कैनवा ने पेश किया क्राफ्ट नाम का इमेज जनरेटर, गूगल और ओपनएआई को देगा सीधी टक्कर डिजाइन प्लेटफॉर्म कैनवा ने अपना पहला इमेज जनरेशन मॉडल कैनवा क्राफ्ट रोलआउट कर दिया है। यह नया टूल यूजर प्रॉम्प्ट्स से 2K रेजोल्यूशन और 30 आस्पेक्ट रेशियो में एडिट करने योग्य डिजाइन तैयार कर सकता है। मशहूर डिजाइन प्लेटफॉर्म कैनवा ने रचनात्मक टूल्स की दुनिया में अपनी उपस्थिति मजबूत करते हुए खुद का पहला विजुअल क्रिएशन सिस्टम पेश किया है। संस्थान की आंतरिक अनुसंधान शाखा द्वारा तैयार किए गए इस मॉडल को कैनवा क्राफ्ट नाम दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य गूगल, ओपनएआई, बाइटडांस और मेटा जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के समकक्ष टूल्स से सीधा मुकाबला करना है। दो चरणों में काम करने वाली खास कार्यप्रणाली नया जनरेटिव सिस्टम दृश्यों का निर्माण दो स्पष्ट चरणों के तहत पूरा करता है। प्राथमिक स्तर पर यह प्रयोक्ता के लिखित निर्देशों का बारीकी से विश्लेषण करता है और एक विस्तृत योजना तैयार करता है, जिसमें तत्वों की दृश्य प्राथमिकताओं, उनके आपसी स्थानिक संबंधों, अनुपातिक आकारों और आवश्यक टेक्स्ट से संबंधित जानकारियों का खाका खींचा जाता है। इसके पश्चात द्वितीय चरण में यह मॉडल 30 अलग-अलग आस्पेक्ट रेशियो में काम आने वाली 2K रेजोल्यूशन तक की विजुअल सामग्री तैयार करता है। इस द्वि-स्तरीय संरचना के माध्यम से निर्मित चित्रों में वस्तुओं का सूक्ष्म विवरण बेहद स्पष्ट रहता है और लिखा गया टेक्स्ट आसानी से पढ़ा जा सकता है। इसके अलावा प्रयोक्ताओं को पूरे विजुअल को छेड़े बिना उसके विशिष्ट हिस्सों में बारीक संपादन करने की सहूलियत भी मिलती है। टेंपलेट्स और डिजाइनों पर आधारित विशेष ट्रेनिंग पारंपरिक कैमरों से खींची गई तस्वीरों के बजाय इस सिस्टम को इंसानों द्वारा निर्मित वास्तविक डिजाइनों पर प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण सामग्री में कैनवा के विशाल भंडार से लिए गए मेन्यू कार्ड, सोशल मीडिया पोस्ट, इन्फोग्राफिक्स, पोस्टर्स, प्रेजेंटेशन और टाइपोग्राफी प्रधान लेआउट शामिल हैं। इस प्रशिक्षण पद्धति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कैनवा क्राफ्ट द्वारा बनाई गई छवियों को संस्थान के इमेज-टू-डिजाइन ट्रांसफॉर्मर कैनवा मैजिक की सहायता से लेयर्ड प्रोजेक्ट्स में बदला जा सकता है। पिछले वर्ष प्लेटफॉर्म ने डिजाइनों और उनकी विभिन्न परतों को समझने वाला अपना स्वतंत्र तकनीकी ढांचा पेश किया था। उपलब्धता और भविष्य के विस्तार की योजना यह नया टूल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ड्रीम लैब टैब के माध्यम से सभी प्रयोक्ताओं के लिए लाइव कर दिया गया है। स्वतंत्र डेवलपर्स और व्यावसायिक उपयोग के लिए इसे कैनवा एपीआई के जरिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त कंपनी अपने एमपीसी ढांचे का उपयोग करके चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे बाहरी चैटबॉट्स में भी इस इमेज जनरेशन सुविधा को जोड़ने की तैयारी कर रही है। अब तक बाहरी इमेज प्रदाताओं पर निर्भर रहने के कारण कंपनी पर लागत का दबाव था, लेकिन अपने स्वयं के टूल्स लाने से एपीआई खर्चों में उल्लेखनीय बचत की संभावना है। साथ ही प्लेटफॉर्म को अपनी सेवाओं की गति और आउटपुट की गुणवत्ता पर पहले से बेहतर नियंत्रण प्राप्त होगा। लियोनार्डो एआई का योगदान और आगामी संस्करण वर्ष 2024 में कैनवा ने मीडिया निर्माण मंच लियोनार्डो एआई का अधिग्रहण किया था, और उस संस्थान के शोधकर्ताओं ने इस नए विजुअल मॉडल के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई है। परिचालन दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से कंपनी वर्तमान में