# माइक्रो-ड्रामा की बढ़ती लहर: एलोएलो ने एनबीसीयूनिवर्सल और हॉर्नबिल कैपिटल से जुटाए 8 करोड़ डॉलर

> भारतीय एंटरटेनमेंट स्टार्टअप एलोएलो ने अपने वर्टिकल वीडियो और माइक्रो-ड्रामा ऐप स्टोरी टीवी के विस्तार के लिए 8 करोड़ डॉलर का नया निवेश जुटाया है। इस फंडिंग राउंड के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन 50 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया है।

**Type:** article · **Category:** ऐप्स · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/apps/maikro-drama-ki-barhati-lahara-eloelo-ne-nbcuniversal-aura-hornbill-capital-se-jutae-8-karora-dolara-56144 · **Language:** Hindi
**Tags:** एलोएलो, स्टोरी टीवी, माइक्रो ड्रामा, एनबीसीयूनिवर्सल, सौरभ पांडेय, स्टार्टअप फंडिंग, वर्टिकल वीडियो, एआई वीडियो

स्मार्टफोन स्क्रीन पर देखे जाने वाले छोटे और धारावाहिक वीडियो यानी माइक्रो-ड्रामा का क्रेज भारतीय दर्शकों के बीच बहुत तेजी से बढ़ रहा है। देश में 11.8 करोड़ से अधिक लोग हर महीने इस तरह की संक्षिप्त कहानियों और ड्रामा सीरीज को देख रहे हैं। इसी तेज बदलाव के बीच, प्रमुख माइक्रो-ड्रामा प्लेटफॉर्म स्टोरी टीवी चलाने वाली कंपनी एलोएलो ने सीरीज सी फंडिंग राउंड में 8 करोड़ डॉलर की नई पूंजी हासिल की है। यह नया निवेश हॉर्नबिल कैपिटल और अमेरिकी मीडिया दिग्गज एनबीसीयूनिवर्सल की तरफ से आया है। इस ताजा दौर के साथ ही स्टार्टअप की अब तक की कुल जुटाई गई फंडिंग बढ़कर 13 करोड़ डॉलर हो गई है, जबकि इसका नया मूल्यांकन 50 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया है।

विश्लेषकों के आंकड़ों के अनुसार, एलोएलो का प्रमुख ऐप स्टोरी टीवी भारत के शीर्ष माइक्रो-ड्रामा ऐप में शामिल है, जिसके प्लेटफॉर्म पर 3.3 करोड़ से अधिक सक्रिय यूजर्स मौजूद हैं। मोबाइल के लिए विशेष रूप से बनाए गए वर्टिकल वीडियो फॉर्मेट ने न केवल भारत में बल्कि अमेरिका और चीन जैसे बड़े बाजारों में भी भारी लोकप्रियता हासिल की है। हॉलीवुड की मशहूर हस्तियों जैसे ईसा राय, जेम्स फ्रेंको और किम कार्दशियन ने भी इस फॉर्मेट में निवेश किया है और इसमें अभिनय भी कर रही हैं। भारत में एक अरब से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की मौजूदगी और डिजिटल मनोरंजन की असीम मांग को देखते हुए, विश्लेषकों का अनुमान है कि देश का यह नया मीडिया उद्योग साल 2030 तक 3 से 4 अरब डॉलर का वार्षिक राजस्व अर्जित करने वाला क्षेत्र बन सकता है। पिछले साल देश में सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स में स्टोरी टीवी, कुकू टीवी और क्विक टीवी जैसे समर्पित माइक्रो-ड्रामा ऐप्स सबसे आगे रहे थे।

## मोबाइल-फर्स्ट मनोरंजन और दर्शक जुड़ाव
साल 2020 में फ्लिपकार्ट के पूर्व कार्यकारी सौरभ पांडेय द्वारा स्थापित एलोएलो ने बीते कुछ सालों में जबर्दस्त विस्तार देखा है। कंपनी का स्टोरी टीवी प्लेटफॉर्म वर्तमान में छह भाषाओं में 5,000 से अधिक शीर्षकों का समृद्ध कैटलॉग पेश करता है। छोटे और बेहद दिलचस्प एपिसोडिक फॉर्मेट के कारण दर्शक इस ऐप पर रोजाना कई सत्रों में औसतन 95 मिनट का समय बिता रहे हैं। यह आंकड़ा पारंपरिक मीडिया के मुकाबले मोबाइल पर दर्शकों के गहरे जुड़ाव को साफ दर्शाता है।

