{
  "type": "article",
  "title": "अमेरिका-ईरान टकराव बन सकता है अफगानिस्तान जैसी लंबी लड़ाई, पैनेटा ने दी चेतावनी",
  "summary": "अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री लियोन पैनेटा ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-ईरान जंग अफगानिस्तान जैसी नाकाम लड़ाई बन सकती है और छह महीने और खिंच सकती है, हालांकि पेंटागन ने इन दावों को खारिज कर दिया है।",
  "content": "अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग को लेकर अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री और पूर्व सीआईए निदेशक लियोन पैनेटा ने एक बड़ी चेतावनी दी है। पैनेटा का कहना है कि यह लड़ाई अमेरिका के लिए अफगानिस्तान जैसी एक और नाकाम जंग साबित हो सकती है और आने वाले छह महीनों तक इसी तरह खिंचती रह सकती है।\n\nदोनों देश गहरे गतिरोध में फंसे\nपैनेटा ने द गार्जियन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद पेचीदा हो चुके हैं। दोनों तरफ से हमले और जवाबी हमले लगातार जारी हैं, लेकिन जंग को खत्म करने का कोई सीधा और आसान रास्ता किसी भी पक्ष के पास नजर नहीं आ रहा। उनका कहना है कि अगर यही सिलसिला आगे भी जारी रहा, तो यह टकराव भी इराक और अफगानिस्तान की तरह एक लंबी, थकाऊ और आखिरकार नाकाम साबित होने वाली जंग में बदल सकता है।\n\nअमेरिका के सामने अब सिर्फ तीन रास्ते\nपैनेटा के मुताबिक, अमेरिका के पास अब आगे बढ़ने के लिए तीन ही विकल्प बचे हैं।\n\n• पहला रास्ता यह है कि अमेरिका जंग यहीं रोक दे और खुलकर मान ले कि उसका सैन्य अभियान अपने मकसद में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाया।\n• दूसरा रास्ता यह है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे हमलों और जवाबी हमलों का यही सिलसिला बिना किसी नतीजे के आगे भी चलता रहे।\n• तीसरा और सबसे बड़ा कदम यह होगा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर सीधा नियंत्रण हासिल कर ले, ताकि ईरान व्यापार के इस बेहद अहम समुद्री रास्ते को बंद न कर सके।\n\nपेंटागन के भीतर मतभेद को लेकर भी चिंता\nपूर्व रक्षा मंत्री ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन के भीतर बढ़ रहे तनाव पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि अगर अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में आपसी मतभेद खुलकर सामने आते हैं, तो इसका सीधा फायदा अमेरिका के विरोधी देश उठा सकते हैं। पैनेटा के मुताबिक, नेतृत्व में एकजुटता की कमी दिखना दुश्मन देशों को यह संदेश देगा कि अमेरिका की रणनीति डगमगा रही है।\n\nफिर पश्चिम एशिया की लंबी जंग में फंसने का खतरा\nपैनेटा ने आशंका जताई कि अगर मौजूदा गतिरोध इसी तरह बना रहा, तो अमेरिका एक बार फिर पश्चिम एशिया के एक लंबे और उलझे हुए युद्ध में फंस सकता है, जिससे अमेरिकी नेतृत्व लंबे समय से बचने की कोशिश करता आया है। उनका इशारा साफ तौर पर इराक और अफगानिस्तान जैसी उन जंगों की ओर था, जो सालों तक खिंचीं और जिनसे अमेरिका को कोई ठोस नतीजा हासिल नहीं हुआ।\n\nपेंटागन ने खारिज किए दावे\nहालांकि पेंटागन ने पैनेटा के इन दावों को पूरी तरह नकार दिया है। रक्षा मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के नेतृत्व में पूरा विभाग सुचारू रूप से काम कर रहा है और वहां किसी तरह की अव्यवस्था या भीतरी टकराव जैसी कोई स्थिति नहीं है।\n\nइसका आप पर असर\nयह जंग अगर लंबी खिंचती है तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है, जिसका दबाव भारत जैसे देशों पर भी दिखेगा।\n\n• तेल की कीमतें: होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर बनी अनिश्चितता से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। अगर यह रास्ता बाधित हुआ तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।\n• खाड़ी में भारतीय कामगार: पश्चिम एशिया में लंबी जंग का खतरा बढ़ने से वहां काम कर रहे लाखों भारतीय कामगारों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है। एहतियातन यात्रा और नौकरी से जुड़े फैसलों में सतर्कता बरतनी होगी।\n• शेयर बाजार पर दबाव: लंबी भू-राजनीतिक अनिश्चितता से वैश्विक शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। निवेशकों को अल्पकाल में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी।\n• हवाई यात्रा में बदलाव: अगर टकराव बढ़ता है तो पश्चिम एशिया से गुजरने वाली उड़ानों के रूट और किराए प्रभावित हो सकते हैं। यात्रियों को टिकट बुक करते समय एयरलाइन की एडवाइजरी जरूर देखनी चाहिए।\n• कूटनीतिक हलचल: अमेरिका के सामने के तीन विकल्पों में से कोई भी चुना जाना आने वाले हफ्तों में वैश्विक कूटनीति की दिशा तय करेगा। इससे भारत सहित कई देशों की विदेश नीति पर भी असर पड़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. लियोन पैनेटा कौन हैं?\nलियोन पैनेटा अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री और पूर्व सीआईए निदेशक रह चुके हैं।\n\n2. पैनेटा ने अमेरिका-ईरान जंग को लेकर क्या चेतावनी दी है?\nउन्होंने कहा है कि यह जंग अफगानिस्तान जैसी एक और नाकाम लड़ाई साबित हो सकती है और छह महीने और खिंच सकती है।\n\n3. पैनेटा ने यह बात कहां कही?\nउन्होंने यह बात द गार्जियन को दिए एक इंटरव्यू में कही।\n\n4. अमेरिका के सामने अब कौन से विकल्प हैं?\nपैनेटा के मुताबिक अमेरिका के पास तीन विकल्प हैं, जंग खत्म कर देना, मौजूदा हमलों-जवाबी हमलों को जारी रहने देना, या होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हासिल करना।\n\n5. पेंटागन के भीतर तनाव को लेकर पैनेटा ने क्या कहा?\nउन्होंने कहा कि सैन्य नेतृत्व में मतभेद दिखने से अमेरिका के विरोधी देश फायदा उठा सकते हैं।\n\n6. पेंटागन ने इन दावों पर क्या प्रतिक्रिया दी?\nपेंटागन ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के नेतृत्व में विभाग पूरी तरह ठीक से काम कर रहा है।",
  "url": "https://trendkia.com/america/us-iran-takarava-bana-sakata-hai-afghanistan-jaisi-lnbi-larai-panetta-ne-di-chetavani-28675",
  "category": "अमेरिका",
  "publishedAt": "2026-09-06",
  "tags": [
    "अमेरिका ईरान युद्ध",
    "लियोन पैनेटा",
    "पेंटागन",
    "होर्मुज जलडमरूमध्य",
    "अफगानिस्तान युद्ध",
    "पीट हेगसेथ"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}