# ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका, अमेरिकी जज ने SAVE कार्यक्रम को अवैध ठहराया

> अमेरिकी जिला अदालत की जज स्पार्कल एल सूकनानन ने SAVE कार्यक्रम के संशोधित संस्करण को अवैध करार देते हुए इसके इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि यह टूल नागरिकों की निजता और मतदान के पवित्र अधिकार के लिए गंभीर खतरा है।

**Type:** article · **Category:** अमेरिका · **Published:** 2026-06-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/america/trump-prashasana-ko-bara-jhataka-ameriki-jaja-ne-save-karyakrama-ko-avaidha-thaharaya-2370 · **Language:** Hindi
**Tags:** SAVE कार्यक्रम, मतदाता अधिकार, डेटा प्राइवेसी, अमेरिकी चुनाव, ट्रंप प्रशासन, अमेरिकी फेडरल कोर्ट, मतदाता सूची

अमेरिका में एक फेडरल जज ने सोमवार को चुनाव जांच से जुड़े एक अपडेटेड फेडरल डेटाबेस टूल को अवैध घोषित करते हुए उस पर तत्काल रोक लगा दी। यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की जज स्पार्कल एल सूकनानन ने Systematic Alien Verification for Entitlements यानी SAVE कार्यक्रम के नए संस्करण के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया। एडवोकेसी ग्रुप्स का आरोप था कि इस संशोधित सिस्टम में संवेदनशील निजी जानकारियां आपस में मिश्रित कर दी गई थीं, जिससे पात्र मतदाताओं के नाम भी राज्यों की सूचियों से गलत तरीके से हटाए जा सकते थे।

## जज के कड़े शब्द
जज सूकनानन ने चुनौती देने वाले पक्ष के साथ सहमति जताई और अपने लिखित आदेश में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, "All in all, the federal government has knowingly trampled on the privacy rights of American citizens in a manner that threatens the sacred right to vote," और आगे जोड़ा, "This court cannot stand idly by while that happens."

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि अमेरिकी कांग्रेस ने नागरिकों की पहचान संबंधी जानकारी को किसी केंद्रीय डेटाबेस में एकत्रित करने पर साफ तौर पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद SAVE प्रोग्राम बनाने वाली फेडरल एजेंसियों को भलीभांति पता था कि यह डेटाबेस उन कानूनी सीमाओं का उल्लंघन करता है। आलोचकों ने संशोधित सिस्टम को एक अवैध केंद्रीकृत फेडरल डेटाबेस बताया था जिसमें मतदाताओं की जानकारी भरी हुई थी।

## SAVE और ट्रंप प्रशासन का एजेंडा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन इस SAVE टूल के जरिए राज्यों की मतदाता सूचियों से गैर-नागरिकों को हटाने के राष्ट्रव्यापी अभियान को फेडरल एजेंसियों का समर्थन दिलाना चाहता था। संशोधित SAVE सिस्टम इस साल की शुरुआत में हस्ताक्षरित दूसरे चुनाव कार्यकारी आदेश का एक केंद्रीय हिस्सा था। इस फैसले ने ट्रंप प्रशासन को एक बड़ा कानूनी झटका दिया है।

## सरकार की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के जनरल काउंसल जेम्स पर्सिवल ने सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना की। उन्होंने लिखा, "Its amazing how hard the Left will fight to stop us from solving problems they insist do not exist." वहीं, न्याय विभाग और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग दोनों से फैसले के बाद तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

## आगे का रास्ता अनिश्चित
अदालत के आदेश के बाद SAVE सिस्टम के अगले कदम अभी अस्पष्ट हैं। फिलहाल संशोधित SAVE टूल का उपयोग नहीं किया जा सकता, जबकि निजता और मतदाता अधिकारों पर कानूनी बहस अदालत में आगे भी जारी रहेगी।

## इसका आप पर असर
- **अमेरिकी मतदाताओं के लिए:** इस फैसले से उन पात्र मतदाताओं को सीधी राहत मिलती है जिनके नाम SAVE सिस्टम के जरिए गलती से राज्यों की मतदाता सूचियों से हटाए जाने का खतरा था।
- **डेटा प्राइवेसी पर:** अदालत का यह आदेश स्पष्ट करता है कि सरकारी एजेंसियां बिना कानूनी अधिकार के नागरिकों का संवेदनशील डेटा एक केंद्रीय डेटाबेस में नहीं जमा कर सकतीं, चाहे उद्देश्य कुछ भी हो।

## सवाल-जवाब

### 1. SAVE कार्यक्रम क्या है?
SAVE यानी Systematic Alien Verification for Entitlements एक फेडरल डेटाबेस टूल है जिसे अमेरिका में चुनाव संबंधी जांच के लिए इस्तेमाल किया जाना था।

### 2. किस जज ने SAVE कार्यक्रम को अवैध ठहराया?
यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की जज स्पार्कल एल सूकनानन ने इस कार्यक्रम के संशोधित संस्करण को अवैध करार दिया।

### 3. अदालत ने SAVE को गैरकानूनी क्यों माना?
अदालत ने कहा कि यह कार्यक्रम अमेरिकी नागरिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है और कांग्रेस द्वारा लगाई गई केंद्रीकृत डेटाबेस पर रोक का भी उल्लंघन करता है।

### 4. इस फैसले से ट्रंप प्रशासन पर क्या असर पड़ा?
यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के लिए एक बड़ा कानूनी झटका है, क्योंकि संशोधित SAVE सिस्टम उनके दूसरे चुनाव कार्यकारी आदेश का मुख्य हिस्सा था।

### 5. होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने इस फैसले पर क्या कहा?
विभाग के जनरल काउंसल जेम्स पर्सिवल ने सोशल मीडिया पर फैसले की आलोचना की और कहा कि वामपंथी उन समस्याओं को सुलझाने से रोक रहे हैं जिनके अस्तित्व से वे खुद इनकार करते हैं।

### 6. अब SAVE सिस्टम का क्या होगा?
फिलहाल संशोधित SAVE टूल का इस्तेमाल नहीं हो सकता और निजता तथा मतदाता अधिकारों पर कानूनी बहस अदालत में जारी रहेगी।

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