# हरियाणा के मतदान केंद्रों पर कतार की स्थिति अब फोन पर दिखेगी, चुनाव के लिए तैयार हुआ विशेष डिजिटल सिस्टम

> मतदाताओं को पोलिंग बूथों पर लंबी कतारों से बचाने के लिए हरियाणा में वोटर्स-इन-क्यू मोबाइल ऐप और वेबसाइट शुरू की गई है, जिससे लाइव भीड़ देखकर मतदान का सही समय चुना जा सकेगा।

**Type:** article · **Category:** ऐप्स · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/apps/haryana-ke-matadana-kendron-para-katara-ki-sthiti-aba-phona-para-dikhegi-chunava-ke-lie-taiyara-hua-vishesha-dijitala-sistama-50043 · **Language:** Hindi
**Tags:** मतदान, हरियाणा चुनाव, वोटर्स इन क्यू, इलेक्शन कमीशन, डिजिटल इंडिया, करनाल

लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों और धूप में घंटों खड़े रहने की परेशानी से मतदाताओं को राहत मिलने जा रही है। डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं की सुविधा के लिए एक अनूठी व्यवस्था बनाई गई है। इसके जरिए लोग घर बैठे अपने मोबाइल स्क्रीन पर यह देख सकेंगे कि उनके पोलिंग बूथ पर इस समय कितने लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस पहल का सीधा मकसद मतदान प्रतिशत बढ़ाना और नागरिकों के कीमती समय की बचत करना है।

## नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर ने विकसित किया डिजिटल टूल
इस आधुनिक प्रणाली को नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर हरियाणा की टीम ने तैयार किया है। इस विशेष प्लेटफॉर्म को वोटर्स-इन-क्यू नाम दिया गया है, जिसे मोबाइल ऐप के साथ-साथ एक विशेष वेबसाइट के तौर पर भी लॉन्च किया गया है। कंप्यूटर या फोन ब्राउज़र के जरिए मतदाता www.eqmshry.nic.in पर जाकर भी सीधे कतार की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। देश में पहली बार किसी चुनाव में मतदाताओं की सहूलियत के लिए इस तरह का डिजिटल प्रयोग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।

## बूथ लेवल अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
प्रणाली को धरातल पर सुचारू रूप से लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करनाल जिले में तैनात सभी बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ को इस ऐप के तकनीकी संचालन का विधिवत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर के संयुक्त निदेशक कमल त्यागी के अनुसार, इस नए प्रयोग को हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने पूरी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग ने भी चुनावी प्रक्रिया में इसे प्रायोगिक आधार पर शामिल करने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है।

## जानिए कैसे काम करेगी यह तकनीकी सुविधा
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए मतदाताओं को एक बेहद सरल प्रक्रिया का पालन करना होगा। मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर जाकर मतदाता को अपने क्षेत्र का विवरण, पोलिंग बूथ की संख्या व नाम और अपना मतदाता नाम दर्ज करना होगा। इसके बाद मतदाता के मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी भेजा जाएगा। इस ओटीपी को दर्ज करते ही मतदाता का फोन सीधे संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ से डिजिटल माध्यम से जुड़ जाएगा।

मतदान केंद्र पर मौजूद बीएलओ की यह जिम्मेदारी तय की गई है कि वह हर तीस मिनट से एक घंटे के अंतराल पर कतार की वास्तविक स्थिति को सिस्टम में अपडेट करेंगे। इस लगातार मिलने वाली जानकारी के आधार पर लोग यह तय कर सकेंगे कि उन्हें वोट डालने के लिए घर से कब निकलना चाहिए। जैसे ही बूथ पर मतदाताओं की भीड़ कम होगी, नागरिक तुरंत पहुंचकर बिना किसी अनावश्यक देरी के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।

## शुरुआती चरण में शामिल किए गए चुनिंदा विधानसभा क्षेत्र
इस पायलट प्रोजेक्ट को राज्य के लगभग ढाई दर्जन विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ आजमाया जा रहा है। प्रारंभिक ट्रायल के तहत जिन इलाकों को चुना गया है, उनमें करनाल, गुरुग्राम, रोहतक, बहादुरगढ़, कैथल, झज्जर, रेवाड़ी, नारनौल, नूंह, पलवल, फरीदाबाद और बड़खल शामिल हैं। इनके अलावा पंचकुला, अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, यमुनानगर, थानेसर, पानीपत और सोनीपत विधानसभा क्षेत्रों में भी वोटर्स-इन-क्यू ऐप की सेवा सक्रिय की गई है।

