अमेरिकी चुनाव से पहले संदिग्ध चिट्ठियों की लहर, सीनेट और निर्वाचन दफ्तरों को मिली चेतावनी अमेरिका में आम चुनाव से ठीक तीन हफ्ते पहले कई राज्यों के चुनाव कार्यालयों और सीनेट दफ्तरों में संदिग्ध पाउडर वाले लिफाफे भेजे जाने के बाद एफबीआई और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में आगामी चुनाव से ऐन पहले सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। देश भर में सीनेट परिसरों और प्रांतीय चुनाव कार्यालयों को निशाना बनाकर भेजी जा रही रहस्यमयी चिट्ठियों की एक नई लहर सामने आई है। कई पत्रों के अंदर संदिग्ध पाउडर और अज्ञात पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई है, जिसके चलते संघीय जांच एजेंसियों ने सभी संभावित प्राप्तकर्ताओं को अत्यधिक सतर्कता बरतने और ऐसे पैकेटों को खतरनाक श्रेणी में रखकर संभालने की सख्त हिदायत दी है। इस पूरे सुरक्षा तंत्र में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी एफबीआई, यूएस पोस्टल इंस्पेक्शन सर्विस और यूएस कैपिटल पुलिस मिलकर एक साझा पड़ताल चला रही हैं ताकि इन खतरनाक खेपों को उनके गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाए। कई राज्यों में चुनाव दफ्तर खाली कराए गए प्राधिकारियों के अनुसार संदिग्ध लिफाफे देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद महत्वपूर्ण सरकारी पतों पर भेजे गए हैं। इनमें मुख्य रूप से सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के आधिकारिक कार्यालय और उनसे जुड़े स्थानीय निर्वाचन बोर्ड शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने पाया कि लिफाफों के भीतर एक पाउडर जैसा पदार्थ मौजूद था, जिससे हड़कंप मच गया। इस गंभीर खतरे के सामने आते ही लुइसियाना और ओक्लाहोमा के चुनाव कार्यालयों में मौजूद कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया और पूरी इमारतों को खाली कराकर जांच कराई गई। ओहायो में भी ऐसे ही एक बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया गया। ओहायो के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने जानकारी दी कि डाक सेवा ने सफेद पाउडर से भरे एक संदिग्ध पैकेज को समय रहते पकड़ लिया, जिसे उनके आधिकारिक दफ्तर में पहुंचाया जाना था। अधिकारी ने यह भी रेखांकित किया कि विभिन्न राज्यों में काम कर रहे कई अन्य निर्वाचन कर्मियों को भी इस तरह के संदेहास्पद डाक पार्सल भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त मैरीलैंड, मिसिसिपी और साउथ डकोटा ने भी गुरुवार को बताया कि उनके चुनाव दफ्तरों को निशाना बनाकर अलग-अलग डाक खेपें भेजी गई थीं। राहत की बात यह रही कि डाक विभाग के कर्मचारियों ने इन चिट्ठियों को वितरण से पहले ही रास्ते में रोक लिया, हालांकि इन लिफाफों में मौजूद रासायनिक या जैविक तत्व की सटीक पहचान की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। सीनेट परिसरों को जारी हुआ सुरक्षा अलर्ट इस पूरे मामले की गंभीरता तब और अधिक स्पष्ट हुई जब अमेरिकी सीनेट के सार्जेंट एट आर्म्स की ओर से जारी एक आंतरिक सुरक्षा संदेश सामने आया। सीनेट से जुड़े सभी दफ्तरों को भेजे गए इस आधिकारिक परामर्श में स्पष्ट रूप से बताया गया कि पुलिस बल और डाक कर्मी संदिग्ध पैकेटों को बीच रास्ते में ही जब्त करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस परामर्श में यह आगाह भी किया गया कि तमाम रोकथाम