर असर संयुक्त राष्ट्र में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ यह कूटनीतिक टकराव दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक रुख और सुरक्षा नीति को स्पष्ट करता है। • राजनयिक रुख: भारत ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के दावों का खंडन करते हुए सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को स्पष्ट रखा है। इससे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के पक्ष को मजबूती मिलती है। • सीमा सुरक्षा: भारत द्वारा आत्मरक्षा के अधिकार का दोहराव यह दर्शाता है कि सुरक्षा बल किसी भी उकसावे पर तत्पर रहेंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता और निगरानी पहले की तरह मजबूत बनी रहेगी। • सिंधु जल समझौता: दोनों देशों के बीच जल समझौतों पर जारी बयानबाजी इस समझौते से जुड़ी भविष्य की वार्ताओं और समीक्षाओं को प्रभावित कर सकती है। इस पर दोनों पक्षों के नीतिगत निर्णयों पर नजर रहेगी। • वैश्विक धारणा: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दावों की पोल खुलने से कूटनीतिक चर्चाओं में भारत के तर्कों को समर्थन मिलता है। पाकिस्तान के लिए वैश्विक स्तर पर अपने दावों को स्थापित करना और कठिन होता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान दोनों देशों के बीच 2025 के सैन्य तनाव पर किए गए दावों के कारण घटी। • विवादित दावे: शहबाज शरीफ ने अपने 23 मिनट के भाषण में 2025 के संघर्ष को लेकर ऐसे दावे किए जिन्हें भारत पहले ही खारिज कर चुका था। इन बयानों को सुनते हुए भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास मुस्कुरा पड़े। • क्रेडिट देने की होड़: शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तनाव खत्म करने का श्रेय दिया, जबकि ट्रंप ने भी इसी सप्ताह महासभा में अपनी भूमिका का उल्लेख किया था। • भारत का औपचारिक प्रत्युत्तर: भाषण में कश्मीर और सिंधु जल समझौते का जिक्र होने के बाद भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने आतंकवाद और ओसामा बिन लादेन का हवाला देते हुए कड़ा जवाब दिया। सवाल-जवाब 1. संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास क्यों मुस्कुराए? पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जब 2025 के संघर्ष में पाकिस्तान की कथित जीत का दावा कर रहे थे, तब भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास उन दावों पर हंसते हुए नजर आए। 2. शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में क्या कहा? उन्होंने कहा कि 2025 में दोनों देशों के बीच तनाव को रोकने में डोनाल्ड ट्रंप के समय पर हस्तक्षेप ने करोड़ों लोगों की जान बचाई। 3. भारत की ओर से पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को क्या जवाब दिया? उन्होंने पाकिस्तान से आतंकवाद बंद करने को कहा और याद दिलाया कि 9/11 का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सैन्य अकादमी के पास छिपा हुआ था। 4. कश्मीर और आत्मरक्षा पर भारत का क्या रुख रहा? भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है और सीमा पार आतंकवाद जारी रहने पर भारत आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा। https://trendkia.com/america/snyukta-rashtra-men-shehbaz-sharif-ke-davon-para-muskurae-bharatiya-rajanayika-bharata-ne-mncha-se-diya-kara-javaba-38829 TrendKia — Har trend, sabse pehle.