प्रशासन का मानना है कि यदि यह पायलट परीक्षण सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे राज्य की सभी विधानसभा सीटों और अन्य चुनावों में भी व्यापक पैमाने पर लागू किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने भी इस डिजिटल नवाचार का स्वागत किया है। आम मतदाताओं का कहना है कि लाइन की स्थिति पहले से पता चलने से समय की बचत होगी और बुजुर्गों तथा कामकाजी लोगों के लिए मतदान करना बेहद आसान हो जाएगा।

## इसका आप पर असर
इस तकनीकी सुविधा के शुरू होने से मतदाताओं के समय की बचत होगी और मतदान प्रक्रिया अधिक सहज बनेगी।

- **हरियाणा में:** चयनित विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता घर से निकलने से पहले अपने मोबाइल पर कतार की लंबाई देख सकेंगे। इससे तेज धूप या भारी भीड़ के दौरान घंटों लाइन में खड़े रहने की मजबूरी खत्म होगी।
- **अन्य राज्यों में:** यदि हरियाणा का यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे देशभर के आगामी चुनावों में लागू किया जा सकता है। भविष्य में अन्य राज्यों के मतदाता भी डिजिटल माध्यम से अपने पोलिंग बूथ की लाइव स्थिति देख पाएंगे।
- **समय प्रबंधन:** कामकाजी लोगों और गृहिणियों के लिए अपने व्यस्त दिनचर्या में से मतदान के लिए उपयुक्त समय निकालना आसान हो जाएगा। हर आधे से एक घंटे में अपडेट होने वाले आंकड़ों की मदद से लोग खाली समय देखकर बूथ पहुंच सकते हैं।
- **बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता:** अधिक उम्र के नागरिकों को लंबी कतारों की परेशानी से बचने का सीधा विकल्प मिलेगा। वे भीड़ कम होने की सूचना मिलते ही बिना किसी परेशानी के आराम से मतदान करने जा सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
चुनावों के दौरान मतदान केंद्रों पर लगने वाली अत्यधिक भीड़ और लंबी कतारों के कारण कई बार लोग मतदान करने से कतराते हैं। चुनाव आयोग और तकनीकी संस्थाओं ने मतदान भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस समस्या का डिजिटल समाधान निकाला है।

- **भीड़ प्रबंधन की आवश्यकता:** मतदान के शुरुआती और दोपहर के समय में केंद्रों पर अचानक भारी भीड़ जमा हो जाती है, जिससे व्यवस्था संभालना कठिन होता है। नागरिकों को वास्तविक समय की जानकारी मिलने से भीड़ पूरे दिन में समान रूप से बंट सकेगी।
- **डिजिटल तकनीक का बढ़ता दायरा:** नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर हरियाणा ने सरकारी सेवाओं को फोन पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करते हुए इस ऐप और वेब पोर्टल को विकसित किया। राज्य और केंद्रीय चुनाव आयोग से स्वीकृति मिलने के बाद इसे जमीनी स्तर पर उतारा गया।
- **पायलट परीक्षण की रणनीति:** किसी भी बड़े चुनावी नवाचार को पूरे राज्य में एक साथ लागू करने से पहले चुनिंदा ढाई दर्जन क्षेत्रों में इसका प्रदर्शन जांचा जा रहा है। इस परीक्षण के नतीजों के आधार पर भविष्य के चुनावों में इसे व्यापक स्तर पर लागू करने का फैसला लिया जाएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. वोटर्स-इन-क्यू ऐप का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस ऐप की मदद से मतदाता अपने मतदान केंद्र पर लगी कतार की स्थिति घर बैठे देख सकते हैं, ताकि उन्हें घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े।

### 2. इस ऐप को किस संस्था ने तैयार किया है?
इसे नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर हरियाणा द्वारा तैयार किया गया है और इसे चुनाव आयोग की मंजूरी प्राप्त है।

### 3. बूथ पर कतार की जानकारी कितने समय बाद अपडेट होती है?
बूथ लेवल अधिकारी हर तीस मिनट से एक घंटे के अंतराल पर कतार में मौजूद लोगों की संख्या सिस्टम में अपडेट करते हैं।

### 4. क्या इस सुविधा का इस्तेमाल बिना ऐप डाउनलोड किए भी किया जा सकता है?
हाँ, मतदाता आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ओटीपी दर्ज करके सीधे कतार की जानकारी देख सकते हैं।

### 5. यह व्यवस्था फिलहाल किन क्षेत्रों में शुरू की गई है?
इसे हरियाणा के करनाल, गुरुग्राम, रोहतक, फरीदाबाद, पंचकुला और सोनीपत सहित करीब ढाई दर्जन विधानसभा क्षेत्रों में पायलट आधार पर शुरू किया गया है।

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