और छानबीन के बावजूद इस बात की पूरी संभावना है कि कुछ लिफाफे तय पते तक पहुंच जाएं, इसलिए कर्मचारियों को किसी भी अनजान डाक को खोलने से पहले बेहद सतर्क रहना होगा। कांग्रेस के भीतर यह संकट फिलहाल प्रतिनिधि सभा के बजाय सीनेट तक केंद्रित दिख रहा है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि प्रतिनिधि सभा की सुरक्षा टीमें भी पूरी स्थिति पर पैनी नजर रख रही हैं, यद्यपि अभी तक किसी भी प्रतिनिधि सभा कार्यालय में ऐसे संदिग्ध पत्र पहुंचने की पुष्टि दर्ज नहीं की गई है। इस बीच जांच एजेंसियां इस बात की कड़ियां जोड़ रही हैं कि इन पत्रों का नेटवर्क कितना व्यापक है और इसे किस स्तर से संचालित किया जा रहा है। 2023 की घटनाओं की यादें फिर हुईं ताजा यह घटनाक्रम अमेरिकी चुनाव के आधिकारिक मतदान दिवस से महज तीन हफ्ते पहले सामने आया है, जिसने पिछले साल यानी 2023 में घटी इसी तरह की डरावनी घटनाओं की यादें ताजा कर दी हैं। उस दौरान देश के छह राज्यों में मौजूद निर्वाचन दफ्तरों को सफेद पाउडर वाले पत्र भेजे गए थे, जिसके कारण स्थानीय चुनावों की तैयारियों में भारी बाधा उत्पन्न हुई थी। बाद में हुई फोरेंसिक जांच में सामने आया था कि उनमें से कुछ लिफाफों में खतरनाक सिंथेटिक ओपिओइड फेंटेनाइल के अंश और सीधी धमकियां मौजूद थीं। उस दौर की भयावहता को देखते हुए कई प्रांतीय चुनाव कार्यालयों ने अपने कार्यस्थलों पर जीवनरक्षक दवा नालोक्सोन का भंडारण शुरू कर दिया था, जिसका इस्तेमाल ओपिओइड के अत्यधिक असर को पलटने के लिए आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। उस समय दो राष्ट्रीय संगठनों ने चुनावी कर्मियों के खिलाफ इस तरह की साजिशों की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि चुनाव संपन्न कराने वाले लोगों को अपनी आवश्यक जिम्मेदारियां निभाते समय अपनी सुरक्षा को लेकर कभी भी भयभीत नहीं होना चाहिए। दोषियों की तलाश में जुटीं संयुक्त जांच एजेंसियां वर्तमान खतरे से निपटने के लिए विभिन्न संघीय एजेंसियां आपस में तालमेल बनाकर एक व्यापक तलाशी अभियान चला रही हैं। एफबीआई देश भर में भेजे गए इन संदिग्ध पत्रों की प्रकृति और उनके स्रोत की गहन पड़ताल कर रही है। गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए डिप्टी पोस्टल इंस्पेक्टर ब्रेंडन डोनाह्यू ने साफ लहजे में कहा कि चुनाव अधिकारियों को किसी भी प्रकार की धमकी देना या उन पर हमला करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा एजेंसियां अपने सभी साझीदारों के साथ मिलकर इस दुर्भावनापूर्ण कृत्य के पीछे मौजूद व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। इसका आप पर असर अमेरिकी निर्वाचन कार्यालयों और सांसदों के दफ्तरों को भेजे गए संदिग्ध पत्रों से चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक सुरक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। • कर्मचारियों की सुरक्षा: चुनाव कर्मियों के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल और डाक जांच के कड़े नियम लागू किए गए हैं। इससे सरकारी परिसरों में किसी भी अज्ञात पत्र या पार्सल को खोलने से पहले विशेष स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। • चुनावी कामकाज में बाधा: लुइसियाना और ओक्लाहोमा जैसे राज्यों में दफ्तर खाली कराए जाने से दैनिक प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं। मतदान से ठीक तीन