# गूगल जेमिनी में जेम्स का दौर खत्म, नए स्किल्स फॉर्मेट में बदले जाएंगे कस्टमाइज़्ड एआई बॉट्स

> गूगल ने अपने जेमिनी प्लेटफॉर्म के लोकप्रिय जेम्स फीचर को बंद करने की घोषणा की है, जहां 17 नवंबर 2026 से सभी मौजूदा कस्टम बॉट्स अपने आप नए स्किल्स प्रारूप में माइग्रेट कर दिए जाएंगे।

**Type:** article · **Category:** ऐप्स · **Published:** 2026-09-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/apps/google-gemini-men-gems-ka-daura-khatma-nae-skills-phormeta-men-badale-jaenge-kastamaizda-ai-botsa-40149 · **Language:** Hindi
**Tags:** गूगल जेमिनी, जेमिनी जेम्स, गूगल एआई, जेमिनी स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एआई एजेंट्स

गूगल अपने जेमिनी प्लेटफॉर्म के एक प्रमुख कस्टमाइज़ेशन फीचर 'जेम्स' को पूरी तरह बंद करने की तैयारी में है। विशेष कार्यों के लिए अलग-अलग कस्टमाइज़्ड असिस्टेंट तैयार करने की सुविधा देने वाले इस फीचर की जगह अब कंपनी 'स्किल्स' नाम का नया सिस्टम लागू करने जा रही है। उपयोगकर्ताओं द्वारा बनाए गए पुराने कस्टमाइज़्ड बॉट्स मिटाए नहीं जाएंगे, बल्कि उन्हें स्वचालित रूप से नए कौशल प्रारूप में स्थानांतरित कर दिया जाएगा ताकि उन्हें विभिन्न कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यों में सीधे काम में लाया जा सके।

## 17 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा बदलाव
इस बड़े फेरबदल की विस्तृत जानकारी जेमिनी ऐप के भीतर प्रदर्शित एक आधिकारिक सूचना के माध्यम से सामने आई है। इस संदेश में स्पष्ट किया गया है कि 17 नवंबर 2026 से जेम्स का अस्तित्व समाप्त होकर वे पूरी तरह स्किल्स में बदल जाएंगे। कंपनी की ओर से कहा गया है कि यह माइग्रेशन पूरी तरह स्वचालित रहेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को अपने डेटा या प्रॉम्ट्स को बचाने के लिए अलग से कोई तकनीकी प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी। निर्धारित तारीख तक उपयोगकर्ता अपने वर्तमान जेम्स को पहले की तरह बेरोकटोक इस्तेमाल कर सकते हैं।

## 2024 में हुई थी जेम्स की शुरुआत
गूगल ने वर्ष 2024 में जेम्स को पहली बार पेश किया था। इसका मुख्य उद्देश्य यूज़र्स को बार-बार निर्देश दोहराए बिना अपनी पसंद के अनुसार विशेष सहायक तैयार करने की सहूलियत देना था। इस सिस्टम में गूगल ने कुछ पहले से बने डिफॉल्ट सहायक भी शामिल किए थे, जिनमें लर्निंग कोच, ब्रेनस्टॉर्मिंग पार्टनर, करियर गाइड, कोडिंग असिस्टेंट और एडिटर प्रमुख थे। इसके साथ ही यूज़र्स को अपने स्तर पर रनिंग कोच, न्यूट्रिशनिस्ट या वेकेशन प्लानर जैसे निजी बॉट्स बनाने की पूरी आजादी दी गई थी। इन तैयार सहायकों को अन्य लोगों के साथ साझा करने की सुविधा भी दी गई थी, जिससे कंपनी को ऐप की लोकप्रियता में बड़े उछाल की उम्मीद थी।

## गूगल की रिब्रांडिंग रणनीति और तकनीकी चुनौतियां
उद्योग जगत में मेटा के म्यूज़ और इंस्टिंक्ट जैसे ऑल-इन-वन एजेंट्स के बढ़ते प्रभाव के बीच गूगल का यह कदम सामने आया है। विश्लेषकों का मानना है कि नए फीचर्स को जल्दबाजी में अलग नाम, आइकन और ऐप नेविगेशन में अलग स्थान देना और फिर कुछ ही समय बाद उन्हें दूसरे फीचर्स में विलीन कर देना गूगल की पुरानी रणनीति का हिस्सा रहा है। एआई युग से काफी पहले भी कंपनी एक साथ कई अलग-अलग मैसेजिंग और कम्युनिकेशन ऐप्स चलाकर बाद में उन्हें बंद या मर्ज करती रही है।