एलोएलो के संस्थापक सौरभ पांडेय का मानना है कि आने वाले समय में इंटरनेट से जुड़ने वाले एक अरब नए उपभोक्ता टीवी देखने की आदत के साथ बड़े नहीं होंगे, बल्कि वे सीधे अपने मोबाइल फोन पर कंटेंट देखने के आदी होंगे। उनका कहना है कि इस नई पीढ़ी के लिए मनोरंजन का स्वरूप बिल्कुल अलग तरीके से डिजाइन करना होगा। यह टीवी की तरह किसी खास समय पर बैठकर देखा जाने वाला कंटेंट नहीं होगा, बल्कि दिन भर के छोटे-छोटे खाली पलों में देखा जाएगा। पहले शॉर्ट वीडियो क्लिप्स ने इस जरूरत को पूरा किया था, लेकिन मोबाइल पर निरंतर चलने वाली धारावाहिक कहानियों की कमी को अब माइक्रो-ड्रामा पूरा कर रहा है। हालांकि परिवार और दोस्तों के साथ बड़ी स्क्रीन पर फिल्में देखने का महत्व बना रहेगा, लेकिन व्यक्तिगत मनोरंजन का सबसे बड़ा हिस्सा अब मोबाइल स्क्रीन पर ही सिमट रहा है।

## फ्री प्लेटफॉर्म्स से मुकाबला और बिजनेस मॉडल
माइक्रो-ड्रामा प्लेटफॉर्म्स का सीधा मुकाबला यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे स्थापित दिग्गजों से है, जहां क्रिएटर्स मुफ्त में वीडियो पोस्ट करते हैं। मेटा जैसी कंपनियां भी इंस्टाग्राम और फेसबुक पर क्रिएटर्स के लिए एपिसोडिक रील्स और धारावाहिक सीरीज पोस्ट करने की सुविधाएं तैयार कर रही हैं। इस कड़े मुकाबले के बीच स्टोरी टीवी का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण कंटेंट के जरिए दर्शकों को आकर्षित करना है। अपने कंटेंट पाइपलाइन को मजबूत करने के लिए कंपनी ने जाने-माने प्रोडक्शन हाउस बालाजी टेलीफिल्म्स जैसी प्रमुख भारतीय टीवी निर्माण कंपनियों के साथ साझेदारी की है।

कमाई के मॉडल की बात करें तो कंपनी अपने कंटेंट को अनलॉक करने के लिए मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक सदस्यता योजनाएं पेश करती है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म विज्ञापनों द्वारा समर्थित कुछ मुफ्त कंटेंट भी देता है। हालांकि बाजार विश्लेषणों के मुताबिक, केवल विज्ञापनों से होने वाली कमाई सब्सक्रिप्शन के मुकाबले उतनी बड़ी नहीं होती। भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए दर्शकों को पैसे चुकाने वाले ग्राहकों में बदलना एक बड़ी चुनौती रहा है।

एनालिस्ट फर्म रेडसीर के एक अध्ययन के अनुसार, देश में 4 करोड़ से अधिक लोगों ने कम से कम एक बार माइक्रो-ड्रामा के लिए भुगतान किया है, लेकिन हर महीने नियमित रूप से पैसे खर्च करने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या केवल 1.5 करोड़ से 1.7 करोड़ के बीच है। वहीं ओरमैक्स मीडिया के एक अलग सर्वेक्षण में सामने आया है कि माइक्रो-ड्रामा देखने वाले 72 प्रतिशत लोगों ने आज तक इस कंटेंट के लिए कभी कोई भुगतान नहीं किया है। इस कारण कंपनियों को अपनी कमाई बढ़ाने के लिए लगातार नए और आकर्षक उपाय खोजने पड़ रहे हैं।

## कंटेंट निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका
दर्शकों को लगातार नए एपिसोड उपलब्ध कराने के लिए प्लेटफॉर्म्स को बड़ी मात्रा में कंटेंट की आपूर्ति करनी होती है, और इस मांग को पूरा करने के लिए कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा ले रही हैं। उदाहरण के लिए, गूगल समर्थित कुकू अपने वर्कफ्लो को बेहतर करने और ज्यादा कंटेंट बनाने पर काम कर रहा है, जबकि डैशवर्स का शॉर्टफ्री जैसे प्लेटफॉर्म्स धारावाहिक क्लिप बनाने के लिए सीधे वीडियो एआई मॉडल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