सप्ताह पहले इस तरह के व्यवधान से चुनावी तैयारियों की गति धीमी होने की आशंका पैदा होती है। • सार्वजनिक सतर्कता: डाक विभाग और सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराज्यीय डाक परिवहन पर निगरानी काफी बढ़ा दी है। आम नागरिकों और अन्य सरकारी कार्यालयों को भी बिना पते वाले या संदिग्ध पैकेट मिलने पर तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। • आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता: 2023 की घटनाओं के बाद से कई कार्यालयों में नालोक्सोन जैसी जीवनरक्षक दवाएं पहले से रखी गई हैं। इस ताजा घटना के बाद अन्य प्रशासनिक दफ्तर भी आपातकालीन चिकित्सा किट की समीक्षा कर रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम अमेरिकी चुनाव से ठीक तीन सप्ताह पहले चुनावी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों को भयभीत करने और प्रशासनिक व्यवस्था में व्यवधान डालने के उद्देश्य से सामने आया है। • संदिग्ध पदार्थों का वितरण: अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कई राज्यों के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट और चुनाव कार्यालयों को निशाना बनाकर सफेद पाउडर वाले लिफाफे डाक से भेजे गए। इन पत्रों में संदिग्ध रासायनिक या जैविक सामग्री मिलने की आशंका के कारण सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय होना पड़ा। • 2023 की घटनाओं की पुनरावृत्ति: पिछले वर्ष भी छह अमेरिकी राज्यों के निर्वाचन कार्यालयों को इसी तरह के लिफाफे भेजे गए थे, जिनमें से कुछ में फेंटेनाइल पाया गया था। उस सिलसिले की पुनरावृत्ति ने यह संकेत दिया है कि चुनावी कर्मियों को डराने की यह एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है। • जांच और सुरक्षा अलर्ट: डाक विभाग द्वारा कई पत्रों को रास्ते में ही रोक लिए जाने के बावजूद कुछ के पहुंचने की आशंका बनी हुई थी। इसी खतरे के मद्देनजर सीनेट सार्जेंट एट आर्म्स और एफबीआई ने देशव्यापी चेतावनी जारी की और संयुक्त जांच शुरू की। सवाल-जवाब 1. किन-किन सरकारी दफ्तरों को संदिग्ध पत्र भेजे गए हैं? यह पत्र अमेरिकी सीनेट कार्यालयों, कई राज्यों के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के दफ्तरों और स्थानीय चुनाव प्रबंधन कार्यालयों को भेजे गए हैं। 2. किन राज्यों में इन पत्रों के कारण दफ्तर खाली कराने पड़े? लुइसियाना और ओक्लाहोमा में संदिग्ध पाउडर वाले लिफाफे मिलने के बाद चुनाव कार्यालयों को खाली कराया गया। 3. किन राज्यों में डाक विभाग ने इन पत्रों को पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया? ओहायो, मैरीलैंड, मिसिसिपी और साउथ डकोटा में डाक सेवा ने इन संदिग्ध पत्रों को वितरण से पहले ही रास्ते में रोक लिया। 4. इस मामले की जांच कौन सी एजेंसियां कर रही हैं? फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई), यूएस पोस्टल इंस्पेक्शन सर्विस और यूएस कैपिटल पुलिस संयुक्त रूप से इसकी जांच कर रही हैं। 5. साल 2023 की घटना में लिफाफों के भीतर क्या मिला था? साल 2023 में छह राज्यों में भेजे गए पत्रों में सफेद पाउडर, सीधी धमकियां और सिंथेटिक ओपिओइड फेंटेनाइल के अंश पाए गए थे। https://trendkia.com/america/us-chunava-se-pahale-sndigdha-chitthiyon-ki-lahara-senate-aura-nirvachana-daphtaron-ko-mili-chetavani-47985 TrendKia — Har trend, sabse pehle.