जेमिनी एआई से खुद बनाएं अपना यूट्यूब फीड, कंपनी ने पेश किया कस्टम रिकमेंडेशन टूल यूट्यूब ने नया कस्टम फीड फीचर पेश किया है जिसकी मदद से दर्शक अपनी पसंद लिखकर अपना अलग वीडियो एल्गोरिदम तैयार कर सकेंगे। वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने बुधवार को दर्शकों के लिए एक नया कस्टम फीड फीचर पेश किया है। इस टूल की मदद से दर्शक सीधे लिखकर यह तय कर सकेंगे कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर किस तरह के वीडियो देखना चाहते हैं। साधारण शब्दों में कहें तो यूजर्स अब अपनी जरूरत के अनुसार अपना खुद का वीडियो रिकमेंडेशन एल्गोरिदम तैयार कर सकते हैं। इसके लिए यूट्यूब पर एक प्रॉम्प्ट बॉक्स दिया गया है, जहां किसी खास विषय या जरूरत को दर्ज करके नया फीड बनाया जा सकता है। उदाहरण के लिए अगर किसी दर्शक को अपनी 30 मिनट की दैनिक ट्रेन यात्रा के दौरान केवल वीडियो पॉडकास्ट देखने हैं, तो वह प्रॉम्प्ट में इसका उल्लेख कर सकता है। इसी तरह यदि कोई दिनभर की थकान मिटाने के लिए शांत और सुकून देने वाले कमेंट्री वीडियो देखना चाहता है, तो वह केवल एक वाक्य लिखकर ऐसा समर्पित फीड तुरंत तैयार करवा सकता है। जेमिनी एआई से संचालित होगी नई व्यवस्था यह प्रॉम्प्ट आधारित सिस्टम गूगल के जेमिनी एआई मॉडल की मदद से काम करता है। दर्शक जो भी निर्देश या विवरण प्रॉम्प्ट में दर्ज करते हैं, जेमिनी उसी के आधार पर वीडियो खोजकर एक नया फीड तैयार कर देता है। तैयार हुआ यह नया फीड यूट्यूब के होम पेज पर सबसे ऊपर एक अलग टैब के रूप में पिन हो जाता है। चूंकि यह पूरी प्रक्रिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा संचालित है, इसलिए दर्शक विस्तार से अपनी प्राथमिकताएं लिख सकते हैं। इसमें दर्शक यह बता सकते हैं कि फीड में क्या शामिल होना चाहिए, किन विषयों या चैनलों को पूरी तरह बाहर रखना है और किन चीजों को प्राथमिकता देनी है। विशाल वीडियो लाइब्रेरी को तलाशने का नया जरिया यूट्यूब का मानना है कि इस व्यवस्था से दर्शकों को प्लेटफॉर्म पर मौजूद सामग्री की विशाल श्रृंखला को अपनी तरह से तलाशने में काफी आसानी होगी। बुधवार को आयोजित मेड ऑन यूट्यूब कार्यक्रम से पहले व्यूअर एआई की वाइस प्रेसिडेंट ऑफ प्रोडक्ट मैनेजमेंट एमिली मोक्सली ने कहा कि दुनिया हर समय दर्शकों की उंगलियों पर उपलब्ध रहती है। उनके अनुसार यूट्यूब के संग्रह में 20 अरब से अधिक वीडियो मौजूद हैं, जिसकी वजह से दर्शक हमेशा विभिन्न विषयों के एक बड़े खजाने से सिर्फ एक सर्च की दूरी पर होते हैं। मुख्य होम फीड पर नहीं पड़ेगा असर यह नया विकल्प यूट्यूब के मौजूदा मुख्य होम फीड की जगह नहीं लेगा। मुख्य फीड पर सामान्य एल्गोरिदम आधारित सिफारिशें पहले की तरह ही दिखाई देती रहेंगी। इसके बजाय दर्शक अपनी जरूरत और समय के अनुसार जब चाहें सीधे अपने बनाए गए पसंदीदा टैब में जा सकेंगे। कई अलग अलग कस्टम फीड बनाने की यह सुविधा अगले महीने से वेब और मोबाइल दोनों प्लेटफॉर्म पर शुरू कर दी जाएगी। सोशल मीडिया उद्योग में बढ़ता चलन उपयोगकर्ताओं को अपनी पसंद का एल्गोरिदम खुद बनाने की सुविधा देने का यह प्रयोग तकनीक जगत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। विकेंद्रीकृत सोशल नेटवर्क ब्लूस्काई ने वर्षों पहले प्रतिस्पर्धी मंचों से खुद को अलग दिखाने के लिए कस्टम फीड की शुरुआत की थी। इसके बाद इस साल ब्लूस्काई ने ऐटी नाम का एआई टूल पेश किया, जिसने फीड बनाना और आसान कर