एलोएलो ने इस दिशा में डॉल्फिन टीवी प्लेटफॉर्म तैयार किया है। शुरुआत में इसे कंपनी ने आंतरिक वीडियो निर्माण को आसान बनाने वाले टूल के रूप में शुरू किया था, लेकिन अब इसे व्यापक रूप से उपलब्ध कराने की योजना है। यह टूल कई तरह के टेम्पलेट्स और आधुनिक मॉडल्स के साथ वीडियो, इमेज और ऑडियो तैयार करने वाले एक शक्तिशाली एडिटर के रूप में काम कर सकता है। कंपनी की योजना इस टूल को सिर्फ वीडियो बनाने वालों तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे मार्केटिंग अभियानों और विज्ञापनों के लिए भी इस्तेमाल में लाने की है। भारत में पॉकेट और कुकू जैसे प्लेटफॉर्म्स ने भी क्रिएटर्स के लिए एआई उपकरण बनाए हैं, जिससे उनके कंटेंट उत्पादन की रफ्तार बढ़ी है।

हालांकि तकनीकी प्रगति के बावजूद सौरभ पांडेय का दृढ़ विश्वास है कि अच्छी कहानियों के निर्माण में इंसानी रचनात्मकता का कोई विकल्प नहीं है। वे एआई को एक मार्गदर्शक और रचनात्मक सहायक के रूप में देखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई एक बेहद तेज रफ्तार रेस कार की तरह है जहां वह इंजन की भूमिका निभाता है, लेकिन उस कार को सही दिशा में चलाने के लिए स्टीयरिंग व्हील पर एक बेहद कुशल फॉर्मूला वन ड्राइवर की जरूरत होती है। उनके अनुसार, यह ड्राइवर वास्तव में क्रिएटिव डायरेक्टर या शो रनर होता है। एआई कहानी लिखने में मदद कर सकता है, लेकिन सबसे बेहतरीन कहानियां हमेशा वही साबित होती हैं जिनमें इंसान और एआई का गहरा तालमेल मौजूद होता है।

## विस्तार योजनाएं और नए निवेशक
माइक्रो-ड्रामा के अलावा, एलोएलो अन्य डिजिटल क्षेत्रों में भी सक्रिय है। कंपनी वर्टिकल वीडियो लर्निंग ऐप 'मास्टर' का संचालन करती है, जो सीखो और कुकू के गुरु ऐप से मुकाबला करता है। इसके साथ ही कंपनी के पास 'वॉक्सी एआई' नाम का एक एआई कंपेनियन ऐप भी है। एलोएलो के सभी ऐप्स को मिलाकर वर्तमान में 4 करोड़ से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा स्टोरी टीवी का है।

वर्तमान में एलोएलो की टीम में 240 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इस नई फंडिंग का उपयोग कंपनी अपनी एआई और मशीन लर्निंग रिसर्च टीम के विस्तार के लिए करेगी। इसके साथ ही जुटाई गई पूंजी का एक बड़ा हिस्सा नए ओरिजिनल शीर्षकों और सीरीज के निर्माण में लगाया जाएगा। सीरीज सी राउंड में एमआईटी इन्वेस्टमेंट कंपनी के अलावा मौजूदा निवेशक जैसे प्ले वेंचर्स, कलारी कैपिटल, वॉटरब्रिज वेंचर्स और ग्रिफिन गेमिंग पार्टनर्स ने भी भाग लिया है।

## इसका आप पर असर
भारत में मोबाइल फोन पर शॉर्ट-फॉर्म और वर्टिकल ड्रामा देखने वाले दर्शकों के लिए आने वाले दिनों में कई नए विकल्प और स्थानीय भाषा का कंटेंट उपलब्ध होगा।

