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  "type": "article",
  "title": "ब्लूस्काई ने पेश किया नया एआई टूल, अब बिना कोडिंग के तैयार होंगे गेम और वेबसाइट",
  "summary": "ब्लूस्काई ने अपने प्रायोगिक ऐप ऐटी का दायरा बढ़ाकर आम यूजर्स को वेबसाइट और गेम बनाने की सुविधा दी है, जो सीधे एटी प्रोटोकॉल नेटवर्क से जुड़ेंगे।",
  "content": "विकेंद्रीकृत सोशल नेटवर्क ब्लूस्काई अपने प्रायोगिक ऐप ऐटी (Attie) का दायरा बढ़ाते हुए आम यूजर्स के लिए सॉफ्टवेयर निर्माण को बेहद आसान बनाने में जुट गया है। पहले केवल कस्टम सोशल फीड तैयार करने तक सीमित रहा यह टूल अब हर किसी को अपनी पसंद की वेबसाइट, छोटे गेम और इंटरैक्टिव डिजिटल अनुभव गढ़ने की सुविधा दे रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन तकनीकी कामों को आम इंटरनेट यूजर्स की पहुंच में लाना है, जिन्हें अब तक केवल पेशेवर सॉफ्टवेयर डेवलपर्स ही कोड लिखकर बना पाते थे।\n\nएटी प्रोटोकॉल और एटमॉस्फियर नेटवर्क से सीधा जुड़ाव\nऐटी के जरिए तैयार की जाने वाली तमाम वेबसाइट, गेम और नए डिजिटल प्रयोग स्वतंत्र रूप से अलग-थलग नहीं रहेंगे। वे सभी उसी एटी प्रोटोकॉल (ATProto) पर काम करेंगे, जो ब्लूस्काई और उससे जुड़े अन्य विकेंद्रीकृत सोशल ऐप्स को शक्ति प्रदान करता है। इस पूरे विकेंद्रीकृत सोशल इकोसिस्टम को एटमॉस्फियर (Atmosphere) के नाम से जाना जाता है। जब भी कोई क्रिएटर इस प्लेटफॉर्म पर कुछ नया बनाएगा, तो वह सीधे उसकी एटी प्रोटोकॉल डिजिटल पहचान से जुड़ जाएगा। इसके अलावा यह सिस्टम यूजर की पब्लिक ब्लूस्काई प्रोफाइल को ध्यान में रखकर नए प्रोजेक्ट्स के सुझाव भी देगा।\n\nसहयोग और सामूहिक निर्माण पर जोर\nऑटोमैटिक के पूर्व सीईओ और ट्रू वेंचर्स के पार्टनर रह चुके श्नाइडर अब कंपनी की कमान संभाल रहे हैं। वे इससे पहले अंतरिम तौर पर कामकाज देख रहे थे, जब मार्च में पूर्व सीईओ जे ग्रेबर ने मुख्य नवाचार अधिकारी बनने के लिए अपना पद छोड़ा था। एआई के इस नए दौर में कंपनी का नेतृत्व करते हुए श्नाइडर ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बिना गहन तकनीकी ज्ञान के सॉफ्टवेयर बनाना, जिसे अक्सर वाइब कोडिंग कहा जाता है, अकेले किया जाने वाला काम बनकर रह गया है।\n\n आज के समय में वाइब कोडिंग एक तरह से अकेले किया जाने वाला अनुभव है।\nश्नाइडर ने बताया कि वे ऐसा माहौल तैयार करना चाहते हैं जहां लोग मिलकर काम कर सकें या दोस्तों के समूहों के लिए चीजें बना सकें, और यह नया टूल इसी दिशा में काम करता है। उनका मानना है कि इंटरनेट पर हर समय पूरी दुनिया से संवाद करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि दोस्तों के छोटे समूहों के लिए मजेदार सोशल प्रयोग होने चाहिए।\n\nओपन-वेट मॉडल्स और 4.7 करोड़ यूजर्स का डिस्ट्रीब्यूशन\nइस टूल पर निर्माण करने के लिए यूजर्स अपने पसंदीदा एआई मॉडल को कनेक्ट कर सकते हैं या फिर ओपन-वेट विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके जरिए बनाए गए गेम्स और साइट्स को सीधे तौर पर दर्शकों तक पहुंचाया जा सकेगा। कंपनी की मुख्य परिचालन अधिकारी रोज़ वांग ने बताया कि आज हर कोई कुछ न कुछ बना रहा है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि उन प्रोजेक्ट्स का इस्तेमाल कौन करेगा क्योंकि वितरण की समस्या अभी तक नहीं सुलझी है। उन्होंने रेखांकित किया कि ऐटी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे ब्लूस्काई के विशाल नेटवर्क का वितरण स्वतः मिल जाता है।\n\nवर्तमान में इस पूरे सोशल नेटवर्क पर 4.7 करोड़ पंजीकृत यूजर्स मौजूद हैं। हालांकि शुरुआती उत्साह के बाद कुछ यूजर्स के एक्स पर वापस लौटने के कारण नेटवर्क की सक्रियता में गिरावट भी देखी गई है। ऐसे समय में यह टूल यूजर्स की भागीदारी को नए सिरे से बढ़ाने की बड़ी योजना का हिस्सा है।