दिया। इसके अलावा मेटा के थ्रेड्स, इंस्टाग्राम, एक्स और हाल ही में स्पॉटिफाई ने भी यूजर्स को अपनी पसंद के फीड और रिकमेंडेशन तैयार करने की सुविधा दी है। इसका आप पर असर इस नए फीचर के लागू होने से यूट्यूब उपयोगकर्ताओं को अनचाहे वीडियो से छुटकारा मिलेगा और वे सीधे अपनी पसंद की सामग्री देख सकेंगे। • समय की बचत: दर्शक अपनी यात्रा या खाली समय के हिसाब से तय अवधि के वीडियो का फीड तैयार कर सकेंगे। इससे होम पेज पर बार-बार सर्च करने और स्क्रॉल करने में समय बर्बाद नहीं होगा। • फीड पर पूर्ण नियंत्रण: उपयोगकर्ता खुद प्रॉम्प्ट लिखकर तय कर सकते हैं कि उन्हें कौन से विषय देखने हैं और किन्हें पूरी तरह हटाना है। इससे बच्चों की पढ़ाई या व्यक्तिगत अध्ययन के लिए भटकाव मुक्त टैब बनाए जा सकेंगे। • आगामी उपलब्धता: यह सुविधा अगले महीने से वेब और स्मार्टफोन दोनों पर शुरू होने जा रही है। अपडेट आने पर दर्शक होम स्क्रीन पर ही अपनी पसंद के कई टैब पिन कर पाएंगे। • मौजूदा फीड सुरक्षित: पुराना डिफॉल्ट रिकमेंडेशन फीड अपनी जगह बना रहेगा। इसलिए जो दर्शक सामान्य ट्रेंडिंग और नियमित सुझाव देखना चाहते हैं, उनकी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसा क्यों हुआ यूट्यूब ने यह कदम अपने विशाल वीडियो भंडार को दर्शकों के लिए अधिक उपयोगी बनाने और प्रतिस्पर्धी सोशल मीडिया मंचों की बराबरी करने के लिए उठाया है। • 20 अरब से अधिक वीडियो: प्लेटफॉर्म पर सामग्री का आकार इतना विशाल हो चुका है कि सामान्य सर्च और होम फीड के जरिए दर्शक अपनी खास जरूरत की चीजें आसानी से नहीं खोज पाते। इसी समस्या को सुलझाने के लिए जेमिनी एआई का सहारा लिया गया है। • उद्योग जगत की नई दिशा: सोशल मीडिया कंपनियों में अब दर्शकों को अपना एल्गोरिदम खुद तैयार करने की आजादी देने की होड़ मची है। ब्लूस्काई, एक्स, थ्रेड्स, इंस्टाग्राम और स्पॉटिफाई पहले ही ऐसे टूल पेश कर चुके हैं। • जेमिनी एआई का प्रसार: गूगल अपने विभिन्न उत्पादों में जेमिनी मॉडल की क्षमताओं को शामिल कर रहा है। इसी क्रम में यूट्यूब ने प्राकृतिक भाषा के जरिए फीड बनाने की सुविधा शुरू की है। सवाल-जवाब 1. यूट्यूब का नया कस्टम फीड फीचर क्या काम करता है? यह टूल दर्शकों को प्रॉम्प्ट लिखकर अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार अलग वीडियो फीड तैयार करने की सुविधा देता है। 2. यह कस्टम फीड किस तकनीक पर काम करता है? यह नया फीचर गूगल के जेमिनी एआई मॉडल द्वारा संचालित है, जो दर्शकों के लिखे विवरण को समझकर वीडियो सुझाता है। 3. क्या कस्टम फीड से यूट्यूब का सामान्य होम पेज हट जाएगा? नहीं, मुख्य होम फीड पहले की तरह बना रहेगा और नया कस्टम फीड होम पेज पर सबसे ऊपर एक अलग टैब के रूप में पिन होगा। 4. उपयोगकर्ता इस टूल से किस तरह के फीड बना सकते हैं? उपयोगकर्ता किसी खास विषय, यात्रा के दौरान देखने योग्य पॉडकास्ट या आराम करने के लिए कमेंट्री वीडियो जैसे कई तरह के फीड बना सकते हैं। 5. यह सुविधा यूजर्स के लिए कब से उपलब्ध होगी? कंपनी के अनुसार कई कस्टम फीड बनाने की यह सुविधा अगले महीने से वेब और मोबाइल दोनों पर शुरू होगी। 6. यूट्यूब पर कुल कितने वीडियो मौजूद हैं? कंपनी के अनुसार यूट्यूब के संग्रह में 20 अरब से अधिक वीडियो उपलब्ध हैं। https://trendkia.com/apps/gemini-ai-se-khuda-banaen-apana-youtube-phida-knpani-ne-pesha-kiya-kastama-rikamendeshana-tula-37914 TrendKia — Har trend, sabse pehle.