## फॉरवर्ड स्लैश कमांड से एक्टिवेट होंगे नए स्किल्स
नए स्किल्स फॉर्मेट का यूजर इंटरफेस आम यूज़र्स के लिए बहुत सीधा और सहज नहीं दिखता। किसी चैट थ्रेड में सीधे टेक्स्ट टाइप करने के बजाय, यूज़र्स को वांछित स्किल चुनने के लिए फॉरवर्ड स्लैश यानी '/' दर्ज करना होगा। यह स्लैश-कमांड आधारित इंटरफेस तकनीकी डेवलपर्स और इंजीनियरों के बीच तो काफी लोकप्रिय है, लेकिन सामान्य स्मार्टफोन उपभोक्ताओं के लिए यह पहले वाले जेम्स बटन की तुलना में थोड़ा जटिल साबित हो सकता है।

## इसका आप पर असर
जेमिनी यूज़र्स के लिए कस्टम बॉट्स का इंटरफेस पूरी तरह बदल जाएगा और उन्हें नए कमांड्स सीखने होंगे।

- **कस्टम बॉट्स पर असर:** आपके पुराने बनाए गए जेम्स सुरक्षित रहेंगे और अपने आप स्किल्स में बदल जाएंगे। 17 नवंबर 2026 तक वर्तमान जेम्स सामान्य रूप से काम करते रहेंगे।
- **यूजर इंटरफेस में बदलाव:** अब किसी विशेष बॉट को चुनने के लिए ऐप में फॉरवर्ड स्लैश '/' टाइप करना होगा। साधारण चैट की जगह कमांड आधारित इंटरफेस अपनाने से सामान्य यूज़र्स को थोड़ी असहजता हो सकती है।
- **डेटा माइग्रेशन की स्थिति:** यूज़र्स को अपने पुराने प्रॉम्ट्स ट्रांसफर करने के लिए कोई मैन्युअल बैकअप लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी खुद पूरा सिस्टम बैकएंड से माइग्रेट करेगी।
- **अन्य एआई प्लेटफॉर्म्स से तुलना:** मेटा के म्यूज़ जैसे एजेंट्स की तुलना में गूगल का यह इंटरफेस थोड़ा डेवलपर-ओरिएंटेड हो गया है। तकनीकी काम करने वाले यूज़र्स के लिए स्लैश कमांड्स अधिक सुविधाजनक साबित हो सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
गूगल ने यह कदम अपने एआई इकोसिस्टम को समेकित करने और मेटा के म्यूज़ जैसे एजेंट्स से मिल रही प्रतिस्पर्धा के बीच वर्कफ्लो को सुव्यवस्थित करने के लिए उठाया है।

- **फीचर कंसोलिडेशन की नीति:** कंपनी अलग-अलग ब्रांडिंग वाले टूल्स को एक ही मुख्य इंटरफेस में मर्ज करने की नीति पर काम कर रही है। जेम्स को एक अलग सेक्शन बनाने के बजाय चैट थ्रेड के भीतर ही स्किल के तौर पर शामिल करना अधिक एकीकृत माना गया।
- **ऑल-इन-वन एजेंट्स की होड़:** मेटा के म्यूज़ और इंस्टिंक्ट जैसे ऑल-इन-वन एआई सहायकों के उभार ने गूगल को अपने टूल्स को अधिक फ्लेक्सिबल बनाने पर मजबूर किया है। अलग-अलग बॉट्स में स्विच करने के बजाय एक ही धागे में कई स्किल्स कॉल करना ज्यादा आधुनिक तरीका माना जा रहा है।
- **गूगल की पुरानी रिब्रांडिंग आदत:** कंपनी का इतिहास रहा है कि वह नए फीचर्स के लिए अलग नाम और आइकन बनाती है और बाद में उन्हें रीब्रांड या मर्ज कर देती है। अतीत में भी कंपनी की विभिन्न मैसेजिंग सेवाओं के साथ ऐसा ही दृष्टिकोण देखा गया था।

## सवाल-जवाब

### 1. गूगल जेमिनी में जेम्स फीचर कब बंद होगा?
जेमिनी जेम्स को 17 नवंबर 2026 से आधिकारिक रूप से स्किल्स फॉर्मेट में बदला जाएगा।

### 2. क्या यूज़र्स के पुराने जेम्स डिलीट हो जाएंगे?
नहीं, कंपनी सभी मौजूदा जेम्स को अपने आप नए स्किल्स प्रारूप में माइग्रेट कर देगी।

### 3. जेम्स की जगह आने वाले नए स्किल्स का इस्तेमाल कैसे होगा?
यूज़र्स को किसी टास्क थ्रेड में फॉरवर्ड स्लैश '/' टाइप करके उपलब्ध स्किल को चुनना होगा।

### 4. गूगल ने जेम्स फीचर को पहली बार कब लॉन्च किया था?
गूगल ने इस कस्टमाइज़्ड एआई असिस्टेंट फीचर को वर्ष 2024 में लॉन्च किया था।

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