विशाखापत्तनम नेवल डॉकयार्ड में नौसैनिक पोत INS केसरी में घुसा पानी, राहत अभियान जारी विशाखापत्तनम नेवल डॉकयार्ड में खड़े भारतीय युद्धपोत INS केसरी में दोपहर को अचानक पानी भरने के बाद नौसेना ने स्थिति को संभालने के लिए युद्धस्तर पर पम्पिंग कार्य शुरू कर दिया है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में खड़े भारतीय नौसेना के पोत INS केसरी में अचानक पानी भरने का गंभीर मामला सामने आया है। यह वाकया दोपहर के समय पेश आया, जब युद्धपोत सुरक्षित रूप से डॉकयार्ड परिसर में लंगर डाले हुए था। जहाज के निचले हिस्सों में जलभराव की सूचना मिलते ही डॉकयार्ड प्रशासन और नौसैनिक अमले में हड़कंप मच गया। राहत अभियान और जानमाल की सुरक्षा भारतीय नौसेना के प्रवक्ता की ओर से साझा किए गए विवरण के अनुसार, जहाज के आंतरिक कक्षों में जलप्रवेश का पता चलते ही आपातकालीन तंत्र को सक्रिय कर दिया गया। नौसेना के विशेष तकनीकी दलों ने त्वरित कदम उठाते हुए पोत से पानी को बाहर खींचने के लिए व्यापक स्तर पर वॉटर पम्पिंग ऑपरेशन छेड़ दिया है। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस अप्रत्याशित घटनाक्रम में किसी भी नौसैनिक अथवा डॉकयार्ड कर्मी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। स्थिति को नियंत्रित करने की कवायद मौके पर तैनात नौसेना की तकनीकी टीमें लगातार पानी निकासी में जुटी हुई हैं ताकि पोत के संतुलन अथवा आंतरिक संरचना को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे। डॉक पर मौजूद राहत दल जहाज के प्रभावित हिस्सों की निगरानी कर रहे हैं और पूरे माहौल को सामान्य बनाने का प्रयास निरंतर जारी है। इसका आप पर असर डॉकयार्ड में खड़े पोत में तकनीकी आपातकाल से जुड़ी इस घटना का व्यापक और स्थानीय असर सामने आया है। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर रक्षा प्रतिष्ठानों और जहाजों के डॉकयार्ड रखरखाव प्रोटोकॉल की समीक्षा तेज हो सकती है। सामान्य नागरिकों की दिनचर्या या सुरक्षा पर इसका कोई प्रत्यक्ष नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। • विशाखापत्तनम में: स्थानीय नेवल डॉकयार्ड परिसर में आपातकालीन राहत दल और पम्पिंग उपकरण पूरी तरह सक्रिय कर दिए गए हैं। बंदरगाह और नौसैनिक क्षेत्र के आसपास सुरक्षा प्रोटोकॉल को तुरंत कड़ा कर दिया गया है। ऐसा क्यों हुआ विशाखापत्तनम नेवल डॉकयार्ड में खड़े जहाज के अंदरूनी हिस्से में पानी घुसने के सटीक कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है। • जाँच का विषय: घटना के समय पोत डॉकयार्ड में खड़ा था और अंदरूनी हिस्सों में जलभराव देखा गया, जिसकी तकनीकी वजहों की अभी विस्तृत जाँच की जा रही है। नौसेना की टीमें पहले पानी निकालने और पोत को स्थिर करने के कार्य में जुटी हैं। • सुरक्षा समीक्षा: जहाजों के डॉक रखरखाव के दौरान सीलिंग या वाल्व प्रणाली की गड़बड़ी जैसी संभावित परिस्थितियों का तकनीकी विश्लेषण आमतौर पर ऐसी घटनाओं के बाद किया जाता है। आंतरिक स्तर पर नुकसान और जलप्रवेश के स्रोत का पता लगाने का काम जारी है। सवाल-जवाब 1. आईएनएस केसरी पर यह घटना कब और कहाँ हुई? यह घटना दोपहर के समय विशाखापत्तनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में हुई, जब जहाज डॉक पर खड़ा था। 2. क्या इस घटना में कोई नौसैनिक या कर्मी घायल हुआ है? नहीं, आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। 3. स्थिति को संभालने के लिए नौसेना क्या कदम उठा रही है? नौसेना की तकनीकी टीमें पोत के अंदर भरे पानी को बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर पम्पिंग ऑपरेशन चला रही हैं। 4. क्या जहाज में पानी भरने के कारणों का पता चल गया है? अभी पानी घुसने के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है और नौसेना की टीमें स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने में लगी हैं। https://trendkia.com/andhra-pradesh/visakhapatnam-nevala-dokayarda-men-nausainika-pota-ins-kesari-men-ghusa-pani-rahata-abhiyana-jari-54024 TrendKia — Har trend, sabse pehle.