- **कंटेंट की विविधता:** भारतीय दर्शकों को स्टोरी टीवी और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अधिक भाषाओं में ओरिजिनल और हाई-क्वालिटी माइक्रो-ड्रामा सीरीज देखने को मिलेंगी। नए निवेश के जरिए 5,000 से अधिक टाइटल्स वाले कैटलॉग का तेजी से विस्तार होगा।
- **मनोरंजन का खर्च:** प्लेटफॉर्म्स पर फ्री कंटेंट के साथ-साथ विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन मॉडल दोनों मौजूद रहेंगे। उपयोगकर्ताओं को अपनी पसंद के अनुसार मासिक, त्रैमासिक या सालाना प्लान चुनने की सुविधा मिलती रहेगी।
- **क्रिएटर्स और एडिटर्स के अवसर:** एआई टूल्स जैसे डॉल्फिन टीवी के रोलआउट से डिजिटल वीडियो क्रिएटर्स को नए एडिटिंग टूल्स मिलेंगे। इससे वीडियो बनाने और विज्ञापनों के लिए कंटेंट तैयार करने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और तेज होगी।
- **तकनीकी रोजगार:** एलोएलो की 240 कर्मचारियों की टीम में नए पदों पर भर्तियां होंगी। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग रिसर्च के क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशन्स के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
स्मार्टफोन पर वर्टिकल वीडियो की बढ़ती लोकप्रियता और टीवी के बजाय मोबाइल पर मनोरंजन तलाशने वाले नए इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की भारी संख्या ने इस बाजार को तेजी से बढ़ाया है।

- **उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव:** भारत में 11.8 करोड़ से अधिक लोग हर महीने माइक्रो-ड्रामा देख रहे हैं और उपभोक्ता दिन भर में औसतन 95 मिनट इन छोटे एपिसोड्स पर बिताते हैं। पारंपरिक टीवी शेड्यूल के बजाय लोग अपनी सुविधानुसार मोबाइल पर कहानी देखना पसंद कर रहे हैं।
- **वैश्विक मीडिया कंपनियों की दिलचस्पी:** अमेरिका, चीन और भारत में इस फॉर्मेट की बढ़ती मांग को देखते हुए एनबीसीयूनिवर्सल जैसे वैश्विक दिग्गजों ने इसमें संभावनाएं देखी हैं। हॉलीवुड हस्तियों का जुड़ाव भी इस फॉर्मेट को मुख्यधारा में ला रहा है।
- **बाजार का बड़ा आकार:** एक अरब से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के साथ भारत में इस उद्योग का वार्षिक राजस्व 2030 तक 3 से 4 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है। निवेशकों ने इसी विशाल विकास क्षमता को भुनाने के लिए 8 करोड़ डॉलर की पूंजी लगाई है।
- **एआई आधारित उत्पादन क्षमता:** तेजी से नए एपिसोड तैयार करने के लिए डॉल्फिन टीवी जैसे आंतरिक एआई टूल्स की मदद ली जा रही है। इससे कंटेंट बनाने की लागत घटती है और प्रोडक्शन की गति तेज होती है।

## सवाल-जवाब

### 1. एलोएलो ने सीरीज सी फंडिंग राउंड में कितना पैसा जुटाया है?
एलोएलो ने सीरीज सी राउंड में 8 करोड़ डॉलर (लगभग 670 करोड़ रुपये) जुटाए हैं, जिससे कंपनी की कुल जुटाई गई पूंजी 13 करोड़ डॉलर और मूल्यांकन 50 करोड़ डॉलर हो गया है।

### 2. इस फंडिंग राउंड में प्रमुख निवेशक कौन हैं?
इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व हॉर्नबिल कैपिटल और एनबीसीयूनिवर्सल ने किया, जिसमें एमआईटी इन्वेस्टमेंट कंपनी, प्ले वेंचर्स, कलारी कैपिटल, वॉटरब्रिज वेंचर्स और ग्रिफिन गेमिंग पार्टनर्स भी शामिल रहे।

### 3. स्टोरी टीवी पर उपयोगकर्ता औसतन कितना समय बिताते हैं?
स्टोरी टीवी के उपयोगकर्ता दिन भर में कई छोटे सत्रों के जरिए ऐप पर औसतन 95 मिनट का समय बिताते हैं।

### 4. भारत में माइक्रो-ड्रामा देखने वाले कितने लोग नियमित भुगतान करते हैं?
रेडसीर के अनुसार भारत में 4 करोड़ से अधिक लोग कम से कम एक बार भुगतान कर चुके हैं, लेकिन केवल 1.5 से 1.7 करोड़ लोग ही हर महीने नियमित रूप से पैसे खर्च करते हैं।

### 5. डॉलफिन टीवी क्या है और इसका क्या काम है?
डॉल्फिन टीवी एलोएलो का एक आंतरिक एआई वीडियो एडिटिंग टूल है, जो टेम्पलेट्स और जनरेटिव मॉडल्स की मदद से इमेज, ऑडियो और वीडियो तैयार करने में मदद करता है।

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