क्राफ्टफास्ट और क्राफ्ट-अल्ट्राफास्ट नामक दो सस्ते एवं किफायती संस्करणों पर भी कार्य कर रही है, जिन्हें शीघ्र ही जारी किया जाएगा। वित्तीय मोर्चे पर कंपनी पिछले वर्ष 4 अरब डॉलर के राजस्व स्तर की ओर बढ़ रही थी। हालांकि साल 2026 के लिए विकास अनुमानों में कटौती किए जाने के बाद बाहरी विश्लेषकों के आकलन के अनुसार इसका मूल्यांकन 42 अरब डॉलर से फिसलकर 35 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। इसका आप पर असर कैनवा का यह नया टूल ग्राफिक डिजाइनर्स, छोटे कारोबारियों और कंटेंट क्रिएटर्स के काम करने के तरीके को सीधे प्रभावित करेगा। • डिजाइनर्स और क्रिएटर्स: अब सीधे प्लेटफॉर्म पर प्रॉम्प्ट लिखकर सोशल पोस्ट या पोस्टर तैयार किए जा सकेंगे। इससे दूसरे महंगे एआई टूल्स पर निर्भरता खत्म होगी और समय की बचत होगी। • लेयर एडिटिंग की सुविधा: बनी हुई इमेज को अलग-अलग लेयर्स में एडिट करना मुमकिन होगा। इसका मतलब है कि पूरा डिजाइन बदले बिना किसी एक टेक्स्ट या बैकग्राउंड ऑब्जेक्ट को आसानी से सुधारा जा सकता है। • सभी यूजर्स के लिए एक्सेस: नया मॉडल कैनवा के ड्रीम लैब टैब में सभी के लिए उपलब्ध कराया गया है। कोई भी फ्री या पेड यूजर सीधे जाकर इस टूल को इस्तेमाल कर सकता है। • आने वाले तेज वर्जन: कंपनी क्राफ्टफास्ट और क्राफ्ट-अल्ट्राफास्ट जैसे किफायती मॉडल्स भी ला रही है। इससे भविष्य में तेज गति से और कम लागत पर तस्वीरें तैयार हो सकेंगी। ऐसा क्यों हुआ कैनवा ने अपने प्लेटफॉर्म की बढ़ती एआई लागतों को कम करने और यूजर एक्सपीरियंस पर पूरा नियंत्रण पाने के लिए खुद का इन-हाउस इमेज जनरेशन मॉडल विकसित किया है। • एपीआई खर्चों पर नियंत्रण: प्लेटफॉर्म अब तक कई बाहरी इमेज मॉडल्स पर निर्भर था, जिसके चलते उसे भारी शुल्क चुकाना पड़ रहा था। इन-हाउस मॉडल तैयार करने से कंपनी के बाहरी एपीआई बिलों में भारी कमी आएगी। • डिजाइन-केंद्रित जरूरतें: आम एआई मॉडल केवल तस्वीरें बनाते हैं, जिन्हें एडिट करना कठिन होता है। कैनवा ने अपने लाखों ह्यूमन-डिजाइन टेंपलेट्स पर मॉडल को ट्रेन किया ताकि जनरेटेड इमेज सीधे लेयर्ड प्रोजेक्ट में बदल सके। • लियोनार्डो एआई का समावेश: 2024 में लियोनार्डो एआई के अधिग्रहण के बाद कैनवा के पास समर्पित रिसर्च टीम मौजूद थी। इसी टीम की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए कंपनी ने प्रतिस्पर्धी मॉडल तैयार किया है। सवाल-जवाब 1. कैनवा क्राफ्ट क्या है? कैनवा क्राफ्ट कंपनी का पहला इन-हाउस इमेज जनरेशन एआई मॉडल है, जो प्रॉम्प्ट्स के आधार पर डिजाइन और विजुअल्स तैयार करता है। 2. यह मॉडल किन कंपनियों के टूल्स से मुकाबला करेगा? यह टूल मुख्य रूप से गूगल, ओपनएआई, बाइटडांस और मेटा द्वारा विकसित इमेज जनरेशन मॉडल्स को टक्कर देगा। 3. कैनवा क्राफ्ट किन फीचर्स के साथ आता है? यह 30 अलग-अलग आस्पेक्ट रेशियो और 2K रेजोल्यूशन तक इमेज बनाता है, जिसमें स्पष्ट टेक्स्ट और सटीक लेयर्ड एडिटिंग की सुविधा मिलती है। 4. यूजर्स इस नए टूल का उपयोग कहाँ से कर सकते हैं? कैनवा प्लेटफॉर्म के सभी यूजर्स ड्रीम लैब टैब में जाकर सीधे इस मॉडल को एक्सेस कर सकते हैं। 5. क्या इसे बाहरी प्लेटफॉर्म पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा? हाँ, यह मॉडल कैनवा एपीआई पर मिलेगा और भविष्य में चैटजीपीटी तथा जेमिनी जैसे चैटबॉट्स में भी इसका सपोर्ट देने की योजना है। 6. कैनवा क्राफ्ट के आगामी वर्जन कौन से हैं? कंपनी इसके दो और किफायती और तेज संस्करण विकसित कर रही है, जिनका नाम क्राफ्टफास्ट और क्राफ्ट-अल्ट्राफास्ट है। https://trendkia.com/apps/canva-ne-pesha-kiya-craft-nama-ka-imeja-janaretara-google-aura-openai-ko-dega-sidhi-takkara-51640 TrendKia — Har trend, sabse pehle.