\n\nप्राइवेट डेटा सपोर्ट और आने वाले बदलाव\nआने वाले महीनों में डेवलपर्स और कम्युनिटीज को जोड़ने के लिए कई नए फीचर्स लाए जा रहे हैं। इनमें सबसे अहम बदलाव एटी प्रोटोकॉल में निजी डेटा के लिए सपोर्ट जोड़ना है, जो डेवलपर्स की सबसे पुरानी और बड़ी मांग रही है। श्नाइडर के अनुसार यह प्राइवेट डेटा फीचर फिलहाल अल्फा टेस्टिंग चरण में है और इसे साल के अंत तक सभी के लिए जारी करने की योजना बनाई गई है।\n\nइसका आप पर असर\nइस नए टूल से आम सोशल मीडिया यूजर्स बिना कोडिंग सीखे अपनी खुद की वेबसाइट और छोटे गेम बना सकेंगे।\n\n• क्रिएटर्स के लिए: अब तकनीकी कोडिंग जाने बिना भी अपनी पसंद के इंटरैक्टिव गेम और वेब पेज बनाए जा सकते हैं। इससे कंटेंट क्रिएटर्स को अपने फॉलोअर्स के लिए नए अनुभव तैयार करने में आसानी होगी।\n• वितरण और ऑडियंस: अलग से वेबसाइट होस्ट करने या प्रमोट करने के झंझट के बिना सीधे नेटवर्क के 4.7 करोड़ यूजर्स तक पहुंच मिलेगी। अपने प्रोजेक्ट्स को प्रमोट करने के लिए नए प्लेटफॉर्म्स पर भटकना नहीं पड़ेगा।\n• डेटा प्राइवेसी: साल के अंत तक निजी डेटा सपोर्ट आने से यूजर्स के संवेदनशील डेटा को सुरक्षित रखने के विकल्प मिलेंगे। इससे डेवलपर्स ज्यादा सुरक्षित और व्यक्तिगत सोशल टूल्स तैयार कर सकेंगे।\n• ओपन एआई मॉडल्स: यूजर्स अपनी पसंद का कोई भी मॉडल या ओपन-वेट सिस्टम जोड़कर प्रयोग कर सकते हैं। यह किसी एक कंपनी के बंद एआई सिस्टम पर निर्भरता को खत्म करता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nब्लूस्काई ने सोशल मीडिया पर यूजर्स की घटती सक्रियता को थामने और एआई युग में प्लेटफॉर्म को नई दिशा देने के लिए अपने प्रायोगिक ऐप का विस्तार किया है। कंपनी सिर्फ पोस्ट पढ़ने तक सीमित रहने के बजाय यूजर्स को खुद चीजें बनाने के लिए प्रेरित करना चाहती है।\n\n• यूजर एंगेजमेंट में गिरावट: नेटवर्क पर 4.7 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स होने के बावजूद हाल के समय में सक्रियता कम हुई है क्योंकि कई यूजर्स एक्स पर लौट गए। इंटरैक्टिव टूल्स देकर प्लेटफॉर्म लोगों को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रहा है।\n• वितरण की कमी को दूर करना: मौजूदा समय में वाइब कोडिंग काफी लोकप्रिय है लेकिन आम डेवलपर्स के पास अपने बनाए टूल्स को लोगों तक पहुंचाने का साधन नहीं होता। सोशल नेटवर्क से जोड़कर इस वितरण समस्या को सुलझाया जा रहा है।\n• डेवलपर्स की मांग: प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले डेवलपर्स लंबे समय से प्राइवेट डेटा सपोर्ट की मांग कर रहे थे। इस नई पहल के साथ इस तकनीकी कमी को भी दूर किया जा रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ऐटी ऐप मूल रूप से किस काम के लिए शुरू किया गया था?\nयह शुरुआत में एक प्रायोगिक टूल था, जिसे एआई की मदद से कस्टम सोशल फीड तैयार करने के लिए पेश किया गया था।\n\n2. क्या इस प्लेटफॉर्म पर गेम या वेबसाइट बनाने के लिए कोडिंग जानना जरूरी है?\nनहीं, यह टूल आम यूजर्स को बिना पारंपरिक प्रोग्रामिंग ज्ञान के वेबसाइट और छोटे गेम बनाने की सुविधा देता है।\n\n3. ब्लूस्काई नेटवर्क पर इस समय कितने रजिस्टर्ड यूजर्स हैं?\nनेटवर्क पर इस समय 4.7 करोड़ (47 मिलियन) पंजीकृत यूजर्स मौजूद हैं।\n\n4. प्राइवेट डेटा सपोर्ट कब तक शुरू होने की उम्मीद है?\nप्राइवेट डेटा फीचर वर्तमान में अल्फा टेस्टिंग में है और इसे साल के अंत तक पूरी तरह रोल आउट करने की योजना है।\n\n5. कंपनी के नेतृत्व में हाल ही में क्या बदलाव हुए हैं?\nपूर्व सीईओ जे ग्रेबर के मुख्य नवाचार अधिकारी बनने के बाद श्नाइडर ने कंपनी के प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली है।",
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  "publishedAt": "2026-10-17",
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